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20 तस्वीरों में देखिए दुनिया का सबसे बड़ा आतंकी हमला:लादेन ने 4 यात्री विमानों को मिसाइल बनाकर WTC और पेंटागन पर किया था हमला, 3000 लोग मारे गए; खतरा टलने तक घंटों उड़ान भरते रहे राष्ट्रपति बुश

11 दिन पहले

बात 2001 की है। दुनिया नए मिलेनियम में कदम रख चुकी थी। इससे ठीक 10 साल पहले, 26 दिसंबर 1991 को सोवियत संघ के टूटने की औपचारिक घोषणा के साथ अमेरिका शीतयुद्ध को जीतकर दुनिया की अकेली महाशक्ति बन चुका था।

यह दौर था खालिस अमेरिका का। 1991 का पहला खाड़ी युद्ध हो या यूगोस्लाविया में हुए युद्ध, अमेरिका अपनी अद्वितीय सैन्य ताकत के बूते new world order बनाने में जुटा था। तभी तारीख आई 11 सितंबर 2001 की। अमेरिका के पाले-पोसे मुजाहिद्दीन ओसामा बिन लादेन ने अमेरिका पर ही दुनिया का सबसे भीषण आतंकी हमला किया। यह 9/11 के नाम से अमेरिकी लोगों के मानस पर हमेशा के लिए छप गया।

दुनिया ने इससे पहले कभी ऐसा आतंकी हमला नहीं देखा था। अमेरिका के तीन हवाई अड्डों से उड़े चार विमानों को ओसामा के ट्रेंड आतंकियों ने हाईजैक कर लिया। इनमें से बोस्टन से उड़े दो विमानों को मिसाइल बनाकर 18 मिनट के अंतर से मैनहैटन में वर्ल्ड ट्रेड टॉवर्स को उड़ा दिया गया।

वॉशिंगटन डीसी के करीब ड्यूल्स एयरपोर्ट से उड़े विमान को पेंटागन बिल्डिंग के दक्षिण पश्चिम हिस्से में क्रैश करा दिया गया। न्यूजर्सी के न्यूयॉर्क से उड़ान भरने वाला चौथा विमान पेन्सिल्वेनिया के करीब मैदान में क्रैश हो गया। आतंकियों ने इस विमान को हाईजैक कर रखा था, मगर यात्री आतंकियों से भिड़ गए और विमान क्रैश हो गया।

हमला इतना भयावह था कि अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा करने वाले सीक्रेट सर्विस के एजेंट राष्ट्रपति जॉर्ज बुश को कई घंटों तक एयरफोर्स वन में लेकर अमेरिका के आसमान में उड़ान भरते रहे। इस दौरान F-16 लड़ाकू विमानों को उनकी सुरक्षा में तैनात कर दिया गया।

आज इसी भयावह आतंकी हमले की 20वीं बरसी है। इस मौके पर सीक्रेट सर्विस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट हमले की कई ऐसी तस्वीरें जारी की हैं जो पहले कभी नहीं देखी गई थीं। ये तस्वीरें हमले के दौरान और उसके बाद सीक्रेट सर्विस के कर्मचारियों ने ली थीं। तो आइए देखते हैं कि दुनिया के सबसे बड़े आतंकी हमले की तस्वीरें...

