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  • 33 MLAs' Tickets Were Cut Under Two Term Norms; All The Leaders Who Are Asking CM Vijayan Out Of The List

केरल CPI (M) में विजयन युग शुरू:83 सीटों के लिए प्रत्याशियों का ऐलान, 33 विधायकों के टिकट कटे; CM विजयन से सवाल पूछने की हैसियत रखने वाले सभी नेता लिस्ट से बाहर

तिरुवनंतपुरम10 महीने पहलेलेखक: गौरव पांडेय
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CPI (M) ने राज्य की 83 सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री पी विजयन कुन्नूर जिले की धर्मादम सीट से चुनाव लड़ेंगे। - Dainik Bhaskar
CPI (M) ने राज्य की 83 सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री पी विजयन कुन्नूर जिले की धर्मादम सीट से चुनाव लड़ेंगे।
  • युवाओं को तरजीह देने के नाम पर टू टर्म पॉलिसी लाने वाली पार्टी में 75 साल के मुख्यमंत्री विजयन ही सबसे उम्रदराज नाम
  • क्रिश्चियंस वोटर्स को लुभाने के लिए UDF छोड़कर आए केरला कांग्रेस (M) गुट को 13 सीटें देने को तैयार CPI (M)

केरल में सत्तारूढ़ CPI (M) ने राज्य की 83 सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। इसमें 5 मंत्रियों समेत 25 विधायक टू टर्म नॉर्म के चलते लिस्ट से बाहर हो गए हैं। इसके अलावा इसमें 9 निर्दलीय उम्मीदवार भी हैं, जिन्हें CPI (M) समर्थन करेगी। पार्टी ने पूरे राज्य में टू टर्म नॉर्म के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों की परवाह किए बगैर कैंडिडेट्स की पहली लिस्ट जारी कर दी है। टू टर्म नॉर्म के तहत उन विधायकों के टिकट काटे गए हैं जो लगातार दो बार से विधायक हैं। मुख्यमंत्री पी विजयन कुन्नूर जिले की धर्मादम सीट से चुनाव लड़ेंगे। CPI (M) की पहली लिस्ट में 17 मुस्लिम कैंडिडेट हैं।

करीब दो दशक बाद केरल की राजनीति में वित्त मंत्री टीएम थॉमस इसाक, एके बालन और जी सुधाकरन जैसे वरिष्ठ CPI (M) नेता और मंत्री मैदान में नहीं होंगे। इसाक चार बार से विधायक और दो बार मंत्री भी रह चुके हैं। वहीं सुधाकरन तीन बार से विधायक और मंत्री थे। उन्हें केरल में मुख्यमंत्री विजयन के कद का नेता माना जाता है। बालन भी तीन बार से लगातार विधायक थे। इन सभी के टिकट टू टर्म नॉर्म के तहत काटे गए हैं।

केरल की राजनीति पर गहरी नजर रखने वाले राजनीतिक विश्लेषक प्रोफेसर प्रभास जे कहते हैं, 'इस लिस्ट के बाद साफ हो गया है कि पिनराई विजयन ने पार्टी को पूरे कंट्रोल में लेने रुख अख्तियार कर लिया है। लिस्ट में सभी सीनियर और पुराने नेता बाहर कर दिए गए हैं। टॉप लीडरशिप जैसे इसाक, बालन, सुधाकरन जैसे नेताओं को बाहर भी कर दिया गया है, ये वे लोग थे, जो विजयन से सवाल कर सकते थे, लेकिन अब चुनाव के बाद पार्टी पर पूरी तरह से विजयन का ही कंट्रोल होगा। अब पार्टी में सब कुछ विजयन हैं। उन्होंने पार्टी को एक तरह से हाइजैक कर लिया है।'

वित्त मंत्री टीएम थॉमस इसाक को पार्टी ने इस बार टिकट नहीं दिया है। इसाक चार बार से विधायक और दो बार मंत्री भी रह चुके हैं।
वित्त मंत्री टीएम थॉमस इसाक को पार्टी ने इस बार टिकट नहीं दिया है। इसाक चार बार से विधायक और दो बार मंत्री भी रह चुके हैं।

