1960 में पाकिस्तानियों की आमदनी इंडियंस से ज्यादा थी:अब परमाणु बम बनाने में आगे, लेकिन खाने के लाले; 75 साल में भारत-पाक जर्नी

15 दिन पहले

'हमने भारत के साथ 3 युद्ध लड़े। इससे लोगों को केवल गरीबी, बेरोजगारी ही मिली। हमने अपना सबक सीख लिया है। हम शांति के साथ रहना चाहते हैं।'

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने 16 जनवरी को अरेबिया न्यूज चैनल से इंटरव्यू में ये बात कही। भारत के साथ शांति वाला बयान ऐसे वक्त में आया है जब पाकिस्तान कंगाली की कगार पर खड़ा है।

1947 में भारत-पाकिस्तान ने एक साथ शुरुआत की थी। 1960 में तो पाकिस्तान की प्रति व्यक्ति आय भारत से भी ज्यादा थी। फिर आज पाकिस्तान की ये हालत कैसे हुई? भास्कर एक्सप्लेनर में आजादी के बाद 75 सालों में भारत और पाकिस्तान का सफर 5 पैमानों पर जानेंगे…

1. लोगों की सरकार: 75 बरस के पाकिस्तान पर 33 साल सेना का राज, भारत में कभी नहीं

पाकिस्तान (14 अगस्त 1947 को आजादी मिली)

  • पहला चुनाव पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मार्च 1951 में हुआ। जब पहली बार जनता ने सीधे अपने प्रतिनिधियों को चुना। इस दौरान कई प्रांतों में चुनाव हुए, लेकिन उसमें जनता ने सीधे तौर पर हिस्सा नहीं लिया। यानी चुनिंदा लोगों ने ही वोट डाले।
  • 7 अक्टूबर 1958 को ही पाकिस्तान में पहली बार मार्शल लॉ लगा और पहले राष्ट्रपति इस्कंदर मिर्जा ने संविधान को भंग कर दिया गया। इसके बाद 27 अक्टूबर को जनरल अयूब खान ने राष्ट्रपति इस्कंदर मिर्जा को हटाकर सैन्य शासन लागू कर दिया। 25 मार्च 1969 को जनरल याह्या खान ने अयूब का तख्तापलट कर दिया और खुद राष्ट्रपति बन गए।
  • पाकिस्तान में पहला आम चुनाव आजादी के 23 साल बाद 1970 में हुआ। कुल 313 सीटों में से 167 सीटों पर आवामी लीग जीत गई। आवामी लीग का दबदबा पूर्वी पाकिस्तान यानी आज के बांग्लादेश में था। शेख मुजीब-उर-रहमान को पाकिस्तान का पहला लोकतांत्रिक प्रधानमंत्री बनना था, लेकिन जुल्फिकार अली भुट्‌टो की मदद से सेना ने सत्ता देने से इनकार कर दिया।
  • 5 जुलाई 1977 को आर्मी चीफ जनरल जिया-उल-हक ने तख्‍तापलट कर जुल्फिकार अली भुट्टो को सत्ता से बेदखल कर दिया। जनरल जिया ने भुट्टो को गिरफ्तार करके जेल में डलवा दिया था। 4 अप्रैल 1979 को हत्या के आरोप में भुट्टो को रावलपिंडी की सेंट्रल जेल में फांसी पर चढ़ा दिया।
  • 12 अक्टूबर 1999 को जनरल परवेज मुशर्रफ ने तख्तापलट करते हुए प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को हटा दिया था और खुद राष्ट्रपति बन गए थे।
  • पाकिस्तान के 75 साल के शासन में 33 साल सत्ता सैन्य तानाशाहों के हाथ में रही। यही वजह है कि पाकिस्तान में 75 साल में 31 प्रधानमंत्री बने, लेकिन कार्यकाल कोई पूरा नहीं कर सका।

भारत (15 अगस्त 1947 को आजादी मिली)

  • भारत में पहला राष्ट्रीय चुनाव 1951 में हुआ। लोकसभा की 489 सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस को 364 सीटें मिलीं और जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री बने।
  • भारत में 1975 से 1977 में लगे 21 महीनों के आपातकाल को छोड़ दें तो लोकतंत्र कभी खतरे में नहीं पड़ा है।

2. अर्थव्यवस्था: 1960 में पाकिस्तान की प्रति व्यक्ति आय भारत से 89 रुपए ज्यादा थी

