भास्कर एक्सप्लेनर:जाकिर नाइक पर बैन बढ़ा, लेकिन गूगल पर 40 लाख से ज्यादा वेबपेज मौजूद, सबसे ज्यादा सर्च कर रहे कश्मीरी

12 दिन पहले

जाकिर नाइक के NGO पर सरकार ने 5 साल के लिए बैन बढ़ा दिया है। 2016 में सरकार ने नाइक के NGO इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (IRF) पर बैन लगाया था। 5 साल के लिए लगाया गए इस बैन के खत्म होने से पहले ही सरकार ने इसे दोबारा बढ़ा दिया है।

जाकिर नाइक पर आरोप है कि उनके भाषण देश के धार्मिक सौहार्द्र को बिगाड़ सकते हैं और इससे देश की सुरक्षा पर भी खतरा है। हालांकि, भड़काऊ भाषण की वजह से कई देशों में बैन किए जाने के बावजूद जाकिर नाइक के कई वीडियो अभी भी इंटरनेट पर मौजूद हैं। साथ ही गूगल ट्रेंड सर्च के नतीजे बता रहे हैं कि यूट्यूब पर जाकिर नाइक को सर्च करने में जम्मू-कश्मीर के लोग सबसे आगे हैं।

समझते हैं, जाकिर नायक अभी क्यों चर्चा में है? जाकिर नाइक को लेकर भारत में गूगल सर्च का ट्रेंड क्या बता रहा है? सरकार ने 2016 में जाकिर नाइक के NGO पर बैन क्यों लगाया था? फिलहाल बैन दोबारा क्यों बढ़ाया गया? और फिलहाल जाकिर नाइक कहां है?...

सबसे पहले जानिए जाकिर नाइक अभी क्यों चर्चा में है?

गृह मंत्रालय ने 17 नवंबर को जाकिर नाइक के NGO इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर 5 साल के लिए बैन बढ़ा दिया है। 2016 में सरकार ने जाकिर नाइक के NGO पर 5 साल के लिए बैन लगाया था, जो 17 नवंबर को खत्म होने वाला था। बैन खत्म होने वाले दिन ही सरकार ने बैन की अवधि 5 साल बढ़ा दी है। यानी अब 2026 तक इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर बैन लगा रहेगा।

अब समझते हैं, गूगल पर जाकिर नाइक को किस तरह सर्च किया जा रहा है?

यूट्यूब पर जाकिर नाइक को सबसे ज्यादा सर्च कर रहे जम्मू-कश्मीर के लोग

यूट्यूब सर्च का पिछले एक साल का डेटा बता रहा है कि जाकिर नाइक को सबसे ज्यादा जम्मू-कश्मीर में सर्च किया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में जाकिर नाइक की सर्च सभी भारतीय राज्यों से ज्यादा है। जम्मू-कश्मीर के बाद मेघालय, असम, पश्चिम बंगाल और मणिपुर में यूट्यूब पर जाकिर नाइक को सबसे ज्यादा सर्च किया जा रहा है। पंजाब, राजस्थान, ओडिशा, मध्यप्रदेश और हिमाचल प्रदेश में जाकिर नाइक सबसे कम सर्च किया गया है।

बैन लगने से पहले और बाद में सर्च का ट्रेंड क्या था?

2016 में जब जाकिर नाइक पर बैन लगा, तब केवल बैन के समय ही गूगल पर उसे ज्यादा सर्च किया जा रहा था। साल 2016 में जाकिर नाइक नाम से सबसे ज्यादा सर्च जुलाई महीने में की गई। 1 जुलाई को ढाका में एक विस्फोट हुआ था, जिसमें पकड़ाए एक आतंकी ने कहा था कि उसने जाकिर नाइक के बयानों से प्रभावित होकर हमले को अंजाम दिया है। उसके बाद ही भारत सरकार ने इस मामले में एक्शन लिया और जाकिर नाइक के NGO को बैन किया गया।

हालांकि, केवल 2016 में ही जाकिर नाइक की सर्च में कुछ कमी आई थी। 2016 से पहले और उसके बाद भी जाकिर नाइक की सर्च बनी रही। अगस्त 2020 के बाद जाकिर नाइक को लेकर गूगल सर्च में कमी आने लगी।

अब जानते हैं NGO पर बैन क्यों बढ़ाया गया?

सरकार ने बैन बढ़ाने के पीछे कहा है कि इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन ऐसी गतिविधियों में शामिल है जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। इससे देश की शांति, सांप्रदायिक सद्भाव और धर्मनिरपेक्षता पर खतरा है।

साथ ही गृह मंत्रालय ने कहा कि नाइक के बयान आपत्तिजनक और विध्वंसक हैं और उनके जरिए वह धार्मिक समूहों के बीच नफरत को बढ़ावा दे रहा है। नाइक भारत और विदेशों में एक खास धर्म के युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहा है।

बैन क्यों लगाया गया था वो भी जान लीजिए

जुलाई 2016 में बांग्लादेश की राजधानी ढाका में 5 आतंकियों ने एक हमले को अंजाम दिया था, जिसमें 29 लोग मारे गए थे। इस घटना की जांच में जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया उनमें से एक ने बताया था कि वो जाकिर नाइक के भाषणों से प्रभावित है। इसके बाद मुंबई पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने मामले की जांच की। शुरुआती जांच के बाद जाकिर नाइक के NGO पर UAPA के तहत बैन लगा दिया गया। 2016 में ही जाकिर नाइक भारत छोड़ मलेशिया भाग गया था।

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