MBA एंट्रेंस के लिए सबसे जरूरी टिप्स:5 सब्जेक्ट्स में फोकस्ड तैयारी दिलाएगी सफलता

एक महीने पहले

करिअर फंडा में स्वागत! आज हम MBA अर्थात मास्टर्स इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में प्रवेश के बारे में बताएंगे, जो आपके बड़े एम्बिशन को पूरा करेगा। ये कोर्स हर फील्ड के स्टूडेंट्स, और वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए ओपन है।

‘मैनेजर्स मैनेज, लीडर्स लीड’ - इस खूबसूरत स्टेटमेंट में मैसेज ये है कि बिजनेस लीडर्स का काम है विजन और पैशन क्रिएट करना, सिर्फ मैनेज करना नहीं। तो क्या आप बिजनेस लीडर बनना चाहेंगे? एक सेफ करियर में बड़ा पैकेज कमाना चाहेंगे?

MBA होता क्या है

मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) कोर्स दो साल का PG कोर्स होता है, जो हर स्ट्रीम के ग्रेजुएट्स के लिए ओपन है। इसे करने से आप कॉर्पोरेट वर्ल्ड के अनेकों मौकों के लिए तैयार होते हैं। भारत में इसके लिए सैकड़ों कॉलेजेस हैं, जिनमें से लगभग 50 शानदार रिजल्ट्स देते हैं। प्रवेश के लिए एंट्रेंस टेस्ट होते हैं, जो एप्टीट्यूड टेस्ट हैं।

MBA एंट्रेंस टेस्ट- बेसिक फैक्ट

अधिकतर कैंडिडेट अपने ग्रेजुएशन डिग्री कार्यक्रम के तीसरे वर्ष में ही इन परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर देते हैं, लेकिन अनेकों वर्किंग एग्जीक्यूटिव भी इस परीक्षा में बैठते हैं।

1) इंडिया में कई MBA एंट्रेंस टेस्ट हैं, जिनमें से कुछ नेशनल लेवल के हैं, कुछ स्टेट लेवल के और कुछ यूनिवर्सिटी स्तर के। नेशनल लेवल की परीक्षाएं हैं CAT, MAT, XAT, CMAT, ATMA, NMAT और GMAT।

2) कैंडिडेट 3 या 4 अलग-अलग परीक्षाएं देते ही हैं, ताकि कहीं न कहीं तो सिलेक्शन हो ही जाए।

3) एंट्रेंस टेस्ट के सिलेबस के मेन सब्जेक्ट्स कॉमन होते हैं – (i) वर्बल एबिलिटी और रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन, (ii) लॉजिकल रीजनिंग, (iii) डाटा इंटरप्रिटेशन, (iv) क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड (मैथ्स) और (v) जनरल अवेयरनेस।

4) प्रॉपर प्रिपरेशन के लिए 1 साल काफी होता है।

MBA एंट्रेंस टेस्ट- सब्जेक्ट डिटेल

1) वर्बल एबिलिटी एंड रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन (VA-RC): इस सेक्शन में इंग्लिश ग्रामर, वर्बल एबिलिटी (शब्द ज्ञान), रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन, पैराजंबल्स, क्लोज टेस्ट, सेंटेंस करेक्शन, फिल इन द ब्लैंक्स, वोकेब्लरी, समानार्थी और विलोम शब्द, ऑड वन आउट, सेंटेंस कंप्लीशन आदि शामिल हैं। तैयारी के लिए - 12 महीने

2) लॉजिकल रीजनिंग (LR): इस सेक्शन में डाटा अरेंजमेंट, अल्फाबेट एवं नंबर सीरीज, वर्बल रीजनिंग, नॉन-वर्बल रीजनिंग, सिल्लोजिसम, डायरेक्शन टेस्ट आदि शामिल हैं। तैयारी के लिए - 6 महीने

3) डेटा इंटरप्रिटेशन (DI): इस सेक्शन में टेबल्स, ग्राफ, पाई चार्ट, वेन आरेख आदि शामिल हैं। इस सेक्शन को कई परीक्षाओं में क्वांटिटेटिव एप्टीटुड या लॉजिकल रीजनिंग के साथ जोड़ा जाता है। तैयारी के लिए - 6 महीने

