मनमौजी राकेश झुनझुनवाला की 5 कहानियां:मछली की तरह शराब पीते थे; 46 हजार करोड़ कमाए, लेकिन अधूरी रह गई एक ख्वाहिश

3 महीने पहले

'मैंने एहसास किया है कि मुझे कड़े अनुशासन का पालन करना होगा। मैं डायबिटिक हूं और मछली की तरह शराब पीता हूं। मैं मेरे जुड़वां बच्चों को 25 साल का होता देखना चाहता हूं।'

साल 2010 में फाइनेंशियल एक्सप्रेस से बातचीत में शेयर मार्केट के बिग बुल राकेश झुनझुनवाला ने ये बात कही थी, लेकिन रविवार को मुंबई में झुनझुनवाला का निधन हुआ तो उनके जुड़वां बच्चों की उम्र 12 साल ही हुई है। इस तरह ‘बिग बुल’ की एक ख्वाहिश अधूरी रह गई है।

तो चलिए, भारत के वारेन बफेट कहे जाने वाले राकेश झुनझुनवाला की जिंदगी के दूसरे पहलू को पांच किस्सों के जरिए जानते हैं…

पहला किस्सा जिंदादिली का: व्हीलचेयर पर कजरारे-कजरारे डांस
सोशल मीडिया पर राकेश झुनझुनवाला का एक वीडियो है। इसमें वो व्हील चेयर पर बैठे हुए कजरारे-कजरारे गाने पर डांस कर रहे हैं। झुनझुनवाला डायबिटीज के शिकार थे, जिससे उनके पैर में सूजन रहती थी। वो ठीक से चल भी नहीं सकते थे, लेकिन व्हील चेयर पर उनका डांस बिग बुल की जिंदादिली का सबूत है।

इस वीडियो में झुनझुनवाला के साथ उनकी पत्नी रेखा, करीबी दोस्त उत्पल सेठ, अमित गोएला और परिवार के कई अन्य सदस्य नजर आते हैं।

ये फोटो अक्टूबर 2021 की है। इसमें प्रधानमंत्री मोदी के साथ राकेश झुनझुनवाला की पत्नी रेखा खड़ी हैं।
ये फोटो अक्टूबर 2021 की है। इसमें प्रधानमंत्री मोदी के साथ राकेश झुनझुनवाला की पत्नी रेखा खड़ी हैं।

दूसरा किस्सा बेफिक्री का: वित्तमंत्री के सामने फ्लोटर्स, PM के सामने मुड़ी-तुड़ी शर्ट
राकेश झुनझुनवाला के व्यक्तित्व की एक और खास बात उनकी बेफिक्री है। वो औपचारिकताओं में नहीं फंसते। पिछले साल उनकी दो तस्वीरें खूब चर्चा में रहीं। पहली तस्वीर में वो निर्मला सीतारमण से मिलने चप्पल पहनकर पहुंच गए थे। दूसरी तस्वीर में वो प्रधानमंत्री के साथ बिना प्रेस की शर्ट पहने दिख रहे हैं।

इस बारे में सवाल पूछे जाने पर झुनझुनवाला ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में मुस्कुराते हुए बताया था, 'मैंने 600 रुपए देकर अपनी शर्ट प्रेस कराई थी। इसके बाद भी उसमें सिलवटें पड़ गईं तो मैं क्या करूं। मैं तो शॉर्ट्स पहनकर ऑफिस भी चला जाता हूं।'

इसी इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि PM मोदी से मुलाकात में क्या बात हुई तो झुनझुनवाला ने बेफिक्री से जवाब देते हुए कहा, 'सुहागरात में मेरी बीवी से क्या बात हुई। ये सब कोई बताने वाली बात है क्या?'

तीसरा किस्सा बिगबुल की सादगी का: अगर आज की 10% ही संपत्ति होती, तो भी मैं सेम लाइफ जीता
2021 में राकेश झुनझुनवाला से एक इंटरव्यू में पूछा गया कि पिछले 18 महीने में आपका पोर्टफोलियो रॉकेट की तरह बढ़ा है। आपकी नेटवर्थ 40 हजार करोड़ पहुंच गई है। इसे कैसे देखते हैं? इस पर झुनझुनवाला बेहद सादगी से कहते हैं, 'किसको गिनना है, क्या गिनना है। किसको बैलेंस शीट दिखानी है। हमारी एक पार्टनर है, उसको कोई इंट्रेस्ट नहीं है। मेरे पास आज जितनी संपत्ति है अगर उसका 10-15% भी होता, तब भी यही जिंदगी होती। मैं वही व्हिस्की पीता, उसी कार का इस्तेमाल करता, ऐसे ही घर में रहता। इसीलिए मैं गिनता नहीं हूं। मैं ये काम करता हूं, क्योंकि मुझे यही आता है।' राकेश झुनझुनवाला अपनी कमाई का 25% हिस्सा दान कर देते थे।

