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भास्कर एक्सप्लेनर:कोविड-19 वायरस को खत्म करेगी अहमदाबाद की जायडस कैडिला की जादुई दवा; रेगुलेटर से मांगी मंंजूरी

9 दिन पहले
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अहमदाबाद की दवा कंपनी जायडस कैडिला ने दावा किया है कि उसने कोविड-19 का इलाज करने के लिए दवा खोज ली है। क्लीनिकल ट्रायल्स में यह दवा 91% तक असरदार साबित हुई है। इसकी वजह से ऑक्सीजन चढ़ाने की जरूरत भी कम हुई है। कंपनी ने इस दवा के लिए अब सरकारी रेगुलेटर से अप्रूवल मांगा है।

आइए, जानते हैं कि क्या है यह दवा और क्या है कंपनी के इस दावे का महत्व?

क्या है दवा और इस पर कंपनी का दावा?

  • जायडस कैडिला का कहना है कि उसने कोविड-19 इंफेक्टेड मरीजों पर पेगिलेटेड इंटरफेरॉन अल्फा 2b दवा का क्लीनिकल ट्रायल किया। क्लीनिकल ट्रायल्स रजिस्ट्री पर कंपनी के दस्तावेज के मुताबिक दवा का असर जानने के लिए यह ट्रायल्स दिसंबर 2020 में शुरू हुए थे। 250 मरीजों को इस ट्रायल में शामिल किया गया।
  • पेगिलेटेड इंटरफेरॉन अल्फा 2b थैरेपी कोई नई दवा नहीं है बल्कि 2011 में हेपेटाइटिस C का इलाज करने के लिए भारतीय बाजार में उतारी गई थी। तब से इस दवा से कई क्रॉनिक हेपेटाइटिस B और C मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
  • PegIFN देने पर 91.15% मरीज 7 दिन में ही RT PCR निगेटिव हो गए। इसकी तुलना में स्टैंडर्ड ऑफ केयर (SOC) से इलाज करने पर 78.90% मरीज ही 7 दिन में RT PCR निगेटिव हो सके हैं।
  • कंपनी का यह भी दावा है कि PegIFN देने के बाद मॉडरेट मरीजों को सिर्फ 56 घंटे ही ऑक्सीजन देनी पड़ी, जबकि स्टैंडर्ड ऑफ केयर में 84 घंटे ऑक्सीजन देनी पड़ रही है। जल्दी सिंगल डोज देने पर मरीजों की सेहत में काफी सुधार दिखा है।

इस दावे का क्या महत्व है?

  • इस समय कोविड-19 इंफेक्शन के इलाज में एंटी-वायरल दवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें रेमडेसिविर जैसी दवाएं महंगी हैं। वहीं, PegIFN के शुरुआती नतीजे साबित करते हैं कि कोविड-19 के इंफेक्शन के शुरुआती स्टेज में अगर यह दवा दी जाती है तो मरीजों को तेजी से रिकवर होने में मदद करती है। इस दवा से एडवांस स्टेज पर होने वाली जटिलताओं को भी रोकने में मदद मिलती है। यह ट्रीटमेंट सिंगल डोज है, जिससे यह कम खर्चीली और किफायती है।
  • कंपनी का दावा है कि उम्र बढ़ने से शरीर की वायरस इंफेक्शन के जवाब में इंटरफेरॉन अल्फा बनाने की क्षमता कम हो जाती है और यह कोविड-19 पॉजिटिव बुजुर्गों की मौतों का कारण हो सकता है। अगर जल्द ही PegIFN दी जाती ह तो दवा इस कमी को दूर कर रिकवरी प्रक्रिया में तेजी ला सकती है।
  • कंपनी का दावा है कि इसी साल कोविड-19 के इलाज पर नेचर पब्लिकेशन में छपी एक स्टडी में भी इंटरफेरॉन ट्रीटमेंट को स्टेरॉइड्स के साथ देने पर सामने आए नतीजों की जानकारी दी थी। जायडस की दवा के नतीजे भी इसी स्टडी की पुष्टि करते हैं।
  • कैडिला हेल्थकेयर के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. शर्विल पटेल का कहना है कि पेगिलेटेड इंटरफेरॉन अल्फा 2b दवा के फेज-3 ट्रायल्स के नतीजे उत्साह बढ़ाने वाले हैं। अगर कोविड-19 मरीजों को शुरू में ही यह दवा दी जाती है तो वायरस को रोकने में मदद मिलती है। यह बात हमारे क्लीनिकल ट्रायल्स में भी साबित हुई है।
  • कैडिला ने यह भी कहा कि कंपनी यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (USFDA) के साथ मिलकर काम कर रही है। अमेरिका में भी पेगिलेटेड इंटरफेरॉन अल्फा 2b के क्लीनिकल ट्रायल्स शुरू किए जाने हैं। इसके अलावा मैक्सिको में भी इस तरह के ट्रायल्स होने वाले हैं।

अप्रूवल मांगा है तो क्या होगा?

  • ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से कोविड-19 ट्रीटमेंट के लिए इस दवा का इस्तेमाल करने की इजाजत मांगी गई है। आम तौर पर DCGI की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी सबसे पहले इस संबंध में कंपनी के दावे की जांच करेगी।
  • फेज-3 ट्रायल्स के नतीजों का विश्लेषण करने के बाद ही वह अपनी सिफारिश ड्रग रेगुलेटर को देगी। उसके बाद रेगुलेटर चाहे तो इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए इस दवा को अनुमति दे सकता है। इससे पहले रेमडेसिविर जैसी दवाओं को भी इस्तेमाल के लिए इमरजेंसी अनुमति दी थी।

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