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आज की पॉजिटिव खबर:अनुग्रह ने 18 साल की उम्र में टेक स्टार्टअप शुरू किया; कई बड़ी कंपनियां उनकी कस्टमर, लाखों में कमाई

9 महीने पहलेलेखक: सुनीता सिंह

दिल्ली के रहने वाले अनुग्रह सेतया को बचपन से कम्प्यूटर और टेक्नोलॉजी में दिलचस्पी थी। वे इंटरनैट के जरिए इसके बारे में जानकारी जुटाते रहते थे। 15 साल की उम्र में टेक्नोलॉजी के फील्ड में इनोवेशन करना शुरू किया और आज 21 साल की उम्र में भारत के यंग टेक एंटरप्रेन्योर में उनका नाम शामिल है। अनुग्रह अपने दोस्तों के साथ मिलकर ‘हाइब्रिड आइडिया सॉलूशन्स’ नाम से खुद का स्टार्टअप चला रहे हैं। इसके जरिए वे कई कंपनियों और NGO को टेक्निकल सपोर्ट मुहैया करा रहे हैं। इसको लेकर उन्हें कई अवॉर्ड्स भी मिल चुके हैं। साथ ही वे अच्छी खासी कमाई भी कर रहे हैं।

आज की पॉजिटिव खबर में जानिए कम उम्र में कामयाबी की राह तैयार करने वाले अनुग्रह की कहानी, जो इनोवेशन और टेक्नोलॉजी की मदद से कई लोगों के काम को आसान बना रहे हैं …

15 साल की उम्र से दूसरों को सीखा रहे हैं

18 साल की उम्र में अनुग्रह ने अपने दोस्त फैज के साथ मिल कर हाइब्रिड आइडिया सॉलूशन्स नाम की कंपनी शुरू की।
18 साल की उम्र में अनुग्रह ने अपने दोस्त फैज के साथ मिल कर हाइब्रिड आइडिया सॉलूशन्स नाम की कंपनी शुरू की।

अनुग्रह सेतया फिलहाल एसआरएम यूनिवर्सिटी से B Tech कर रहे हैं। अनुग्रह को इंटरनेट और टेक्नोलॉजी में बचपन से ही दिलचस्पी रही। वे नयी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके कोई इनोवेशन करना चाहते थे। इसलिए उन्होंने 13-14 साल की उम्र से ही यूट्यूब के जरिए कोडिंग सीखना शुरू कर दिया था।

अनुग्रह कहते हैं, 'मैं लकी था कि मेरे पास कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा बचपन से ही थी। मैं अलग-अलग इनोवेशन को लेकर रिसर्च करता रहता था। जब मैं 9वीं क्लास में था तब दूसरे बच्चों को होम ऑटोमेशन सिस्टम, यानी फोन से घर की लाइट को कंट्रोल करने के तरीकों के बारे में वर्कशॉप देने लगा। इस तरह टेक्नोलॉजी के फील्ड में मेरी दिलचस्पी बढ़ती गई। फिर मुझे लगा कि अब खुद का कुछ शुरू करना चाहिए। 18 साल की उम्र में उन्होंने अपने दोस्त फैज के साथ मिल कर हाइब्रिड आइडिया सॉलूशन्स नाम की कंपनी शुरू कर दी।'

क्या है हाइब्रिड आइडिया सोलूशन्स

अनुग्रह ने जनांजल (वाटर ATM) के लिए एक खास तरह की टेक्नोलॉजी बनाई है। इसकी मदद से दूर से भी इसे ऑपरेट किया जा सकता है।
अनुग्रह ने जनांजल (वाटर ATM) के लिए एक खास तरह की टेक्नोलॉजी बनाई है। इसकी मदद से दूर से भी इसे ऑपरेट किया जा सकता है।

अनुग्रह कहते हैं, 'आज के दौर में हमारी लाइफ बहुत हद तक टेक्नोलॉजी पर निर्भर है। हमारा काम मिडिलमैन की तरह है। हम कंपनियों के मौजूदा काम को टेक्नोलॉजी की मदद से बड़े स्तर पर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने में मदद करते हैं। हर कंपनी की जरूरत के हिसाब से हम ऐप्स या डिवाइस बनाते हैं, ताकि उनका मौजूदा काम आसान हो साथ ही उनके काम के बारे में बड़े स्तर पर लोगों को पता चले।'

'जैसे हमने जनांजल (वाटर ATM) के लिए एक खास तरह की टेक्नोलॉजी बनाई है। जनांजल का उद्देश्य लोगों तक शुद्ध और साफ पीने का पानी पहुंचाना है और वह भी बहुत ही कम कीमत में। इसके लिए उन्होंने देश में अलग-अलग जगह पर वाटर ATM लगाए हैं, जहां से लोग साफ और शुद्ध पीने का पानी ले सकते हैं। वाटर ATM को और एडवांस बनाने के लिए हमने खास तरह की डिवाइस बनाई है। इसकी मदद से जनांजल के अधिकारी अपने दफ्तर में रहते हुए ही पानी की गुणवत्ता, पीएच लेवल जैसी चीजें चेक कर सकते हैं। किसी कारण इन वाटर ATM में कोई समस्या आती है तो टीम को तुरंत अलर्ट भी मिल जाता है।'

