कांग्रेस की महंगाई पर महारैली:कांग्रेस जिस राजस्थान से महंगाई को लेकर केंद्र को घेरेगी, उस प्रदेश में महंगाई की मार सबसे ज्यादा

नई दिल्ली8 महीने पहलेलेखक: रवि यादव
  • पेट्रोल, डीजल पर ज्यादा वैट, महंगी बिजली की मार झेल रहे राज्य के लोग

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा सहित 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस महंगाई को सबसे बड़ा मुद्दा बनाने जा रही है। इसके लिए वह राजस्थान के जयपुर में महारैली कर रही है, जिसमें देश भर के कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता जमा होंगे। लंबे समय के बाद गांधी परिवार यानी सोनिया, राहुल और प्रियंका एक मंच में नजर आएंगे।

इसके जरिए कांग्रेस देश भर में एक मजबूत संदेश देने की तैयारी में है, लेकिन दिलचस्प यह है कि महंगाई के खिलाफ रैली करने के लिए कांग्रेस ने जिस राज्य का चयन किया है। उस कांग्रेस शासित राज्य में पेट्रोल, डीजल और बिजली सबसे अधिक महंगी है, जिसका असर खाने पानी के समान से लेकर हर प्रकार के वस्तुओं पर पड़ता है।

राजस्थान में पेट्रोल और डीजल पर उत्तर भारत के दूसरे राज्यों के मुकाबले अधिक वैट लिया जा रहा है। यहां तक कि कांग्रेस शासित राज्य पंजाब में भी राजस्थान के मुकाबले कम वैट है। राजस्थान में डीजल और पेट्रोल के भाव आसमान छू रहे हैं। ऐसे में दिल्ली के सियासी गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस को सबसे पहले अपने घर को ठीक करने की जरूरत है, क्योंकि राजस्थान में केवल अकेले पेट्रोल, डीजल ही महंगा नहीं है। शराब, बिजली, स्टाम्प, अन्य राज्यों की तुलना में बेहद ज्यादा है।

राजस्थान में तेल का खेल

बढ़ती कीमतों से राजस्थान के पेट्रोल पंप मालिक परेशान हैं। जानकारों की मानें तो अधिकतर पेट्रोल पंप बंद होने के कगार पर हैं।
बढ़ती कीमतों से राजस्थान के पेट्रोल पंप मालिक परेशान हैं। जानकारों की मानें तो अधिकतर पेट्रोल पंप बंद होने के कगार पर हैं।

कांग्रेस भले ही मोदी के दूसरे कार्यकाल में महंगाई को मुद्दा बनाकर घेरने की तैयारी कर ली हो, लेकिन ये बड़ी बात है कि गुजरात, उतर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब राजस्थान के पड़ोसी राज्य हैं। इनमें तीन राज्यों में भाजपा की सरकार चल रही है, जबकि पंजाब में कांग्रेस की सरकार है। राजस्थान के ट्रांसपोर्ट वाले हो या टैक्सी चालक या फिर चारों राज्यों के बॉर्डर के नजदीक लगने वाले किसान हो, ज्यादातर लोग राजस्थान से तेल नहीं लेते। उनकी यही कोशिश होती है कि वे पड़ोसी राज्य से ही टंकी फुल करवा ले।

रोचक ये है कि चारों राज्यों के बॉर्डर से जब राजस्थान में प्रवेश करेंगे तो स्वागत में इन राज्यों के पेट्रोल पंपों पर आपको बड़े-बड़े बोर्ड नजर आएंगे। जिन पर लिखा है- आपको राजस्थान से सस्ता पेट्रोल और डीजल यहां मिलेगा। इससे राजस्थान के लोगों को तकलीफ भी होती है कि उनके अपने राज्य में सरकार पेट्रोल-डीजल के दाम कब कम करेगी।

साथ लगते राज्यों में तेल की कीमत

राजस्थान के साथ लगते हुए राज्यों की बात करें तो वहां पेट्रोल और डीजल के भाव में काफी अंतर है। राजस्थान में पेट्रोल 107 से 115 रुपए प्रति लीटर तक बिक रहा है। जबकि गुजरात, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में 94 से 95 रुपए प्रति लीटर ही पेट्रोल का भाव है। डीजल के रेट की भी करीब ऐसी ही स्थिति है।

