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आज की पॉजिटिव खबर:बिहार के प्रशांत ने 8 महीने पहले इलेक्ट्रिक साइकिल का स्टार्टअप शुरू किया; अब 30 लाख रुपए है टर्नओवर, 10 लोगों को रोजगार भी दिया

नई दिल्ली2 महीने पहले

इन दिनों पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही हैं। दिन ब दिन दाम बढ़ता जा रहा है। इसका सीधा असर हमारी जेब पर हो रहा है। खास करके मिडिल क्लास और लोअर इनकम वाले वर्ग पर। जो लोग अपने काम के सिलसिले में या ऑफिस के लिए पेट्रोल वाले वाहन का इस्तेमाल करते हैं, उन पर अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ़ रहा है।

अब इलेक्ट्रिक बाइक और साइकिल की डिमांड बढ़ रही है। कई बड़ी कंपनियां इस तरह के E व्हीकल बना रही हैं। ऐसा ही एक स्टार्टअप बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले प्रशांत कुमार ने शुरू किया है। वे नई टेक्नोलॉजी पर बेस्ड E साइकिल बनाकर देशभर में सप्लाई कर रहे हैं। पिछले 8 महीने में उन्होंने 250 से ज्यादा E साइकिल की सेल की है और 25 से 30 लाख रुपए का बिजनेस जेनरेट किया है।

हार्ले डेविडसन की तर्ज पर बाइक डेवलप कर रहे थे, लॉकडाउन लगा तो E साइकिल लॉन्च की
52 साल के प्रशांत कुमार ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास्टर्स करने के बाद 10 साल तक सेल्स मार्केटिंग का काम किया। इसके बाद कुछ सालों तक मोटर बनाने वाली कंपनियों के साथ काम किया। फिर उनकी दिलचस्पी बढ़ी तो अलग-अलग मोटर्स को लेकर रिसर्च करना शुरू कर दिया। उन्होंने परमानेंट मैग्नेट जेनरेटर (PMG) भी डेवलप किया। इसकी कामयाबी के बाद इलेक्ट्रिक बाइक डेवलप करने को लेकर उन्होंने काम शुरू कर दिया।

प्रशांत पिछले 8 महीने में 250 से ज्यादा E साइकिल बेच चुके हैं। वे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही मोड में मार्केटिंग करते हैं।
प्रशांत पिछले 8 महीने में 250 से ज्यादा E साइकिल बेच चुके हैं। वे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही मोड में मार्केटिंग करते हैं।

प्रशांत कहते हैं कि मार्च 2020 में हार्ले डेविडसन की तर्ज पर मैं एक क्रूज इलेक्ट्रिक बाइक लॉन्च करने वाला था। सबकुछ लगभग तैयार हो गया था। तभी लॉकडाउन लग गया। ये हमारे लिए मुश्किल समय था। क्योंकि पैसे के साथ-साथ हमने बहुत ज्यादा वक्त भी इस पर खर्च किया था। कुछ दिनों तक इंतजार किया कि सब कुछ ठीक हो जाएगा, लेकिन कोरोना के हालात दिन पर दिन बिगड़ते जा रहे थे और लॉकडाउन भी बढ़ता जा रहा था।

इसी बीच मन में ख्याल आया कि क्यों न बाइक की जगह इलेक्ट्रिक साइकिल ही लॉन्च कर दी जाए। इसमें लागत भी कम होगी और लोग आसानी से खरीद भी सकेंगे। फिर अगस्त में हमने दिल्ली में एक जगह ली और काम शुरू कर दिया।

अभी 10 लोग उनकी टीम में काम कर रहे हैं। हर दिन 10 से ज्यादा साइकिल वे तैयार कर रहे हैं। अभी 300 से ज्यादा साइकिलों का एडवांस ऑर्डर उन्हें मिला है। प्रशांत कहते हैं कि हम E साइकिल तैयार करने के लिए रॉ मटेरियल दिल्ली से खरीदते हैं, फिर अपनी फैक्ट्री में उसे डेवलप करते हैं। एक साइकिल को बनाने में 20 से 22 हजार रुपए की लागत आती है। जबकि कस्टमर्स को वे 35 हजार रुपए में सप्लाई करते हैं।

क्या है इस इलेक्ट्रिक साइकिल की खासियत?
आमतौर पर इस तरह की साइकिल में हब मोटर लगी होती है, लेकिन यह साइकिल मिड ड्राइव मोटर टेक्नोलॉजी पर बेस्ड है। इसका फायदा यह है कि हम इसे बैट्री और पैडल दोनों से चला सकते हैं। जब हम पैडल मारकर चलाएंगे तो मोटर बंद हो जाएगी। इससे हमारी बैट्री पावर की बचत होगी।

प्रशांत की टीम में अभी 10 लोग काम कर रहे हैं। उनके कारीगर एक दिन में करीब 10 साइकिल तैयार करते हैं।
प्रशांत की टीम में अभी 10 लोग काम कर रहे हैं। उनके कारीगर एक दिन में करीब 10 साइकिल तैयार करते हैं।