1960 में पाकिस्तान की प्रति व्यक्ति आय भारत से 89 रुपए ज्यादा थी, लेकिन 75 साल बाद भारत इस मामले में पाकिस्तान से काफी आगे निकल गया है। एक तरफ पाकिस्तान कंगाल होने के करीब है तो वहीं दूसरी तरफ भारत दुनिया की 5 बड़े इकोनॉमी में भी शामिल हो गया है। आजादी के वक्त दोनों देशों की इकोनॉमी कृषि पर आधारित थी, जो अब इंडस्ट्री और सर्विस सेक्टर पर ट्रांसफर हो गई है।

3. डिफेंस : परमाणु परीक्षण पहले भारत ने किया, एटम बम बनाने में पाकिस्तान आगे

अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया का तीसरा ऐसा देश है, जिसका रक्षा बजट सबसे ज्यादा है। हालांकि 2022 में भारत ने अपने कुल GDP का 2.4% पैसा रक्षा बजट पर खर्च किया है, जबकि पाकिस्तान अपने कुल GDP का 3.74% रक्षा बजट पर खर्च करता है। 18 मई 1974 को भारत ने पहली बार परमाणु बम का सफल परीक्षण किया था। वहीं पाकिस्तान ने 28 मई 1998 को पहली बार परमाणु बम का परीक्षण किया था। इस वक्त पाकिस्तान के पास 165 परमाणु बम हैं, जबकि भारत के पास 160 परमाणु बम ही हैं।

4. धार्मिक कट्‌टरता : भारत में अल्पसंख्यक समुदाय से राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री बने, पाकिस्तान में अब तक नहीं

पाकिस्तान

  • 11 अगस्त 1947 को पाकिस्तान की संविधान सभा में मोहम्मद अली जिन्ना ने कहा था कि धर्म के आधार पर किसी भी नागरिक के साथ भेदभाव नहीं होगा। हालांकि, पाकिस्तान ने अपने संविधान में इस्लाम को अपना धर्म बनाया। साथ ही यहां पर कहा गया कि पाकिस्तान का संविधान गैर-मुस्लिम के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बनने की इजाजत नहीं देता है।
  • पाकिस्तान सुन्नी मुस्लिम बहुल देश है। यहां की 15 से 20% आबादी शिया है। यहां पर शियाओं को दोयम दर्जे का मुस्लिम माना जाता है। साउथ एशिया टेररिज्म पोर्टल के अनुसार पाकिस्तान में 2001 से 2018 के बीच 4847 शिया मुसलमानों को मारा गया।
  • मानवाधिकार संस्था मूवमेंट फॉर सॉलिडैरिटी एंड पीस यानी MSP के अनुसार पाकिस्तान में हर साल 1000 से ज्यादा ईसाई और हिंदू महिलाओं या लड़कियों का अपहरण कर लिया जाता है। इसके बाद उनका धर्म परिवर्तन कर इस्लामिक रीति-रिवाज से निकाह करा दिया जाता है।

भारत

  • भारत के संविधान में सभी नागरिकों को विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता और समानता का अधिकार दिया गया था। 1976 में 42वें संशोधन में 'सेक्युलर' शब्द को जोड़कर इसे और स्पष्ट किया गया।
  • भारत में अल्पसंख्यक समुदाय से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख भी बन चुके हैं। आजादी के 20 साल बाद ही 13 मई 1967 को डॉ. जाकिर हुसैन राष्ट्रपति बने। वहीं 22 मई 2004 को सिख समुदाय से आने वाले मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने। देश के पहले फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ पारसी थे।

