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भास्कर इंटरव्यूकेजरीवाल कहेंगे तो भी पॉलिटिक्स में नहीं आऊंगा:मैंने प्रवेश वर्मा के पिता के साथ भी काम किया है, उन्हें गलतफहमी हुई थी

3 महीने पहलेलेखक: वैभव पलनीटकर

‘तू यहां पर डुबकी लगा चल, यहां पर लोग आएंगे डुबकी लगाने, तू लगाके दिखा पहले। तुम्हें 8 साल में याद नहीं आया। शर्म नहीं आती तुम्हें। बकवास कर रहा है यहां पर, बेशर्म घटिया आदमी।’

29 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें वेस्ट दिल्ली से BJP सांसद प्रवेश वर्मा यमुना के किनारे कालिंदी कुंज घाट पर खड़े नजर आए। पास खड़े दिल्ली जल बोर्ड के एक अधिकारी को वे बदतमीजी से दुत्कार रहे थे। यह अधिकारी छठ से पहले पानी से जहरीले झाग हटाने के लिए केमिकल का छिड़काव करा रहा था। प्रवेश वर्मा बार-बार अफसर को नहाने के लिए चैलेंज देते हैं। अफसर समझाने की कोशिश करता है, लेकिन उसे घटिया और न जाने क्या-क्या कह दिया जाता है।

ये सब देखकर वहीं मौजूद एक शख्स भड़क जाता है। वह प्रवेश वर्मा और तेजिंदर सिंह बग्गा को आड़े हाथों ले लेता है। प्रवेश से केमिकल का नाम पूछ लेता है, जिसे वे जहरीला बता रहे थे। चारों तरफ चुप्पी छा जाती है। वीडियो के आखिर में नेता लौटते दिखते हैं। अगले दिन यही अधिकारी यमुना किनारे पानी से नहाता है और दावा करता है कि यमुना का पानी नहाने के लिए सुरक्षित है।

दैनिक भास्कर ने यमुना साफ कर रहे दिल्ली जल बोर्ड के उसी अधिकारी संजय शर्मा से मुलाकात कर उनका पक्ष जाना, पढ़िए…

सवाल: आप उस दिन यमुना किनारे क्या कर रहे थे? जल बोर्ड में आप करते क्या हैं?
जवाब: मेरा नाम संजय शर्मा है। मैं दिल्ली जल बोर्ड में ट्रीटमेंट एंड क्वालिटी कंट्रोल में डायरेक्टर के पद पर काम करता हूं। ये विभाग दिल्ली सरकार के तहत आता है। मेरा काम है पूरी दिल्ली के पानी की गुणवत्ता पर नजर रखना, वाटर ट्रीटमेंट और सीवेज ट्रीटमेंट को लगातार मॉनिटर करना। उस दिन मैं यमुना के जहरीले झागों को खत्म करने के लिए घाटों पर केमिकल का छिड़काव करा रहा था।

सवाल: वह कौन सा केमिकल था, जिसे लेकर प्रवेश वर्मा भड़क गए थे? क्या वह सुरक्षित है?
जवाब: हमें ऐसा केमिकल चाहिए था, जिसका कोई हानिकारक प्रभाव न हो। खासकर छठ पर्व पर स्नान करने आए लोगों को कोई नुकसान न पहुंचे। हमने पॉलीऑक्सीन प्रोपेलीन ग्रुप का सिलिकॉन बेस्ड डीफोमर को चुना। इस केमिकल का इस्तेमाल फूड इंडस्ट्री जैसे चिप्स बनाने वाली कंपनियां तेल के ऊपर जमे झाग को हटाने के लिए करती हैं। ये किसी तरह से भी हानिकारक नहीं है।

सवाल: 29 अक्टूबर को जो वीडियो वायरल हुआ, उसके बारे में बताइए, आखिर विवाद शुरू कैसे हुआ?
जवाब: दिल्ली सरकार ही नहीं, केंद्र सरकार ने भी मुझे यमुना नदी से जहरीले झाग हटाने की जिम्मेदारी सौंपी है। मैं कई दिन से ये काम कर रहा था और 31 अक्टूबर की सुबह तक इस केमिकल का छिड़काव करा रहा था। हमारा लक्ष्य छठ पर्व के लिए घाट के पानी को साफ करना था।

