करिअर फंडाइन 5 तरीकों से बढ़ाएं EQ:गुस्से पर नियंत्रण, दूसरों को समझने की क्षमता बढ़ाता है इमोशनल कोशेंट

2 महीने पहले

‘कोई व्यक्ति जो आपको गुस्सा दिला सकता है, आपका स्वामी होता है।’

- एपिक्टेटस (ग्रीक दार्शनिक)

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क्या आपने कभी बेतहाशा गुस्सा किया है? तो ये आर्टिकल आपके लिए है। पढ़ते जाइए अंत तक!

गुस्सा और आपका स्वामी

ग्रीक फिलॉसोफर एपिक्टेटस ने जब ये कहा तो कहने का मतलब था कि यदि आपको किसी दूसरे व्यक्ति के व्यवहार से गुस्सा आ जाता है तो वास्तव में वह व्यक्ति आपको कंट्रोल कर रहा है, यानी आप उस व्यक्ति के गुलाम हुए और वो आपका स्वामी! आप सभी ने I.Q. यानी इंटेलिजेंस कोशेंट के बारे में जरूर सुना होगा। लेकिन मैनेजमेंट के क्षेत्र में रिसर्च बताती है कि प्रोफेशनल लाइफ में सफलता के लिए केवल IQ होना ही काफी नहीं है। बल्कि व्यापार और अर्थ जगत के सबसे सफल लोगों का 'इमोशनल कोशेंट' (EQ) अधिक होता है।

इमोशनल कोशेंट (EQ) क्या है

EQ दरअसल इमोशनल इंटेलिजेंस को मापने का एक तरीका है और इमोशनल इंटेलिजेंस पर बेस्टसेलिंग बुक लिखने वाले लेखक ट्रेविस ब्रैडबेरी के शब्दों में ‘किसी व्यक्ति की इमोशनल इंटेलिजेंस, स्वयं और दूसरों की भावनाओं को पहचानने-समझने और स्वयं के व्यवहार तथा संबंधों को मैनेज करने के लिए इस जागरूकता का उपयोग करने की क्षमता है।’

इसका मतलब है कि क्या आप बहुत अधिक गुस्सा आने पर अपने गुस्से को नियंत्रित कर सकते हैं या नहीं। किसी पारिवारिक फंक्शन के साथ-साथ ऑफिस का कोई जरूरी काम होने पर अपने इमोशंस को नियंत्रित कर पाते है या नहीं। आप अपने आप को दूसरों की स्थिति में रखकर देख पाते हैं या नहीं, और दूसरों के इमोशंस को समझ पाते हैं या नहीं।

इमोशनल इंटेलिजेंस के 4 भाग होते हैं: सेल्फ-अवेयरनेस, सेल्फ-रेग्युलेशन (स्वनियंत्रण), सोशल-अवेयरनेस, और सोशल स्किल्स

कमजोर EQ वाले लोग प्रायः दूसरों को गलत समझ लेते हैं, अपसेट हो जाते हैं, इमोशंस के उबाल से भर जाते हैं, और कुछ निश्चय नहीं कर पाते। लेकिन हाई EQ वाले लोग इमोशंस और व्यवहार को समझ पाते हैं, तनावपूर्ण स्थितियों में शांत रहते हैं, सभी लोगों को एक कॉमन लक्ष्य की तरह कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं, और मुश्किल से मुश्किल व्यवहार वाले लोगों को संभाल सकते हैं।

आपको ऐसा ही बनना चाहिए यदि बिजनेस में, जॉब में और एग्जाम्स में सक्सेस चाहिए तो।

IQ बनाम EQ

कई लोग EQ को IQ से अलग समझने की भूल कर बैठते हैं। IQ मनुष्य की इंटेलिजेंस अर्थात दिमाग की क्षमता की माप है और इमोशंस का जन्म भी दिमाग में विभिन्न हॉर्मोन्स और केमिकल्स के कारण होता है।

जैसे जब खाने, शॉपिंग करने इत्यादि से जो खुशी महसूस करते हैं वो डोपामीन (dopamine) नामक हॉर्मोन से होती है। इस लॉजिक से EQ को IQ से पूरी तरह अलग नहीं किया जा सकता। यह कहा जा सकता है हमारे दिमाग की इंटेलिजेंस का वह भाग जो हमारे इमोशंस को नियंत्रित करे इमोशनल इंटेलिजेंस है और उसे नापने का तरीका इमोशनल क्योशेंट।

EQ कैसे मापा जाता है

तीन तरीके उपयोग किए जाते हैं: (1) सेल्फ-रिपोर्ट, (2) अदर्स-रिपोर्ट (360 परीक्षण) और (3) एबिलिटी मेजर। अदर्स-रिपोर्ट साथ में काम करने वाले लोगों से फीडबैक का उपयोग करती है। 47 स्टेटमेंट्स पर रेटिंग करवाई जाती है। इसी तरह एबिलिटी मेजर (ability measure) में 122 प्रश्न होते हैं।

ट्रेविस ब्रैडबेरी की किताब के अनुसार EQ एबिलिटी वो एबिलिटी है जो दूसरों के इमोशन समझने का काम करती है और उनके अनुसार दुनिया में केवल 36% लोगों के पास ये एबिलिटी है।
ट्रेविस ब्रैडबेरी की किताब के अनुसार EQ एबिलिटी वो एबिलिटी है जो दूसरों के इमोशन समझने का काम करती है और उनके अनुसार दुनिया में केवल 36% लोगों के पास ये एबिलिटी है।

EQ बढ़ाने के 5 पावरफुल तरीके

1) अपने इमोशंस पर ध्यान देना शुरू करें: जब भी आप किसी इमोशन में हो तो उसे पहचानने की शुरुआत करें, और अपने आप से बात करते हुए उसके लिए एक नाम की तलाश करें जैसे गुस्सा, जिज्ञासा, बोरियत, खुशी, उदासी, डर, प्यार, घृणा, गर्व, शर्म, चिंता, फ़्रस्ट्रेशन, इनसल्ट आदि। सबक - खुद को पहचानें

2) अपने व्यवहार पर ध्यान दें: इमोशंस पर ध्यान देने के साथ इस बात पर भी ध्यान देना शुरू करें किसी विशेष स्थिति में आप कैसे व्यवहार करते हैं। किन चीजों से आपको गुस्सा आता है, कौनसी बात आपको खुशी देती है इत्यादि। सबक - सिचुएशन रिएक्शन स्टडी करें

3) अपने खुद के ओपिनियन को चैलेंज करें: एकांत में बैठ कर विचार करें कि किसी मुद्दे पर आपके विचार या ओपिनियन क्या हैं और वैसे ओपिनियन आप ने क्यों बनाए हैं, दूसरे और क्या ओपिनियन हो सकते हैं। इस तरह का चिंतन-मनन ही आपके जीवन को अमीर बनाता है। सबक - अपने आप को चैलेंज करें

4) दूसरों से फीडबैक लें: अपने व्यवहार के बारे में अपने परिवारजनों, दोस्तों, सहकर्मियों इत्यादि से फीडबैक लें और उनसे पूछें कि उन्हें क्या अच्छा लगा, क्या अच्छा नहीं लगा, इत्यादि। अपने व्यवहार पर कार्य करें। सबक - दूसरों से सत्य जानें

5) लिटरेचर या साहित्य पढ़ें: किसी भी भाषा में लिखा साहित्य आपकी पर्सनालिटी के निर्माण में बड़ी भूमिका निभाता है। कई सारे कैरेक्टर्स वाले उपन्यास, नॉवेल, स्टोरीज आदि को पढ़ने से आप अपने से अलग लोगों के प्रति ओपन-माइंडेड हो जाते हैं, नफरत कम होने लगती है और समझ बढ़ती है। उसी मैच्युरिटी को EQ कहते हैं! । सबक - खूब पढ़ें, दुनिया के अलग रंग देखें

तो आज का करिअर फंडा यह है कि दूसरों के इमोशंस को समझना, सिचुएशन के हिसाब से रियेक्ट करना या नहीं करना, और मुस्कुरा के चुप रह जाना, ये हाई EQ की निशानी है।

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