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आज की पॉजिटिव खबर:10 हजार सैलरी पर पहली नौकरी मिली, फिर कर्ज लेकर डिजिटल मार्केटिंग का स्टार्टअप शुरू किया; आज एक करोड़ है टर्नओवर

नई दिल्ली13 दिन पहलेलेखक: इंद्रभूषण मिश्र

बिहार के जमुई जिले के रहने वाले सुधांशु कुमार एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखते हैं। शुरुआत पढ़ाई उनकी जमुई में ही हुई। 12वीं के बाद वे साइबर सिक्योरिटी के कोर्स के लिए पहले पटना और फिर जयपुर गए। कोर्स पूरा करने के बाद भी उन्हें कहीं नौकरी नहीं मिली। इसके बाद वे MBA की तैयारी करने लगे। इसी बीच उन्हें एक दोस्त के जरिए वेबसाइट बनाने का ऑफर मिला। यह उनके करियर के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। आगे इसी काम को उन्होंने अपना बिजनेस बना लिया। आज उनकी कंपनी का टर्नओवर एक करोड़ रुपए है।

बचपन से रही कंप्यूटर में दिलचस्पी

27 साल के सुधांशु कहते हैं कि मुझे बचपन से कंप्यूटर से लगाव रहा है। गांव में एक भैया के घर कम्प्यूटर आया तो मैं अक्सर उसे देखने जाता था। बाद में स्कूल में कंप्यूटर सीखने लगा। साल 2011 में जब 12वीं की पढ़ाई पूरी की तो मुझे साइबर सिक्योरिटी कोर्स करने का मन हुआ। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। पहले तो पापा ने मना कर दिया लेकिन जब मैंने जिद की तो उन्होंने कहीं से पैसे की व्यवस्था करके मेरा दाखिला पटना करा दिया।

सुधांशु बिहार के जमुई जिले से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता खेती-किसानी का काम करते हैं।
सुधांशु बिहार के जमुई जिले से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता खेती-किसानी का काम करते हैं।

पटना से साइबर कोर्स करने के बाद एडवांस कोर्स के लिए मैं जयपुर चला गया। वहां से ट्रेनिंग पूरी करने के बाद मैंने जॉब की तलाश की लेकिन कहीं कुछ खास हासिल नहीं हुआ। उस वक्त इस सेक्टर में बहुत ज्यादा स्कोप नहीं था।

MBA की परीक्षा के लिए मुंबई गए, 10 हजार की नौकरी मिली

इसके बाद सुधांशु MBA की तैयारी करने लगे। उन्होंने कैट सहित कई एग्जाम दिए। लेकिन, कुछ खास बेहतर परफॉर्मेंस नहीं रहा। इसी बीच 2014-15 में एक एग्जाम के लिए उन्हें मुंबई जाना हुआ। वहां वे अपने एक रिश्तेदार यहां ठहरे। इसी दौरान फिल्म सेक्टर में काम करने वाले एक परिचित के यहां सुधांशु को 10 हजार महीने की सैलरी पर नौकरी मिल गई। सुधांशु का काम एक स्टूडियो से दूसरे स्टूडियो तक फिल्म की सीडी और ड्राइव पहुंचाना था।

सुधांशु ने वहां काम के दौरान अपने स्किल्स का इस्तेमाल किया। जिस ड्राइव को एक स्टूडियो से दूसरे स्टूडियो तक ले जाने के लिए उन्हें खुद जाना पड़ता था, उसकी जगह उन्होंने ऑनलाइन ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। बड़ी बड़ी और हैवी फाइल वे ऑनलाइन ट्रांसफर करने लगे। इससे काम में भी सहूलियत हुई और वक्त की बचत भी होने लगी। इसके बाद सुधांशु का प्रमोशन हो गया। उनकी सैलरी 30 हजार रुपए हो गई।

नौकरी के साथ बिजनेस आइडिया पर काम करना शुरू किया

अपने दोस्त से पांच लाख रुपए लेकर सुधांशु ने मुंबई में अपना दफ्तर खोला था। एक साल बाद कर्ज चुका भी दिया।
अपने दोस्त से पांच लाख रुपए लेकर सुधांशु ने मुंबई में अपना दफ्तर खोला था। एक साल बाद कर्ज चुका भी दिया।

सुधांशु कहते हैं कि नौकरी के दौरान भी मैं अपने काम से बहुत खुश नहीं था। इसलिए नए नए बिजनेस प्लान को लेकर सोचता रहता था। लेकिन कोई निर्णय नहीं ले पा रहा था। एक दो आइडिया पर काम भी किया तो उसे आगे नहीं ले जा पाया। इसी बीच सुधांशु को एक दोस्त के जरिये वेबसाइट बनाने का ऑफर मिला। उन्होंने ऑफर स्वीकार कर लिया और वेबसाइट बनाकर दे दिया। इसके बदले उन्हें 2 हजार रुपए मिले थे।

