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राहुल की भारत जोड़ो यात्रा, 2024 पर नजर:150 दिनों में 3500 किलोमीटर चलेंगे; भारतीय राजनीति को बदलने वाले 5 चर्चित यात्राओं के किस्से

3 महीने पहलेलेखक: अनुराग आनंद

7 सितंबर 2022 यानी आज कन्याकुमारी से कांग्रेस की 'भारत जोड़ो' यात्रा शुरू हो रही है। 12 राज्यों से होकर गुजरते हुए करीब 3,500 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली इस यात्रा का नेतृत्व राहुल गांधी कर रहे हैं।

यह पहली बार नहीं है जब भारतीय राजनीति में कोई पदयात्रा या रथयात्रा कर रहा हो। हमारी राजनीति में यात्राएं जनसमर्थन हासिल करने का सटीक मंत्र रही हैं।

1930 में महात्मा गांधी की दांडी मार्च ने पदयात्राओं की राजनीतिक शक्ति का दुनिया को अहसास कराया। वहीं,1990 में लालकृष्ण आडवाणी की रथ यात्रा से BJP कांग्रेस के बाद भारत में दूसरी बड़ी राजनीतिक ताकत बन गई। इसकी सांसदों की संख्या 85 से 120 हो गई। ये 2 राजनीतिक घटनाएं तो सिर्फ बानगी हैं।

आज इस स्टोरी में राहुल गांधी के भारत जोड़ो यात्रा के बारे में विस्तार से जानेंगे और साथ ही जनसमर्थन हासिल करने वाली ऐसे ही कुछ दिलचस्प राजनीतिक यात्राओं का किस्सा जानते हैं..

दांडी पहुंचने से पहले अंग्रेजों ने नमक को कीचड़ बना दिया था
गांधी जी के दांडी आने से पहले ही अंग्रेजों ने समुद्र तट पर जमा नमक और रेत को मिलाकर कीचड़ बना दिया। ये देखकर गांधीजी के चेहरे पर जरा भी शिकन नहीं आई। जीभूभाई केशवलजी नाम के एक शख्स ने पहले ही कुछ नमक छिपा कर रखा था। इसी से बापू ने एक चुटकी नमक उठाया और कहा- ‘इसके साथ मैं ब्रिटिश साम्राज्य की नींव को हिला रहा हूं।’

राजीव के गुस्से को मुद्दा बनाकर शुरू किया 'चैतन्य रथम यात्रा'
1982 में एक रोज राजीव गांधी हैदराबाद आए थे। हवाई अड्डे पर उन्हें रिसीव करने CM टी. अंजय्या भी पहुंचे। भीड़ को देखकर राजीव बिफर गए और उन्होंने मुख्यमंत्री को लोगों के सामने ही खरी-खोटी सुनाई। इसे रामा राव ने आंध्र प्रदेश के स्वाभिमान से जोड़ दिया और नई पार्टी बनाकर पूरे राज्य में यात्राएं कीं।

1990 में रथ यात्रा के दौरान आडवाणी को गिरफ्तार करने से DC ने किया इनकार
19 अक्टूबर को रथ यात्रा के बिहार प्रवेश करते ही आडवाणी को गिरफ्तार करने का आदेश CM लालू यादव ने धनबाद के डिप्टी कमीश्नर अफजल अमानुल्लाह को दिया, लेकिन उन्होंने धार्मिक मुद्दा बनने के डर से ऐसा करने से इनकार कर दिया। बाद में 23 अक्टूबर को समस्तीपुर जिले के DM आर. के. सिंह ने उन्हें गिरफ्तार किया, अभी वही आर.के. सिंह BJP सरकार में केंद्रीय मंत्री हैं।

आंध्र प्रदेश पदयात्रा से रेड्डी मजदूरों के दिल में बस गए
यात्रा के दौरान एक रोज राजशेखर रेड्डी को सरकारी काम में लगे मजदूरों ने बताया कि उन्हें काम के बदले सिर्फ भोजन मिल रहा है। वहां 3 किलो चावल के लिए काम करते बच्चों को देख वह भावुक हो गए। उन्होंने ठेकेदार को डांटते हुए बच्चों से काम नहीं कराने और न्यूनतम मजदूरी देने के लिए कहा। इस घटना से रेड्डी वहां के मजदूरों के दिल में बस गए।

प्रजा संकल्प यात्रा से पिता की तरह जगनमोहन की देवदूत की इमेज बनी
जगनमोहन रेड्डी ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी बनाई। तेलुगू देशम पार्टी और कांग्रेस से 10 साल तक राजनीतिक मुकाबला किया, जेल भी गए। 2019 में पिता की पदयात्रा के फॉर्मूले से उन्हें जीत मिली। जनता वाईएसआर रेड्डी को देवदूत मानती थी, इस यात्रा ने जगनमोहन के उसी छवी को एक बार फिर से स्थापित किया।

आपने अब तक भारतीय राजनीति के 5 दिलचस्प यात्रा को पढ़ा। अब कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो’ यात्रा के बारे में जानिए…

ग्राफिक्स: हर्ष सहनी, सहयोग: अरशद मिशाल

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