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कोरोना पर हेल्थ एक्सपर्ट का इंटरव्यू:संक्रमित के संपर्क में आने पर तुरंत टेस्ट न कराएं, नए वैरिएंट के लिए खास दवा की जरूरत नहीं

नई दिल्ली4 महीने पहलेलेखक: वैभव पलनीटकर

कोरोना की तीसरी लहर और ओमिक्रॉन संक्रमण बड़े शहरों से छोटे शहरों और गांवों की तरफ बढ़ रहा है। हमारे आसपास फिर से कोरोना पॉजिटिव मरीज आने लगे हैं। ऐसे में डर बना रहता है कि कहीं हम भी तो ओमिक्रॉन पॉजिटिव नहीं हो गए? क्या हल्के सर्दी-जुकाम का मतलब ये तो नहीं कि हमें ओमिक्रॉन हो गया है? अगर कोई बीमार है तो कब कोरोना का टेस्ट करवाना चाहिए? कौन सी दवाएं लेनी चाहिए? ओमिक्रॉन के लिए किसी खास दवा की जरूरत है क्या?

ऐसे सारे सवालों के जवाब जानने के लिए हमने बात की पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. मैथ्यू वर्गीज से। डॉ. वर्गीज लगातार ओमिक्रॉन संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे हैं और वे अपने पेशेंट्स के ट्रीटमेंट का रिकॉर्ड भी दर्ज करते हैं। इस इंटरव्यू में वे तीसरी लहर में ट्रीटमेंट के दौरान के अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।

सवाल- तीसरी लहर को लेकर अब तक आपका अनुभव कैसा रहा? कितने मरीज गंभीर हो रहे हैं?

जवाब- डेली कोविड केस के जो सरकारी आंकड़े दिख रहे हैं वो असलियत से कम हैं, क्योंकि टेस्टिंग कम हो रही है। पॉजिटिव केस की संख्या ओमिक्रॉन वैरियंट की वजह से बढ़ी है। मैं जिन पेशेंट को देखता हूं, उनकी डायरी मेंटेन करता हूं। दिसंबर की शुरुआत में मेरे पास कोविड के 2-3 केस ही आते थे, लेकिन दिसंबर के आखिर से केस बढ़ना शुरू हुए। मैंने जिन 100 के करीब केस का फॉलोअप किया है, उनमें से सिर्फ एक मरीज ICU में है। साफ है कि गंभीर मामले बहुत ही कम आ रहे हैं।

सवाल- ओमिक्रॉन के लक्षण क्या दिख रहे हैं?

जवाब - तीसरी लहर और ओमिक्रॉन संक्रमण में जो केस आ रहे हैं, ज्यादातर में कोई लक्षण ही नहीं हैं। जो हल्के फुल्के लक्षण दिख रहे हैं उनमें गले में खराश, खांसी और बुखार हो रहा है। ये बुखार भी तीन दिन तक चलता है और चौथे दिन घटने लगता है। पहले खांसी, नजला-जुकाम शुरू हो जाता है, फिर बुखार भी आ जाता है, ऐसे लक्षण भी देखने को मिले हैं।

सवाल- कोविड टेस्ट कब कराना है?

जवाब - अगर आपको खांसी, नजला-जुकाम, बुखार है तो मानकर चलिए कि ओमिक्रॉन है। अगर आप किसी कोविड पॉजिटिव के संपर्क में आए हैं और आपको कोई लक्षण नहीं दिख रहे हैं, तो टेस्ट करवाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अगर आपके अंदर वायरस गया भी होगा, तो वो तुरंत डिटेक्ट नहीं होगा। वायरस नाक या मुंह के जरिए हमारे शरीर में जाता है और ये हमें तुरंत इन्फेक्ट नहीं करता है। तीन-चार दिन बाद शरीर में वायरस बढ़ता है, इसके बाद ही बुखार, खांसी, नजला-जुखाम होना शुरू होता है। जिस दिन ये लक्षण दिखें उस दिन टेस्ट कराना चाहिए।

सवाल- अगर टेस्ट पॉजिटिव आता है तो क्या करें?

जवाब- अगर टेस्ट पॉजिटिव आता है तो इसके बाद आपको खुद को आइसोलेट करना है और डॉक्टर से सलाह लेना है। खुद को ऑब्जर्व करते रहना है। टेस्ट पॉजिटिव आने का मानसिक तनाव नहीं लेना है।

सवाल- इलाज के लिए कौन सी दवाएं लेना चाहिए?

जवाब- ओमिक्रॉन से लड़ने के लिए किसी खास दवा की जरूरत नहीं है। शाकाहारी लोगों में विटामिन B की कमी रहती है। विटामिन D की भी कमी रहती है। मल्टीविटामिन, B, C और D की टैबलेट ले सकते हैं। अगर बुखार ज्यादा है तो पैरासिटामॉल की गोली ले सकते हैं। एक दवा मोलनुपिरावीर की काफी चर्चा हो रही है। यह एंटीवायरल दवा है, जो वायरस के बढ़ने की रफ्तार को कम कर देती है। वायरस और एंटीबॉडी के बीच जो जंग चलती है, उसकी वजह से ही बुखार होता है। आम व्यक्ति जो तंदरुस्त है, उसे ये दवा लेने की जरूरत नहीं है। ICMR ने भी इस दवा को प्रिस्क्राइब करने से बचने के लिए कहा है।

सवाल- जो लोग ऑफिस जाते हैं या आउटडोर काम करते हैं, उनको किन बातों का ख्याल रखना है?

जवाब- ऑफिस में अगर एक ही स्पेस में बैठकर कई लोग काम कर रहे हैं और अगर एक भी व्यक्ति पॉजिटिव है, तो सभी को कोविड हो सकता है। इसलिए ऑफिस में एग्जॉस्ट फैन होना जरूरी है। दरवाजे, खिड़की खोलकर रखें। अपना मास्क एक पल के लिए भी ना हटाएं। ऑफिस में चाय, लंच साथ में बैठकर ना करें, अलग-अलग वक्त में जाएं।

सवाल- चेहरों से मास्क कब हटेगा और महामारी खत्म कब होगी?

जवाब- दुनियाभर में जितनी रिसर्च और डेटा स्टडी आती हैं, मैं उन्हें पढ़ता हूं और अपडेट रहता हूं। मेरा अनुमान है कि तीसरी लहर फरवरी के दूसरे हफ्ते तक चलेगी और उसके बाद घट जाएगी। मार्च में स्थिति फिर सामान्य हो जाएगी। जिन लोगों को वैक्सीन लेने के बाद भी ओमिक्रॉन हुआ है, वे निराश ना हों। रिसर्च में पता चला है कि ऐसे लोगों की इम्यूनिटी और मजबूत हो चुकी है। मास्क कोरोना से बचाता है, इसलिए इसका इस्तेमाल करते रहना बेहतर है।