भास्कर एक्सप्लेनर:सोशल साइट्स ने एक महीने में करीब सवा 3 करोड़ पोस्ट्स पर की कार्रवाई, जानिए आपको सोशल मीडिया इस्तेमाल करते हुए किन बातों का ध्यान रखना है

5 महीने पहलेलेखक: आबिद खान

नए IT नियमों पर सरकार और सोशल मीडिया कंपनियों में तनातनी के बीच 4 कंपनियों ने कम्प्लायंस रिपोर्ट जारी की है। फेसबुक, गूगल, इंस्टाग्राम और कू ने इन रिपोर्ट में बताया है कि उन्हें कंटेंट से जुड़ी कितनी शिकायतें मिलीं और उन पर क्या कार्रवाई की गई।

आइए समझते हैं, इस रिपोर्ट में कंपनियों ने क्या कहा है? कितना कंटेंट हटाया है? क्यों हटाया है? और आपको सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए...

सबसे पहले समझिए कम्प्लायंस रिपोर्ट क्या है?
हाल ही में सरकार ने IT एक्ट में सोशल मीडिया, न्यूज पोर्टल और OTT प्लेटफॉर्म के लिए कुछ नए नियम बनाए हैं। इन नियमों के तहत 50 लाख से ज्यादा यूजर वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को हर महीने एक कम्प्लायंस रिपोर्ट जारी करनी होगी।

इस रिपोर्ट में एक महीने के दौरान उस प्लेटफॉर्म पर आई शिकायतें और उन शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई इसका ब्योरा होगा। इसी नियम के तहत इन कंपनियों ने अपनी पहली रिपोर्ट जारी की है।

फेसबुक ने सबसे ज्यादा 3 करोड़ पोस्ट पर कार्रवाई की
फेसबुक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 15 मई से 15 जून के दौरान उसने 3 करोड़ से भी ज्यादा पोस्ट और कंटेंट पर कार्रवाई की है। ये पोस्ट फेसबुक के कम्यूनिटी स्टैंडर्ड के खिलाफ थीं। 10 से ज्यादा कैटेगरी में इन कंटेंट पर कार्रवाई की गई है। कंपनी ने कहा है कि फाइनल रिपोर्ट 15 जुलाई को रिलीज की जाएगी जिसमें वाट्सऐप की जानकारी भी होगी।

इंस्टाग्राम
इंस्टाग्राम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उसने 15 मई से 15 जून के दौरान 20 लाख पोस्ट पर कार्रवाई की है। इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी भी फेसबुक ही है। सबसे ज्यादा कार्रवाई वॉयलेंट कंटेंट पर की गई। इसके साथ ही अश्लील और सेक्शुअल एक्टिविटी से जुड़े करीब 5 लाख पोस्ट पर इंस्टाग्राम ने कार्रवाई की।

गूगल में सबसे ज्यादा 96% शिकायतें कॉपीराइट उल्लंघन की
गूगल ने भी 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक की कम्प्लायंस रिपोर्ट जारी की है। कंपनी ने कहा है कि इस दौरान उसे 27 हजार से शिकायतें मिली थीं जिसमें 96% कॉपीराइट के उल्लंघन की थी। इस दौरान कंपनी ने करीब 59 हजार पोस्ट और कंटेंट को गूगल और यूट्यूब से हटाया है। कंपनी का कहना है कि अगली कम्प्लायंस रिपोर्ट में वो और ज्यादा कैटेगरी के हिसाब से जानकारी देगा।

कू ने सबसे पहले जारी की कम्प्लायंस रिपोर्ट
नए नियमों के तहत कम्प्लायंस रिपोर्ट जारी करने वाली कू पहली कंपनी है। कू ने सबसे पहले रिपोर्ट जारी करते हुए बताया था कि जून में कंपनी को यूजर से कुल 5 हजार शिकायतें मिलीं जिनमें से 1200 पोस्ट को हटा दिया गया है। इसके साथ ही कंपनी ने आगे रहकर 54 हजार 235 पोस्ट पर कार्रवाई की है, जिनमें से 2 हजार को हटा दिया गया है और बाकी पर एक्शन लिया गया है। इन एक्शन में वार्निंग देना, किसी फोटो को ब्लर करना और दूसरी चीजें शामिल हैं।

क्या सोशल मीडिया कंपनियों ने इस तरह की कार्रवाई पहली बार की है?
नहीं। आप क्या शेयर कर रहे हैं इस पर सोशल मीडिया कंपनियां पहले से ही निगरानी रखती आ रही हैं। अभी केवल नया ये है कि कंपनियों को कितनी शिकायत मिली और उन पर क्या कार्रवाई हुई इसकी जानकारी कंपनियां अब सार्वजनिक करने लगी हैं। क्योंकि नए IT नियमों में ऐसा करने को कहा गया है।

ये कंटेंट क्यों हटाया गया?
दरअसल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग के साथ ही साइबर क्राइम में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। इससे निपटने के लिए सभी सोशल साइट्स की अपनी-अपनी गाइडलाइन हैं। इन गाइडलाइन में बताया गया है कि आपको सोशल मीडिया इस्तेमाल करते वक्त क्या करना है और क्या नहीं करना है। इन गाइडलाइन को बनाने का उद्देश्य डिजिटल स्पेस को सभी लोगों के इस्तेमाल के लिए सुरक्षित बनाना है।

साइबर एक्सपर्ट सनी वाधवानी से समझिए सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए…

  • छोटे बच्चों की बिना कपड़े पहने फोटो या वीडियो शेयर करने से बचें। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ऐसे कंटेंट को अपने आप ही चाइल्ड पोर्नोग्राफी की कैटेगरी में डाल देता है, जिससे आपका अकाउंट हमेशा के लिए बंद हो सकता है।
  • किसी को अश्लील, धमकी भरे या अपमानजनक मैसेज न भेजें। मजाक-मजाक में किसी मीम को शेयर करते हुए भी ध्यान रखें कि ये किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला, अपमानजनक या अश्लील न हो।
  • किसी फोटो को गलत तरीके से एडिट कर वायरल करने की धमकी देना भी आपको जेल में भिजवा सकता है।
  • ड्रग्स, सुसाइड या सेल्फ इंजरी और हथियारों के साथ अपनी फोटो सोशल मीडिया पर न डालें। ऐसे कंटेंट को सोशल साइट्स तुरंत हटा देती है।
  • ब्लैकमेलिंग, हेट स्पीच और किसी की प्राइवेसी को खत्म या कम करने वाला कंटेंट शेयर न करें। सोशल मीडिया पर इस तरह की कमेंट्स भी न करें।
  • मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया साइट्स आपको पहले चेतावनी भी दे सकती हैं या सीधे ही आपका अकाउंट ब्लॉक कर सकती हैं।