करिअर फंडाहिस्ट्री में लगाएं FOPYTOMO फॉर्मूला:UPSC में प्री से मेन्स तक इम्पॉर्टेंट है इतिहास...5 हिस्सों में बांटकर करें तैयारी

3 महीने पहले

अपने पिछले इतिहास, उत्पत्ति और संस्कृति के ज्ञान के बिना, एक व्यक्ति जड़हीन वृक्ष के जैसा होता है।
- मार्कस गार्वी (जमैका के पॉलिटिकल एक्टिविस्ट)

करिअर फंडा में स्वागत!

आइए, आपसे 5 प्रश्न पूछता हूं

1. इंडोनेशिया तक किस भारतीय साम्राज्य ने आक्रमण किया था?
2. आखिरी मौर्य सम्राट की मृत्यु (दूसरी सदी ईसा पूर्व में) कैसे हुई?
3. रॉबर्ट क्लाइव ने 1757 में बंगाल जीता तब उसकी वित्तीय मदद किसने की थी?
4. 17वीं सदी में गोरी चमड़ी वाले आक्रमणकारी, कोंकण तट पर किससे खौफ खाते थे?
5. भारत के पांच सौ से ज्यादा राजे-रजवाड़ों को ब्रिटिश राज 'प्रिंसली स्टेट्स' क्यों कहता था?

मजा आया? तो 5 और पूछता हूं

1. 1949 में ताइवान किसने बसाया?
2. जापान अचानक 1860 के बाद 40 सालों में इतना कैसे बढ़ गया?
3. अमेरिका की पहली 13 कॉलोनियों ने ब्रिटेन के खिलाफ विद्रोह क्यों किया?
4. फ्रांसीसी क्रांति 1789 से कौन सा नारा निकला जो भारत के संविधान में 1950 में जुड़ा?
5. सबसे अधिक बार चुने गए अमेरिकी राष्ट्रपति कौन थे, जिनका आधा शरीर विकलांग था?

इतिहास मजेदार है, इसकी पढाई और भी मजेदार!

UPSC और इतिहास - बढ़िया तैयारी की राह

UPSC सिविल सेवा परीक्षा के तीन चरण होते हैं, प्रीलिम्स (प्रारंभिक परीक्षा), मेन्स (मुख्य परीक्षा) और इंटरव्यू।
इतिहास की समझ इस परीक्षा की तैयारी का एक महत्वपूर्ण भाग है। इस सब्जेक्ट के प्रश्न दोनों एग्जाम, प्रीलिम्स और मेन्स में पूछे जाते है। प्रीलिम्स एग्जाम में इस क्षेत्र से 15 से 20 प्रतिशत प्रश्न पूछे जाते हैं (पूछे जाने वाले प्रश्नों की संख्या घट रही है, लेकिन डिफिकल्टी लेवल बढ़ गया है)। मेन्स में इसका महत्व बना हुआ है। इसके अलावा, अब अनस्पेसिफाइड क्षेत्रों से प्रश्न पूछे जा रहे हैं, जिसने इतिहास सब्जेक्ट की विशालता को देखते हुए तैयारी को ज्यादा कठिन और टाइम टेकिंग बना दिया है विशेष तौर पर नॉन-हिस्ट्री स्टूडेंट्स के लिए।

ठोस तैयारी का फार्मूला - FOPYTOMO Approach

FOPYTOMO – Foundation – PYQs (Previous Year Questions) – Topicwise Preparation – Mock Tests

1) फाउंडेशन - एक सॉलिड फाउंडेशन बनाएं: इसके लिए आठवीं से बारहवीं क्लास की NCERT बुक्स, NIOS/इग्नू नोट्स पढ़ें। NCERT में छोटे बॉक्स में दी गई जानकारी को भी पढ़ना चाहिए, क्योंकि प्रीलिम्स में उन पर सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं। जो भी पढ़ रहे हैं, उससे टॉपिक वाइज खुद नोट्स बनाएं।

2) PYQs - पिछले वर्षों के प्रश्नों पर नजर डालें: इससे आपको यह अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी कि किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं। इससे तैयारी की रणनीति को बेहतर और अधिक प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी। पिछले वर्ष के प्रश्नों के विश्लेषण से बहुत मदद मिलती है। जैसे कि इससे आपको यह आइडिया हो जाएगा कि ड्रेन ऑफ वेल्थ या स्वतंत्रता संग्राम में गांधी युग या प्लासी की लड़ाई से कई बार प्रश्न पूछे गए हैं। एक बढ़िया रिसोर्स ये है – https://bit.ly/solvedpapers - कई वर्षों के फुली सॉल्व्ड पेपर मिलेंगे।

