बिजली, पेट्रोल-डीजल के बाद चाय पर संकट:पाकिस्तानी खजाने में केवल 2 महीने के आयात का पैसा, चाय पीना छोड़ बचा सकते हैं 9500 करोड़

2 महीने पहलेलेखक: अभिषेक पाण्डेय

''मैं कौम से ये भी अपील करूंगा कि हम चाय की एक-एक प्याली, दो-दो प्यालियां कम कर दें, क्योंकि हम जो चाय आयात ( इम्पोर्ट) करते हैं, वो भी उधार लेकर आयात करते हैं।'' पाकिस्तान के सीनियर मिनिस्टर अहसन इकबाल ने अवाम यानी अपने देश के नागरिकों को यह सलाह दी है। इस अपील ने पाकिस्तान के बदहाल आर्थिक हालात को फिर सुर्खियों में ला दिया है।

आप सोच रहे होंगे कि पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली का चाय के साथ क्या कनेक्शन है? क्यों पाकिस्तानी मंत्री चाय की खपत कम करने की अपील कर रहे हैं? तो चलिए इसकी वजह आगे एक्सप्लेनर में समझते हैं...

आगे बढ़ने से पहले चलिए एक पोल में हिस्सा लेते हैं:

हर साल 9,500 करोड़ रुपए की चाय इम्पोर्ट करता है पाकिस्तान

22 करोड़ की आबादी वाला पाकिस्तान दुनिया में चाय का सबसे बड़ा आयातक (इम्पोर्टर) है। दो साल पहले यानी 2020 में पाकिस्तान ने 590 मिलियन डॉलर यानी करीब 120 अरब पाकिस्तानी रुपए की चाय खरीदी थी। वहीं, 2021-22 में पाकिस्तान ने करीब 82 अरब पाकिस्तानी रुपए की चाय इम्पोर्ट की थी। 2022-23 में पाकिस्तान का चाय इम्पोर्ट करीब 95 अरब रुपए यानी 9,500 करोड़ रुपए हो गया है।

अब इस मुल्क के लिए दिक्कत ये है कि उसका विदेशी मुद्रा भंडार घटकर जून में महज 10 अरब डॉलर रह गया है। इससे वह अगले 2 महीने तक ही इम्पोर्ट कर सकता है। यही वजह है कि पाकिस्तान के मंत्री ने लोगों से चाय कम पीने की अपील की है। हाल ही में पाकिस्तान ने डॉलर बचाने के लिए लग्जरी चीजों के इम्पोर्ट पर भी रोक लगा दी थी।

हर महीने 770 करोड़ कप चाय पी जाते हैं पाकिस्तानी

नेशनल टी एंड हाई वैल्यू क्रॉप्स इंस्टीट्यूट्स के डायरेक्टर डॉ. अब्दुल वहीद के मुताबिक, पाकिस्तान में हर सेकेंड 3,000 कप चाय पी जाती है। यानी हर दिन पाकिस्तान में करीब 26 करोड़ कप, हर महीने करीब 770 करोड़ कप और हर साल करीब 9,300 करोड़ कप चाय पी जाती है।

पाकिस्तान में पिछले कई सालों से प्रति व्यक्ति चाय की सालाना खपत करीब 1 किलोग्राम पर स्थिर है, लेकिन हर साल जनसंख्या में 2-3% की बढ़ोतरी होने से चाय की खपत भी बढ़ रही है। यूनाइटेड नेशन्स के फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन, यानी FAO के आंकड़ों के मुताबिक, 2007 से 2016 के दौरान पाकिस्तान में प्रति व्यक्ति चाय की खपत 35.8% बढ़ गई।

पाकिस्तान में 850 रुपए किलो हुई चायपत्ती

पाकिस्तान में बढ़ती महंगाई ने चाय की चुस्की को भी महंगा किया है। वहां जून में 1 किलोग्राम चायपत्ती की कीमत 850 रुपए तक पहुंच गई है, जो 4 महीने पहले तक 700-750 रुपए थी।

अगर पाकिस्तानी एक दिन चाय न पिएं तो बच जाएंगे 26 करोड़ रुपए

अगर पाकिस्तान में चाय आयात के एक दिन के खर्च को देखें तो ये करीब 26 करोड़ रुपए बैठता है। इसका मतलब है कि अगर पाकिस्तान में लोग एक दिन चाय न पिएं तो करीब 26 करोड़ रुपए बच जाएंगे। पाकिस्तान में अभी चाय की दुकानों पर एक कप चाय की कीमत 45 रुपए है। कुछ महीने पहले तक ये कीमत 30 रुपए प्रति कप थी।

पाकिस्तान हर साल विदेश से मंगाता है करीब 2 लाख टन चाय

ऐसा नहीं है कि पाकिस्तान में चाय का उत्पादन होता ही नहीं है, लेकिन वहां चाय की खेती महज 50 हेक्टेयर में की जाती है और चाय की सालाना पैदावार 10 टन ही है। जबकि वहां चाय की खपत सालाना करीब 2 लाख टन है। पाकिस्तान ने जुलाई 2020 से अप्रैल 2021 के दौरान 2.21 लाख टन चाय इम्पोर्ट की थी। इसीलिए पाकिस्तान अपनी जरूरत की अधिकतर चाय इम्पोर्ट करता है।

UN के एक डेटा के मुताबिक, अभी पाकिस्तानी हर साल करीब 1.80 लाख टन ब्लैक टी पीते हैं। ये आंकड़ा 2027 तक बढ़कर 2.50 लाख टन हो जाने का अनुमान है।

पाकिस्तान 80% चाय कीनिया से मंगाता है

पाकिस्तान में चाय कई रूपों में पी जाती है। वहां ब्लैक टी सबसे ज्यादा पी जाती है। साथ ही ग्रीन टी, हॉट टी, कोल्ड टी, मीठी चाय, नमकीन और मसालेदार चाय भी पी जाती है। वहां उबले हुए मीठे दूध में चाय की पत्तियों को मिलाकर बनाई जाने वाली चाय सबसे ज्यादा पसंद की जाती है। कीनिया के अलावा पाकिस्तान चीन, तंजानिया, युगांडा और बुरुंडी जैसे पूर्वी अफ्रीकी देशों से भी चाय इम्पोर्ट करता है।

चलते-चलते एक नजर पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली पर...

  • पाकिस्तानी फाइनेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक, 2013 में पाकिस्तान पर करीब 8.87 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपए का लोन था, जो अप्रैल 2021 तक बढ़कर करीब 18 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपए हो गया।
  • पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमत 200 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच गई है।
  • पाकिस्तानी रुपया भी लगातार कमजोर हो रहा है। 1 डॉलर के मुकाबले 207 के पार पहुंच गया है।
  • पाकिस्तान बिजली संकट से भी जूझ रहा है। एक हफ्ते पहले उसने बाजारों को रात 8.30 बजे तक बंद करने, रात 10 बजे के बाद शादियों पर रोक लगाने और ऑफिस में काम के दिन घटाकर हफ्ते में 6 दिन से 5 दिन करने का फैसला किया था।
  • पाकिस्तान आर्थिक संकट से उबरने के लिए इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड, यानी IMF से 3 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता पाने की कोशिशों में जुटा है।
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