भास्कर एक्सप्लेनर:आज से आपको मिलेगा सबसे सेफ इन्वेस्टमेंट का ऑप्शन; जानिए क्या है RBI की रिटेल डायरेक्ट स्कीम

2 महीने पहले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 'RBI रिटेल डायरेक्ट स्कीम' लॉन्च की है। इस स्कीम के जरिए अब रिटेल इन्वेस्टर्स भी गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में निवेश कर पाएंगे। ये अब तक केवल चुनिंदा निवेशकों, जैसे बैंक और संस्थागत निवेशकों के लिए ही खुले थे। सरकार का मानना है कि इससे गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में रिटेल पार्टिसिपेशन बढ़ेगा।

फाइनेंशियल मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा से समझते हैं, ये पूरी स्कीम क्या है? इससे आपको क्या फायदा होगा? आप कैसे गवर्नमेंट सिक्योरिटी में निवेश कर पाएंगे? निवेश करने के लिए किन डॉक्यूमेंट की जरूरत होगी? और आपके लिए ये निवेश कितना सेफ होगा?...

सबसे पहले स्कीम समझ लीजिए

दरअसल अभी कोई भी रिटेल इन्वेस्टर गवर्नमेंट सिक्योरिटी और बॉन्ड्स में सीधे निवेश नहीं कर सकता। केवल बैंक और संस्थागत निवेशक ही निवेश कर सकते हैं। इस स्कीम के जरिए अब आम निवेशक भी गवर्नमेंट सिक्योरिटी और बॉन्ड्स में निवेश कर सकेंगे। यानी आपको निवेश के लिए नया मार्केट मिलेगा।

आप निवेश कैसे कर पाएंगे?

सबसे पहले आपको गवर्नमेंट सिक्योरिटीज अकाउंट (गिल्ट अकाउंट) ओपन करना होगा। जिस तरह से आपको शेयर मार्केट में ट्रेड करने के लिए डीमैट अकाउंट ओपन करना होता है, उसी तरह गवर्नमेंट सिक्योरिटी में ट्रेड करने के लिए गिल्ट अकाउंट ओपन करना होगा। इस अकाउंट को RBI मैनेज करेगा और इसको आप ऑनलाइन ही ऑपरेट कर पाएंगे। आसान भाषा में समझें तो ये आपके बैंक अकाउंट जैसा ही होगा।

आप गिल्ट अकाउंट अपना खुद का या जॉइंट भी ओपन कर सकते हैं। फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) 1999 के तहत विदेशी निवेशक भी निवेश कर सकेंगे।

अकाउंट ओपन करने के लिए किन डॉक्युमेंट्स की जरूरत होगी?

  • किसी भी बैंक में सेविंग अकाउंट
  • PAN नंबर
  • KYC के लिए ऑफिशियली वैलिड डॉक्युमेंट्स (OVD)। इसमें आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड, NREGA जॉब कार्ड और नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर द्वारा जारी लेटर शामिल हैं।
  • ई-मेल ID।
  • मोबाइल नंबर।

आप कहां-कहां निवेश कर सकेंगे?

  • भारत सरकार की सिक्योरिटीज में, यानी एक साल से ज्यादा समय के गवर्नमेंट पेपर बिल।
  • भारत सरकार के ट्रेजरी बिल्स में। एक साल से कम समय की गवर्नमेंट सिक्योरिटी को ट्रेजरी बिल्स कहते हैं।
  • सोवरिन गोल्ड बॉन्ड्स (SBG) में। ये सोने की कीमत पर जारी किए जाते हैं, लेकिन आपको फिजिकली सोना नहीं मिलता। इन्हें RBI हर महीने जारी करता है।
  • स्टेट डेवलपमेंट लोन्स (SDL) में। इन्हें राज्य सरकार राज्य में विकास कार्यों के लिए जारी करती है। जैसे - राज्य में सड़क निर्माण के लिए।