5. आतंकवाद: पाकिस्तान 40 आतंकी समूहों का अड्‌डा, भारत इससे पीड़ित

पाकिस्तान

  • 2019 में अमेरिका यात्रा के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने स्वीकार किया था कि उनके देश में 40 से ज्यादा आतंकी संगठन सक्रिय हैं। साथ ही उन्होंने कहा था कि अभी भी पाकिस्तान में 30 से 40 हजार आतंकी मौजूद हैं।
  • 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में ही आतंकी संगठन अल कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन मारा गया था। लादेन कई सालों से पाकिस्तान में ही सेना की शह पर रह रहा था।
  • 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट के मुख्य आरोपी दाऊद इब्राहिम को भी पाकिस्तान में ISI का प्रोटेक्शन हासिल है। दाऊद का नाम इंटरपोल की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल है।
  • मई 2019 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को बैन कर उसके सरगना मसूद अजहर को इंटरनेशनल टेररिस्ट करार दिया था। उस वक्त जानकारी सामने आई थी कि पाकिस्तान पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा बैन किए गए लोगों वाला तीसरा देश है।
  • UN ने पाकिस्तान के कुल 146 नागरिकों को बैन किया है। ये इराक और अफगानिस्तान के बाद सबसे ज्यादा संख्या है। UN ने बैन किए लोगों की पूरी डिटेल्स दी थी। इसमें 26/11 के मास्टरमाइंड हाफिज सईद, लश्कर-ए-तैयबा का जकी उर रहमान लखवी और हक्कानी के नाम भी शामिल हैं। अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद का नाम भी इस लिस्ट में है।
  • आतंकवाद के खिलाफ एक्शन न लेने की वजह से 2008 में पाकिस्तान को पहली बार FATF की ग्रे लिस्ट में डाला गया था। इसके तहत उसे टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर कार्रवाई करनी थी। 2009 में वह इस लिस्ट से बाहर हो गया था। 2012 में पाकिस्तान को एक बार फिर FATF की ग्रे लिस्ट में डाला गया था। हालांकि 2015 में वह फिर इससे बाहर निकलने में कामयाब रहा था।
  • पाकिस्तान जून 2018 में FATF की ग्रे लिस्ट में शामिल हुआ था। अक्टूबर 2018, 2019, 2020 और 2021 में हुए रिव्यू में भी पाकिस्तान को राहत नहीं मिली थी। हालांकि अक्टूबर 2022 में वह ग्रे लिस्ट से बाहर हो गया।

भारत

  • भारत कई दशकों से सीमा पार से फैलाए जा रहे आतंकवाद से पीड़ित है। साउथ एशिया टेररिज्म पोर्टल यानी SATP के मुताबिक 6 मार्च 2000 से 15 जनवरी 2023 तक जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी आतंकियों की वजह से 8,473 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। पीड़ितों में 3,556 सुरक्षाबलों के जवान हैं और 4,917 नागरिक हैं।
  • UN ने पाकिस्तान के कुल 146 नागरिकों को बैन किया है। वहीं भारत का कोई भी नागरिक इसमें नहीं है। पाकिस्तान कई सालों तक FATF की ग्रे लिस्ट में रहा है, जबकि भारत को कभी भी इस लिस्ट में नहीं रखा गया है।

अब जानते हैं कि पाकिस्तान इस वक्त किन 5 बड़े संकट का सामना कर रहा है और इसकी वजह क्या है…

1. आम लोगों की परचेजिंग पावर 30% घटी: पाकिस्तान में लोअर मिडिल क्लास और लोअर क्लास के लोगों की परचेजिंग पावर यानी खरीद की क्षमता 30% कम हो गई है। महंगाई लगातार बढ़ती रही और खरीद की क्षमता कम होती रही। इससे मांग कम हो गई और बिजनेस भी चपेट में आ गए। इससे हालात बदतर हो गए।

2. डॉलर की कमी: पाकिस्तान के पास विदेशी मुद्रा भंडार महज 35 हजार करोड़ पाकिस्तानी रुपए बचा है, जिससे सिर्फ 3 हफ्ते का इम्पोर्ट बिल चुकाया जा सकता है। ये पिछले 9 सालों में सबसे कम है। डॉलर के अभाव में जरूरी वस्तुओं का आयात नहीं हो पा रहा है। आटा, प्याज, जरूरी दवाएं नहीं मिल रही हैं। बैंकों से लेटर ऑफ क्रेडिट न मिलने से हजारों कंटेनर में पोर्ट पर सामग्री अटकी पड़ी है। पोल्ट्री उत्पाद के दाम 45% तक बढ़ गए हैं।

3. कंपनियों में ताले लगे: पाकिस्तान में टोयोटा, सुजुकी ने कार प्लांट बंद कर दिए हैं। प्रमुख टेक्सटाइल इंडस्ट्री के भी कई प्लांट बंद हो चुके हैं। टोयोटा ने 30 दिसंबर से उत्पादन रोक दिया है। मांग न होने से कार, ट्रैक्टर और फाइबर का उत्पादन बंद है या कटौती की गई है।

4. बाढ़ से 80% फसल तबाह: पाकिस्तान में पिछले साल गर्मियों में आई भीषण बाढ़ से 80% फसलें तबाह हो गईं। इससे खाने के सामानों की कमी हो गई। अटलांटिक काउंसिल के पाकिस्तान इनिशिएटिव के उजैर यूनुस का कहना है कि बाढ़ ने मुसीबत और बढ़ा दी।

5. सियासी अस्थिरता: पाकिस्तान में पिछले 9 महीने से सियासी अस्थिरता है। इमरान सरकार ने जाते-जाते पेट्रोल और डीजल पर सब्सिडी की ऐलान कर दिया था। अब शाहबाज सरकार इसे वापस लेने की हिम्मत नहीं कर पा रही है। सब्सिडी वापस लेते ही दाम बढ़ने से महंगाई विकराल रूप ले लेगी।

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