ये तस्वीर उस वक्त की है जब राकेश झुनझुनवाला को 2009 में जुड़वां बच्चे पैदा हुए थे।
ये तस्वीर उस वक्त की है जब राकेश झुनझुनवाला को 2009 में जुड़वां बच्चे पैदा हुए थे।

चौथा किस्सा पछतावे का: शराब और सिगार की आदत
साल 2010 में फाइनेंशियल एक्सप्रेस से बातचीत में झुनझुनवाला ने बताया था कि वो डायबिटीज के मरीज हैं। शराब और सिगार की आदतों पर बात करते हुए झुनझुनवाला ने कहा था कि उन्हें एहतियात बरतने की जरूरत है।

झुनझुनवाला ने कहा था- 'मैंने एहसास किया है कि मुझे कड़े अनुशासन का पालन करना होगा। मैं डायबिटिक हूं और मछली की तरह पीता हूं। मैं मेरे जुड़वां बच्चों को 25 साल का होता देखना चाहता हूं।'

इकोनॉमिक टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में झुनझुनवाला ने कहा था कि मुझे जीवन में कोई पछतावा नहीं है। मेरी एक ही तमन्ना रही कि मुझे अपनी पर्सनल आदतें सुधारनी चाहिए थीं और ज्यादा एक्सरसाइज करना चाहिए था।

पांचवा किस्सा रिस्क लेने और निडरता का: बीवी की चूड़ियां तक बेचने को तैयार
राकेश झुनझुनवाला को रिस्क लेने में कभी डर नहीं लगा। शुरुआती दिनों में उन्होंने अपने भाई के क्लाइंट से पैसे उधार लिए और उसे ब्याज सहित लौटाने का वादा किया।

झुनझुनवाला को पहला मुनाफा 1986 में हुआ, जब उन्होंने टाटा टी के 5 हजार शेयर 43 रुपए की दर से खरीदे। स्टॉक मार्केट बढ़ा और तीन महीने में ही शेयर के दाम 143 रुपए पहुंच गए। उन्हें तीन महीने में ही तीन गुना मुनाफा हुआ। तब से उनके रिस्क लेने का सफर जारी रहा।

इकोनॉमिक टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में राकेश झुनझुनवाला ने कहा था- 'मुझे मार्केट और औरत में इंट्रेस्ट है। औरत प्यार से चलती है और मार्केट रिस्क से। रिस्क लेना मेरी आदत है। बाजार जब अच्छे मौके देता है तो मैं अपनी पत्नी की चूड़ियां तक बेच कर निवेश करने के लिए तैयार हूं।'

ये अक्टूबर 2021 की तस्वीर है। इस तस्वीर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सामने बिग बुल राकेश झुनझुनवाला बैठे हैं।
ये अक्टूबर 2021 की तस्वीर है। इस तस्वीर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सामने बिग बुल राकेश झुनझुनवाला बैठे हैं।

5 हजार रुपए से 44 हजार करोड़ से ज्यादा बनाया
राकेश झुनझुनवाला के पिता एक इनकम टैक्स ऑफिसर थे। 1985 में झुनझुनवाला जब कॉलेज में पढ़ रहे थे, तभी से शेयर बाजार में इन्वेस्टमेंट करना शुरू कर दिया था। उस वक्त सेंसेक्स 150 पॉइंट पर था और आज 60 हजार पार कर चुका है।

झुनझुनवाला की सबसे अहम होल्डिंग टाटा की घड़ी और ज्वेलरी कंपनी टाइटन में है। इसके साथ ही स्टार हेल्थ इंश्योरेंस, मेट्रो ब्रैंड्स और कॉनकॉर्ड बायोटेक सहित कई और कंपनियों में भी झुनझुनवाला का स्टेक है। झुनझुनवाला के पास स्पाइसजेट और जेट एयरवेज में भी 1-1% की हिस्सेदारी है।

2003 में राकेश झुनझुनवाला ने अपनी खुद की स्टॉक ट्रेडिंग फर्म RARE इंटरप्राइसेज शुरू की। ये फर्म राकेश और उनकी पत्नी रेखा के नाम पर बनी है। RA यानी राकेश और RE यानी रेखा झुनझुनवाला। रेखा झुनझुनवाला भी एक स्टॉक मार्केट इन्वेस्टर हैं। दोनों ने 1989 में शादी की थी। रेखा का भी अपने पति की तरह ही कई कंपनियों में स्टेक है।