भास्कर एक्सप्लेनर:ट्विटर ने भारत के कानून मंत्री के खिलाफ अमेरिकी कानून को हथियार बनाया; रविशंकर प्रसाद के अकाउंट के लॉक और अनलॉक होने की पूरी कहानी

एक वर्ष पहलेलेखक: रवींद्र भजनी
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सरकार और ट्विटर का विवाद नए स्तर पर पहुंच गया है। ट्विटर ने शुक्रवार सुबह IT मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद का अकाउंट एक घंटे के लिए ब्लॉक कर दिया। वजह बताई- प्रसाद ने अमेरिकी कॉपीराइट कानून का उल्लंघन किया है। बाद में चेतावनी के साथ अकाउंट को दोबारा अनलॉक कर दिया।

अकाउंट के लॉक-अनलॉक होने की जानकारी खुद प्रसाद ने ट्विटर समेत सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दी। प्रसाद ने लिखा- 'यह साफ है कि ट्विटर की मनमानी पर मेरे बयानों खासतौर पर टीवी चैनलों पर मेरे इंटरव्यूज की क्लिप्स शेयर करने से ट्विटर तिलमिला गया है।'

पर सवाल उठता है कि क्या ट्विटर मनमाने ढंग से एकतरफा कार्रवाई कर सकता है? प्रसाद ने आरोप लगाया कि अब यह भी साफ है कि ट्विटर इंटरमीडियरी गाइडलाइंस का पालन करने से इनकार क्यों कर रहा है, क्योंकि अगर ट्विटर इसका पालन करता है, तो वह किसी के भी अकाउंट तक एक्सेस से मनमाने तरीके से इनकार नहीं कर पाएगा और यह उनके एजेंडे के मुताबिक नहीं है।

आइए समझते हैं कि पूरा मसला क्या है...

किस पोस्ट पर ट्विटर ने कार्रवाई की?

  • नए IT नियमों को लेकर पिछले कुछ समय से ट्विटर और भारत सरकार में विवाद है। इस पर रविशंकर प्रसाद ने 23 और 24 जून को न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू की क्लिप्स पोस्ट की थी। इसमें प्रसाद कह रहे हैं कि मुद्दा भारत सरकार और ट्विटर के बीच नहीं है। मुद्दा भाजपा और ट्विटर के बीच भी नहीं है। मुद्दा तो ट्विटर और उसके यूजर्स का है, जिन्हें सोशल मीडिया का दुरुपयोग रोकने के लिए फोरम की जरूरत है।

ट्विटर ने इस पर क्या कहा?

  • माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ने प्रसाद को भेजे मैसेज में कहा है कि उनका अकाउंट लॉक हो गया है क्योंकि अमेरिका के डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट एक्ट (DMCA) के तहत किसी यूजर ने उनकी पोस्ट पर नोटिस दिया है। इस कानून के तहत कॉपीराइट ऑनर ट्विटर को सूचना दे सकते हैं कि यूजर ने कॉपीराइट कानून का उल्लंघन किया है। वैध नोटिस मिलने पर ट्विटर उस पोस्ट को हटा सकता है। अगर कोई यूजर बार-बार ऐसा करता है तो उसका अकाउंट सस्पेंड कर दिया जाएगा। अकाउंट को अनलॉक करने के लिए ट्विटर की कॉपीराइट पॉलिसी का रिव्यू करें।

अकाउंट खोलते समय प्रसाद को क्या चेतावनी दी गई?

  • ट्विटर ने कहा कि अगर और भी नोटिस मिलते हैं तो फिर अकाउंट लॉक किया जा सकता है। इससे बचने के लिए कॉपीराइट पॉलिसी का उल्लंघन करने वाले कंटेंट को पोस्ट न करें। अगर ऐसा कोई कंटेंट पोस्ट किया है जिसे पोस्ट करने के लिए आप अधिकृत नहीं है तो उसे हटा लीजिए।

क्या ट्विटर की यह कार्रवाई नए आईटी नियमों के तहत सही है?

  • नहीं। प्रसाद के मुताबिक, ट्विटर की कार्रवाई इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल 2021 के नियम 4(8) का उल्लंघन है। उन्होंने मुझे अपने अकाउंट तक एक्सेस से रोकने के पहले कोई सूचना नहीं दी।' साफ है कि नए नियमों का पालन नहीं हुआ।

किस कानून के तहत ट्विटर ने यह कार्रवाई की?