प्रवेश वर्मा जी सांसद हैं और मेरे लिए भी आदरणीय हैं। शायद उन्हें कुछ गलतफहमी हो गई थी, वे अचानक कहने लगे कि आप पानी में जहर डाल रहे हो। मैंने उन्हें बताया भी कि हम यमुना के पानी में कौन सा केमिकल मिला रहे हैं और वह कितना सुरक्षित है। इस केमिकल को सरकारी एजेंसियों से ही छिड़काव की मंजूरी मिली है। मैं ही शायद उन्हें ठीक से समझा नहीं पाया, ये पूरी घटना काफी दुखद है।

सवाल: वायरल वीडियो में प्रवेश वर्मा आपसे बदतमीजी करते नजर आ रहे हैं। जब ये हो रहा था क्या आपको भी गुस्सा आया, आपके दिमाग में क्या चल रहा था?
जवाब: मेरी कोशिश यही थी कि मैं सांसद प्रवेश वर्मा को सब समझा पाऊं। मैं दिल्ली की जनता के प्रति जितना जवाबदेह हूं, उतना ही वो भी हैं। मैं ये जानता था कि उन्हें किसी ने गलत जानकारी दी है इसलिए वे गुस्सा हो रहे हैं।

सवाल: आप सोशल मीडिया पर वायरल हुए तो अगले ही दिन आप यमुना किनारे पानी से नहाने लगे, प्रवेश वर्मा भी कह रहे थे, तब आपने ऐसा क्यों नहीं किया? क्या ये पॉलिटिकल स्टंट था?
जवाब:
जो इसे पॉलिटिकल स्टंट मान रहा है, वह मानता रहे। वह उसका काम है। मेरा काम राजनीति करना नहीं है। हमारी जवाबदेही जनता के प्रति है, किसी सरकार या राजनीतिक पार्टी के प्रति नहीं। जनता के टैक्स के पैसे ही हमें तनख्वाह मिलती है और उसी से हमारा परिवार चलता है।

जहां तक मेरी उस केमिकल वाले पानी से नहाने की बात है तो मैं जनता के सामने ये फैक्ट लाना चाहता था कि ये पानी केमिकल के छिड़काव के बावजूद किसी तरह हानिकारक नहीं है। सांसद प्रवेश वर्मा ने उस वीडियो में जो कहा उससे लोगों में गलत जानकारियां फैल रही थीं। मेरे पास एक ही रास्ता बचा था कि मैं खुद नहाकर जनता के सामने सच्चाई को साबित करूं।

सवाल: वायरल वीडियो अपनी जगह है, लेकिन छठ पर्व के मौके पर हर साल ही यमुना में जहरीले झाग नजर आते हैं। क्या इससे स्थायी तौर पर निपटने का कोई प्लान है?
जवाब:
यमुना नदी में हर साल झाग तैयार होता है। इस साल दिल्ली जल बोर्ड के वाइस चेयरमैन सौरभ भारद्वाज ने छठ पूजा पर दिल्ली जल बोर्ड को तैयारी करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि इस बार छठ पर यमुना के किनारे झाग नहीं होना चाहिए।

इसके बाद हमने पिछले 5 साल के डेटा के जरिए स्टडी की और झाग हटाने के लिए प्लान तैयार किया। हमने तय किया कि हम डीफोमर का छिड़काव करेंगे। ये डीफोमर ऐसा होना चाहिए जिससे स्नान करने वालों को नुकसान न पहुंचे।

सवाल: इस वीडियो के बाद आप काफी मशहूर हो गए हैं। अगर अरविंद केजरीवाल आपको बुलाएं और कहें कि AAP में शामिल होकर चुनाव लड़ो, तो क्या जवाब होगा?
जवाब: हा हा हा। मेरा जवाब मेरी इस हंसी में ही है। मैं साफ तौर पर उन्हें मना कर दूंगा। पानी की सफाई मेरा पैशन है, मैं इसी के लिए काम करना चाहता हूं। पॉलिटिक्स में आकर भी जनता की सेवा करनी होती है, लेकिन मैं चाहता हूं कि मैं अधिकारी के रूप में ही जनता की सेवा करूं। केजरीवाल कहेंगे तो भी राजनीति में नहीं आऊंगा।

