भास्कर एक्सप्लेनर:30% लोग ही फुली वैक्सीनेट, बच्चों को वैक्सीन मिली ही नहीं; नए वैरिएंट और वैक्सीनेशन के लिहाज से कहां खड़ा है भारत?

7 महीने पहलेलेखक: आबिद खान

दक्षिण अफ्रीकी वैरिएंट ओमिक्रॉन ने दुनिया को फिर चिंता में डाल दिया है। डेल्टा वैरिएंट से ज्यादा घातक माना जा रहा ओमिक्रॉन अब तक 17 देशों में फैल चुका है। कई देशों ने दक्षिण अफ्रीका से आने वाली फ्लाइट्स पर बैन लगा दिया है। चिंता वाली बात ये है कि वैरिएंट ऐसे देशों में भी फैल रहा है, जहां आधी से ज्यादा आबादी को वैक्सीन के दोनों डोज लग चुके हैं।

आइए समझते हैं, देश में वैक्सीनेशन का क्या हाल है? किस राज्य में सबसे ज्यादा वैक्सीनेशन हुआ है? अभी किन राज्यों में सबसे ज्यादा कोरोना केस मिल रहे हैं? और ओमिक्रॉन जिन देशों में फैला है, वहां वैक्सीनेशन का क्या हाल है?...

सबसे पहले देश में वैक्सीनेशन का हाल जान लीजिए

भारत अब तक 1.22 अरब लोगों को वैक्सीन का कम से कम एक डोज दे चुका है। वहीं, 43 करोड़ लोगों को वैक्सीन के दोनों डोज लग चुके हैं। डोजेज के हिसाब से भले ही ये आंकड़े ज्यादा हों, लेकिन आबादी के लिहाज से ये बेहद कम हैं। भारत की 56% आबादी को ही वैक्सीन का एक डोज लगा है। वहीं, केवल 30% आबादी ऐसी है जो पूरी तरह वैक्सीनेट हो पाई है।

राज्यों के क्या हाल है?

वैक्सीन के सबसे ज्यादा डोज उत्तर प्रदेश में दिए गए हैं। 15 करोड़ से ज्यादा डोज देकर उत्तर प्रदेश टॉप पर है। उसके बाद महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और मध्यप्रदेश हैं। हालांकि इन राज्यों की आबादी भी ज्यादा है इस वजह से यहां डोज भी ज्यादा दिए गए हैं।

किन राज्यों में मिल रहे हैं कोरोना के नए केसेज?

पिछले कई महीनों से केरल और महाराष्ट्र में ही सबसे ज्यादा नए केसेज मिल रहे हैं। 28 नवंबर को देश में 8,309 नए केस मिले है, जिनमें आधे से ज्यादा सिर्फ केरल में ही मिले हैं। इसी तरह देश के कुल एक्टिव केसेज में भी सबसे ज्यादा केरल में है। 47 हजार से ज्यादा एक्टिव केसेज के साथ केरल देश में टॉप पर है। उसके बाद महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक हैं। नए केस और एक्टिव केस के लिहाज से इन राज्यों को ज्यादा खतरा है।

सितंबर के बाद से देश में वैक्सीनेशन की रफ्तार धीमी हो गई है। सितंबर में करीब 23 करोड़ डोज दिए गए थे। पिछले 30 दिन में देश में 16 करोड़ से ज्यादा डोज दिए गए। अक्टूबर में भी करीब 16 करोड़ से ज्यादा डोज दिए गए थे।

ओमिक्रॉन दक्षिण अफ्रीका से निकलकर 17 देशों में फैल चुका है। इनमें से कई देश ऐसे हैं जिन्होंने अपनी तीन-चौथाई आबादी को पूरी तरह वैक्सीनेट कर दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि म्यूटेशन की वजह से ये वैक्सीन की इम्यूनिटी को बायपास कर सकता है। उसके बाद कई देशों ने दक्षिण अफ्रीका से आने वाले यात्रियों पर रोक लगा दी है। भारत की 30% आबादी ही पूरी तरह वैक्सीनेट हुई है, इस लिहाज से हमारे लिए ये बड़ा खतरा है।

हमारे लिए क्या चिंता की बात?

  • भारत में अब तक कुल 1 अरब 22 करोड़ से अधिक वैक्सीन के डोज लगाए गए हैं। इनमें से 56 प्रतिशत को सिंगल डोज लगा है। जबकि 30 प्रतिशत को ही दोनों डोज लगे हैं। ओमिक्रॉन के केसेज उन देशों में भी मिले हैं, जहां तीन-चौथाई आबादी को वैक्सीन के दोनों डोज दिए जा चुके हैं।
  • दुनिया के कई देश बच्चों को वैक्सीन दे रहे हैं, लेकिन भारत ने बच्चों के वैक्सीनेशन पर कोई फैसला नहीं लिया है। यानी भारत में 18 साल से कम उम्र की आबादी अभी भी वैक्सीनेशन की पहुंच से दूर है। साथ ही ज्यादातर राज्यों में स्कूलों में ऑफलाइन क्लासेज भी शुरू हो गई है।
  • देश में करीब 10 करोड़ लोग ऐसे हैं, जिन्होंने सेकेंड डोज की डेट आने के बाद भी डोज नहीं लगवाया है। ये आंकड़े केवल अक्टूबर तक के हैं। माना जा रहा है कि लापरवाही की वजह से ऐसे लोगों की संख्या बढ़ गई होगी।
  • फेस्टिवल सीजन खत्म होने के बाद भारत में शादियों का सीजन शुरू हो गया है। ज्यादातर राज्यों ने पब्लिक गैदरिंग पर लगी पाबंदियां भी खत्म कर दी हैं। इस लिहाज से भारत के लिए ये चिंता की बात है।
  • आने वाले कुछ महीनों में 5 राज्यों में चुनाव होना है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान चुनावी रैलियां सुपर स्प्रेडर साबित हुई थीं। चुनाव के दौरान अगर पहले जैसे ही हालात रहे, तो इसके गंभीर नतीजे देखने को मिल सकते हैं।