खुद्दार कहानी:10 साल में पिता की मौत, रोज 10 रुपए की कमाई, वजन 205 किलो; अब अमिताभ से लेकर कैटरीना को नचा रहे

एक महीने पहलेलेखक: नीरज झा

मुंबई के स्लम एरिया में रहने वाला एक लड़का, जिसके पिता डांसर थे। बेटे को कोरियोग्राफर बनाना चाहते थे, लेकिन बेटा एक्टर बनना चाहता था। 10 साल की उम्र में पिता की मौत हो गई। घर की तंगी को देखते हुए 12 साल में बतौर जूनियर आर्टिस्ट काम करना शुरू करता है। हर दिन की कमाई सिर्फ 10 रुपए थी। 14 साल में बतौर जूनियर कोरियोग्राफर और 18 साल की उम्र में कोरियोग्राफी में करियर की शुरुआत की।

अपने 30 सालों के करियर बड़े-बड़े सितारों को अपने ट्रेंडी स्टेप पर नचाया और अब एक हीरो के तौर पर बड़े पर्दे पर एंट्री लेने जा रहे हैं। ये कहानी है, बॉलीवुड के मशहूर कोरियोग्राफर गणेश आचार्य की। फिल्म ‘देहाती डिस्को’ से वो बतौर मेन लीड एक्टर डेब्यू करने जा रहे हैं।

पर्दे पर बतौर लीड रोल में पहली बार गणेश आचार्य की फिल्म ‘देहाती डिस्को’ 27 मई को आ रही है।
पर्दे पर बतौर लीड रोल में पहली बार गणेश आचार्य की फिल्म ‘देहाती डिस्को’ 27 मई को आ रही है।

फिल्म पुष्पा का गाना ‘ऊ अंटवा मावा ऊ ऊ अंटवा मावा…’ या फिल्म अग्निपथ का ‘आई चिकनी चमेली छुपके अकेली पव्वा चढ़ा के आई…’ या बाजीराव मस्तानी का ‘बजने दे धड़क धड़क ढोल ताशे धड़क धड़क भंडारा झिड़क झिड़क मल्हारी…’ या सनी लियोन की फिल्म मधुबन का गाना ‘पनघट पर प्रेमिका नाचे…’ इस तरह के हिट गानों की बड़ी लंबी लिस्ट है, जिसमें इन्होंने कोरियोग्राफी की है।

पुराने गानों में चलें तो… ‘हाथों में आ गया जो कल रुमाल आपका…’, ‘गोरिया चुरा ना मेरा जिया…’, ‘कोई जाए तो ले जाए मेरी लाख दुआएं पाए…’, ‘बीड़ी जलइले जिगर से पिया…’ इन गानों की भी लंबी लिस्ट है।

इन गानों में जान डालने वाले, पर्दे पर एक्टर-एक्ट्रेस को नचाने वाले व्यक्ति गणेश आचार्य के बारे में आप जानते हैं? नहीं…। जानते भी हैं तो कितना जानते हैं? इसके लिए हमने इनसे खास बातचीत की है।

पर्दे पर बतौर लीड रोल में पहली बार गणेश आचार्य की फिल्म ‘देहाती डिस्को’ 27 मई को आ रही है। ये फिल्म इंडियन डांस कल्चर और वेस्टर्न कल्चर पर आधारित है। फिल्म की शूटिंग लखनऊ में हुई है। लेकिन, डांस के ‘आचार्य’ यानी मास्टर जी कहे जाने वाले गणेश आचार्य की कहानी संघर्ष से भरी है।

गणेश कहते हैं- मुंबई के सांताक्रुज की प्रभात कॉलोनी में रहता था। यह स्लम एरिया था। 10 साल में पिता की मौत हो गई। आगे नहीं पढ़ पाया।
गणेश कहते हैं- मुंबई के सांताक्रुज की प्रभात कॉलोनी में रहता था। यह स्लम एरिया था। 10 साल में पिता की मौत हो गई। आगे नहीं पढ़ पाया।

