महाराष्ट्र के पॉलिटिकल गेम का असली मास्टरमाइंड:शिंदे की वो ‘महाशक्ति’, जिसके दम पर उन्होंने उद्धव सरकार को हिला दिया

5 महीने पहलेलेखक: अभिषेक पाण्डेय / अनुराग आनंद

21 जून अल सुबह का वक्त। एक खबर फ्लैश हुई कि महाराष्ट्र के CM उद्धव ठाकरे के करीबी मंत्री एकनाथ शिंदे 30 से ज्यादा शिवसेना विधायकों के साथ सूरत के एक होटल में हैं। पलक झपकते ही यह खबर आग की तरह फैल गई। कई लोग इसे ऑपरेशन लोटस का नाम देने लगे। थोड़ी देर बाद ही महाराष्ट्र BJP अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल का बयान आया कि इसमें BJP की कोई भूमिका नहीं है।

भले ही BJP शिवसेना के संकट के पीछे अपना हाथ होने से लगातार इनकार करती आई है, लेकिन शिवसेना के विधायकों की बगावत शुरू होने से अब तक ऐसे कई घटनाक्रम रहे हैं, जो इसके पीछे BJP की सियासी चालबाजी होने की ओर इशारा कर रहे हैं।

एक्सप्लेनर में आगे बढ़ने से पहले एक पोल में हिस्सा लेते हैं:

1. पहले MLC चुनाव में क्रॉस वोटिंग और फिर बागी विधायकों का मुंबई से सूरत जाना
इस संकट की शुरुआत 20 जून को महाराष्ट्र MLC चुनावों के कुछ घंटे बाद हुई, जिसमें शिवसेना के कुछ विधायकों पर BJP के पक्ष में क्रॉस वोटिंग का आरोप लगा। इस क्रॉस वोटिंग से MLC चुनावों में 10 में से जिन 5 सीटों पर BJP ने उम्मीदवार उतारे थे, सभी को जीत भी मिली।

BJP को MLC चुनावों में 134 वोट मिले, जबकि महाराष्ट्र विधानसभा में BJP के 106 सदस्य ही हैं। यानी, उसने सत्तापक्ष शिवसेना के विधायकों को बड़ी संख्या में तोड़ लिया था।

MLC चुनाव नतीजे आने के कुछ घंटे बाद ही शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे पार्टी के संपर्क से बाहर हो गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक शिंदे और शिवसेना के कम से करीब 38 अन्य विधायक 20 जून देर रात ही गुजरात के सूरत पहुंच गए थे। हालांकि, उनका ये विद्रोह 21 जून की सुबह सार्वजनिक हुआ।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिवसेना के सभी बागी विधायक सूरत के जिस लग्जरी होटल में ठहरे थे, उसकी सुरक्षा का जिम्मा गुजरात पुलिस के हाथों में था। वहां करीब 400 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी थी।

ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि शिंदे और शिवसेना के बागी विधायक मुंबई से 280 किलोमीटर दूर गुजरात के सूरत ही क्यों पहुंचे, जहां BJP की सरकार है?

सूरत से गुवाहाटी पहुंचने के बाद वहां के एक होटल में शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे अन्य बागी विधायकों के साथ चर्चा करते हुए।
सूरत से गुवाहाटी पहुंचने के बाद वहां के एक होटल में शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे अन्य बागी विधायकों के साथ चर्चा करते हुए।

2. शिंदे और शिवसेना के बागी विधायकों का सूरत से गुवाहाटी पहुंचना
एकनाथ शिंदे समेत बड़ी संख्या में शिवसेना के विधायकों की बगावत ने महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल ला दिया। डैमैज कंट्रोल में जुटे उद्धव ठाकरे ने आनन-फानन में शिंदे कैंप से जुड़े विधायकों से संपर्क साधने की कोशिशें शुरू कर दीं। इस काम में उन्होंने पार्टी के सबसे भरोसेमंद माने जाने वाले संजय राउत को लगाया। राउत ने शिंदे से संपर्क होने और उनसे बातचीत का दावा किया।

बागी विधायकों को मुंबई लाने की उद्धव की कोशिशें कामयाब होने से पहले ही एकनाथ शिंदे के गुट ने फिर से अपना ठिकाना बदला और 22 जून की सुबह ही सूरत से असम के गुवाहाटी पहुंच गए, असम में भी BJP की ही सरकार है।

गुवाहाटी पहुंचने पर शिंदे और अन्य बागी विधायकों को असम पुलिस की भारी सुरक्षा के साथ फाइव स्टार होटल में रुकवाया गया।
गुवाहाटी पहुंचने पर शिंदे और अन्य बागी विधायकों को असम पुलिस की भारी सुरक्षा के साथ फाइव स्टार होटल में रुकवाया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक,असम के गोपीनाथ बोरदोलई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शिंदे और अन्य बागी विधायकों के लैंड होने के बाद उन्हें असम स्टेट ट्रांसपोर्ट की तीन लग्जरी बसों में राज्य पुलिस की सुरक्षा के बीच फाइव स्टार होटल ले जाया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिंदे और शिवसेना के अन्य बागी विधायक जिस फाइव स्टार होटल में ठहरे हैं, उसके 70 कमरों को 10 दिनों के लिए 1.12 करोड़ रुपए में बुक किया गया है।

