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भास्कर एक्सप्लेनर:ओलिंपिक की शुरुआत से 2 हफ्ते पहले टोक्यो में हेल्थ इमरजेंसी, जानिए कोरोना के बीच इस बार किस तरह होगा ओलिंपिक का आयोजन

17 दिन पहलेलेखक: आबिद खान

कोरोना की वजह से साल भर देरी से हो रहे टोक्यो ओलिंपिक पर एक बार फिर खतरा मंडराने लगा है। ओलिंपिक खेलों के मुख्य आयोजन स्थल राजधानी टोक्यो समेत पूरे जापान में कोरोना के केस बढ़ रहे हैं। ओलिंपिक खेलों की शुरुआत से 2 हफ्ते पहले ही टोक्यो में हेल्थ इमरजेंसी लगी है। सभी ओलिंपिक इवेंट्स में दर्शकों की एंट्री पर भी बैन लगा है। कोरोना के बढ़ते केस की वजह से न सिर्फ ओलिंपिक आयोजन समिति की चिंता बढ़ गई है बल्कि कई देशों के एथलीट भी खेलों से अपना नाम वापस ले चुके हैं। जापान की आधी से ज्यादा जनता ओलिंपिक खेलों के आयोजन का विरोध कर रही है।

आइए समझते हैं कि जापान में कोरोना के नए केस किस तरह रफ्तार पकड़ रहे हैं? जापान में लगे लॉकडाउन में कितनी सख्ती बरती जा रही है? कोरोना से बचने के लिए खिलाड़ियों को किन नियम-कायदों को पालन करना होगा? ओलिंपिक आयोजनों पर जापान की जनता का क्या कहना है और अब तक कितने खिलाड़ी कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं...

जापान में कोरोना की क्या स्थिति है?
8 जुलाई के बाद से जापान में रोजाना 2 हजार से ज्यादा नए केस आ रहे हैं। इनमें करीब आधे मामले राजधानी टोक्यो में मिल रहे हैं। यहीं पर ओलिंपिक के ज्यादातर इवेंट होने हैं। 10 जुलाई को टोक्यो में 950 नए केस मिले हैं। ये मई के बाद एक दिन में मिले सबसे ज्यादा केस हैं। इससे पहले 7 जुलाई को टोक्यो में कोरोना के 920 नए मामले सामने आए थे। पिछले एक हफ्ते में जापान में कोरोना संक्रमण की दर 30% से ज्यादा हो गई है। इसके बाद पूरे जापान में एक्टिव केस 19 हजार से ज्यादा हो गए हैं।

जापान में अब तक 6 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन डोज दिए जा चुके हैं। करीब 30% आबादी को वैक्सीन का एक डोज दिया जा चुका है। केवल 18% आबादी ही ऐसी है जिसे वैक्सीन के दोनों डोज मिले हैं।

टोक्यो में कितना सख्त लॉकडाउन है?
लगातार बढ़ रहे केस के बाद टोक्यो में हेल्थ इमरजेंसी लगा दी गई है, जो 22 अगस्त तक चलेगी। ये राजधानी में चौथी और सबसे सख्त हेल्थ इमरजेंसी है। बार, पब और नाइट क्लब में शराब सर्व करने पर पाबंदी है। इस नुकसान की भरपाई के लिए सरकार क्लब आदि को सब्सिडी देगी। पार्क, म्यूजियम, थिएटर रात 8 बजे तक बंद करने का आदेश है।

साथ ही लोगों को बेवजह घर से बाहर न निकलने को कहा गया है। वर्क फ्रॉम होम को तरजीह दी जा रही है। मास्क पहनने और घरों में बैठकर ही ओलिंपिक खेलों का लुत्फ उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

कोरोना की वजह से खिलाड़ियों के लिए क्या नियम हैं?
इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी और जापान की सरकार ने खिलाड़ियों के लिए भी सख्त नियम बनाए हैं। हर खिलाड़ी को अपने फोन में 2 ऐप डाउनलोड करने होंगे। इन ऐप के जरिए खिलाड़ी की हेल्थ रिपोर्टिंग और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का डेटा मेंटेन होगा।

सभी खिलाड़ियों का रोजाना कोरोना टेस्ट होगा। एक प्लेबुक भी दी जाएगी, जिसमें खेलों के दौरान यात्रा करने, खाने-पीने, घूमने को लेकर नियम होंगे। इसे नहीं मानने वाले पर डिसिप्लिनरी एक्शन लिया जाएगा।

खिलाड़ियों का रैंडम कोरोना टेस्ट किया जाएगा। जिन देशों के एथलीट पहले से वैक्सीनेटेड होंगे, उनका भी खेलों के दौरान कोरोना टेस्ट हो सकता है। हर प्रतिभागी को कोरोना की दो निगेटिव रिपोर्ट भी साथ लेकर जापान जाना होगा। किसी भी प्रतिभागी को पब्लिक ट्रांसपोर्ट यूज करने की इजाजत नहीं होगी। उन्हें तय जगहों पर ही भोजन करना होगा। एथलीट्स को हर समय मास्क लगाए रहना होगा, यहां तक कि मेडल सेरेमनी के दौरान भी।

ओलिंपिक आयोजन पर जापान के लोगों की क्या राय है?

