जाना ना पड़े अस्पताल:बेड और ऑक्सीजन की है भारी किल्लत, होम आइसोलेशन में रहकर इन तरीकों से रह सकते हैं सुरक्षित

भोपाल6 महीने पहले

देश में कोरोना बेकाबू हो गया है। हर दिन दो लाख से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं और अस्पतालों में बेड से लेकर दवाइयां और ऑक्सीजन मिलना और ज्यादा मुश्किल होता जा रहा है। राजधानी दिल्ली के साथ साथ कई प्रदेशों की सरकारें यह साफ कर चुकी हैं, कि आने वाले समय में लाखों मरीजों को होम क्वारैंटाइन में रहकर ही खुद को ठीक करना होगा। पर घबराएं नहीं कोरोना के 80 प्रतिशत से ज्यादा मरीज घर पर रहकर ही ठीक हो सकते हैं।

आइए समझते हैं कि यदि आप कोविड पॉजिटिव हैं, और डॉक्टर ने आपको घर पर रहने की सलाह दी है, तो आपको किन बातों का ख्याल रखना है।

विटामिन C और ZINC का बेहद अहम रोल

कोरोना के दौरान ज्यादातर मरीजों को खाने पीने का कोई परहेज नहीं बताया जाता। बस जरूरी है कि आप पौष्टिक खाना खाएं और बाहर के खाने से दूर रहें और अपनी दवाइयां समय पर लें। कोविड के समय में विटामिन C और ZINC का बेहद अहम रोल हैं. दवाओं के साथ-साथ नैचुरल सोर्स से भी इसका सेवन करते रहें। संतरे, नींबू पानी, अंडे और केले भरपूर मात्रा में खाएं।

रूटीन है जरूरी

कोरोना पॉजिटिव होने पर शरीर में थकान महसूस होना एक आम लक्षण है। जिसके चलते कई मरीज बिस्तर पर ही अपना ज्यादातर समय बिताने लगते हैं, जो सही नहीं है। होम क्वारैंटाइन में एक रूटीन जरूर बना लें, सुबह जल्दी उठकर हल्का—फुल्का व्यायाम करें, कमरे में थोड़ी वॉक करें और शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखें। दोपहर के खाने के बाद आराम करें, शाम को आप वॉक कर सकते हैं या कोई किताब पढ़ सकते हैं। कोशिश करें कि रात 10 तक सो जाएं. पूरे दिन का एक रूटीन सेट कर लें। इससे आपको अपने लिए समय भी मिलेगा और आपका मन भी लगा रहेगा।

नापते रहें अपना तापमान और ऑक्सीजन लेवल

कोरोना वायरस आपके फेफड़े और श्वास नलिका को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। इसलिए भाप लेना जरूरी है। दिन में 3-4 बार गर्म पानी से भाप जरूर लें, यदि आपके पास स्टीमर नहीं है तो किसी बर्तन में गरम पानी कर के भी स्टीम ली जा सकती है। डॉक्टर्स कहते हैं कि यदि आपको बुखार आता है तो मतलब वायरस आपके शरीर में बढ़ने की कोशिश कर रहा है और आपका शरीर उससे लड़ रहा है। इस लड़ाई में हो सकता है शरीर जीत जाए, पर यह भी मुमकिन है कि वायरस अपना दायरा बढ़ाने में कामयाब हो जाए। इसलिए दिन में दो बार थर्मामीटर से अपना तापमान जांचे, यदि आपको बुखार आता है तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। साथ ही पल्स ऑक्सीमीटर से दिन में 4 से 5 बार अपना ऑक्सीजन और पल्स लेवल चेक करें। यदि आपको लगता है कि ऑक्सीजन लेवल कम हो रहा है, तो अपने डॉक्टर से बात करें और तुरंत अस्पताल जाएं।

अपनों को संक्रमण से बचाना बहुत जरूरी

घर पर हैं तो इस बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि आपके अपने संक्रमण के दायरे में नहीं आएं। इसलिए इन बातों का खास ख्याल रखें -

  • ज्यादातर अपने कमरे का दरवाजा बंद रखें
  • कोशिश करें किसी बुजुर्ग के बजाए परिवार का कोई यंग सदस्य खाना देने आए
  • खाना खाने के बाद बर्तनों को धो कर सैनिटाइज करें, घर वालों से कहें कि इसे दोबारा धोकर ही इस्तेमाल करें
  • ज्यादा से ज्यादा दूरी बनाकर बात करें
  • अगले 14 दिन के लिए 3-4 जोड़ी कपड़े बाहर निकाल कर अलमारी बंद कर दें
  • इस्तेमाल किए गए मास्क को सैनिटाइज कर पॉलीथिन में रख दें, 14 दिन बाद इसे एक साथ डिस्पोज करें.
  • ठीक होने के बाद पूरे कमरे को सैनिटाइज करें, आपके इस्तेमाल की हुई चादर, तौलिया और अन्य कपड़ों को धोकर धूप में डालें.

14 दिन बाद डॉक्टर की सलाह के बाद आप वापस अपने रूटीन में आ सकते हैं और अपने परिवार से मिल सकते हैं। ध्यान रखें कि कोविड से रिकवर करने का मतलब यह नहीं कि आप निश्चिंत हो जाएं। मास्क जरूर लगाएं और सावधानी बरतें।

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