3) टॉपिक वाइज तैयारी: इतिहास की तैयारी को 5 भागों में बांटा जा सकता है (a) आधुनिक भारतीय इतिहास (मॉडर्न इंडियन हिस्ट्री) एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन, (b) मध्यकालीन भारतीय इतिहास (मीडीएवल इंडियन हिस्ट्री), (c) भारत का प्राचीन इतिहास (एंशिएंट इंडियन हिस्ट्री), (d) आर्ट्स एवं कल्चर (कला एवं संस्कृति) और (e) विश्व इतिहास।

(a) मॉडर्न इंडियन हिस्ट्री: 'भारतीय इतिहास' के भीतर, अधिकांश प्रश्न मॉडर्न इंडियन हिस्ट्री खंड से पूछे गए हैं, विशेष रूप से 1857 से 1947 के बीच की अवधि, यानी 1857 के विद्रोह, सामाजिक सुधार आंदोलनों, नागरिक प्रशासन और अन्य क्षेत्रों में ब्रिटिश सुधार, गवर्नर जनरल और कांग्रेस के अधीन राष्ट्रवादी आंदोलन से। इसे फिर चार भागों में बांटा जा सकता है - 1707 से 1857 तक का पीरियड, 1857 से 1905 तक का पीरियड, 1905 से 1947 तक का पीरियड, 1947 से 1964 तक का पीरियड।

प्रमुख किताबें और अध्ययन सामग्री: बीएल ग्रोवर, बिपन चंद्र, शेखर बंदोध्याय (सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों, श्रम, महिला और दलित आंदोलनों आदि जैसे कुछ विषयों के लिए), शेखर बंद्योपाध्याय की फ्रॉम प्लासी टु पार्टिशन

(b) मीडीएवल इंडियन हिस्ट्री: मीडीएवल इंडियन हिस्ट्री से, हालांकि, सल्तनत और मुगल काल जैसे विषयों के अलावा, मराठों, विजयनगर और बहमनी राज्यों से सम्बंधित प्रश्नों को महत्व मिल रहा है। फिर भी मीडीएवल इंडियन हिस्ट्री 8वीं शताब्दी के मध्य से लेकर 18वीं शताब्दी के प्रारंभ तक का है। इस भाग से मॉडर्न इंडियन हिस्ट्री की तुलना में काम प्रश्न पूछे जाते हैं।

प्रमुख किताबें और अध्ययन सामग्री: सतीश चंद्र, इग्नू मध्यकालीन भारत

(c) एंशिएंट इंडियन हिस्ट्री: प्राचीन भारत में, वैदिक युग, मौर्य काल और गुप्त काल प्रमुख विषय हैं। इसे इन भागों में बांटा जा सकता है - (i) प्री-हिस्टोरिक युग, (ii) सिंधु घाटी सभ्यता, (iii) वैदिक सभ्यता, (iv) महाजनपद युग, (v) मौर्य युग, (vi) गुप्त युग, (vii) गुप्तोत्तर युग, (viii) मैप्स।

किताबें और सामग्री: उपिंदर सिंह, आरएस शर्मा

(d) आर्ट्स एवं कल्चर: भारतीय संस्कृति से सम्बंधित प्रश्नों का महत्व भी काफी बढ़ गया है। इसके लिए NCERT - ललित कला का परिचय तथा नितिन सिंघानिया की बुक का उपयोग किया जा सकता है।

(e) इसके अलावा विश्व इतिहास से भी कुछ प्रश्न पूछे जाते हैं जिसके लिए अर्जुन देव, नॉर्मन लोव, खान एकेडमी विश्व इतिहास वीडियो, मृणाल'स क्वेश्चन बुकलेट आदि से अध्ययन करना पर्याप्त होगा।

आपके लिए नॉलेज गिफ्ट - फ्री स्टडी मटेरियल: https://bit.ly/upscstudy ​​

तो आज का करिअर फंडा यह है इतिहास की पढ़ाई में सिलेबस को तोड़कर, पिछले सालों के पेपर्स सॉल्व कर के, चीजों में इंटरेस्ट रखकर, बढ़िया स्कोर हो सकता है।

कर के दिखाएंगे!

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