अल कायदा के आतंकियों ने 11 सितंबर 2001 को अमेरिका के सबसे बड़े शहर न्यूयॉर्क में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (WTC) के दोनों टॉवरों पर यात्री विमानों को मिसाइल बनाकर हमला किया। इन हमलों के लिए अमेरिका के तीन हवाईअड्डों से चार यात्री विमानों को हाईजैक किया गया था। WTC के नार्थ टॉवर से पहला विमान टकराने के 17 मिनट बाद साउथ टॉवर से टकराने जाता दूसरा विमान। यह फोटो अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के एक कर्मचारी ने ली थी।
अल कायदा के आतंकियों ने 11 सितंबर 2001 को अमेरिका के सबसे बड़े शहर न्यूयॉर्क में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (WTC) के दोनों टॉवरों पर यात्री विमानों को मिसाइल बनाकर हमला किया। इन हमलों के लिए अमेरिका के तीन हवाईअड्डों से चार यात्री विमानों को हाईजैक किया गया था। WTC के नार्थ टॉवर से पहला विमान टकराने के 17 मिनट बाद साउथ टॉवर से टकराने जाता दूसरा विमान। यह फोटो अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के एक कर्मचारी ने ली थी।
11 सितंबर 2001 की सुबह हुए हमलों के 49 मिनट बाद WTC के दोनों टॉवर ढह गए। इससे आसपास की कई छोटी इमारतें भी तबाह हो गईं। ऐसी ही एक ईमारत के सामने खड़े फायर फाइटर। यह तस्वीर भी अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के एक कर्मचारी ने ली थी। सीक्रेट सर्विस ने पिछले दो दिनों में ऐसी कई अनदेखी तस्वीर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जारी की हैं।
11 सितंबर 2001 की सुबह हुए हमलों के 49 मिनट बाद WTC के दोनों टॉवर ढह गए। इससे आसपास की कई छोटी इमारतें भी तबाह हो गईं। ऐसी ही एक ईमारत के सामने खड़े फायर फाइटर। यह तस्वीर भी अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के एक कर्मचारी ने ली थी। सीक्रेट सर्विस ने पिछले दो दिनों में ऐसी कई अनदेखी तस्वीर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जारी की हैं।
भीषण आतंकी हमले ने WTC के दोनों टॉवर ही नहीं बल्कि आसपास की कई इमारतों को तबाह कर दिया। आग इतनी भीषण थी कि टि्वन टॉवर के मलबे में 3 महीनों तक आग धधकती रही। इसके बावजूद न्यूयॉर्क पुलिस डिपार्टमेंट के जवान कई दिनों तक बिना सोए मलबे से लोगों को बचाने की कोशिश में जुटे रहे। हालांकि आग के चलते ज्यादातर लोगों की मौत हो चुकी थी। यह तस्वीर भी अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने जारी की है।
भीषण आतंकी हमले ने WTC के दोनों टॉवर ही नहीं बल्कि आसपास की कई इमारतों को तबाह कर दिया। आग इतनी भीषण थी कि टि्वन टॉवर के मलबे में 3 महीनों तक आग धधकती रही। इसके बावजूद न्यूयॉर्क पुलिस डिपार्टमेंट के जवान कई दिनों तक बिना सोए मलबे से लोगों को बचाने की कोशिश में जुटे रहे। हालांकि आग के चलते ज्यादातर लोगों की मौत हो चुकी थी। यह तस्वीर भी अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने जारी की है।
अमेरिकन सीक्रेट सर्विस में काम करने वाले एक शख्स ने 11 सितंबर 2001 को आतंकी हमले के बाद ढहते वर्ल्ड ट्रेड टॉवर (WTC) की यह तस्वीर अपने डिपार्टमेंट को दी। दुनिया ने पहली बार ढहते WTC की ऐसी तस्वीर देखी।
अमेरिकन सीक्रेट सर्विस में काम करने वाले एक शख्स ने 11 सितंबर 2001 को आतंकी हमले के बाद ढहते वर्ल्ड ट्रेड टॉवर (WTC) की यह तस्वीर अपने डिपार्टमेंट को दी। दुनिया ने पहली बार ढहते WTC की ऐसी तस्वीर देखी।
9/11 हमले की यह तस्वीर भी पहली बार दुनिया के सामने आई है। तस्वीर में अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के न्यूयॉर्क फील्ड ऑफिस के बेसमेंट में खड़ी बख्तरबंद लिमोजिन गाड़ियां नजर आ रही हैं। यह ऑफिस WTC के करीब ही था। WTC ढहने से सीक्रेट सर्विस की सभी बख्तरबंद लिमोजिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं।