गणेश आचार्य बताते हैं, 10 साल का था तभी पिता की मौत हो गई। मुंबई के सांताक्रुज की प्रभात कॉलोनी में रहता था। यह स्लम एरिया था। पापा डांसर थे। घर की कंडीशन ठीक नहीं थी। इसलिए नहीं पढ़ पाया। 12 साल की उम्र में जूनियर आर्टिस्ट के तौर पर काम करना शुरू किया, लेकिन मुझे एक्टर बनने का शौक था।

घर की तंगी हालत को देखते हुए आचार्य ने 14 साल की उम्र में ग्रुप डांस यानी फिल्म के गानों में एक्टर के पीछे ग्रुप में डांस करने वाले के रुप में जॉइन कर लिया। वो कहते हैं, पापा का सपना था कि मैं कोरियोग्राफर बनूं। उनके सपनों को पूरा करने के लिए 16 साल की उम्र में कमल मास्टर जी के साथ जूनियर कोरियोग्राफर के तौर पर काम करना शुरू किया और 18 साल में कोरियोग्राफी शुरू कर दी।

पहले गणेश आचार्य पर्दे पर ग्रुप डांस में नाचते थे, लेकिन अब वो अपनी कोरियोग्राफी से सैकड़ों जाने-माने एक्टर-एक्ट्रेस को नचा रहे हैं। अरमान कोहली की फिल्म अनाम (1991) में गणेश आचार्य ने पहली बार कोरियोग्राफी की थी।

बतौर कोरियोग्राफर गणेश आचार्य ने अरमान कोहली की फिल्म अनाम (1991) में पहली बार कोरियोग्राफी की थी।
बतौर कोरियोग्राफर गणेश आचार्य ने अरमान कोहली की फिल्म अनाम (1991) में पहली बार कोरियोग्राफी की थी।

उसके बाद से गणेश ने एक से बढ़कर एक कई हिट फिल्में दी। 1994 में आई फिल्म, ‘आओ प्यार करें’ का गाना ‘हाथों में आ गया जो कल रुमाल आपका…’ से गणेश आचार्य को इंडस्ट्री में नाम मिला। वो कहते हैं, एक्टर गोविंदा और मेरा कॉर्डिनेश काफी अच्छा है। हम दोनों के डांस स्टेप्स भी मिलते जुलते हैं। मुझे उनके साथ काम करने में सबसे ज्यादा मजा आता है।

गणेश आचार्य कहते हैं, उसके बाद ‘साजन चले ससुराल’, ‘कुली नंबर वन’ से मुझे खास पहचान मिलनी शुरू हुई। ये मुकाम उस परिस्थिति में गणेश आचार्य ने हासिल किया है जब उनका वजन 205 किलोग्राम का था, अब वो 105 किलोग्राम के हैं।

इस पर गणेश कहते हैं, बचपन में तो पतला ही था। डांस के लिए पतला-मोटा, काला-गोरा, लंबा-छोटा होना कोई मायने नहीं रखता है। डांस की कोई भाषा नहीं है। यह दिल से, आत्मा से, चेहरे के एक्सप्रेशन से होता है।

पहले गणेश आचार्य का वजन 205 किलोग्राम का था, अब वो 105 किलोग्राम के हैं। गणेश कहते हैं- डांस के लिए पतला मोटा होना जरूरी नहीं है।
पहले गणेश आचार्य का वजन 205 किलोग्राम का था, अब वो 105 किलोग्राम के हैं। गणेश कहते हैं- डांस के लिए पतला मोटा होना जरूरी नहीं है।

वो कहते हैं, जब मैं 205 किलोग्राम का था, उस वक्त भी उतने ही जोश से कोरियोग्राफी करता था। अभी भी 105 किलोग्राम का हूं। कभी वजन की वजह से मुझे कोरियोग्राफी में कोई दिक्कत नहीं आई।