  • अमेरिका के डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट एक्ट (DMCA) के तहत। अक्टूबर 1998 में यह लागू हुआ था। इस कानून को बनाने का मकसद कंटेंट चोरी से रोकना है। चोरी होने पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई में मदद करना है। इसके तहत सभी तरह के डिजिटल प्रोडक्ट जैसे ऑडियो, वीडियो, टेक्स्ट, कंटेंट आते हैं।
  • अमेरिका में ब्लॉगर, कंटेंट क्रिएटर अपने कंटेंट को इस कानून के सहारे प्रोटेक्ट करते हैं। कोई भी व्यक्ति यदि बिना परमिशन के किसी का कंटेंट कॉपी करता है तो DMCA के तहत सोशल मीडिया कंपनी को नोटिस भेजा जा सकता है।

प्रसाद ने ऐसा क्या किया था जो कॉपीराइट कानून का उल्लंघन हो गया?

  • दरअसल, टीवी के वीडियो क्लिप्स या किसी अन्य सामग्री की ऑनरशिप उस मीडिया चैनल की होती है। उसकी अनुमति के बिना पोस्ट नहीं किया जा सकता। पर भारत में इसे इतना गंभीरता से नहीं लिया जाता। अक्सर नेता और यूजर वीडियो क्लिप्स शेयर करते हैं। इसे लेकर टीवी चैनल भी कोई शिकायत नहीं करते।
  • इस मामले में भी न्यूज 24, रिपब्लिक समेत कुछ न्यूज चैनल्स की वीडियो क्लिप पोस्ट की गई थी। न तो किसी रिपोर्टर ने और न ही किसी मीडिया संस्थान ने आगे आकर कॉपीराइट उल्लंघन की रिपोर्ट करने की बात कबूली है। यूजर की गोपनीयता के बहाने ट्विटर भी इस मामले में चुप है।
  • प्रसाद ने अपने ही एक ट्वीट में लिखा कि- 'पिछले कई साल में किसी भी टीवी चैनल या किसी एंकर ने सोशल मीडिया पर शेयर किए गए मेरे इंटरव्यू के क्लिप के बारे में कॉपीराइट उल्लंघन के बारे में कोई शिकायत नहीं की है।'

सरकार और ट्विटर में टकराव की वजह क्या है?

  • नए आईटी नियम। इस मामले में पिछले हफ्ते IT मिनिस्ट्री से जुड़ी संसदीय समिति के सामने ट्विटर के प्रतिनिधियों की पेशी हुई थी। समिति ने कंपनी के अधिकारियों से पूछा कि क्या आप देश के कानून का पालन करते हैं?
  • इस पर ट्विटर के प्रतिनिधियों ने कहा- हम अपनी पॉलिसी को फॉलो करते हैं, जो देश के कानून के अनुसार है। इस दलील पर समिति ने आपत्ति जताते हुए कंपनी से तल्ख लहजे में कहा कि हमारे यहां देश का कानून सबसे बड़ा है, आपकी पॉलिसी नहीं।

इस मामले में कानूनी पक्ष क्या कहता है?

सुप्रीम कोर्ट के वकील और साइबर कानून विशेषज्ञ विराग गुप्ता के अनुसार-

  • बात सिर्फ ट्विटर की नहीं है। सभी बड़ी सोशल मीडिया कंपनियां अमेरिका में रजिस्टर्ड हैं। अमेरिकी कानून से ही भारत में संचालित होती है। उसके तहत इन कंपनियों ने प्राइवेसी और टर्म्स ऑफ़ यूज पालिसी बनायी है। अमेरिका में 13 साल से कम उम्र के बच्चों का सोशल मीडिया अकाउंट नहीं खुल सकता, तो हमारे यहां भी उसी नियम से अकाउंट खुल रहे हैं।
  • अगर इन कंपनियों को भारतीय कानून से संचालित करना है तो विदेशी कंपनियों को कंपनीज एक्ट के तहत भारत में रजिस्टर्ड करने को कहना होगा। जब भारत का कानून बनेगा तभी भारत की अदालतों का इन कंपनियों पर क्षेत्राधिकार भी आएगा। उसके लिए जरूरी प्रावधान बनाने की बजाय छोटी-छोटी बातों पर चर्चा हो रही है।
  • हमारे यहां जिन आईटी नियमों की बात हो रही है, वह तो मौखिक निर्देश या गाइडलाइन की तरह है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के रेगुलेशन के लिए डेटा सिक्योरिटी कानून और सख्त कानूनी व्यवस्था भारत में अभी तक नहीं बनाई गई है। भारत में सोशल मीडिया का कारोबार अवैध खनन की तरह है। कंपनियां अपनी मनमानी कर रही हैं।
  • कानून के उल्लंघन पर विदेशों में इन कंपनियों पर जिस तरह का जुर्माना लगाया जाता है, वैसा हमारे यहां क्यों नहीं होता? भारत सोशल मीडिया का सबसे बड़ा बाज़ार है और इन कंपनियों की मनमानी को रोकने के लिए सख्त कानूनी व्यवस्था बनाने का समय आ गया है।
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