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वर्ल्ड फोटोग्राफी डे स्‍पेशल:पहले परमाणु हमले से लेकर सबसे बड़ी महामारी तक, तस्वीरों में देखिए वे टर्निंग पॉइंट्स जिन्होंने दुनिया को बदल दिया

2 महीने पहलेलेखक: संचित श्रीवास्तव

कहा जाता है कि एक फोटो हजार शब्‍दों को बयां करने की ताकत रखती है। आज वर्ल्ड फोटोग्राफी डे पर देखिए वो ऐतिहासिक तस्‍वीरें जो दुनिया के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुईं। साथ ही जिन्होंने हमारी दुनिया को हमेशा के लिए बदलकर रख दिया।

1911 : जब साउथ पोल पर पहला इंसानी कदम पड़ा

1911 में मनुष्‍य ने पहली बार साउथ पोल पर कदम रखा। नार्वे के एक्‍सप्‍लोरर रोनाल्‍ड अमुंडसेन की अगुवाई में पहली टीम ने दिसंबर 1911 में साउथ पोल पर कदम रखा। इसके बाद ही दुनिया को बेहतर तरीके से समझने के लिए वैज्ञानिक अभियानों की शुरुआत हुई।

1945 : पहला परमाणु हमला, हिरोशिमा और नागासाकी में मौत का दिन

तस्‍वीर दूसरे विश्व युद्ध की है। जापान पूरे विश्व पर कहर बरपा रहा था, लेकिन 6 अगस्‍त 1945 की तारीख जापान के लिए सबसे बुरा दिन बनकर आई। अमेरिका ने हिरोशिमा पर परमाणु बम गिरा दिया। दुनिया ने पहली बार परमाणु बम की ताकत देखी। ऐसा विनाश इससे पहले कभी नहीं हुआ था। जापान घुटनों पर आ चुका था, लेकिन तीन दिन बाद अमेरिका ने दूसरा परमाणु बम नागासाकी पर गिरा दिया। जापान युद्ध हार गया, लेकिन इसके बाद दुनिया में परमाणु हथियारों की होड़ शुरू हो गई।

1947 : आजादी के जश्न के साथ पाया बंटवारे का दर्द

15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ, लेकिन इस आजादी के साथ बंटवारे का दर्द भी था। भारत का एक टुकड़ा अलग होकर पाकिस्तान बन गया। यह मानव इतिहास में सबसे बड़ा पलायन था। बंटवारे के कारण 1 करोड़ से ज्‍यादा लोग अपने ही देश में शरणार्थी बन गए थे।

1949 : जब सोवियत संघ के खिलाफ नाटो उठ खड़ा हुआ

सोवियत संघ ने जैसे ही पहले परमाणु बम का परीक्षण किया और पूर्वी यूरोप में उसका प्रभाव बढ़ना शुरू हुआ। तो जवाब में अमेरिका और पश्चिमी देशों ने उसके खिलाफ एक गठजोड़ बनाने का फैसला किया। नाम दिया गया- नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन यानी नाटो। इस गठजोड़ का मतलब है एक सदस्य पर हमला पूरे नाटो पर हमला माना जाएगा। इसी के साथ दुनिया में कोल्ड वॉर की शुरुआत हुई।

1954 : जब इंसान ने पोलियो के खिलाफ टीका बनाया

पोलियो के खिलाफ विश्व में पहला टीका साल 1954 में बना। इस टीके की खोज अमेरिकी शोधकर्ता जोनास सॉल्‍क ने की। टीके के सफल पाए जाने के बाद कनाडा, फिनलैंड और अमेरिका के ही 16 लाख बच्‍चों ने पोलियो के खिलाफ टीका लगवाया। आज पाकिस्‍तान और अफगानिस्‍तान को छोड़कर विश्व के सभी देश पोलियो मुक्त हैं।

1964 : जब अमेरिका में गोरों और अश्वेतों को मिले बराबर अधिकार

1964 में अमेरिका के तत्‍कालीन राष्‍ट्रपति जॉनसन ने देश में सिविल राइट्स एक्‍ट 1964 को लागू किया। इस ऐतिहासिक फोटो में राष्‍ट्रपति जॉनसन के साथ मशहूर ह्यूमन राइट्स एक्‍टिविस्‍ट मार्टिन लूथर किंग जूनियर भी हैं। इस एक्‍ट के लागू होने के बाद अम‍ेरिका में नस्‍ल, रंग, धर्म, जेंडर और राष्‍ट्रीय मूल के आधार पर भेदभाव पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