अपने वजन कम करने के टिप्स पर वो कहते हैं, नई जेनरेशन फिटनेस पर ध्यान देने लगी है। फिटनेस डांस के लिए नहीं, लेकिन बॉडी के लिए बहुत जरूरी है। वजन कम करने के लिए मैंने बहुत मेहनत की है। डाइट को फॉलो करता हूं। हर रोज स्विमिंग करता हूं। एक्सरसाइज करता हूं। सुबह 7 बजे डांस की प्रैक्टिस करता हूं। डांस तो आत्मा से होता है।

अपने स्ट्रगल के दिन को लेकर आचार्य कहते हैं, मैं स्ट्रगल को बहुत पॉजिटिव लेता हूं। यदि मैं स्लम एरिया से यहां तक पहुंचा हूं तो उसकी वजह स्ट्रगल ही है। स्ट्रगल की है तभी मुझे अहसास है कि खुद को जमीन से जोड़कर हमेशा रखना चाहिए।

गणेश आचार्य साउथ इंडियन हैं। उनकी मां मराठी हैं जबकि पिता मद्रासी थे। पत्नी विधि आचार्य पंजाबी हैं।
गणेश आचार्य साउथ इंडियन हैं। उनकी मां मराठी हैं जबकि पिता मद्रासी थे। पत्नी विधि आचार्य पंजाबी हैं।

गणेश आचार्य साउथ इंडियन हैं। उनकी मां मराठी हैं जबकि पिता मद्रासी थे। गणेश कहते हैं, गरीबी में पैदा हुआ हूं। स्लम एरिया में बचपन बीता। गरीबी को जानता-समझता हूं।

वहीं, उनकी पत्नी विधि आचार्य हैं, जो पंजाबी हैं। वो कहते हैं, मेरी वाइफ ने मुझे बहुत संभाला है। विधि आचार्य मेरी लाइफ में नहीं होती तो मैं कही और होता।

गणेश आचार्य की उम्र 50 साल हो चुकी है, लेकिन ये उनके काम पर हावी नहीं है। अभी भी 10 से अधिक फिल्में उनकी रिलीज होने वाली है। हर फिल्मों में वो कुछ नया करने की कोशिश करते हैं और दर्शकों के लिए लेकर आते हैं।

अपनी सक्सेस स्टोरी को लेकर गणेश कहते हैं, मेरी वाइफ ने मुझे बहुत संभाला है। विधि आचार्य मेरी लाइफ में नहीं होती तो मैं कही और होता।
अपनी सक्सेस स्टोरी को लेकर गणेश कहते हैं, मेरी वाइफ ने मुझे बहुत संभाला है। विधि आचार्य मेरी लाइफ में नहीं होती तो मैं कही और होता।

गणेश आचार्य कहते हैं, अक्षय कुमार की फिल्म रामसेतु, ओह माय गॉड-2, मिशन सिंड्रेला, रणवीर कपूर की फिल्म ब्रह्मास्त्र, लव रंजन की फिल्म, रोहित शेट्‌टी की रिक्की और रॉकी, विक्की कौशल की फिल्म गोविंदा मेरा नाम, शाहरुख की डंकी है। हर फिल्म चुनौती भरा होता है लेकिन अच्छा करने की कोशिश करता हूं।

इसके पीछे का राज गणेश बताते हैं। कहते हैं, इसके लिए मेहनत करता हूं। हर बार कुछ नया करने की कोशिश करता हूं। मेरा स्टाइल पूरी तरह से आम हिंदुस्तानी की तरह है। देहाती है। हमेशा खुद को अपग्रेड रखता हूं। क्या जेनरेशन को चाहिए, इस बात का हमेशा ख्याल रखता हूं। इसीलिए मुझे काम मिल रहे हैं।

गणेश आचार्य की उम्र 50 साल हो चुकी है। अगले कुछ सालों में उनकी 10 से अधिक फिल्में आने वाली है।
गणेश आचार्य की उम्र 50 साल हो चुकी है। अगले कुछ सालों में उनकी 10 से अधिक फिल्में आने वाली है।

