पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Db original
  • Education In India Latest Report : Muslims Attend English Medium Schools More Than Hindus In Ten Of Twenty Large States

पढ़ाई में धार्मिक असमानता:देश के 10 बड़े राज्यों में अंग्रेजी मीडियम में पढ़ने वाले मुस्लिम छात्र हिंदुओं से ज्यादा, कश्मीर में 95% तो गुजरात में सबसे कम 4.4%

नई दिल्ली2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • भारत में लिटरेसी रेट 77.7 फीसदी है, शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 87.7% और ग्रामीण क्षेत्रों में 73.5% है, यानी करीब 14 फीसदी का गैप है
  • बिहार के सिर्फ 6% बच्चे ही अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाई करते हैं, वहीं तेलंगाना में 63% और जम्मू कश्मीर में सर्वाधिक 95% बच्चे अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाई करते हैं

केंद्र सरकार ने हाल ही में नई शिक्षा नीति जारी की है। इसमें स्कूली शिक्षा से लेकर हायर एजुकेशन तक कई बड़े बदलाव किए गए हैं। अब स्कूली शिक्षा के लिए 10+2 फॉर्मूले के बजाय 5+3+3+4 का पैटर्न अपनाया जाएगा। पांचवीं तक बच्चे मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा में ही पढ़ेंगे।

छात्रों काे मनपसंद विषय चुनने के कई विकल्प मिलेंगे। जिसको लेकर देशभर में बहस भी चल रही है। इसी बीच नेशनल स्टेटिस्टिकल ऑफिस ने भी एजुकेशन को लेकर एक सर्वे रिपोर्ट जारी किया है। यह सर्वे 2017-18 के दौरान किया गया है। इसमें शिक्षा को लेकर बड़े लेवल पर गैप और अलग-अलग सोशल ग्रुप्स के बीच इन-इक्वेलिटी की बात सामने आई है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में लिटरेसी रेट 77.7 फीसदी है। शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 87.7% और ग्रामीण क्षेत्रों में 73.5% है। यानी करीब 14 फीसदी का गैप है। वहीं, अगर जेंडर के आधार पर देखें तो मेल लिटरेसी रेट 84.7 फीसदी और फीमेल लिटरेसी रेट 70.3% है।

रिपोर्ट के मुताबिक, मुसलमानों की लिटरेसी रेट दूसरे रिलीजियस ग्रुप के मुकाबले कम है। कई मामलों में तो एससी और एसटी से भी नीचे है। रिपोर्ट के मुताबिक, 3 से 35 साल के बीच के 17% मुसलमान कभी स्कूल ही नहीं गए। एससी के लिए यह आंकड़ा 13.4% और एसटी के लिए 14.7%है। अगर फीमेल ग्रुप की बात करें तो मुसलमानों के लिए यह आंकड़ा 21.9 फीसदी है।

नॉन एससी, एसटी और ओबीसी ग्रुप यानी अन्य की बात करें तो उनकी लिटरेसी रेट मेल के लिए 91% और फीमेल ग्रुप के लिए 81% है। इसाई धर्म के लिए यह आंकड़ा 88 % और 82% है, जो सिख (87% और 75%) और हिंदुओं( 85% और 70%) से बेहतर है। मुसलमानों की बात करें तो लिटरेसी रेट मेल ग्रुप के लिए 81%और फीमेल के लिए 69% है।

अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाई करने वालों का आंकड़ा मुसलमानों के फेवर में है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 20 बड़े राज्यों में से 10 में मुस्लिम वर्ग के छात्रों की संख्या ज्यादा है।

ये राज्य हैं : जम्मू कश्मीर, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, ओडिशा और उत्तर प्रदेश।

मुस्लिम वर्ग के ज्यादातर बच्चे मदरसों में पढ़ने के लिए जाते हैं। वहां अंग्रेजी मीडियम की बजाय अरबी या स्थानीय भाषा में पढ़ाई होती है। इसलिए इस आंकड़े के बाद यह कहा जा सकता है कि अब मुस्लिम वर्ग के छात्रों का रुझान मॉडर्न एजुकेशन की तरफ बढ़ा है।

अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाई करने वाले छात्रों की बात करें तो प्राइमरी लेवल पर जनरल वर्ग के छात्राओं की संख्या एसटी वर्ग के छात्रों की तुलना में 2.7 गुना, अपर प्राइमरी लेवल पर 2.9 गुना और हायर सेकेंडरी स्तर पर 2.4 गुना है। प्री प्राइमरी लेवल पर टॉप 20 % अमीर वर्ग के छात्र बॉटम 20 फीसदी की तुलना में 5.4 गुना ज्यादा अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाई करते हैं। वहीं, सेकेंडरी लेवल पर यह आंकड़ा 12.1 गुना है।

बिहार के सिर्फ 6% बच्चे ही अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाई करते हैं। वहीं तेलंगाना में 63% और जम्मू कश्मीर में सबसे ज्यादा 95% बच्चे अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाई करते हैं।

वहीं, टॉप 20 अमीर वर्ग के छात्र बॉटम 20 गरीब वर्ग के छात्रों की तुलना में लॉ की पढ़ाई ज्यादा करते हैं। जनरल कैटेगरी के छात्र एसटी वर्ग के मुकाबले 6 गुना ज्यादा मैनेजमेंट की पढ़ाई करते हैं। लड़कों की तुलना में अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाई करने वाली लड़कियों की संख्या कम है। ज्यादातर लड़कियां ह्यूमैनिटीज पढ़ती हैं, इनकी संख्या पुरुषों के मुकाबले ज्यादा है।

25 हजार करोड़ रु प्राइवेट एजुकेशन पर खर्च करते हैं इंडियन

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के लोग करीब 25 हजार करोड़ रु प्राइवेट एजुकेशन पर खर्च करते हैं। इसमें प्रोफेशनल एग्जाम्स के लिए ली जाने वाली कोचिंग फीस शामिल नहीं है। यह सिर्फ प्राइमरी से हायर सेकेंडरी स्कूल की फीस है। यह केंद्र सरकार द्वारा जारी बजट के एक तिहाई भाग से ज्यादा है।

केंद्र सरकार ने स्कूल एजुकेशन और लिटरेसी के लिए 59845 करोड़ का बजट रखा है। रिपोर्ट के मुताबिक, हायर सेकेंडरी लेवल पर प्रति छात्र 2516 रु, सेकेंडरी लेवल पर 1632 रु, अपर प्राइमरी लेवल पर 845 रु और प्राइमरी लेवल पर 502 रु है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- अगर आप कुछ समय से स्थान परिवर्तन की योजना बना रहे हैं या किसी प्रॉपर्टी से संबंधित कार्य करने से पहले उस पर दोबारा विचार विमर्श कर लें। आपको अवश्य ही सफलता प्राप्त होगी। संतान की तरफ से भी को...

और पढ़ें