Apex Band‘ बनाने से शुरुआत हुई

अनुग्रह को उनके इनोवेशन के लिए भारत के ‘टॉप 100 यंग इनोवेटर्स’ की लिस्ट में शामिल किया गया है।
अनुग्रह को उनके इनोवेशन के लिए भारत के ‘टॉप 100 यंग इनोवेटर्स’ की लिस्ट में शामिल किया गया है।

अनुग्रह ने शुरुआत ‘Apex Band’ से की थी। एक ऐसा बैंड जिसे हाथ में पहना जा सकता है और इसकी मदद से लोग सिर्फ इशारों से अपने किसी भी डिवाइस जैसे टीवी, फोन को कंट्रोल कर सकते हैं। महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी यह कारगर है। अगर कभी कोई महिला मुसीबत में हो तो वह इस बैंड के जरिए पुलिस को अलर्ट भेज सकती हैं। इस इनोवेशन के लिए अनुग्रह को भारत के ‘टॉप 100 यंग इनोवेटर्स’ की लिस्ट में शामिल किया गया और उन्हें भारत के विज्ञान और तकनीक विभाग व इंटेल की तरफ से अवॉर्ड भी मिला था।

अनुग्रह बताते हैं, 'मैं टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल सोसाइटी की मदद करने के लिए करना चाहता हूं। Apex Band लड़कियों के लिए मैंने बनाया, अगर वो किसी मुसीबत में हों तो इसकी मदद से पुलिस को आगाह कर सकती हैं और मुझे खुशी है आज कई लोग इसका इस्तेमाल भी कर रहे हैं।'

कई और भी एडवांस टेक्नोलॉजी बनाई

अनुग्रह अपने हाइब्रिड आइडिया सॉलूशन्स के जरिए कई बड़ी कंपनियों और NGO के लिए काम कर चुके हैं।
अनुग्रह अपने हाइब्रिड आइडिया सॉलूशन्स के जरिए कई बड़ी कंपनियों और NGO के लिए काम कर चुके हैं।

अनुग्रह ने Eye-Q नाम की एक एडवांस टेक्नोलॉजी बनाई है। यह एक तरह का हेडसेट है जिसमें कैमरा लगा हुआ है। खासतौर पर नेत्रहीन लोगों के लिए उन्होंने इसे तैयार किया है। इसकी खासियत ये है कि अगर कोई नेत्रहीन व्यक्ति इस हेडसेट को पहनता है तो इसमें लगा कैमरा उनके आसपास की तस्वीरें लेता है और तस्वीरों को प्रोसेस करके हेडसेट पहने व्यक्ति को बताता है कि उसके आसपास क्या-क्या चीजें हैं। अनुग्रह ने अपने इस प्रोटोटाइप को नेशनल इनोवेशन फेस्टिवल में प्रेजेंट किया था। इस इवेंट के बाद उन्हें और प्रोजेक्ट मिलना शुरू हो गए।

अनुग्रह कहते हैं, 'मैंने जब नेशनल इनोवेशन फेस्टिवल में अपने प्रोजेक्ट के बारे में बताया तो वहां पर कई बड़ी कंपनियों के डायरेक्टर और CEO मौजूद थे। उनमें से एक, डॉ. एस प्रताप रेड्डी, ध्रुवा कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट के संस्थापक व चेयरमैन भी थे, जिन्होंने मुझे ऑटिस्टिक लोगों के लिए काम करने की सलाह दी। इसके बाद ही हमने अपने स्टार्टअप की शुरुआत की। इसके लिए हमें नीति आयोग से मदद मिली।'

कई अवार्ड जीत चुके हैं

कम उम्र में ही अनुग्रह को कई नेशनल और इंटरनेशनल अवॉर्ड मिल चुके हैं।
कम उम्र में ही अनुग्रह को कई नेशनल और इंटरनेशनल अवॉर्ड मिल चुके हैं।

अनुग्रह को अपने इनोवेशन के लिए IRIS नेशनल फेयर में भारत को रिप्रेजेंट करने के साथ ही कनाडा की टोरंटो यूनिवर्सिटी में भी बुलाया गया। अनुग्रह ने TEDX और Josh Talks के प्लेटफॉर्म के जरिए कई युवाओं को सपने पूरे करने के लिए प्रेरित भी किया है। अनुग्रह हाइब्रिड आइडिया सोलूशन्स के अलावा सेरेनिको नाम से दूसरे स्टार्टअप की शुरुआत अपने दोस्त देवांश शर्मा के साथ मिलकर पिछले साल ही किया, जो की एक गेमिंग कंपनी है।

अनुग्रह कहते हैं, 'हम कई तरह के गेम बनाते हैं।अब तक हमने 40 से ज्यादा गेम्स बनाए हैं। हमारी कंपनी सेरेनिको भारत की पहली गेमिंग स्टूडियो है जिसने Snapchat के साथ काम किया है। हमने Snapchat के साथ मिलकर ‘hot potato’ नाम से गेम बनाया है।'

अनुग्रह और उनके दोस्त पढ़ाई के साथ कंपनी भी चला रहे हैं। तकरीबन 12 लोग इनकी टीम में काम करते हैं। पढ़ाई के साथ हर महीने लाखों की कमाई भी करते हैं।

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