महाराष्ट्र के बागी विधायकों को असम में शरण देने के सवाल पर वहां के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा का तंज भरा बयान भी चर्चा में है। हेमंत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘’मैं देश भर के विधायकों को असम घूमने आने का न्योता देता हूं।’’ उन्होंने उद्धव ठाकरे पर भी तंज कसते हुए कहा, 'उन्हें भी छुट्टियां मनाने के लिए (असम) आना चाहिए।''

हेमंत ने कहा- हमारा काम बाहर से जो भी आता है उसे सिक्योरिटी और आरामदायक स्टे उपलब्ध कराना है। कल को अगर कांग्रेस के लोग भी आते हैं, तो हम उनका वैसा ही स्वागत करेंगे।

BJP मंत्री की शिवसेना बागियों से मुलाकात भी चर्चा में
इस बीच असम के मंत्री अशोक सिंघल ने 25 जून को असम के रेडिशन ब्लू होटल में जाकर एकनाथ शिंदे समेत शिवसेना के बागी विधायकों से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में मची उथल-पुथल में BJP की भूमिका पर फिर से सवाल उठने लगे।

3. शिंदे का ‘एक महाशक्ति हमारे साथ है’ वाला बयान
शिवसेना के बागियों की अगुआई कर रहे एकनाथ शिंदे गुवाहाटी पहुंचने के बाद लगातार आक्रामक मोड में नजर आए। बागी विधायकों के साथ बैठक के दौरान शिंदे का एक बयान खूब चर्चा में रहा। 24 जून को शिंदे ने बागी विधायकों से कहा कि उनके साथ एक महाशक्ति है, जो जरूरत पड़ने पर हमारा साथ देगी।

शिंदे ने बिना किसी पार्टी का नाम लिए कहा, ''वो एक राष्ट्रीय पार्टी है...एक महाशक्ति, जिसने पाकिस्तान को हरा दिया, उन्होंने मुझसे कहा है कि मैंने जो भी फैसला लिया है वो ऐतिहासिक है, और जब भी हमें जरूरत होगी वे मौजूद होंगे।''

माना जा रहा है कि शिंदे का इशारा ‌BJP की ओर था, जिसने समय आने पर शिंदे गुट के विधायकों का साथ देने का वादा किया है।

4. आधी रात शिंदे से अमित शाह और फडणवीस की मुलाकात की खबरें
महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट के बीच गुजरात का वडोदरा शहर 25 जून, यानी शनिवार की सुबह हलचल का केंद्र बन गया। इसकी वजह शुक्रवार देर रात 4 चार्टर फ्लाइट का वडोदरा एयरपोर्ट पर लैंड करना था।

अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमित शाह शुक्रवार को वडोदरा में थे। खबर है कि देर रात एकनाथ शिंदे समेत कुछ बागी विधायक यहां पहुंचे थे। वहीं, मुंबई से इंदौर होते हुए BJP नेता देवेंद्र फडणवीस भी वडोदरा पहुंचे थे। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, इन सभी ने सर्किट हाउस में मुलाकात की, जो 50 से 60 मिनट तक चली थी।

आमतौर पर रात में बंद रहने वाला वडोदरा एयरपोर्ट शुक्रवार और शनिवार पूरी रात खुला रहा। इस एयरपोर्ट से रात 11.40, 12:30, 3:00 और तड़के 4:30 बजे उड़ान भरने का दावा किया जा रहा है।

वडोदरा में देवेंद्र फडणवीस, अमित शाह और एकनाथ शिंदे (दाएं) की मुलाकात की रिपोर्ट्स ने महाराष्ट्र के सियासी महकमे में हलचल मचा रखी है
वडोदरा में देवेंद्र फडणवीस, अमित शाह और एकनाथ शिंदे (दाएं) की मुलाकात की रिपोर्ट्स ने महाराष्ट्र के सियासी महकमे में हलचल मचा रखी है

सूत्रों के मुताबिक, फडणवीस शुक्रवार रात 11.30 बजे मुंबई से इंदौर और यहां से वडोदरा, फिर सुबह 4.40 बजे इंदौर आकर मुंबई रवाना हुए थे। इसके बाद सभी बागी विधायक चार्टर प्लेन से वापस असम लौट गए थे। हालांकि, एयरपोर्ट ऑथरिटी और सर्किट हाउस स्टाफ ने इस तरह की कोई जानकारी नहीं होने की बात कही है।

5. शिवसेना के 15 बागी विधायकों को केंद्र ने दी Y+ सिक्योरिटी
महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे के साथ गए शिवसेना के 15 बागी विधायकों को केंद्र सरकार ने Y प्लस सुरक्षा दी है। अब इन्हें CRPF की सिक्योरिटी मुहैया कराई गई है। इन विधायकों के घरों पर भी CRPF की तैनाती कर दी गई है। विधायकों के घरों और दफ्तरों पर शिवसैनिकों के हमलों के बाद यह फैसला लिया गया है।

इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने इन विधायकों की सुरक्षा वापस ले ली थी। इस फैसले के बाद शिंदे ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर उनके साथ गुवाहाटी में डेरा डाले 38 शिवसेना विधायकों के परिजनों की सुरक्षा वापस लिए जाने को बदले की कार्रवाई बताया था।

शनिवार 25 जून को एकनाथ शिंदे गुट ने केंद्रीय गृह सचिव और राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर अपने और परिवार के लिए सुरक्षा की मांग की थी।

आखिर में एक नजर महाराष्ट्र विधानसभा के गणित पर डाल लीजिए: