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CBSE सेक्रेटरी अनुराग त्रिपाठी का इंटरव्यू:12वीं का रिजल्ट आने में अभी वक्त लगेगा, जब तक हालात सामान्य नहीं होते तब तक जारी रहेगी ऑनलाइन क्लास

नई दिल्ली10 दिन पहलेलेखक: रवि यादव
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बच्चों के लिए CBSE हर बेहतर कदम उठा रही है। 12वीं का रिजल्ट आने में अभी वक्त लगेगा, क्योंकि अभी क्राइटेरिया तय नहीं हुआ है। कोरोना से देश ही नहीं, पुरी दुनिया के बच्चों को परेशानी हुई है। हमें उम्मीद है कि कुछ समय बाद हालात सामान्य होंगे और मौजूदा समय में चल रही ऑनलाइन कक्षाओं से बच्चों को निजात मिलेगी। भास्कर से विशेष बातचीत के दौरान CBSE के सेक्रेटरी अनुराग त्रिपाठी ने यह बात कही। पढ़िए इंटरव्यू के प्रमुख अंश...

सवाल : 12वीं की परीक्षाओं को रद्द करने के बाद CBSE कब तक रिजल्ट जारी करेगी?

जवाब : अभी तक क्राइटेरिया तय नहीं हुआ है। इसमें दो हफ्ते का वक्त लगेगा। जब एक बार क्राइटेरिया तय हो जाएगा, तब देशभर के सभी स्कूलों से डेटा इकट्ठा किया जाएगा। इसके बाद बच्चों का डेटा अपलोड होगा। इसमें लंबा समय लगेगा। अभी कोई निश्चित तारीख बताना संभव नहीं है, लेकिन मान के चलिए कि दो हफ्ते बाद क्राइटेरिया सर्कुलेट हो जाएगा।

सवाल : किन किन पैरामीटर्स को क्राइटेरिया बनाने के लिए शामिल किया जा रहा है?

जवाब : इसे तैयार होने में दो हफ्ते का वक्त लगेगा। इसको लेकर कमेटी बनाई गई है और वह काम कर रही है। जो फाइनल क्राइटेरिया बनेगा, वही लागू होगा। सभी उसी का इंतजार कर रहे हैं।

सवाल : CBSE की ओर से बच्चों को परीक्षा का मौका देने की बात कही गई है। बच्चे परीक्षा कब दे सकेंगे?

जवाब : बिल्कुल ऐसा होगा, क्योंकि जब परीक्षाओं को रद्द करने का सर्कुलर जारी हुआ था, तो ये भी तय हुआ था कि जो बच्चे अपने मौजूदा परिणाम से संतुष्ट नहीं होते हैं। वो बच्चे कोरोना महामारी थमने के बाद परीक्षा दे सकते हैं। ऐसे बच्चों को मौका दिया जाएगा।

सवाल : परीक्षा देने के बाद कौन से वाले परिणामों के अंक विद्यार्थी के लिए अंतिम रूप में मार्कशीट में दर्ज किए जाएंगे, पहले वाले या परीक्षा के बाद वाले?

जवाब : बहुत से बच्चे अपने जीवन में इंप्रूवमेंट की परीक्षा देते हैं। इसका मतलब ये है कि अगर आप अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं है तो दोबारा से नंबर बढ़ाने के लिए इंप्रूवमेंट की परीक्षा दे सकते हैं। ऐसे में जो परिणाम बाद में आएगा, वही फाइनल होगा।

सवाल : क्या आप मानते हैं कि 12वीं के छात्रों की पढ़ाई कोरोना की वजह से बाधित हुई है?

जवाब : हम 12वीं के बच्चों की परीक्षा कोरोना के कारण नहीं ले पा रहे हैं। बच्चों की अधिकतर पढ़ाई ऑनलाइन हुई है। इसमें कोई शक नहीं है कि करोना के कारण बच्चों को दिक्कत आई है। स्कूल और बच्चों को समस्याओं का सामना करना पड़ा है। यह सब पूरी दुनिया के साथ हुआ है।

सवाल : आज तो CBSE ने 12वीं का सिलेबस कम कर दिया, लेकिन आगे चलकर कॉम्पिटिशन के एग्जाम में इन बच्चों को खामियाजा भुगतना पड़ेगा?

जवाब : बच्चों के लिए जो बेहतर हो सकता है, वो सभी लोग कर रहे हैं। बच्चों के भविष्य को लेकर CBSC भी कोशिश कर रही है और बच्चे स्वयं भी लगे हुए हैं। इसको हमें खामियाजे के रूप में नहीं देखना चाहिए। जो बच्चे इन कठिन हालातों में पढ़ाई कर रहे हैं, उनके लिए हमने सिलेबस को 70% तक कम किया है। कॉम्पिटिशन एग्जाम किस प्रकार से होंगे, उनके बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता, क्योंकि मैं CBSC से हूं तो उन पर टिप्पणी करना उचित नहीं है।

सवाल : नए सेशन के बच्चों की कक्षाएं ऑनलाइन शुरू हो गई हैं और अब भी 18 वर्ष से कम वालों को वैक्सीन नहीं लग रही है तो बच्चों पर क्या फर्क पड़ेगा?

जवाब : मुझे उम्मीद है कि हालात आज नहीं तो कल जरूर ठीक हो जाएंगे। जब हालात ठीक होंगे तो बच्चों की पढ़ाई और सामान्य जीवन पटरी पर आ जाएगा। जब तक माहौल ठीक नहीं होता है, तब तक हमारे पास सबसे अच्छा उपाय ऑनलाइन क्लास ही है। इसी प्रकार से पिछले साल भी कक्षाएं चली थीं और इस साल भी ऑनलाइन पढ़ाई जारी है।

सवाल : आप देश भर के बच्चों को क्या कहना चाहेंगे?

जवाब : हम अपने स्कूलों में बच्चों को इस तरह तैयार करते हैं, ताकि कोई भी कठिन स्थिति आए तो बच्चे उसको जी सकें, निर्णय ले सकें और जीवन में आगे बढ़ सकें। कोरोना एक ऐसी समस्या है, जिससे पूरी दुनिया परेशान है। हम यही उम्मीद करते हैं कि हमारे बच्चे इन हालातों में रहने, जीने का प्रयास करेंगे। मैं बच्चों से यही कहना चाहता हूं कि शिक्षा का उद्देश्य उन्हें एक बेहतरीन इंसान बनाना है। इसलिए कोई भी बच्चा ऐसा न सोचे कि यदि परीक्षा नहीं हुई तो उससे कोई बहुत बड़ा नुकसान हो गया है।

परीक्षा कभी अंतिम नहीं होती है। वो तो जीवन भर चलती रहती हैं। नंबर लेने से ज्यादा महत्वपूर्ण है बच्चों को अपनी क्षमताओं का विकास करना। अगर नंबर कम भी आ गए और आपके पास क्षमता है तो आप अपने जीवन में जरूर सफल होंगे। बच्चों से निवेदन है कि नम्बरों की रेस से निकलते हुए अपनी क्षमताओं का विकास करें, जो जीवन को जीने में और देश को बनाने में ज्यादा कारगर होगी। क्षमताओं के विकास के लिए बच्चे सेल्फ स्टडी को लेकर आगे बढ़ें।

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