यह E साइकिल एक कॉमन साइकिल और स्कूटी का क्रॉस प्रोडक्ट है। यानी इसका लुक बहुत हद तक स्कूटी से मिलता है। इसे पुरुषों के साथ महिलाएं भी आसानी से चला सकती हैं। उन्हें बैठने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। ज्यादातर साइकिल में पीछे बैठने की या सामान रखने की जगह नहीं होती है, लेकिन इस साइकिल में पीछे बाइक की तरह सीट लगी है। जिस पर एक आदमी आराम से बैठ सकता है या कुछ सामान रख सकता है। यह 140 किलो तक का वजन आराम से झेल सकती है। इसका कुल वजन 27 किलो है।

एक बार चार्ज करने पर 100 किलोमीटर तक चल सकते हैं
इस साइकिल में 24 वोल्ट की लिथियम ऑयन बैट्री लगी है। इसे एक बार चार्ज करने पर 100 किलोमीटर तक का सफर किया जा सकता है। इसे चार्ज होने में तीन घंटे का वक्त लगता है। इसे घर पर ही चार्ज कर सकते हैं।

रख रखाव और मेंटेनेंस में भी सहूलियत

प्रशांत के मुताबिक बहुत हद तक यह E साइकिल एक आम साइकिल की तरह ही है। इसे ऑपरेट करना बिलकुल आसान है। साथ ही इसका मेंटेनेंस भी किफायती और सहूलियत भरा है। अगर किसी भी तरह की दिक्कत आती है तो एक कॉमन साइकिल रिपेयरिंग करने वाला इसकी मरम्मत कर सकता है।

प्रशांत की कंपनी एक साल की वारंटी देती है। इस दौरान अगर बैट्री खराब होती है तो वे नई बैट्री प्रोवाइड कराते हैं। अगर मोटर से रिलेटेड किसी तरह की दिक्कत होती है तो वे साइकिल ही रिप्लेस कर देते हैं। हालांकि पिछले 8 महीने में इस तरह की दिक्कत अभी तक नहीं आई है।

न लाइसेंस की दिक्कत, न चालान का डर
प्रशांत कहते हैं कि यह साइकिल अधिकतम 25 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती है। इसके लिए किसी तरह के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होती है और न ही चालान कटने का डर है। कोई भी महिला, बुजुर्ग, यहां तक कि बच्चे भी आराम से इस साइकिल को चला सकते हैं। हमारे ज्यादातर कस्टमर्स ऑफिस या स्कूल-कॉलेज में काम करने वाले लोग हैं।

कैसे करते हैं मार्केटिंग?

यह साइकिल 25 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती है।
यह साइकिल 25 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती है।

प्रशांत अभी दो तरह से अपने E साइकिल की मार्केटिंग कर रहे हैं। उन्होंने voltron.in.net नाम से एक ऑनलाइन वेबसाइट लॉन्च की है। देशभर में कहीं से भी इसके जरिए ऑर्डर किया जा सकता है। उन्होंने कुछ ट्रांसपोर्टिंग कंपनियों से टाइअप कर रखा है। 10 दिन के भीतर वे सप्लाई कर देते हैं। इसके लिए कस्टमर को एक यूजर गाइड दिया जाता है ताकि वे खुद इसे इंस्टॉल कर सकें। अगर किसी तरह की दिक्कत होती है तो उसे वीडियो कॉल के जरिए या लोकल स्टाफ भेजकर दूर करने की कोशिश होती है।

इसके साथ ही उन्होंने उत्तरप्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, सहित साउथ इंडिया कई राज्यों में डीलरशिप चेन तैयार की है। वहां से भी E साइकिल खरीदी जा सकती है। कई और राज्यों में भी वे अपना नेटवर्क बढ़ा रहे हैं। वे कहते हैं कि लॉकडाउन की वजह से उनका काम थोड़ा प्रभावित हुआ है। जैसे ही मार्केट खुलने लगेगा और लोग काम पर निकलने लगेंगे, उनके बिजनेस में इजाफा होगा। वे कहते हैं कि हमने कस्टमर्स के लिए EMI और क्रेडिट कार्ड के जरिए इंस्टॉलमेंट में पेमेंट की व्यवस्था की है।

अब E हार्वेस्टर की तैयारी
प्रशांत कहते हैं कि आने वाले चार से पांच महीनों में हम किसानों के लिए E हार्वेस्टर लॉन्च करने जा रहे हैं। अभी किसानों को फसल की कटाई के लिए पैसे की अधिक जरूरत तो होती ही है, साथ ही वक्त भी जाया होता है। इसे दूर करने के लिए हमने E हार्वेस्टर डेवलप किया है। यह कम समय में ज्यादा से ज्यादा फसल की कटाई करेगा। इससे किसान पर खर्च न के बराबर आएगा।

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