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UK के डॉक्टर की चेतावनी:भारत में चुनाव कोरोना की सुनामी ला सकते हैं, इंग्लैंड में बूस्टर डोज के बाद भी 1.5 लाख केस रोज आ रहे

नईदिल्ली14 दिन पहलेलेखक: अक्षय बाजपेयी

गोवा, पंजाब, मणिपुर, उत्तराखंड और UP में होने वाले चुनाव देश में कोरोना की सुनामी ला सकते हैं, क्योंकि ओमिक्रॉन में तीन डोज ले चुके लोग भी संक्रमण का शिकार बन रहे हैं। UK में तो 62% आबादी को बूस्टर डोज लग चुका है, फिर भी हर रोज करीब डेढ़ लाख केस आ रहे हैं। करीब 20 हजार लोगों को हॉस्पिटल में एडमिट करना पड़ रहा है।

यह कहना है ब्रिटेन स्थित ग्लोबल हेल्थ अलायंस के फाउंडर और डायरेक्टर डॉ. रजय नारायण का। ओमिक्रॉन को लेकर डॉ. नारायण ने भास्कर के तमाम सवालों के जवाब दिए। पढ़िए और देखिए और ये इंटरव्यू।

1. भारत में लगातार तीसरे दिन डेढ़ लाख से ज्यादा कोरोना केस आए हैं। यह आंकड़ा कितना बढ़ सकता है और तीसरी लहर का पीक कब आएगा?

देखिए, आप ब्रिटेन की स्थिति से भारत का अंदाजा लगाइए। हमारे यहां 95% लोगों को फर्स्ट डोज, 82% को सेकंड डोज और 62% को बूस्टर डोज लग चुका है, इसके बावजूद हर रोज डेढ़ से दो लाख केस आ रहे हैं, क्योंकि ओमिक्रॉन इम्यून सिस्टम को धोखा देकर इंफेक्ट कर देता है। चाहे आपने कोई भी वैक्सीन ली हो, इस वायरस में उसे बायपास करने की ताकत है।

इस हिसाब से मुझे लगता है कि भारत में अगले तीन से चार हफ्तों में केस बहुत तेजी से बढ़ेंगे। हर रोज 3 से 4 लाख तक केस आ सकते हैं। फरवरी के दूसरे हफ्ते तक पीक आ सकता है।

2. ऐसा कहा जा रहा कि, ओमिक्रॉन घातक नहीं है। इसमें अस्पताल नहीं जाना पड़ता ?

जिन लोगों को तीनों डोज लग चुके हैं वो भी संक्रमित हो रहे हैं। जिन्हें पहले कोविड हो गया वो भी इसका शिकार हो रहे हैं। ऐसे में आप यह बिल्कुल नहीं कह सकते कि यह घातक नहीं है। दुनिया की कोई भी वैक्सीन सिर्फ 70 से 75 परसेंट प्रोटेक्शन ही दे पाती है। 25 परसेंट की रिस्क तो हमेशा होती है।

यह जरूर है कि, ओमिक्रॉन में माइल्ड इंफेक्शन हो रहा है, लेकिन किसकी बॉडी में जाकर यह कैसा रिएक्शन करेगा, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। कई यंगस्टर्स भी इससे गंभीर बीमार हो रहे हैं। ऐसे में इसे हल्के में लेना बिल्कुल सही नहीं है।

तीन महीने पहले UK में दो से ढाई हजार लोगों को हॉस्पिटल में एडमिट करवाना पड़ रहा था अब यह आंकड़ा 20 हजार तक पहुंच गया है। बुजुर्गों को खासतौर पर अलर्ट रहने की जरूरत है।

3. भारत के पांच राज्यों में फरवरी में चुनाव होने जा रहे हैं, इससे हालात किस तरह बिगड़ सकते हैं?

चुनाव को यदि कुछ दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया जाता तो बहुत अच्छा होता। UK में तो फुटबॉल मैच तक रद्द कर दिए गए हैं, जो यहां बहुत ज्यादा पॉपुलर हैं। भारत के पांच राज्यों में होने वाले चुनाव देश में कोरोना की सुनामी ला सकते हैं।

यह बात सही है कि चुनावी कार्यक्रमों में युवा वर्ग ज्यादा शामिल होता है, जिन्हें इंफेक्शन का ज्यादा खतरा नहीं होता, लेकिन जब ये लोग अपने घरों में जाएंगे तो मां-बाप, दादा-दादी के लिए खतरा बनेंगे। ऐसे में बड़ी रैलियां तो बिल्कुल नहीं करना चाहिए। 20 लोगों की भीड़ ही बहुत तेज स्पीड से वायरस को फैला सकती है।

4. क्या इस पूरे साल भी नए-नए वैरिएंट्स के आने का सिलसिला चलता रहेगा?

साल 2022 में और भी नए वैरिएंट्स आ सकते हैं। इस पूरे साल यह सिलसिला जारी रह सकता है। ओमिक्रॉन के पहले ही हमें लग रहा था कि सब कुछ नॉर्मल हो गया, लेकिन देखते ही देखते हालात फिर लॉकडाउन जैसे हो गए।

कोई भी महामारी दो से चार साल तक अपना असर दिखाती है। फिर खत्म हो जाती है। कोरोना के मामले में ये भी हो सकता है कि हमें हर साल इसका एक बार डोज लेना पड़े।

5. ओमिक्रॉन के खिलाफ सबसे इफेक्टिव वैक्सीन कौन सी है ?

कोवीशील्ड को लेकर एक स्टडी आई है जिसमें बताया गया है कि जिन लोगों ने बूस्टर डोज ले लिया है वह 80 से 90% तक ओमिक्रॉन से सुरक्षित हो चुके हैं। यह एक अच्छी बात है।

हालांकि और भी कई वैक्सीन पर रिसर्च चल रही है। अगले कुछ हफ्तों में ही नए बदलाव के साथ वैक्सीन मार्केट में आना शुरू हो जाएंगी। अभी हमे बचने के लिए सभी लोगों को फुली वैक्सीनेटेड करना चाहिए और बूस्टर डोज की स्पीड बढ़ाना चाहिए।