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  • 3 People Have Been In Controversies Before, Only One Woman Member Of The Committee; Will Decide The Future Of 12 Lakh Students

CBSE की कमेटी:12वीं के 12 लाख बच्चों को पास करने लिए 13 लोग फॉर्मूला बना रहे; 3 लोग पहले विवादों में रह चुके हैं, कमेटी में केवल एक महिला

5 दिन पहले
  • कमेटी के 9 सदस्यों में से 4 को माध्यमिक शिक्षा पर काम करने का अनुभव 2 साल से कम
  • कमेटी में 5 ब्यूरोक्रेट्स और 4 शिक्षाविद, 4 नाम अभी सामने नहीं आए हैं

12वीं में पढ़ने वाले करीब 12 लाख स्टूडेंट्स को प्रमोट करने का फाॅर्मूला केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, यानी CBSE 10 दिनों में बता देगा। इस फाॅर्मूले को बनाने के लिए अभी 13 सदस्यों की कमेटी काम कर रही है। इनमें से 9 नाम सामने आ चुके हैं। 4 नामों के बारे में पता नहीं है। जो 9 नाम सामने आए हैं, उनमें 3 बातें ऐसी हैं, जो स्टूडेंट्स और उनके अभिभावकों के लिए जाननी जरूरी हैं। बारी-बारी से चलते हैं...

पहलीः सामने आए 9 नामों में महिला सिर्फ एक

CBSE की इस कमेटी में केवल एक महिला हैं- निधि पांडेय। यानी कमेटी में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 9% है। जबकि इस साल 12वीं के कुल स्टूडेंट्स में लड़कियों की हिस्सेदारी करीब 42% है। हम इसे ऐसे भी देख सकते हैं।

दूसरीः बड़े विवादों में रह चुके हैं कमेटी के तीन लोग

  • उदित प्रकाश राय: 2007 बैच के IAS अधिकारी हैं। कैडर AGMUT का है। रहने वाले दिल्ली के हैं। इनका नाम जुलाई 2020 में चर्चा में आया था। तब CBI ने उनके घर की तलाशी ली थी। मामला दिल्ली के मंत्री मनीष सिसोदिया के OSD गोपाल कृष्ण माधव से जुड़ा था। दरअसल तब CBI ने रिश्वत लेने के आरोप में गोपाल कृष्ण को गिरफ्तार किया था। उनसे संबंधों को लेकर उदित प्रकाश के घर की भी तलाशी ली गई थी। इसके कुछ दिनों बाद ही उन्हें शिक्षा निदेशालय में ट्रांसफर कर दिया गया था। तब से वे यही हैं।
  • अंतरिक्ष चौधरी: ये CBSE के IT विंग के डायरेक्टर हैं। इनका नाम मई 2017 में सुर्खियों में था। तब CBI ने इनके खिलाफ मामला दर्ज ‌किया था। मामला ये था कि तब नेशनल एलिजबिलिटी टेस्ट, यानी NET की OMR शीट स्कैन करने का काम एक प्राइवेट फर्म को सौंपा गया था। आरोप था कि फर्म ने करीब 400 सेंटर्स के OMR शीट स्कैन नहीं किए, लेकिन बदले में बोर्ड से एक करोड़ रु. से ज्यादा वसूल लिए। इस फर्म को अंतरिक्ष जौहरी ने ही काम सौंपा था। हालांकि तब जौहरी पर ये आरोप साबित नहीं हुए थे।
  • निधि पांडे: 2018 में इन्हें रक्षा मंत्रालय में ADG इंचार्ज पद नियुक्‍त किया था। मंत्रालय में इसी पद को आधिकारिक प्रवक्ता भी माना जाता है, लेकिन जिस दिन नियुक्ति हुई, उसी दिन तब की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने IAS अधिकारी एसआर राजशेखर को प्रवक्ता पद पर नियुक्त कर दिया। ऊहापोह की स्थिति बनी रही कि आखिर रक्षा मंत्रालय का प्रवक्ता कौन है। कुछ समय बाद निधि पांडेय को केंद्रीय विद्यालय संगठन में कमिश्नर पद पर भेज दिया गया।

तीसरीः कमेटी के ब्यूरोक्रेट्स को शिक्षा पर काम करने का अनुभव कम

कमेटी में दो IAS अधिकारी हैं, विपिन कुमार और उदित प्रकाश राय। दोनों का माध्यमिक शिक्षा से जुड़े विभागों में काम करने का अनुभव एक साल या इससे भी कम है। कमेटी की तीसरी सदस्य निधि पांडेय ने ज्यादातर काम सूचना विभाग और रक्षा मंत्रालय में किया है। सालभर पहले केंद्रीय विद्यालय संगठन में कमिश्नर का पद संभाला। चौथे सदस्य विनायक गर्ग रेलवे विभाग के अधिकारी हैं। उन्होंने दो साल पहले नवोदय विद्यालय समिति में क‌मिश्नर पद संभाला है।

यानी सामने आए 9 में से 4 लोगों के पास माध्यमिक शिक्षा पर काम करने का दो साल से ज्यादा का अनुभव नहीं है। सिर्फ चंडीगढ़ के PCS अधिकारी रूबिंदरजीत को माध्यमिक शिक्षा में काम करने का करीब पांच साल का अनुभव है।

