न्यूड फोटोशूट पर रणवीर के खिलाफ 4 धाराओं में केस:जानिए भारत में अश्लीलता से जुड़े कानून और रणवीर सिंह को कितनी सजा होगी?

4 महीने पहले

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह अपने न्यूड फोटोशूट को लेकर विवादों में घिर गए हैं। इस मामले में मुंबई में रणवीर के खिलाफ एक FIR दर्ज हुई है। रणवीर ने ये फोटोशूट हाल ही में 'पेपर मैगजीन' के लिए कराया था। इसकी तस्वीर सोशल मीडिया में शेयर किए जाने के बाद से ही इस मामले पर हंगामा मचा हुआ है।

आज के भास्कर एक्सप्लेनर में जानते हैं क्या भारत में न्यूड फोटो शेयर करना क्राइम है? रणवीर सिंह के खिलाफ किन धाराओं में केस दर्ज हुआ है? देश में अश्लीलता को लेकर क्या कानून है? रणवीर सिंह पर केस दर्ज होने के बाद क्या कार्रवाई हो सकती है?

क्या है रणवीर सिंह के न्यूड फोटोशूट का विवाद
अक्सर अपने कपड़ों के लिए चर्चा में रहने वाले बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह इस बार न्यूड फोटोशूट कराने के बाद विवादों में आ गए हैं। इस तस्वीर में रणवीर सिंह बिना कुछ पहने एक कालीन पर लेटे हुए दिख रहे हैं। वहीं एक और तस्वीर में वह केवल अंडरवियर पहने हुए नजर आ रहे हैं। एक इंटरव्यू में रणवीर ने यह कहा भी था कि 'वह हजार लोगों के सामने न्यूड हो सकते हैं।'

अब बात एक्टर रणवीर सिंह पर हो रही है तो एक ग्राफिक्स के जरिए आप उनके प्रोफाइल के बारे में भी जान ही लीजिए...

रणवीर सिंह के न्यूड फोटोशूट पर क्यों दर्ज हुई FIR ?
रणवीर सिंह के न्यूड फोटोशूट के खिलाफ मुंबई के चेम्बूर में FIR दर्ज कराई गई है। शिकायकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस फोटोशूट से रणवीर ने ‘महिलाओं की भावनाएं आहत’ की हैं। ये FIR मुंबई स्थित श्याम मंगाराम फाउंडेशन नामक NGO के संचालक ने दर्ज कराई है।

शिकायतकर्ता ने रणवीर के खिलाफ IT एक्ट समेत IPC की कई धाराओं के तहत केस दर्ज करने की मांग की थी। इसी शिकायत के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।

साथ ही रणवीर के खिलाफ महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे के तहत भी केस दर्ज करने की मांग की गई थी।

रणवीर सिंह के खिलाफ किन 4 धाराओं में दर्ज हुआ है केस?
रणवीर सिंह के खिलाफ इंडियन पीनल कोड यानी IPC की 4 धाराओं-292, 293, 509 और 67A के तहत केस दर्ज हुआ है।

अब एक-एक कर इन चारों ही धाराओं के बारे में जानते हैं..

IPC 292 : ये कानून अश्लील मटेरियल की बिक्री, प्रदर्शन और सर्कुलेशन पर रोक लगाता है और इसके उल्लंघन पर सजा का प्रावधान है।

इस कानून के मुताबिक कोई किताब, पैम्फ्लेट, पेपर, राइटिंग, ड्रॉइंग, पेंटिंग, रिप्रेजेंटेशन, फिगर, या कोई अन्य चीज अश्लील मानी जाएगी, अगर वह कामुक है या कामुकता बढ़ाती है। साथ ही अगर ऐसी चीजों का प्रभाव ऐसा है, जिसे पढ़कर, सुनकर और देखकर लोग भ्रष्ट हो सकते हैं, तो उन्हें अश्लील मटेरियल माना जाएगा।

इस तरह के मामलों में पहली बार दोषी पाए जाने पर 2 साल कैद और 2000 रुपए के जुर्माने की सजा होती है। दूसरी बार दोषी पाए जाने पर 5 साल कैद और 5000 रुपए तक के जुर्माने की सजा है।

IPC 293: अगर 20 साल से कम उम्र का कोई व्यक्ति अश्लील सामग्री बेचता, दिखाता या बांटता है तो इस कानून के तहत उसके खिलाफ केस दर्ज हो सकता है। पहली बार दोषी पाए जाने पर 3 साल कैद और 2000 रुपए की जुर्माने की सजा है। दूसरी बार दोषी पाए जाने पर 7 साल तक की सजा और 5 हजार रुपए जुर्माना हो सकता है।