सवाल: यमुना का पानी इतना गंदा और काला क्यों है? क्या कभी इसकी सफाई संभव है?
जवाब: मैं आज ही जल विभाग के वैज्ञानिकों के साथ इस बारे में चर्चा कर रहा था। अगर आप पौराणिक ग्रंथों को देखें तो उनमें भी यमुना नदी के श्याम वर्ण होने का जिक्र मिलता है। यमुना आज से श्याम वर्ण की नहीं है, ये काफी पहले से ऐसी ही है। यमुना की तलहटी (बेड) ही काले रंग की है।

इसलिए यमुना के पानी का रिफलेक्शन काले रंग का है। अगर आप पानी को कांच के गिलास या बीकर में उठाकर देंगे तो वो उतना गंदा या काला नजर नहीं आएगा, जितनी काली नदी दिखती है। मैं सैटेलाइट मैप के जरिए भी इस बात को साबित कर सकता हूं।

सवाल: अरविंद केजरीवाल ने 2025 तक यमुना साफ करने का वादा किया है, क्या हो पाएगी?
जवाब:
मैंने साल 1989 में दिल्ली जल बोर्ड में काम शुरू किया था और मेरी सर्विस अब 33 साल की हो गई है। अब तक मैंने किसी भी सरकार को यमुना को लेकर इतना गंभीर नहीं देखा। दिल्ली जल बोर्ड पूरी गंभीरता से यमुना को साफ करने के लिए काम कर रहा है। दिल्ली जल बोर्ड के वैज्ञानिकों ने मेहनत करके एक टेक्नोलॉजी विकसित की है जिसे इसास्मा सीडी के नाम से जाना जाता है।

सवाल: कांग्रेस, BJP या फिर AAP? कौन सी पार्टी यमुना साफ करने के लिए सबसे ज्यादा गंभीर रही है?
जवाब: दिल्ली जल बोर्ड में अधिकारी रहते हुए मैंने प्रवेश वर्मा के पिता साहिब सिंह वर्मा के साथ भी काम किया है। मदनलाल खुराना भी हमारे चेयरमैन रहे हैं, वे एक्सीलेंट काम करते थे। कांग्रेस में शीला दीक्षित सरकार के साथ मैंने काम किया।

आज अरविंद केजरीवाल सरकार पिछली सरकारों के मुकाबले यमुना की सफाई पर ज्यादा तेजी से काम कर रही है, इसमें कोई शक नहीं है। खुद डिप्टी CM मनीष सिसोदिया पिछले 2 दिन में 3 बार फोन करके घाटों की सफाई की अपडेट ले चुके हैं।

पूरा मामला जानने के लिए ये खबरें पढ़ें...
1. केमिकल तेरे सिर पर डाल दूंगा, BJP सांसद ने अफसर से की बदसलूकी

भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के अफसर संजय शर्मा से उनके सिर पर केमिकल डालने की बात कही। छठ पूजा के लिए यमुना की सफाई के लिए पानी में केमिकल डाला जा रहा है। प्रवेश वर्मा ने इसे जहरीला केमिकल बताते हुए नाराजगी जताई। सांसद ने अफसर से बदतमीजी की तो पब्लिक ने उन्हें जवाब दिया।
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2. दिल्ली जल बोर्ड डायरेक्टर का यमुना स्नान, फटकारने वाले BJP सांसद को जवाब

दिल्ली जल बोर्ड के डायरेक्टर संजय शर्मा ने रविवार को यमुना के पानी से नहाकर बताया कि यमुना का पानी साफ है, जहरीला नहीं। संजय शर्मा ने यमुना का पानी बाल्टी में भरवाया और उससे नहाते हुए वीडियो बनवाया। उन्होंने कहा कि लोग इसमें बेझिझक डुबकी लगा सकते हैं। BJP सांसद प्रवेश शर्मा ने संजय शर्मा को यमुना के पानी में नहाने की चुनौती दी थी।
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