1967 : जब छह दिनों के युद्ध में अकेले इजराइल ने तीन अरब देशों को हराया

यह तस्‍वीर उन 6 दिनों को बयां करती है जिसने मध्‍य पूर्व के देशों का नक्‍शा हमेशा के लिए बदल कर रख दिया…एक इजराइल बनाम तीन अरब देश। सिक्‍स डे वॉर के नाम से मशहूर इस जंग में अकेले इजराइल ने गाजा पट्टी, पूर्वी यरुशलम और वेस्‍ट बैंक पर कब्‍जा जमा लिया। इजरायल ने इस युद्ध में मिस्र, सीरिया और जॉर्डन को हराया।

1969 : चांद पर इंसान की पहली तस्‍वीर

चांद पर कदम रखने वाले पहले व्‍यक्‍ति नील आर्मस्‍ट्रांग से हम सभी वाकिफ हैं, लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि चांद पर किसी व्‍यक्‍ति की पहली फोटो भी नील आर्मस्‍ट्रांग ने ही खींची थी। तस्‍वीर में दिख रहे व्‍यक्ति बज एलड्रिन है जो नील के बाद चांद पर कदम रखने वाले दूसरे व्‍यक्‍ति थे। यह फोटो 1969 के अपोलो 11 मिशन की है। इस मिशन पर ही पहली बार किसी इंसान ने चांद पर कदम रखा था।

1971 : जब भारत के सामने घुटनों पर थे 93 हजार पाकिस्तानी सैनिक

साल था 1971…भारत और पाकिस्‍तान के बीच जंग छिड़ी थी। नतीजा पाकिस्‍तान के दो तुकड़े…। यह तस्वीर उस लम्हे की है….जब पाकिस्‍तान के लेफ़्टिनेंट जनरल अमीर अब्दुल्ला ख़ाँ नियाज़ी को भारत के कमांडर लेफ़्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के सामने सरेंडर करना पड़ा था। इसी जंग के बाद बांग्लादेश बना। जंग के बाद करीब 93 हजार पाकिस्‍तानी फौजी भारत की कैद में थे जिन्‍हें पाकिस्‍तान के सरेंडर करने के बाद रिहा किया गया।

1979 : ईरान में इस्‍लामिक क्रांति, अमेरिका से दुश्मनी

तस्वीर अयातुल्ला रूहोल्लाह खुमैनी की है। 1 फरवरी 1979 को अयातुल्ला खुमैनी अपने 15 साल के निर्वासन के बाद ईरान लौट आए। खुमैनी के आगमन ने ईरान के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा। खुमैनी ने ईरान के शासक मोहम्‍मद रजा शाह के शासन को खत्‍म कर दिया, फरवरी 1979 में ईरान से राजशाही भंग कर दी गई। 1 अप्रैल 1979 को खुमैनी ने ईरान को इस्‍लामिक गणराज्‍य घोषित कर दिया। उसके बाद से ईरान और अमेरिका के संबंध हमेशा के लिए खराब हो गए।

1989 : जब बर्लिन की दीवार तोड़ी गई…तो पूरब और पश्चिम एक हो गए

तस्वीर जर्मनी की है। यह वो क्षण है, जब बर्लिन की दीवार को बनने के 28 साल बाद गिराया गया। इससे पहले तक पूर्वी और पश्चिमी जर्मनी दो अलग देश थे। जब बर्लिन की दीवार गिरी तो दोनों एक हो गए। एकता की यही ताकत आज जर्मनी की इकोनॉमी में भी दिखती है। जर्मनी आज दुनिया के सबसे सफल देशों में शामिल है।

1992 : दुनिया में कोल्‍ड वॉर का अंत, 40 साल पुरानी दुश्मनी खत्म

सोवियत संघ के भंग को होने के कुछ महीनों बाद ही अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश (सीनियर) और रूसी प्रेसिडेंट बोरिस येल्‍तसिन ने औपचारिक तौर पर कोल्‍ड वॉर के अंत की घोषणा की। दोनों देशों ने एक--दूसरे की तरफ तनी परमाणु मिसाइलें हटा लीं।

1993 : अफ्रीका की भुखमरी की सबसे दर्दनाक तस्वीर

ये दौर था 1993 का। जब अफ्रीका भुखमरी के दौर से गुजर रहा था। उस समय सूडान में कितनी भुखमरी थी और वहां की दशा कितनी भयावह थी उसका अंदाजा सिर्फ इस फोटो से लगाया जा सकता है। यह फोटो सूडान स्थित संयुक्त राष्ट्र के कैम्‍प की है जहां एक रेंगता हुआ बच्‍चा भूखा जमीन पर पड़ा हुआ है और उसके पीछे उसकी मौत के इंतजार में एक गिद्ध है। फोटोग्राफर होकर कार्टर ने यह तस्‍वीर लेने के 3 महीने बाद निराश होकर आत्‍महत्‍या कर ली थी।

