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सच्ची पत्रकारिता के साथ देश:भास्कर पर IT RAID का सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जोरदार विरोध, यूजर्स बोले- भास्कर में स्वाभिमान की खुशबू

2 महीने पहले

आयकर विभाग यानी IT ने दैनिक भास्कर ग्रुप पर छापा मारा है। सोशल मीडिया में लोग इस सरकारी कार्रवाई पर अपनी राय रख रहे हैं। ट्विटर पर #दैनिक_भास्कर, #दैनिक_भास्कर_सही_है, #DainikBhaskar जैसे अलग-अलग हैशटैग से दोपहर 1 बजे तक 1 लाख से अधिक ट्वीट्स हो चुके थे। यह लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हम यहां लाखों ट्वीट तो नहीं, लेकिन कुछ आम पाठकों के और कुछ राजनीतिक समेत बड़ी हस्‍तियों के ट्वीट्स, फेसबुक पोस्ट और इंस्टाग्राम पोस्ट ज्यों का त्यों रख रहे हैं...

क्या आप भास्कर की निर्भीक पत्रकारिता के साथ हैं? जवाब देने के लिए क्लिक कीजिए...

IT के छापे पर आम पाठक बोला- मुझे गर्व है कि मैं दैनिक भास्कर का पाठक हूं

  • बच्चा-बच्चा जानता था दैनिक भास्कर पर रेड होगी। बच्चा-बच्चा इस सरकार को समझता है।- राहुल सैनी
  • जो भाजपा की और मोदी-योगी की कमियां उजागर करेगा वो नाप दिया जाएगा। घोषित आपातकाल भले न हो लेकिन जो हालात हैं वो आपातकाल से भी भयावह हैं। - अंकित प्रतापगढ़ी
  • भास्कर में स्वाभिमान की खुशबू आती है- बाबा केसरी
  • आज भास्कर के साथ खड़े होने का वक्त है- मोहम्मद फारुख
  • दैनिक भास्कर हमेशा सच दिखाता है। किसी भी सरकार से झुका नहीं। मीडिया को ऐसे ही काम करना चाहिए।- अमित झाझरिया
  • जॉब नहीं है, भष्ट्राचार फैला है। दैनिक भास्कर ने सच दिखाया तो इनकम टैक्स के दर्शन हो जाते हैं। - रवींद्र सेन
  • आप पत्रकारिता के लिए खड़े नहीं हो सकते और कहते हैं कि मीडिया बिक चुकी है।- गौरव संचेती
  • दैनिक भास्कर ही आज पत्रकारिता कर रहा है।- अम्मार अख्तर

बंगाल, दिल्ली, राजस्‍थान और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों समेत बड़ी हस्तियों ने कहा- न दबिश चलेगी न दबाव, अब आएगा सच का सैलाब
दैनिक भास्कर पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के छापे देश की कई जानीमानी हस्तियों ने अपनी राय जाहिर की है। इनमें कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शमिल हैं।

एजेंसियां अपना काम कर रही हैंः अनुराग ठाकुर (सूचना प्रसारण मंत्री)
मोदी सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने संसद में भास्कर पर रेड के मामले पर जवाब ‌दिया। उनका कहना है कि सरकारी एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। इसमें सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है।

यह भाजपा की फासीवादी मानसिकता है जो सच्चाई देखना भी पसंद नहीं करती:अशोक गहलोत, (राजस्‍थान के मुख्यमंत्री)
दैनिक भास्कर अखबार और भारत समाचार न्यूज चैनल के कार्यालयों पर इनकम टैक्स का छापा मीडिया को दबाने का एक प्रयास है। मोदी सरकार अपनी रत्तीभर आलोचना भी बर्दाश्त नहीं कर सकती है। यह भाजपा की फासीवादी मानसिकता है जो लोकतंत्र में सच्चाई का आइना देखना भी पसंद नहीं करती है। ऐसी कार्रवाई कर मोदी सरकार मीडिया को दबाकर संदेश देना चाहती है कि यदि गोदी मीडिया नहीं बनेंगे तो आवाज कुचल दी जाएगी।

दैनिक भास्कर ने बहादुरी से रिपोर्ट किया है: ममता बनर्जी, (मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल)
पत्रकारों और मीडिया घरानों पर हमला लोकतंत्र को कुचलने का एक और क्रूर प्रयास है। दैनिक भास्कर ने बहादुरी से रिपोर्ट किया है कि कैसे मोदी सरकार की लापरवाही से कोरोना के दौरान देश को भयानक दिन देखने पड़े।

जो भाजपा सरकार के खिलाफ बोलेगा, उसे बख्शेंगे नहीं: अरविंद केजरीवाल, (मुख्यमंत्री, दिल्ली)
दैनिक भास्कर और भारत समाचार पर आयकर छापे मीडिया को डराने का प्रयास है। उनका संदेश साफ है- जो भाजपा सरकार के खिलाफ बोलेगा, उसे बख्शेंगे नहीं। ऐसी सोच बेहद खतरनाक है। सभी को इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। ये छापे तुरंत बंद किए जाएं और मीडिया को स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाए।

सच को निर्भीकता से उजागर कर रहे दैनिक भास्कर को दबाने का काम शुरू हो गया है​:​​​​​​ कमलनाथ (मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री)
मोदी सरकार में प्रजातंत्र के चौथे स्तंभ को दबाने का, सच को रोकने का काम शुरू से ही किया जा रहा है। अभी पेगासस जासूसी मामले में भी कई मीडिया संस्थान व उससे जुड़े लोग बड़ी संख्या में निशाने पर रहे हैं और अब सरकार की निरंतर पोल खोल रहे हैं। सच को देश भर में निर्भीकता से उजागर कर रहे दैनिक भास्कर मीडिया समूह को दबाने का काम शुरू हो गया है?