हर फिल्म मेरे लिए चैलेंजेबल होता है। मैं हर फिल्म के साथ खुद को एक चुनौती देने वाले के रूप में रखता हूं। गलतियों को देखता हूं और उसे सुधारता हूं।

बॉलीवुड इंडस्ट्री में कोरियोग्राफर सरोज खान की अपनी एक पहचान रही हैं। 2020 में उनकी मौत हो गई थी। गणेश आचार्य बेस्ट कोरियोग्राफर के तौर पर जाने जा रहे हैं। वो कहते हैं, हमें हमेशा सीखते रहने चाहिए। मैं अभी भी सीखता रहता हूं। सरोज खान के एक हिस्से को भी हम कर पाएं तो बहुत बड़ी बात होगी।

कोरियोग्राफी और हर गाने के नए-नए स्टेप्स को लेकर गणेश कहते हैं, जब कोई नई फिल्म सामने आती है। डायरेक्टर, प्रोड्यूसर, म्यूजिक डायरेक्टर सामने होते हैं तो गानों के भीतर से ही स्टेप्स निकल कर आते हैं। हमारा काम ही है गानों से कोरियोग्राफी क्रिएट करना। जब हम गाना को सुनते हैं तो उसी के अंदर स्टेप्स भी मिलते हैं।

कोरियोग्राफी और हर गाने के नए-नए स्टेप्स को लेकर गणेश कहते हैं- जब कोई नई फिल्म सामने आती है, उसी से स्टेप्स भी निकलकर आते हैं।
कोरियोग्राफी और हर गाने के नए-नए स्टेप्स को लेकर गणेश कहते हैं- जब कोई नई फिल्म सामने आती है, उसी से स्टेप्स भी निकलकर आते हैं।

पिछले दिनों साउथ एक्टर महेश बाबू ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री पर एक कमेंट करते हुए कहा था कि उन्हें बॉलीवुड एफॉर्ड नहीं कर सकती है। इस पर टिप्पणी करते हुए गणेश कहते हैं, बॉलीवुड, हिंदी, मराठी, गुजराती, साउथ... सभी हिंदुस्तान के अंग हैं। मुझे जहां भी मौका मिलेगा, मैं काम करूंगा। जो भी इसे अलग मानते हैं, उन्हें नहीं मानना चाहिए।

गणेश कहते हैं, मैंने ही, बॉलीवुड कोरियोग्राफर ने ही पुष्पा के गाने ‘ऊ अंटवा मावा ऊ ऊ अंटवा मावा…’ की कोरियोग्राफी की है। मैं बॉलीवुड का ही हूं।

गणेश आचार्य ने ही पुष्पा के गाने ‘ऊ अंटवा मावा ऊ ऊ अंटवा मावा…’ की कोरियोग्राफी की है।
गणेश आचार्य ने ही पुष्पा के गाने ‘ऊ अंटवा मावा ऊ ऊ अंटवा मावा…’ की कोरियोग्राफी की है।

बतौर डायरेक्टर गणेश आचार्य ने अपनी पहली फिल्म स्वामी को डायरेक्ट किया था। वो कहते हैं, लेकिन लोगों का कहना था कि मैं कोरियोग्राफी ही करूं। आगे भी जहां मौका मिलेगा, करूंगा।

गणेश आचार्य की खासियत है कि उन्होंने पुराने एक्टर-एक्ट्रेस के साथ-साथ अब नए दौर के एक्टर के साथ भी काम कर रहे हैं। चुनौती को लेकर वो कहते हैं, जो आर्टिस्ट पर्दे पर होता है उन्हें उनके स्टाइल में नचाना होता है। मेरे स्टेप्स गोविंद से मिलते हैं लेकिन मैंने सिर्फ उनके साथ ही काम नहीं किया है।