  • कोरोना की वजह से जापान की आधी से ज्यादा आबादी ओलिंपिक आयोजन के पक्ष में नहीं है। स्थानीय अखबारों और वेबसाइट द्वारा कराए गए सर्वे में 60% से 70% लोग ओलिंपिक आयोजनों का विरोध कर रहे हैं। लोगों को डर है कि इस दौरान जापान में अलग-अलग देशों से लाखों खिलाड़ी, कोच और पत्रकार आएंगे जो जापान में कोरोना को बढ़ावा दे सकते हैं।
  • जापानी लोगों की ये नाराजगी सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक दिखाई दे रही है। हाल ही में मिंटो सिटी में एक महिला ने ओलिंपिक टॉर्च को बुझाने का प्रयास भी किया था। इसके बाद सरकार ने टॉर्च रिले में आम लोगों के शामिल होने पर रोक लगा दी थी। जापान के लोग ट्विटर पर भी #NoToOlympics और #CancelTokyo2020 जैसे हैशटेग के साथ अपनी नाराजगी का इजहार कर चुके हैं।
  • NHK वर्ल्ड जापान की एक खबर के मुताबिक 10 से 80 हजार वॉलंटियर्स ने ओलिंपिक आयोजनों से अपना नाम वापिस ले लिया है।

अब तक कितने खिलाड़ी कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं?
अब तक इजराइल, लिथुआनिया, युगांडा और सर्बिया के 5 एथलीट कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। सर्बिया की रोइंग टीम के एक सदस्य की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद एथलीट और उसके साथ यात्रा कर रहे 4 अन्य एथलीट्स को भी आइसोलेट कर दिया गया था।

जून में युगांडा के 2 एथलीट ओलिंपिक विलेज में एंट्री के बाद संक्रमित मिले थे। इनमें से 1 नरिता एयरपोर्ट पर हुए जांच में पॉजिटिव पाया गया था। दूसरा आइसोलेशन के दौरान संक्रमित मिला था। 9 जुलाई को इजराइल और लिथुआनिया के 1-1 एथलीट जापान में एंट्री के दौरान कोरोना संक्रमित पाए गए थे।

क्या कोरोना की वजह से किसी खिलाड़ी ने ओलिंपिक से अपना नाम वापिस लिया है?
कोरोना के खतरे और बायो बबल की थकावट की वजह से कई एथलीट टोक्यो ओलिंपिक से दूरी बनाने की घोषणा कर चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया के टेनिस खिलाड़ी निक किर्गियोस ने ओलिंपिक में भाग लेने से इनकार कर दिया है। निक ने कहा कि वे बिना दर्शकों के कोर्ट पर खेलने में सहज नहीं हैं।

इसी तरह कनाडा की टेनिस खिलाड़ी बियांका एंड्रीस्कू ने भी कोरोना की वजह से अपना नाम ओलिंपिक से वापस ले लिया है। उन्होंने कहा कि ओलिंपिक में कनाडा का प्रतिनिधित्व करने का मैं कबसे इंतजार कर रही थी, लेकिन कोरोना की स्थिति देखते हुए टोक्यो जाना सही फैसला नहीं है।

हाल ही में टेनिस के नंबर 1 खिलाड़ी सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने कहा है कि उनका ओलिंपिक में खेलने का इरादा 50-50 है। इसके पीछे उन्होंने फैंस को कोर्ट में एंट्री न देने का हवाला दिया है। इसके साथ ही राफेल नडाल, डोमिनिक थीयम, स्टेन वावरिंका और सेरेना विलियम्स जैसे बड़े खिलाड़ी भी ओलिंपिक में खेलने से इनकार कर चुके हैं।

कोरोना का असर क्या ओलिंपिक आयोजन के खर्च पर भी पड़ेगा?
बिल्कुल। टोक्यो ओलिंपिक अब तक का सबसे महंगा ओलिंपिक होने वाला है। कोरोना के कारण जो सेफ्टी मेजर्स किए जा रहे हैं, उनकी वजह से करीब 20 हजार करोड़ रुपए का एक्स्ट्रा खर्च आयोजन में जुड़ेगा। अगर कुल खर्च की बात करें तो इस ओलिंपिक के आयोजन में कुल 1.14 लाख करोड़ रुपए खर्च आने का अनुमान है।