अपने विरोधियों को दबाने के लिए, सच को सामने आने से रोकने के लिए ईडी, आईटी व अन्य एजेंसियो का दुरुपयोग यह सरकार शुरू से ही करती रही है और यह काम आज भी जारी है? लेकिन ध्यान रखें कि सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं?

पत्रकारिता पर मोदीशाह का प्रहार: दिग्विजय सिंह, (मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री)
पत्रकारिता पर मोदीशाह का प्रहार!! मोदीशाह का एक मात्र हथियार IT ED CBI! मुझे विश्वास है अग्रवाल बंधु डरेंगे नहीं। दैनिक भास्कर के विभिन्न ठिकानों पर इनकम टैक्स इन्वेस्टिगेशन विंग की छापामार कार्रवाई शुरू। प्रेस कॉम्प्लेक्स सहित आधा दर्जन स्थानों पर मौजूद है इनकम टैक्स की टीम।

जैसे गंगा में शव तैरने लगे थे, मोदी सरकार भी छिप नहीं सकती: सीताराम येचुरी (महासचिव, CPIM)
मोदी सरकार का रेड राज काम नहीं करेगा। सच को डराने और दबाने का प्रयास हो रहा है। लेकिन जैसे गंगा में शव तैरने लगे थे, मोदी सरकार भी छिप नहीं सकती। दबाने के लिए सेंट्रल एजेंसियों का दुरुपयोग निंदनीय है।

सरकार कितनी बेशर्म हो जाएगी: ​​​​प्रशांत भूषण (सुप्रीम कोर्ट के वकील)
दैनिक भास्कर पर आयकर विभाग ने छापे मारे हैं। ये कार्रवाई मोदी सरकार के दौरान कोरोना से मौतें और जासूसी की खबर एक्सपोज करने के बाद की गई है। सरकार कितनी बेशर्म हो जाएगी? आज लोकतंत्र और अधिकारों का गला घोंटना निश्चित रूप से आपातकाल के दौरान से भी बदतर है।

छापे तो ट्रेलर हैं: अजीत अंजुम (वरिष्ठ पत्रकार)
अगर आप सत्ता से सवाल करने वाली पत्रकारिता करते हैं तो सलाखों के पीछे जाने को भी तैयार रहें। छापे तो ट्रेलर हैं। अगर मोदी और शाह की सत्ता के सामने लोटने/ लेटने और उनकी भजन/आरती वाली पत्रकारिता कर रहे हैं तो मस्त रहिए। आप तय कर लीजिए कि क्या करना है...

यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और गलत : प्रीतिश नंदी (फिल्मकार)
फिल्म डायरेक्टर और पत्रकार प्रीतिश नंदी ने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और गलत है। कई साल से सच्ची और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए प्रतिबद्ध न्यूज पेपर के रूप में दैनिक भास्कर की प्रतिष्ठा बेदाग है। यह एक ऐसी संस्था है, जिसका हम सभी को सम्मान करना चाहिए।

मीडिया में जांच चाहे वह आयकर के लिए हो या किसी और वजह से, भरोसेमंद तरीके से की जानी चाहिए। या फिर यह बदले की भावना की तरह लगता है। एक देश जो मीडिया का सम्मान नहीं करता, वह लोकतंत्र और बोलने की आजादी के बुनियादी सिद्धांत का अपमान करता है। निश्चित रूप से भारत ऐसे राष्ट्रों में गिना नहीं जाना चाहता।

मीडिया को पूरी तरह से गुलाम बनाने की एक और कोशिश: आशुतोष (वरिष्ठ पत्रकार)
मीडिया को पूरी तरह से गुलाम बनाने की एक और कोशिश? हिंदी के सबसे बड़े अखबार दैनिक भास्कर पर आयकर के छापे।

दर्जनों चैनलों को अपने इशारों पर नचाने वाले एक अखबार का सच तक बर्दाश्त नहीं कर सके: रोहिणी सिंह (वरिष्ठ पत्रकार)
दैनिक भास्कर के सभी दफ्तरों में आयकर विभाग के छापा। दर्जनों चैनलों को अपने इशारों पर नचाने वाले एक अखबार का सच तक बर्दाश्त नहीं कर सके। कितने कमजोर, कायर और डरपोक लोग बैठे हैं सरकार में? आपातकाल घोषित क्यों नहीं कर देते? अब बचा ही क्या है?

राजस्‍थान की कमियां उजागर की फिर भी CM अखबार के साथः अभिसार शर्मा (वरिष्ठ पत्रकार)
कोरोनाकाल में भास्कर ने राजस्‍थान सरकार की कमियां भी उजागर की थीं। इसके बाद भी कम से कम राजस्‍थान के मुख्यमंत्री भास्कर का साथ देने का साहस जुटा रहे हैं। ​​

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