पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

भास्कर डेटा स्टोरी:कोरोना का डर! साल के 40 दिन विदेश में रहने वाले मोदी का 2020 देश में ही बीता; हर दूसरे दिन टीवी पर दिखे

4 महीने पहलेलेखक: प्रियंक द्विवेदी

इस साल 17 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बांग्लादेश की राजधानी ढाका जाना था। वहां बांग्लादेश के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले शेख मुजीबुर्रहमान की जयंती का शताब्दी समारोह होना था। इसी समारोह में मोदी को शामिल होना था, लेकिन मार्च में ही कोरोना के मामले देश में तेजी से सामने आने लगे। इसी वजह से उनका ये दौरा रद्द हो गया। बाद में बांग्लादेश की सरकार ने भी इस समारोह को रद्द कर दिया। इससे पहले मोदी का बेल्जियम दौरा भी रद्द हो गया था।

मोदी जब से प्रधानमंत्री बने हैं, तब से ये पहला साल है, जब वो किसी विदेश दौरे पर नहीं गए। 2019 में मोदी साल के 35 दिन विदेश में थे, लेकिन इस बार साल के 365 दिन वो भारत में ही रहे।

हालांकि, मोदी अकेले नहीं हैं जो कोरोना की वजह से विदेश दौरा नहीं कर पाए। उनकी तरह कई देशों के राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री भी हैं, जो कोरोना की वजह से इस साल एक-दो देशों के ही दौरे कर पाए हैं। प्रधानमंत्री मोदी का आखिरी विदेश दौरा 13 से 15 नवंबर 2019 में ब्राजील का था। उस समय मोदी BRICS में शामिल होने गए थे।

59 विदेश दौरों में 106 देशों तक पहुंचे मोदी

  • मोदी को प्रधानमंत्री बने 6 साल 7 महीने हो चुके हैं। मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार और 30 मई 2019 को दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। प्रधानमंत्री ऑफिस के मुताबिक 2014 से लेकर अब तक मोदी 59 बार विदेश के लिए रवाना हुए हैं। इस दौरान उन्होंने 106 देश (इसमें 2 या उससे ज्यादा दौरे भी) की यात्रा की।
  • दिसंबर 2018 में लोकसभा में सरकार ने प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर होने वाले खर्च का ब्योरा दिया था। इसके अलावा प्रधानमंत्री ऑफिस की वेबसाइट पर भी पीएम की यात्राओं के खर्च की जानकारी है। इन दोनों को मिला दें, तो अब तक मोदी की विदेश यात्राओं 2 हजार 156 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च हो चुके हैं।

हर साल 10 से ज्यादा बार विदेश यात्रा करते हैं मोदी, हर साल 400 करोड़ से ज्यादा खर्च
मोदी जब से प्रधानमंत्री बने हैं, तब से अब तक 59 बार विदेश यात्रा कर चुके हैं। यानी हर साल कम से कम 10 से ज्यादा बार विदेश यात्रा पर जाते हैं। मोदी की विदेश यात्राओं पर भी हर साल औसतन 430 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। मोदी जब से प्रधानमंत्री बने हैं, तब से 230 दिन विदेश में रह चुके हैं। यानी हर साल औसतन 40 दिन।

मनमोहन के 5 साल के विदेश दौरों पर में 1,346 करोड़ खर्च हुए थे

  • मनमोहन सिंह 2004 से लेकर 2014 तक प्रधानमंत्री रहे। इन 10 सालों में उन्होंने 73 बार विदेश दौरे किए। इनमें से 35 दौरे पहले कार्यकाल यानी 2004 से 2009 के बीच और 38 दौरे दूसरे कार्यकाल यानी 2009 से 2014 के बीच किए।
  • दिसंबर 2018 में जब सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी की विदेश दौरों पर होने वाले खर्च का ब्योरा दिया था, तो उसमें मनमोहन सिंह के दूसरे कार्यकाल में हुए खर्च के बारे में भी बताया था। इसके मुताबिक, मनमोहन सिंह के दूसरे कार्यकाल में उनके विदेश दौरों पर 1 हजार 346 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। मनमोहन सिंह के पहले कार्यकाल में उनकी चार्टर्ड फ्लाइट पर 302 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। इसमें विमान के रखरखाव और हॉटलाइन का खर्चा शामिल नहीं है।
  • मनमोहन से पहले अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री थे। उन्होंने 1999 से 2004 के बीच 19 बार विदेश दौरे किए, जिसमें 31 देशों की यात्रा की। उनके 5 साल में चार्टर्ड फ्लाइट पर 144 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च हुए थे।

विदेश नहीं गए, तो ये साल कैसे बीता?

  • प्रधानमंत्री मोदी पिछले साल नवंबर के बाद से ही विदेश दौरे पर नहीं गए। इस बार मोदी प्रधानमंत्री के तौर पर 226 दिन टीवी पर दिखे यानी हर दूसरे दिन टीवी पर आए। उन्होंने इंडिया-बांग्लादेश समिट, इंडिया-उज्बेकिस्तान समिट, ब्रिक्स समिट, आसियान (ASEAN)- इंडिया समिट जैसे बड़े इवेंट को ऑनलाइन संबोधित किया।
  • इस साल प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना को लेकर 7 बार देश के नाम संबोधन दिया। उनका सबसे पहला संबोधन 19 मार्च को था, जिसमें 22 मार्च को जनता कर्फ्यू की अपील की थी। कुल 7 संबोधन में मोदी 157 मिनट बोले।
  • मोदी ने 8 बार भाजपा के कार्यक्रमों में भी भाषण दिया। इस साल दिल्ली और बिहार में विधानसभा चुनाव हुए। जिसमें दिल्ली में मोदी ने 2 और बिहार में 12 रैलियां कीं।

5 बड़े देशों के सभी प्रमुखों ने इस बार विदेश यात्राएं कीं

  • दुनिया के 5 बड़े देश अमेरिका, चीन, रूस, ब्रिटेन और फ्रांस हैं। ये इसलिए क्योंकि यूनाइटेड नेशंस की सिक्योरिटी काउंसिल में इन्हीं पांचों देशों के पास वीटो पॉवर है। ये इतने ताकतवर हैं कि अगर यूएन में कोई प्रस्ताव लाया जाता है, तो इन 5 में से कोई एक भी वीटो पॉवर का इस्तेमाल कर उस प्रस्ताव को रोक सकता है। जैसा चीन बार-बार मसूद अजहर के मामले में करता है।
  • इस साल इन पांचों देशों के प्रमुखों ने विदेश यात्राएं की हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दो बार विदेश यात्रा की। ट्रम्प 21-22 जनवरी को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में शामिल होने स्विट्जरलैंड के दावोस गए थे। उसके बाद 24-25 फरवरी को भारत दौरे पर आए थे। इस साल सबसे ज्यादा 19 बार विदेश दौरा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने किया है।
खबरें और भी हैं...

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज आसपास का वातावरण सुखद बना रहेगा। प्रियजनों के साथ मिल-बैठकर अपने अनुभव साझा करेंगे। कोई भी कार्य करने से पहले उसकी रूपरेखा बनाने से बेहतर परिणाम हासिल होंगे। नेगेटिव- परंतु इस बात का भी ध...

और पढ़ें