9/11 हमले की यह तस्वीर भी पहली बार दुनिया के सामने आई है। तस्वीर में अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के न्यूयॉर्क फील्ड ऑफिस के बेसमेंट में खड़ी बख्तरबंद लिमोजिन गाड़ियां नजर आ रही हैं। यह ऑफिस WTC के करीब ही था। WTC ढहने से सीक्रेट सर्विस की सभी बख्तरबंद लिमोजिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं।
9/11 हमले के 1 घंटे 42 मिनट बाद WTC के दोनों टॉवर ढह चुके थे। तभी सीक्रेट सर्विस के एक कर्मचारी ने अपने कैमरे से ग्राउंड जीरो की तस्वीर ली थी। साफ नजर आ रहा है कि WTC के दोनों टॉवर ढहने के बाद आसपास का क्या हाल था। चारों तरफ कंक्रीट ढहने से उठी धूल और जले ईंधन की गंध फैली थी।
9/11 हमले के 1 घंटे 42 मिनट बाद WTC के दोनों टॉवर ढह चुके थे। तभी सीक्रेट सर्विस के एक कर्मचारी ने अपने कैमरे से ग्राउंड जीरो की तस्वीर ली थी। साफ नजर आ रहा है कि WTC के दोनों टॉवर ढहने के बाद आसपास का क्या हाल था। चारों तरफ कंक्रीट ढहने से उठी धूल और जले ईंधन की गंध फैली थी।
9/11 हमले के बाद सीक्रेट सर्विस के एक कर्मचारी ने यह तस्वीर भी ली थी। इसमें हाइजैक किए गए विमानों के टकराने के बाद धधकते WTC के दोनों टॉवर नजर आ रहे हैं। सीक्रेट सर्विस ने यह तस्वीर भी अपने ट्विटर अकाउंड पर शेयर की है।
9/11 हमले के बाद सीक्रेट सर्विस के एक कर्मचारी ने यह तस्वीर भी ली थी। इसमें हाइजैक किए गए विमानों के टकराने के बाद धधकते WTC के दोनों टॉवर नजर आ रहे हैं। सीक्रेट सर्विस ने यह तस्वीर भी अपने ट्विटर अकाउंड पर शेयर की है।
आतंकी हमले के बाद वर्ल्ड ट्रे़ड सेंटर (WTC) के दोनों टॉवर्स के कई फ्लोर्स में आग लग गई। इस दौरान उत्तरी टॉवर से एक शख्स अपनी जान बचाने के लिए कूद गया। तस्वीर में एक और शख्स खिड़की से बाहर झांकता दिखाई दे रहा है। इस दौरान बिल्डिंग धधकती रही।
आतंकी हमले के बाद वर्ल्ड ट्रे़ड सेंटर (WTC) के दोनों टॉवर्स के कई फ्लोर्स में आग लग गई। इस दौरान उत्तरी टॉवर से एक शख्स अपनी जान बचाने के लिए कूद गया। तस्वीर में एक और शख्स खिड़की से बाहर झांकता दिखाई दे रहा है। इस दौरान बिल्डिंग धधकती रही।
वर्ल्ड ट्रेड टॉवर (WTC) पर 11 सितंबर 2001 पर आतंकी हमले के चलते उसके उत्तरी टॉवर से तेजी से धुआं निकलने लगा। इससे पहले सुबह 9:59 मिनट पर साउथ टॉवर ढह गया और इसके ठीक 29 मिनट बाद नार्थ टॉवर भी गिर गया।
वर्ल्ड ट्रेड टॉवर (WTC) पर 11 सितंबर 2001 पर आतंकी हमले के चलते उसके उत्तरी टॉवर से तेजी से धुआं निकलने लगा। इससे पहले सुबह 9:59 मिनट पर साउथ टॉवर ढह गया और इसके ठीक 29 मिनट बाद नार्थ टॉवर भी गिर गया।
11 सितंबर 2001 की सुबह 8:46 पर अल कायदा के आतंकियों ने पहला यात्री विमान WTC के नार्थ टॉवर से टकरा दिया। इसके 17 मिनट बाद यानी सुबह 9:03 पर दूसरा यात्री विमान साउथ टॉवर में क्रैश कर दिया। हमले से इन टॉवर्स में लगी आग 3 महीने तक धधकती रही।
11 सितंबर 2001 की सुबह 8:46 पर अल कायदा के आतंकियों ने पहला यात्री विमान WTC के नार्थ टॉवर से टकरा दिया। इसके 17 मिनट बाद यानी सुबह 9:03 पर दूसरा यात्री विमान साउथ टॉवर में क्रैश कर दिया। हमले से इन टॉवर्स में लगी आग 3 महीने तक धधकती रही।
WTC के दोनों टॉवर ढहने के बाद जान बचाकर भागते लोग। इस दौरान भी तमाम लोग दूसरों का साथ देते नजर आए। टेलीविजन पर लाइव टेलीकास्ट हुए इस हमले ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया।
