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महिला समानता दिवस आज:किस सेक्टर में महिलाओं की कितनी है भागीदारी? पुरुषों के मुकाबले कितनी सैलरी पाती हैं कंपनियों की सीईओ?

नई दिल्ली6 महीने पहले
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  • सैन्य अधिकारियों में महिलाओं की सबसे ज्यादा 13.3% हिस्सेदारी एयरफोर्स में
  • पैरा मिलिट्री फोर्सेस में महिलाओं की सबसे ज्यादा 6% हिस्सेदारी सीआईएसएफ में
  • देश की कुल महिला आबादी मेंं सिर्फ 22% वर्किग क्लास महिलाएं, पुरुषों की 71.2% आबादी वर्किंग क्लास

समानता, वो शब्द जिसकी बातें होती हैं। हमारे आपके घर में, समाज में और देश की संसद में भी। लेकिन, क्या हमारे देश की महिलाओं की किसी सेक्टर में पुरुषों के बराबर भागीदारी है? क्या उन्हें पुरुषों जैसा काम करने पर उनके बराबर सैलरी मिलती है? देश के सबसे प्रतिष्ठित एग्जाम यूपीएससी में क्या पुरुषों के बराबर महिलाएं सिलेक्ट होती हैं? इन सभी सवालों का जवाब है, नहीं।

देश की सेना, सिविल सर्विस, प्राइवेट सेक्टर में महिलाएं कहां हैं? सेक्टर में जेंडर गैप कितना है? जेंडर गैप इंडेक्स में हम दुुनिया के मुकाबले कहां हैं? भारत में महिला सीईओ को पुरुष सीईओ की तुलना में कितनी सैलरी मिलती है? इस रिपोर्ट में हम इन सभी सवालों का जवाब देंगे...

बात सबसे पहले देश की सेना की कर लेते हैं। देश की तीनों सेेनाओं में कुल करीब 14 लाख जवान हैं। इनमें सिर्फ 0.7% महिलाएं हैं। आर्मी में इनकी हिस्सेदारी आधा फीसदी तक सिमट गई है। महिलाओं की सबसे ज्यादा 1.3% हिस्सेदारी एयरफोर्स में है।

अगर सैन्य अधिकारियों की बात करें तो आर्मी अफसरों में करीब 4% महिलाएं हैं। नेवी केे अफसरो में करीब 7% महिलाएं हैं। वहीं, एयरफोर्स अफसरो में महिला अधिकारियों की हिस्सेदारी 13% से ज्यादा है। यानी, सेनाओं में सैनिकों की कुल संख्या के तुलना में सैन्य अधिकारियों में महिलाओं की हिस्सेदारी ज्यादा है। हालांकि, तीनों ही सेनाओं में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की बराबरी अभी भी बहुत दूर की कौड़ी दिखती है।

सेना ही नहीं पैरामिलिट्री फोर्सेस में भी महिलाएं ना के बराबर

पैरामिलिट्री फोर्सेस में महिलाओं की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी सीआईएसएफ में है। लेकिन, ये भी सिर्फ 6% है। सीआरपीएफ, बीएसएफ, एसएसबी और आटीबीपी में भी महिलाओं की कुल हिस्सेदारी तीन फीसदी से कम है।

इस बार सिविल सर्विसेस में सिलेक्ट हुए कैंडिडेट्स में 23.7% महिलाएं

हाल ही में 2019 की सिविल सर्विसेस के नतीजे आए। कुल 829 कैंडिडेट सिलेक्ट हुए। इनमें से 197 यानी, 23.7% महिलाएं हैं। पिछले पांच साल का ट्रेंड देखें तो 2015 में सिलेक्ट हुए कैंडिडेट्स में सबसे कम 19.7% महिलाएं थीं। वहीं, 2017 में सबसे ज्यादा 24.1% महिलाएं थीं। यानी, किसी भी साल कुल सिलेक्ट कैंडिडेट में महिलाओं की हिस्सेदारी 25% नहीं रही है।

पुरुष सीईओ के मुकाबले महिलाओं को सैलरी 44% कम, पिछले साल के मुकाबले अंतर दोगुना हुआ

कॉर्पोरेट सेक्टर में भी महिलाओं की हिस्सेदारी कम है। यहां तक की कंपनी के सबसे अहम पदों पर जो महिलाएं हैं, उनकी सैलरी पुरुषों के मुकाबले कम है। एनएससी के मुताबिक देश की प्रमुख कंपनियों के पुरुष सीईओ औसतन 2 करोड़ 41 लाख सैलरी पाते हैं। वहीं, उनके मुकाबले महिला सीईओ की सैलरी एक करोड़ 68 लाख रुपए है। अगर देश के सबसे अमीर 100 लोगों की बात करें तो उनमें सिर्फ 5 महिलाएं हैं। जिंदल स्टील की सावित्री जिंदल देश की सबसे अमीर महिला हैं। किरण मजूमदार शॉ दूसरे नंबर पर हैं।

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