IPC 509: अगर कोई व्यक्ति किसी महिला की शील या लज्जा भंग करने वाली कोई चीज दिखाता या ऐसा कुछ बोलता या दिखाता है, जिससे महिला की गरिमा का अपमान हो तो इस कानून के तहत केस दर्ज होता है। इसमें 3 साल तक की कैद हो सकती है। साथ ही जुर्माना भी देना पड़ सकता है।

IT एक्ट 67(A): अगर कोई व्यक्ति इलेक्ट्रॉनिक मीडियम से किसी ऐसे कंटेंट का प्रकाशन करता है, जो कामुक हो और कामुकता को बढ़ावा देने वाला हो तो इस कानून के तहत केस दर्ज होता है। इस मामले में दोषी पाए जाने पर 5 साल की कैद और 10 लाख तक जुर्माना लग सकता है। वहीं, दूसरी बार दोषी पाए जाने पर 7 साल की कैद और 10 लाख रुपए तक के जुर्माने की सजा हो सकती है।

पेपर मैगजीन में रणवीर सिंह की कई तस्वीरें छपी हैं। उनमें से एक तस्वीर यह भी है। बाकी विवादित तस्वीरों का इस्तेमाल हमने यहां नहीं किया है।
पेपर मैगजीन में रणवीर सिंह की कई तस्वीरें छपी हैं। उनमें से एक तस्वीर यह भी है। बाकी विवादित तस्वीरों का इस्तेमाल हमने यहां नहीं किया है।

भारत में अश्लीलता को लेकर कानून पर स्पष्ट नहीं है परिभाषा
भारत में अश्लीलता को लेकर कानून तो है, लेकिन इसे स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं किया है। IPC सेक्शन 292 और IT एक्ट सेक्शन 67 में उन मटेरियल को अश्लील बताया गया है जो कामुक है, या कामुकता पैदा करता है और इसे पढ़ने, देखने और सुनने वाले को बिगाड़ दे। हालांकि कानून में कामुक, कामुकता किसे माना जाए इसको लेकर साफ परिभाषा नहीं है और इसकी व्याख्या करने का अधिकार कोर्ट पर छोड़ दिया गया है।

भारत में 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने अवीक सरकार वर्सेज स्टेट ऑफ बंगाल केस की सुनवाई करते हुए कहा, ''अश्लीलता के सवाल को उस संदर्भ में देखा जाना चाहिए जिसमें तस्वीर दिखाई गई हो और वह मैसेज जो वह देना चाहती हो।''

सुप्रीम कोर्ट ने ये कमेंट जर्मनी के टेनिस खिलाड़ी बोरिस बेकर की अपनी मंगेतर बारबरा फेल्टस के साथ सेमी-न्यूड पोज देने वाली एक तस्वीर से जुड़ा था। उस तस्वीर में बेकर पेशे से हीरोइन जर्मन-अमेरिकन मूल की बारबरा के स्तनों को अपने हाथ से ढंकते हुए नजर आ रहे थे।

विवाद के बाद भारत में एक अखबार और मैगजीन ने बेकर और बारबरा की उन तस्वीरों को फिर से पब्लिश कर दिया था। इसी को लेकर पेपर और मैगजीन के खिलाफ IPC के सेक्शन 292 और इंडिसेंट रिप्रेजेंटेशन ऑफ वीमेन (प्रोहिबिशन) एक्ट, 1986 के सेक्शन 4 के तहत शिकायत दर्ज की गई थी। इस एक्ट के तहत महिलाओं की अश्लील तस्वीरों के प्रकाशन पर रोक है। सुप्रीम कोर्ट ने बेकर और बारबरा की उस तस्वीर को अश्लील नहीं माना था।

अब रणवीर सिंह के मामले में आगे क्या होगा?
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने कहा है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक रणवीर सिंह के खिलाफ तत्काल कोई कार्रवाई की संभावना नहीं है। सूत्रों ने कहा कि पुलिस मामले में अभिनेता का बयान दर्ज करेगी। रणवीर के पास अदालत का दरवाजा खटखटाने और केस खत्म करने की मांग करने का विकल्प भी है।

2 साल पहले न्यूड फोटोशूट मामले में मिलिंद सोमन पर भी दर्ज हुई थी FIR
बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह अकेले सेलिब्रिटी नहीं हैं जिनको न्यूड फोटोशूट की वजह से कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। नवंबर 2020 में मॉडल और एक्टर मिलिंद सोमन के खिलाफ भी गोवा पुलिस ने अश्लीलता फैलाने के मामले में केस दर्ज किया था। उनके खिलाफ यह कार्रवाई गोवा में बीच के किनारे न्यूड फोटोशूट कराने के आरोप में की गई थी।

इसके अलावा, पूनम पांडे, आमिर खान, सोफिया हयात समेत कई सेलिब्रिटी पर न्यूड फोटोशूट के मामले में केस दर्ज किया गया है। ग्राफिक्स में इन मामलों के बारे में पढ़िए..

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सहयोग: अर्पित शुक्ला