WTC के दोनों टॉवर ढहने के बाद जान बचाकर भागते लोग। इस दौरान भी तमाम लोग दूसरों का साथ देते नजर आए। टेलीविजन पर लाइव टेलीकास्ट हुए इस हमले ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया।
आतंकी हमले से WTC के दोनों टॉवर ढहने के तुरंत बाद बचाया गया एक फाइटर। टॉवरों के ढहने से पहले सैकड़ों फायर फाइटर इनमें घुसकर लोगों को बाहर निकालने में जुटे थे। तभी दोनों बिल्डिंग गिर गईं और इनमें दबकर तकरीबन 400 फायरफाइटर्स और पुलिसवालों की मौत हो गई।
आतंकी हमले से WTC के दोनों टॉवर ढहने के तुरंत बाद बचाया गया एक फाइटर। टॉवरों के ढहने से पहले सैकड़ों फायर फाइटर इनमें घुसकर लोगों को बाहर निकालने में जुटे थे। तभी दोनों बिल्डिंग गिर गईं और इनमें दबकर तकरीबन 400 फायरफाइटर्स और पुलिसवालों की मौत हो गई।
एडवर्ड फाइन नाम का यह शख्स WTC का पहला टॉवर ढहने के बाद कंक्रीट की धूल से बाहर निकल कर आया। पूरी तरह मिट्टी और धूल से ढके एडवर्ड ने अपना नाक और मुंह रुमाल से ढक रखा था। नार्थ टॉवर पर हमले के समय वे 79वीं मंजिल पर थे, मगर उसके ढहने से पहले ही वह बाहर निकल आए।
एडवर्ड फाइन नाम का यह शख्स WTC का पहला टॉवर ढहने के बाद कंक्रीट की धूल से बाहर निकल कर आया। पूरी तरह मिट्टी और धूल से ढके एडवर्ड ने अपना नाक और मुंह रुमाल से ढक रखा था। नार्थ टॉवर पर हमले के समय वे 79वीं मंजिल पर थे, मगर उसके ढहने से पहले ही वह बाहर निकल आए।
हाइजैक किए गए चार विमानों में से तीसरा वॉशिंगटन डीसी के करीब ड्यूल्स एयरपोर्ट से उड़ा था। कुछ देर बाद आतंकियों ने इसे पेंटागन बिल्डिंग के दक्षिण पश्चिम हिस्से में क्रैश करा दिया। इस हमले में 184 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें विमान हाईजैक करने वाले पांच आतंकी भी शामिल थे।
हाइजैक किए गए चार विमानों में से तीसरा वॉशिंगटन डीसी के करीब ड्यूल्स एयरपोर्ट से उड़ा था। कुछ देर बाद आतंकियों ने इसे पेंटागन बिल्डिंग के दक्षिण पश्चिम हिस्से में क्रैश करा दिया। इस हमले में 184 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें विमान हाईजैक करने वाले पांच आतंकी भी शामिल थे।
पेंटागन पर हमले के बाद कर्मचारी रैक्वैल कैली को शांत कराते आर्मी रिजर्व के डिप्टी चीफ कर्नल मैल्कम ब्रूज वेस्कॉट। इस दौरान कैली का इलाज भी किया गया। पेंटागन अमेरिका रक्षा विभाग का हेडक्वार्टर है। इसकी बिल्डिंग का आकार पंचकोणीय है, इसलिए इसे पेंटागन कहा जाता है।
पेंटागन पर हमले के बाद कर्मचारी रैक्वैल कैली को शांत कराते आर्मी रिजर्व के डिप्टी चीफ कर्नल मैल्कम ब्रूज वेस्कॉट। इस दौरान कैली का इलाज भी किया गया। पेंटागन अमेरिका रक्षा विभाग का हेडक्वार्टर है। इसकी बिल्डिंग का आकार पंचकोणीय है, इसलिए इसे पेंटागन कहा जाता है।
11 सितंबर 2001 की सुबह 9:05 पर राष्ट्रपति जॉर्ज बुश को आतंकी हमले की जानकरी दी गई थी। तब बुश फ्लोरिडा के एक एलिमेंट्री स्कूल के एक कार्यक्रम में किताब की रीडिंग शुरू करने ही वाले थे। तभी चीफ ऑफ स्टाफ एंड्रयू कार्ड ने उनके कानन में बताया कि वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (WTC) से दूसरा यात्री विमान टकराया है और यह कोई हादसा नहीं बल्कि अमेरिका पर हमला हुआ है।
11 सितंबर 2001 की सुबह 9:05 पर राष्ट्रपति जॉर्ज बुश को आतंकी हमले की जानकरी दी गई थी। तब बुश फ्लोरिडा के एक एलिमेंट्री स्कूल के एक कार्यक्रम में किताब की रीडिंग शुरू करने ही वाले थे। तभी चीफ ऑफ स्टाफ एंड्रयू कार्ड ने उनके कानन में बताया कि वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (WTC) से दूसरा यात्री विमान टकराया है और यह कोई हादसा नहीं बल्कि अमेरिका पर हमला हुआ है।