अकाउंट ओपन करने की प्रॉसेस भी समझ लीजिए

सबसे पहले आपको RBI पोर्टल पर ऑनलाइन एक फॉर्म फिल करना होगा। सभी डॉक्युमेंट्स के हिसाब से फॉर्म फिल करने के बाद आपको ई-मेल ID और मोबाइल से वैरिफिकेशन करना होगा।

फॉर्म वैरिफिकेशन के बाद आपके अकाउंट की जानकारी आपके मोबाइल और ई-मेल पर शेयर की जाएगी। इससे आप अकाउंट में लॉगिन कर पाएंगे।

इस अकाउंट का इस्तेमाल आप कहां-कहां कर पाएंगे?

इस अकाउंट के जरिए इन्वेस्टर्स के पास प्राइमरी ऑक्शन में बोली लगाने का एक्सेस होगा। इसके साथ ही गवर्नमेंट सिक्योरिटीज के लिए सेंट्रल बैंक के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का एक्सेस भी इन्वेस्टर्स को मिलेगा। सेंट्रल बैंक के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म को निगोशिएटेड डीलिंग सिस्टम ऑर्डर मैचिंग (NDS-OM) कहते हैं। इसके जरिए सेकेंडरी मार्केट में ट्रेडिंग की जाती है।

क्या अकाउंट खोलने के लिए आपको पैसे देने होंगे?

नहीं। अकाउंट खोलना और ऑपरेट करना पूरी तरह फ्री रहेगा। इसके लिए RBI आपसे किसी तरह की कोई फीस नहीं लेगा। साथ ही प्राइमरी ऑक्शन में बोली लगाने के लिए भी आपसे कोई फीस नहीं ली जाएगी। हालांकि, जिस पेमेंट गेट-वे से आप पेमेंट करेंगे उसका सर्विस चार्ज आपको देना होगा।

क्या इस स्कीम में आपका निवेश सुरक्षित होगा?

जी हां, क्योंकि ये एक सरकारी पेपर होता है और सरकार इसकी गारंटी लेती है इसलिए ये 100 फीसदी सुरक्षित निवेश होता है। अगर आप किसी कंपनी के शेयर में निवेश करेंगे, तो हो सकता है कंपनी डूब जाए, लेकिन गवर्नमेंट सिक्योरिटी के पीछे सरकार खड़ी है इसलिए ये कभी डूब नहीं सकता। भारत में अभी तक ऐसा नहीं हुआ है।

आप कितना निवेश कर पाएंगे और कितना रिटर्न मिल सकता है?

आप कितना निवेश कर पाएंगे, इसे लेकर अभी कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। माना जा रहा है कि ये लिमिट भी कम ही होगी, क्योंकि सरकार छोटे निवेशकों को प्रेरित करना चाहती है।

साथ ही आपको कितना रिटर्न मिलेगा ये भी अलग-अलग तरह के निवेश पर निर्भर करता है। RBI अलग-अलग ड्यूरेशन के लिए पेपर जारी करती है। हर पेपर पर अलग-अलग रेट होता है। उदाहरण के लिए 10 साल के पेपर पर 6.35% की दर से सालाना रिटर्न मिलेगा।

गवर्नमेंट सिक्योरिटी क्या होती है?

भारत सरकार और राज्यों की सरकार ऐसा पेपर जारी करती है, जिस पर वो मार्केट से कर्ज लेती है। इसे गवर्नमेंट सिक्योरिटी कहा जाता है। ये एक सरकारी कागज होता है और इसकी गांरटी सरकार लेती है।

इसी साल फरवरी में लॉन्च की गई थी स्कीम

RBI रिटेल डायरेक्‍ट स्कीम की घोषणा इस साल 5 फरवरी को की गई थी। इस स्कीम की घोषणा करते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने इसे महत्‍वपूर्ण नीतिगत सुधार बताया था।

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