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कटरा से रिपोर्ट LIVE:यात्रा शुरू होने के कुछ घंटे पहले कोरोना टेस्ट के लिए सेंटर बनाए गए, इस बार न पिट्ठू मिलेगा न खच्चर, 14 किमी की चढ़ाई मास्क लगाकर करनी होगी

कटराएक वर्ष पहलेलेखक: अक्षय बाजपेयी
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  • बाहर से आने वाले हर व्यक्ति का कोरोना टेस्ट होगा, रिपोर्ट आने के बाद ही आगे जाने दिया जाएगा
  • पहले दिन सिर्फ 2 हजार भक्तों को यात्रा की परमिशन, बाहरी राज्यों के सिर्फ सौ भक्तों को अलाउ किया

18 मार्च से बंद कटरा में वैष्णो देवी की यात्रा आज से शुरू हो रही है, लेकिन अभी भी कोई चहल-पहल नहीं दिख रही। सड़कें सूनी हैं। होटल-रेस्टोरेंट बंद हैं। शनिवार को जब हम शहर में घूम रहे थे तो न्यू बस स्टैंड पर कुछ निर्माण होता नजर आया। वहां पहुंचे तो पता चला कि कोरोना टेस्ट के लिए अस्थायी सेंटर बनाया जा रहा है।

कटरा में ऐसे तीन सेंटर बनाए जा रहे हैं। बाहरी राज्यों से आने वाले यात्रियों को पहले इन्हीं सेंटर्स में लाया जाएगा। यहां उनका कोरोना टेस्ट होगा। रिपोर्ट कुछ ही मिनटों में आ जाएगी, इसके बाद उन्हें यात्रा के लिए आगे भेजा जाएगा। इस बीच खबर है कि बैष्णो देवी मंदिर का मुख्य पुजारी सुदर्शन पुजारी, उनके परिवार के तीन लोग और उनका एक सहायक कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। शनिवार की रात इनकी रिपोर्ट आई है।

न्यू बस स्टैंड पर अस्थायी कोविड टेस्ट सेंटर का निमार्ण किया गया है, ताकि बाहर से आने वाले यात्रियों की कोरोना जांच हो सके।
न्यू बस स्टैंड पर अस्थायी कोविड टेस्ट सेंटर का निमार्ण किया गया है, ताकि बाहर से आने वाले यात्रियों की कोरोना जांच हो सके।

वैष्णो देवी की यात्रा का पारंपरिक मार्ग बाणगंगा है। यहां स्थित दर्शनी गेट से यात्रा शुरू होती है। यहां से मां के दरबार की दूरी करीब 14 किमी है। दर्शनी गेट पर मेडिकल चेकअप के लिए अस्थायी सेंटर तैयार किया जा रहा है। इसका काम शनिवार दोपहर से ही शुरू हुआ। सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटेन करने के लिए यहां सफेद रंग के सर्कल भी बनाए गए हैं।

जहां सर्कल खत्म होते हैं, वहां हाथों को साफ करने के लिए हैंड सैनिटाइजर की मशीन लगाई गई है। पास में ही टेम्प्रेचर चेक करने की मशीन भी लगी है। यहां से भक्त मेडिकल चेकअप वाले टेंट में जाएंगे, जहां डॉक्टर्स की टीम उनकी हेल्थ की जांच करेगी और कोरोना की रिपोर्ट देखेगी। इसके बाद महिला और पुरुषों की लाइनें अलग-अलग हो जाएंगी। अभी यात्रा सिर्फ पारंपरिक बाणगंगा मार्ग से ही होगी।

करीब 5 महीने बाद कल से वैष्णो देवी यात्रा की शुरुआत हो रही है। कोरोना के चलते दर्शनी गेट पर मेडिकल चेकअप के लिए सेंटर तैयार किया जा रहा है।
करीब 5 महीने बाद कल से वैष्णो देवी यात्रा की शुरुआत हो रही है। कोरोना के चलते दर्शनी गेट पर मेडिकल चेकअप के लिए सेंटर तैयार किया जा रहा है।