सुधांशु कहते हैं वो ऑफर मेरे लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। मुझे लगा कि घर बैठे थोड़ी सी मेहनत पर 2 हजार रुपए मिल गए तो इस काम को आगे बढ़ाया जा सकता है। और फिर यहीं से उनके स्टार्टअप का सफर शुरू हुआ। 2016 में उन्होंने डिजिटल सुकून नाम से अपनी वेबसाइट तैयार की और डिजिटल मार्केटिंग का काम शुरू कर दिया।

अब तक 400 से ज्यादा प्रोजेक्ट पूरा कर चुके हैं

सुधांशु की टीम वेबसाइट डेवलपमेंट के साथ-साथ बड़े बड़े सेलिब्रिटी और नेताओं के अकाउंट मैनेज करने का काम करती है।
सुधांशु की टीम वेबसाइट डेवलपमेंट के साथ-साथ बड़े बड़े सेलिब्रिटी और नेताओं के अकाउंट मैनेज करने का काम करती है।

काम शुरू करने के बाद धीरे-धीरे उनके कस्टमर्स बढ़ते गए। जब उन्हें लगा कि अब बिजनेस चल गया तो उन्होंने नौकरी छोड़ दी। सुधांशु ने एक दोस्त से 5 लाख रुपए का कर्ज लिया। और मुंबई में खुद का ऑफिस खोला। उनके पास बड़ी बड़ी कंपनियों के ऑर्डर्स आने लगे। कई सेलिब्रेटी ने भी अपना सोशल मीडिया हैंडल करने के लिए उनसे कॉन्टैक्ट किया। एक साल बाद ही उन्होंने अपने दोस्त के पैसे भी ब्याज के साथ चुका दिए। अब तक सुधांशु 400 बड़े प्रोजेक्ट और 40 से ज्यादा सेलिब्रेटी का काम कर चुके हैं। आज उनकी कंपनी में 20 लोगों की टीम काम करती है। भारत के साथ साथ डिजिटल मार्केटिंग के लिए विदेशों से भी उन्हें ऑर्डर मिलते हैं।

क्या-क्या काम करते हैं? क्या है मार्केटिंग मॉडल?

सुधांशु कहते हैं कि हमारे ज्यादातर कस्टमर्स रेफरेंस के जरिये बने हैं। एक को हमारा काम पसंद आया वो दूसरे को सजेस्ट करता गया। इस तरह हमारा कारवां बढ़ा है। वे कहते हैं कि शुरुआत हमने वेबसाइट डेवलपमेंट से की थी। लेकिन अभी हमारी टीम डिजिटल मार्केटिंग और सोशल मीडिया से जुड़े सभी प्रोजेक्ट पर काम करती है।

सुधांशु की टीम में अभी 20 लोग काम करते हैं। लॉकडाउन के बाद सभी वर्क फ्रॉम होम काम कर रहे हैं।
सुधांशु की टीम में अभी 20 लोग काम करते हैं। लॉकडाउन के बाद सभी वर्क फ्रॉम होम काम कर रहे हैं।

वेबसाइट डेवलपमेंट के साथ-साथ सोशल मीडया प्रमोशन, बड़े बड़े सेलिब्रिटी और नेताओं के अकाउंट मैनेज करना। इंफ्लुएंसर्स के अकाउंट को प्रमोट करना। उनकी सोशल प्रोफाइल क्रिएट करना। कंपनियों के डिजिटल मार्केटिंग को संभालना, कंटेट राइटिंग, गूगल और SEO ऑप्टिमाइजेशन, ऐप डेवलपमेंट, साइबर सिक्योरिटी का काम भी हमारी टीम करती है।

कितना स्कोप है इस फील्ड में, कैसे शुरुआत की जा सकती है?

अभी सोशल मीडिया और इंटरनेट का दौर है। प्रोडक्ट और ब्रांड के साथ-साथ अब लोग पर्सनल लेवल पर भी खुद का प्रमोशन करना चाहते हैं, अपनी सोशल इमेज क्रिएट करना चाहते हैं। आजकल तो हर पॉलिटिकल पार्टी अपने लिए डिजिटल टीम हायर करती है। इसलिए इस फील्ड में करियर स्कोप की कोई कमी नहीं है। हर लेवल पर इसमें बेहतर अवसर है।

इस फील्ड में करियर बनाने के लिए सबसे जरूरी चीज है कि आपके पास सोशल मीडिया की समझ और डिजिटल मार्केटिंग की जानकारी होनी चाहिए। आप चाहें तो खुद से इंटरनेट के जरिए लर्निंग वीडियो की मदद से डिजिटल मार्केटिंग कर सकते हैं। या फिर देश में हर शहर में इस कोर्स को सिखाने वाले संस्थान हैं। वहां से आप कोर्स कर सकते हैं। जानकारी हासिल करने के बाद आप खुद की एक वेबसाइट बनाकर इस काम की शुरुआत कर सकते हैं। आजकल वेबसाइट भी दो से तीन हजार रुपए में बन जाती है। बस जरूरत है लगातार सीखने की और अपने काम के प्रति डेडिकेशन की।

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