कमेटी में शिक्षा मंत्रालय के सांख्यिकी विभाग के डीडीजी पीके बनर्जी भी हैं। उन्हें डेटा पर काम करने का 15 सालों से ज्यादा का अनुभव है। बाकी तीन नाम CBSE के अधिकारियों के हैं, इनमें आईटी विंग के डायरेक्टर अं‌तरिक्ष जौहरी, एकेडमिक्स विंग के जोसेफ एमानुअल और एग्जाम कंट्रोलर संयम भारद्वाज हैं। ये तीनों अनुभवी हैं।

CBSE सेक्रेटरी अनुराग त्रिपाठी के अनुसार, यह कमेटी 10 दिनों में फॉर्मूला बना लेगी। कमेटी 4 जून को बनाई गई थी, 14 जून तक कमेटी के सुझाव आने की उम्मीद है। अनुराग का कहना है कि यह कमेटी जो भी फैसला करेगी, वो छात्रों के लिए फायदेमंद होगा।

NCERT, UGC समेत इन चार नामों का खुलासा नहीं: कमेटी में NCERT और UGC के डायरेक्टर के एक-एक प्रतिनिधि और CBSE स्‍कूलों के 2 प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। पर नाम नहीं बताए गए हैं।

कमेटी के 9 नाम और उनके बारे में...

1. विपिन कुमारः बिहार कैडर के हैं, शिक्षा विभाग में काम का अनुभव 1 साल

विपिन कुमार 1996 बैच बिहार कैडर के IAS अधिकारी हैं। फिलहाल शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग में कार्यरत हैं। जून 2020 में उन्होंने शिक्षा मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी पद संभाला था। शिक्षा विभाग में आते ही उन्हें नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 (नई शिक्षा नीति) को लागू कराने वाली कोर टीम में रखा गया। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद सिविल परीक्षा पास की। बिहार के भागलपुर, मुजफ्फरनगर में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट/कलेक्टर पद संभाला।

2. उदित प्रकाश राय: दिल्ली से हैं, UPSE की तैयारी करने वालों में मशहूर हैं

उदित प्रकाश 2007 बैच AGMUT कैडर के IAS अधिकारी हैं। फिलहाल वो शिक्षा निदेशालय में डायरेक्टर पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पिलानी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। वे साउथ अंडमान के डिप्टी कमिश्नर रह चुके हैं। उदित सिविल सर्विसेज की तैयारी करने वाले छात्रों को अपनी राय देने के लिए भी जाने जाते हैं। वे दिल्ली के शिक्षा निदेशक पद पर भी काम कर चुके हैं।

3. निधि पांडेः सूचना विभाग में काम करने का अनुभव, KV से पिछले साल जुड़ीं

निधि 1991 बैच की IIS अधिकारी हैं। उन्हें जुलाई 2020 में केंद्रीय विद्यालय संगठन में कमिश्नर पद सौंपा गया था। केंद्रीय विद्यालय संगठन की आधिकारिक वेबसाइट पर इनके बारे में जानकारी उपलब्‍ध नहीं है।

4. विनायक गर्ग: रेलवे में काम करने का है अनुभव

विनायक 1995 बैच के इंडियन रेलवे सर्विस ऑफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर्स (IRSEE) के अधिकारी हैं। फिलहाल वे नवोदय विद्यालय समिति में कमिश्नर हैं। इससे पहले वो प्रमुख रूप से इंडियन रिन्यूबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी लिमिटेड (IREDA) और इंडियन टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ITDC) में चीफ विजिलेंस ऑफिसर (CVO) रहे हैं।

5. रुबिंदरजीत सिंह बरार: चंडीगढ़ से हैं, शिक्षा क्षेत्र में अच्छा अनुभव

रुबिंदर चंडीगढ़ के एक पीसीएस अधिकारी हैं। फिलहाल वो चंडीगढ़ सरकार के स्कूली शिक्षा विभाग में डायरेक्टर पद पर हैं। चंडीगढ़ में 2015 में ही उच्च शिक्षा के डायरेक्टर के पद पर और डायरेक्टर पब्लिक इंटरैक्शन (DPI) भी रह चुके हैं। चंडीगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में विभागाध्यक्ष भी रहे हैं।

6. पीके बनर्जीः आंकड़ों के जानकार हैं ये अधिकारी

पीके बनर्जी शिक्षा विभाग में बतौर DDG सांख्यिकी कार्यरत हैं। वे 1993 बैच के इंडियन स्टैटिस्टिकल सर्विस (ISS) अधिकारी हैं। इनका प्रमुख काम शिक्षा मंत्रालय में आने और मंत्रालय की ओर से जाने वाले सभी तरह के आंकड़ों के रख-रखाव से लेकर उन्हें जारी करने का होता है।

CBSE ने अपने 3 अधिकारियों को कमेटी में रखा है

सीबीएसई ने अपने यहां के तीन मुख्य अधिकारियों को भी कमेटी में रखा है। इसमें बोर्ड के आईटी विंग के डायरेक्टर डॉ. अंतरिक्ष जौहरी हैं। दूसरे डॉ. जोसेफ एमानुल हैं। जो फिलहाल डायरेक्टर (एकेडमिक्स) पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने 1995 में करियर की शुरुआत द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंट ऑफ इंडिया में एग्जिक्यूटिव ऑफिसर पद से किया था। 2007 में उन्होंने CBSE में डिप्टी सेक्रेटरी पद पर काम की शुरुआत की। डॉ. संयम भारद्वाज CBSE में बतौर परीक्षा नियामक के तौर पर कार्यरत हैं। मेरठ से पढ़ाई-लिखाई करने वाले संयम साल 2000 से ही CBSE में कार्यरत हैं।

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