4) क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड (QA): इस सेक्शन में नंबर्स, अलजेब्रा, अरिथमेटिक, ज्योमेट्री, ट्रिगोनोमेट्री, बिजनेस मैथ्स इत्यादि के प्रश्न पूछे जाते हैं। तैयारी के लिए - 12 महीने

5) जनरल अवेयरनेस (GA): इस सेक्शन में करेंट अफेयर्स और स्टेटिक जीके शामिल हैं। जनरल अवेयरनेस के लिए अध्ययन के विषय बिजनेस, इकोनॉमी, पॉलिटी, गवर्नेंस, अवार्ड्स, बुक्स, पर्सनालिटी, इंटरनेशनल अफेयर्स, साइंस और टेक्नोलॉजी, एंटरटेनमेंट, आर्ट्स और कल्चर आदि हैं। तैयारी के लिए - 12 महीने

ऊपर जो तैयारी के लिए महीने बताए हैं, वो पैरेलल चलते हैं।

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तैयारी की स्ट्रेटेजी

1) वर्बल एबिलिटी एंड रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन (VA-RC): इंग्लिश भाषा पर अच्छी पकड़ तैयारी को आसान बना सकती है। रोजाना किताबें, उपन्यास और अखबार पढ़ना शुरू करें। हर दिन 1-2 घंटे पढ़ने का निवेश करें। आपको सभी फैंसी शब्दों को जानने की जरूरत नहीं है। रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन के लिए ऑथर की नजर से मैसेज को समझें। बेसिक्स के लिए, हाई स्कूल ग्रामर और रेन और मार्टिन की मदद लें। अपने डेली यूज में अंग्रेजी का प्रयोग बढ़ाएं। अंग्रेजी संगीत सुनने और अंग्रेजी फिल्में देखने जैसी छोटी-छोटी आदतों से काफी मदद मिलेगी।

2) लॉजिकल रीजनिंग (LR) और डेटा इंटरप्रिटेशन (DI): ये ऐसे विषय हैं जिनमें स्पेशल फॉर्मूला आदि नहीं होते हैं। वे पूरी तरह एनालिटिकल स्किल्स पर बेस्ड होते हैं। अलग-अलग टफनेस लेवल के क्वेश्चन्स की प्रैक्टिस करें। DI में क्विक केलकुलेशन के लिए 20 तक की टेबल्स, स्क्वायर, क्यूब, फ्रैक्शंस और ऐसी अन्य चीजों को याद रखना चाहिए। DI या LR प्रश्नों को हल करते समय एलिमिनेशन प्रोसेस यूज करें। उन ऑप्शंस को हटा दें, जो निश्चित रूप से सही उत्तर नहीं हैं और फिर शेष ऑप्शंस पर ध्यान केंद्रित करें।

3) क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड (QA): पहला कदम बेसिक्स को समझना है। कम से कम समय में उत्तर पाने के लिए शॉर्टकट सीखें। टेबल और चार्ट बनाएं, यदि प्रश्न लंबा है और हल करने में बहुत समय लग रहा है। एक समय में एक से अधिक QA टॉपिक का अध्ययन नहीं करना चाहिए। किसी प्रश्न को समझने के लिए चरणों में तोड़ें।

4) जनरल अवेयरनेस (GA): डेली न्यूज पेपर्स पढ़ने से आपकी GA लर्निंग को बढ़ावा मिलेगा। अखबारों के संपादकीय (एडिटोरियल) अवश्य पढ़ें। करंट अफेयर्स के नोट्स बनाना सबसे अच्छा तरीका है। अपनी खुद की लिखावट और शब्दों में एक नोटबुक रखना अच्छा है। न्यूज चैनल, ब्रेकिंग न्यूज और हेडलाइंस देखें। प्राइम टाइम, बीबीसी समाचार, अल जजीरा, एनडीटीवी और अन्य चैनलों पर फीचर कार्यक्रम देखें।

तो आज का करिअर फंडा ये है कि - ‘MBA एक गोल्डन करिअर हो सकता है यदि आप एक टॉप कॉलेज में पहुंच जाएं, और उसके लिए प्रिपरेशन अभी शुरू करें।’

कर के दिखाएंगे

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