न्यूयॉर्क में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (WTC), वॉशिंगटन में पेंटागन और पेन्सिल्वेनिया में यात्री विमानों से हुए आतंकी हमलों की खबर मिलते ही अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की सुरक्षा के लिए उन्हें एयरफोर्स वन में बैठाकर अमेरिका के आसमान में घुमाना शुरू कर दिया। जॉर्ज बुश इस दौरान पल-पल की खबर लेते रहे।
न्यूयॉर्क में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (WTC), वॉशिंगटन में पेंटागन और पेन्सिल्वेनिया में यात्री विमानों से हुए आतंकी हमलों की खबर मिलते ही अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की सुरक्षा के लिए उन्हें एयरफोर्स वन में बैठाकर अमेरिका के आसमान में घुमाना शुरू कर दिया। जॉर्ज बुश इस दौरान पल-पल की खबर लेते रहे।
9/11 हमले के तीन दिन बाद 14 सितंबर 2001 को राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के साथ सीक्रेट सर्विस के डिप्टी असिस्टेंट डायरेक्टर फ्रैंक लार्किन (बाएं) ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। य़ह तस्वीर भी गुरुवार को सीक्रेट सर्विस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जारी की है।
9/11 हमले के तीन दिन बाद 14 सितंबर 2001 को राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के साथ सीक्रेट सर्विस के डिप्टी असिस्टेंट डायरेक्टर फ्रैंक लार्किन (बाएं) ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। य़ह तस्वीर भी गुरुवार को सीक्रेट सर्विस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जारी की है।
9/11 के आतंकी हमले से पहले न्यूयॉर्क शहर की skyline में सबसे ऊंचे नजर आते थे वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (WTC) के दोनों टॉवर। ये दोनों टॉवर अमेरिकी पूंजीवाद के प्रतीक थे। अल कायदा ने अमेरिका के इसी गर्व को तोड़ने के लिए इन्हें हमले के लिए चुना था। वहीं पेंटागन को अमेरिकी सैन्य ताकत को चुनौती देने के लिए चुना गया था।
9/11 के आतंकी हमले से पहले न्यूयॉर्क शहर की skyline में सबसे ऊंचे नजर आते थे वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (WTC) के दोनों टॉवर। ये दोनों टॉवर अमेरिकी पूंजीवाद के प्रतीक थे। अल कायदा ने अमेरिका के इसी गर्व को तोड़ने के लिए इन्हें हमले के लिए चुना था। वहीं पेंटागन को अमेरिकी सैन्य ताकत को चुनौती देने के लिए चुना गया था।
9/11 हमले के बाद वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (WTC) के दोनों टॉवर की जगह को 88 जीनॉन लाइटबल्ब के जरिए रोशनी से ट्विन टॉवर बनाए गए। इसके साथ ही वहां मारे गए लोगों की याद में मेमोरियल और एक और ऊंचे टॉवर का निर्माण शुरू हुआ।
9/11 हमले के बाद वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (WTC) के दोनों टॉवर की जगह को 88 जीनॉन लाइटबल्ब के जरिए रोशनी से ट्विन टॉवर बनाए गए। इसके साथ ही वहां मारे गए लोगों की याद में मेमोरियल और एक और ऊंचे टॉवर का निर्माण शुरू हुआ।
2001 में हुए इन आतंकी हमलों के चार साल के भीतर ही दोनों टॉवर की जगह मेमोरियल और म्यूजियम बना दिए और One World Trade Center बना दिया गया। इस बिल्डिंग की ऊंचाई 1776 फीट यानी 541.3 मीटर ऊंची है। डेनियल लिबेसकाइंड इसके आर्किटेक्ट हैं।
2001 में हुए इन आतंकी हमलों के चार साल के भीतर ही दोनों टॉवर की जगह मेमोरियल और म्यूजियम बना दिए और One World Trade Center बना दिया गया। इस बिल्डिंग की ऊंचाई 1776 फीट यानी 541.3 मीटर ऊंची है। डेनियल लिबेसकाइंड इसके आर्किटेक्ट हैं।

और यह 21वीं तस्वीर, जब 7 अक्टूबर को अफगानिस्तान में अमेरिका की 20 साल लंबी लड़ाई शुरू हुई

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