वहीं, CPI (M) अपने आखिरी किले को बचाने के लिए इस चुनाव को डू और डाई का सवाल मान रही है। इसीलिए UDF के मुकाबले कहीं ज्यादा युवाओं को टिकट देने की रणनीति तैयार की गई है। हालांकि अभी UDF की लिस्ट नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 33 विधायकों को ड्रॉप करके CPI (M) एंटी इनकंबेंसी से बचना चाह रही है। वह फ्रेश चेहरों के सहारे लोगों से नए वादे करना चाह रही है।

केरल कांग्रेस (M) को 13 सीटें अपने कोटे से देने को तैयार CPM

पहली बार LDF में शामिल हुई केरल कांग्रेस (M) को CPI (M) 13 सीटें गठबंधन में देने को तैयार है। LDF की दूसरी सबसे बड़ी प्रार्टी CPI (M) ने एक दिन पहले ही 25 में से 21 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम जारी कर दिए थे। CPI (M) के स्टेट जनरल सेक्रेटरी के विजयराघवन का कहना है कि कई सीटें हमने गठबंधन के साथियों के लिए छोड़ी हैं। केरल में यदि हमारी पार्टी दोबारा जीती तो हम कम्युनल और प्रो कॉर्पोरेट NDA के खिलाफ नेशनल अल्टरनेटिव की भूमिका निभाएंगे। टू टर्म नियम को इसलिए नहीं लाया गया ताकि किसी को बाहर का रास्ता दिखाया जाए, बल्कि इसका मकसद नए लोगों को मौका देना है।

केरल के PWD मंत्री जी सुधाकरन को इस बार टिकट नहीं मिला है। वे अम्बलापुज्हा से पिछली बार चुनाव जीते थे।
केरल के PWD मंत्री जी सुधाकरन को इस बार टिकट नहीं मिला है। वे अम्बलापुज्हा से पिछली बार चुनाव जीते थे।

इस पर प्रोफेसर प्रभास जे कहते हैं, 'इस लिस्ट से पता चलता है कि CPI (M) ने बहुत ज्यादा समझौता किया है। उसने अपनी जीती हुई सीटें केरला कांग्रेस (मनी) गुट के लिए छोड़ दी हैं। पहले वह UDF के साथ 15 सीटों पर लड़ती थी, लेकिन अब उसे CPI (M) अपने कोटे से 13 सीटें दे रही है। इससे समझ सकते हैं कि CPI (M) इसके जरिए क्रिश्चियंस वोटर्स को लुभाना चाह रही है, क्योंकि केरला कांग्रेस की क्रिश्चियंस वोटर्स में अच्छी-खासी पकड़ है।' पोन्नानी सीट के लिए सबसे ज्यादा बवाल मचा था क्योंकि पार्टी के कार्यकर्ता कई दिनों से सड़कों पर थे। उस सीट पर पार्टी ने CITU नेता पी नंदकुमार को टिकट दिया है।

सिर्फ चार प्रत्याशियों की उम्र 30 साल से कम है

CPI (M) के 83 उम्मीदवारों में से 48 उम्मीदवार डिग्री होल्डर हैं। दो PhD, दो MBBS, 14 पोस्ट ग्रेजुएट और 22 लॉ डिग्री होल्डर उम्मीदवार हैं। वहीं चार प्रत्याशियों की उम्र 30 साल से कम है। 8 की उम्र 31 से 41 साल के बीच हैं। 13 प्रत्याशी 41 से 51 साल की उम्र के हैं। 33 प्रत्याशी 51 से 61 साल की उम्र के बीच के हैं। बाकी की उम्र 61 से ज्यादा है।

लिस्ट में 12 महिलाओं के नाम हैं। इनमें मंत्री केके शैलेजा और जे मर्सिकुट्‌टी अम्मा भी शामिल हैं। लिस्ट में 75 साल के मुख्यमंत्री पी. विजयन सबसे उम्रदराज नाम हैं। 27 साल के SFI नेता सचिन देव सबसे कम उम्र के चेहरे हैं।

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