पेट्रोल पंपों के मालिक परेशान

दूसरे राज्यों में पेट्रोल की कीमत कम होने से राजस्थान के पेट्रोल पंप मालिक परेशान हैं। जानकारों की मानें तो अधिकतर पेट्रोल पंप बंद होने के कगार पर हैं। जो सरकार को इस बात के लिए आए दिन कोस रहे हैं कि वो अपनी नीतियों में बदलाव करके पेट्रोल डीजल का भाव कम करें ताकि उनका धंधा अच्छे से चलता रहे, लेकिन सरकार टस से मस नहीं हो रही है।

राजस्थान में महंगाई का आलम यह है कि पड़ोसी राज्यों के पेट्रोल पंपों पर बैनर लगे हैं कि यहां राजस्थान से सस्ता पेट्रोल मिलता है।
राजस्थान में महंगाई का आलम यह है कि पड़ोसी राज्यों के पेट्रोल पंपों पर बैनर लगे हैं कि यहां राजस्थान से सस्ता पेट्रोल मिलता है।

राजस्थान में बिजली भी महंगी

राजस्थान में और राज्यों की तुलना में बिजली भी महंगी है। राजस्थान में बिजली टैरिफ प्लान की बात करें तो 8.13 रुपए है। जिस पर राज्य सरकार सेस अलग से लेती है। इससे प्रति यूनिट बिजली 10 से 15 रुपए प्रति यूनिट तक पहुंच जाती है। वहीं हरियाणा की बात करे तो 5.65 रुपए है और उतर प्रदेश में 6.76 रुपए के हिसाब से बिजली मिल रही हैं।

पंजाब में भी बिजली सस्ती है। इसी तरह स्टाम्प ड्यूटी पर भी सरकार अधिक पैसा जनता से वसूल रही है। गहलोत सरकार ने इन सभी चीजों पर सेस अलग से लगाया हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि महंगाई के खिलाफ महारैली करने जा रही कांग्रेस अपने राज्य राजस्थान में ऐसा कौन सा कदम उठा रही है, जिससे महंगाई को नियंत्रित करने में आसानी हो।

कांग्रेस के समय महंगाई हमेशा 2 डिजिट में रहती थी- भाजपा

भाजपा प्रवक्ता राजीव जेटली का कहना है कि कांग्रेस पहले अपने घर का झगड़ा खत्म करे। बाद में मोदी सरकार के खिलाफ रैली करे। सोनिया गांधी महंगाई पर बोल रही है, ये बेहद ही हास्यास्पद बात है। कांग्रेस के समय महंगाई हमेशा 2 डिजिट में रहती थी। जिसे हमने एक डिजिट में लाकर काबू किया है। हमने करोना के बाद महंगाई पर काबू पाया है। आज हम चीन को भी काफी चीजें आयात कर रहे हैं। अमेरिका में भी महंगाई का असर है, लेकिन भारत में स्थिति अच्छी है।

अच्छे दिनों का झांसा देने वालों ने देश को महंगाई की आग में झोंक दिया- कांग्रेस

कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला पार्टी आज जयपुर में मोदी सरकार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का शंखनाद करेगी।
कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला पार्टी आज जयपुर में मोदी सरकार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का शंखनाद करेगी।

कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला कहते हैं कि भाजपा सरकार जब सत्ता में आई थी तो याद कीजिए तब उसे विरासत में कांग्रेस ने सौंपा था 400 रुपए कीमत की खाना बनाने की गैस, 70 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल, 56 रुपए लीटर डीजल। आटा दाल तेल गैस नमक सब देश के लोगों की गृहस्थी की जेब पर बोझ नहीं थी, लेकिन आज अच्छे दिनों का झांसा देने वालों ने देश को महंगाई की आग में झोंक दिया है। आज घर में खाना बनाने की गैस 1000 रुपए पार है, बाजार की खाना बनाने की गैस 2000 रुपए पार है। पेट्रोल-डीजल 100 रुपए के पार। इसी तरह खाना पकाने का तेल 250 रुपए से अधिक है। दाल की कीमत भी आसमान छू रही है, और तो और टमाटर तक टर्रा रहा है।

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