2000 : जब इंटरनेशनल स्पेस स्‍टेशन बना ब्रह्मांड में इंसान का दूसरा बसेरा

साल 2000 में इंसान ने ऐसी सफलता हासिल की जो अकल्पनीय थी। पहली बार इंसान का धरती के बाहर भी एक बसेरा था। यह तस्वीर है ISS, यानी इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की। नासा की अगुआई में दुनिया के 16 देशों ने मिलकर इसे बनाया। अभी तक 200 से अधिक अंतरिक्ष यात्री ISS पर रह चुके हैं। इनमें भारतवंशी सुनीता विलियम्स भी शामिल हैं।

2001 : सबसे बड़ा आतंकी हमला, 9/11 के बाद ही अमेरिका ने आतंक के खिलाफ युद्ध छेड़ा

अमेरिका के इतिहास के सबसे दर्दनाक हमलों में से एक है 9/11 का हमला। इस हमले में इस्‍लामिक चरमपंथी ग्रुप अल-कायदा के 19 आतंकवादियों ने तकरीबन 3,000 लोगों की हत्‍या की थी। विमानों को हाईजैक करने के बाद मशहूर वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के दो टावर्स से टकराया गया था।

2006 : इराक के तानाशाह सद्दाम हुसैन का खात्मा

यह वो साल था, जब सद्दाम का खात्मा हुआ। 2003 में अमेरिकी फौज द्वारा पकड़े जाने के तीन साल बाद सद्दाम को 30 दिसंबर 2006 को फांसी पर लटका दिया गया।

2009 : अमेरिका काे मिला पहला अश्वेत राष्ट्रपति

साल 2009 अमेरिका के लोकतंत्र के लिए गौरवशाली बनकर आया। जिस देश में कभी अश्वेतों को वोट का अधिकार भी नहीं था, वहां अफ्रीकी मूल के बराक ओबाम को राष्ट्रपति के रूप में चुना गया। ओबामा दो कार्यकाल तक अमेरिका के राष्ट्रपति रहे। जब ओबामा राष्ट्रपति चुने गए तब अमेरिका मंदी के दौर से गुजर रहा था।

2011 : जब अमेरिका ने पाकिस्तान में घुसकर ओसामा को मार गिराया

साल 2011 में अलकायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन का खात्मा हुआ। 9/11 के ठीक दस साल बाद लादेन को अमेरिकी नेवी सील कमांडोज़ ने पाकिस्तान के एबटाबाद में घुसकर सिर में गोली मारी। लादेन के खात्मे को ओबामा ने व्हाइट हाउस से लाइव देखा।

2019-20 : जब सबसे बड़ी महामारी ने दुनिया पर हमला किया

सोशल डिस्टेसिंग या क्‍वारंटाइन जैसे शब्‍दों का उपयोग 2020 से पहले शायद ही हम लोगों में से किसी ने किया हो। 2020 यानी सबसे बड़ी महामारी के आने का साल। यूं तो 2019 में ही कोविड आ गया था, लेकिन इसका सबसे बुरा दौर 2020 में रहा। अब तक कोविड से करीब 64 लाख लोगों की जान जा चुकी है।

2021 : अफगानिस्‍तान में एक बार फिर तालिबान का राज

20 साल बाद जब अमेरिका ने अफगानिस्‍तान की धरती को छोड़ा तो आम अफगानियों के लिए ज़िंदगी की उम्मीद हमेशा के लिए खत्म हो गई। दुनिया ने देखा कि किस तरह अफगान सेना ने बिना एक गोली चलाए तालिबान के आगे अपना सिर झुका दिया। जो तालिबान कभी आतंकी समूहों में गिना जाता था, आज अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज है। यह तस्वीर अफगानिस्तान के दर्द को भी बताती है, जब एक मासूम बच्चे को सुरक्षित भविष्य के लिए अमेरिकी फौज के हवाले कर दिया गया।

तो ये थे वो चुनिंदा टर्निंग पॉइंट, जिन्होंने इस दुनिया को हमेशा के लिए बदलकर रख दिया।

देखिए वह इकलौता कैमरा जो 162 साल बाद भी फोटो क्लिक कर रहा:न्यूयॉर्क टाइम्स में साथ पानी पीते शिकार-शिकारी, 1 किमी दूर से लिया फोटो ऑस्ट्रेलिया पहुंचा

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