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रा के पहले हफ्ते हर रोज 2 हजार भक्तों को यात्रा की परमिशन दी है। इसमें से महज 100 भक्त ही बाहरी राज्यों के होंगे। रविवार को जिन लोगों को यात्रा में शामिल होना है, उनके लिए शनिवार शाम को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की लिंक ओपन की गई। हालांकि रजिस्ट्रेशन कुछ ही सेकंड्स में नो अवेलेबिलिटी का स्टेट्स दिखाने लगा। जिन यात्रियों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हुआ है, वही यात्रा में शामिल हो सकेंगे।

सोशल डिस्टेंसिंग के लिए इस तरह से सर्कल बनाए जा रहे हैं, सभी यात्रियों को कोरोना के नियमों का पालन करना होगा।
सोशल डिस्टेंसिंग के लिए इस तरह से सर्कल बनाए जा रहे हैं, सभी यात्रियों को कोरोना के नियमों का पालन करना होगा।

14 किमी की पैदल चढ़ाई, मास्क लगाकर करनी होगी
रविवार को यात्रा में शामिल होने वाले भक्तों को 14 किमी की चढ़ाई मास्क या फेस कवर लगाकर करनी होगी। किसी भी भक्त को फेस कवर या मास्क उतारने की अनुमति नहीं है। खच्चर और पिट्टू की सुविधा अभी शुरू नहीं की गई है। हालांकि, सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैटरी ऑपरेटेड व्हीकल्स, पैसेंजर रोपवे और हेलीकॉप्टर की सुविधा मिलेगी।

प्रशासन से श्राइन बोर्ड को हर रोज 5 हजार भक्तों को यात्रा में भेजने की परमिशन मिली थी, लेकिन बोर्ड ने कोरोना के चलते यह संख्या 2 हजार कर दी। यात्रा के एक हफ्ते बाद जो स्थितियां सामने आएंगी, उस हिसाब से यात्रियों की संख्या कम या ज्यादा करने का फैसला लिया जाएगा।

जगह-जगह इंस्ट्रक्शन के बोर्ड भी लगाए गए हैं। इस बार कोरोना के चलते यात्रियों को मार्ग में घोड़े और खच्चर नहीं मिलेंगे, पैदल ही यात्रा करनी होगी।
जगह-जगह इंस्ट्रक्शन के बोर्ड भी लगाए गए हैं। इस बार कोरोना के चलते यात्रियों को मार्ग में घोड़े और खच्चर नहीं मिलेंगे, पैदल ही यात्रा करनी होगी।

बाहर से आ रहे हैं तो खाने-पीने की व्यवस्था के साथ आएं
यदि आप मां के दर्शन के लिए बाहर से आ रहे हैं तो खाने-पीने की व्यवस्था के साथ आएं, क्योंकि 15 अगस्त तक कटरा में सबकुछ बंद रहा। कुछ होटल खुले हैं, लेकिन वहां भी किचन ओपन नहीं किया गया है क्योंकि लेबर नहीं हैं। होटल संचालकों के मुताबिक, चुनिंदा यात्रियों के लिए किचन शुरू करना काफी महंगा पड़ेगा इसलिए जब तक यात्रियों की संख्या बढ़ नहीं जाती, तब तक किचन की सुविधा भी बंद रहेगी।

दर्शन मार्ग पर चिन्हित स्थानों पर प्रसाद की अनुमति दी गई है, लेकिन शहर में खाना-पीना तो छोड़िए अभी चाय-नाश्ते की दुकानें भी बंद हैं। श्राइन बोर्ड की तरफ से भी बाहर से आने वाले यात्रियों के भोजन के लिए अभी तक कोई इंतजाम नहीं किया गया है।

यह मशीन हैंड सैनिटाइज करने के लिए लगाई गई है। यात्रा में जाने वाले सभी यात्रियों को हाथ सैनिटाइज करने के बाद ही आगे बढ़ना है।
यह मशीन हैंड सैनिटाइज करने के लिए लगाई गई है। यात्रा में जाने वाले सभी यात्रियों को हाथ सैनिटाइज करने के बाद ही आगे बढ़ना है।

पहले से किस तरह अलग होगी यात्रा पांच पॉइंट्स में समझिए

  1. 6 फीट की दूरी बनानी होगी : सभी भक्तों को एक-दूसरे से 6 फीट की दूरी बनानी होगी। मास्क लगाना होगा। जगह-जगह सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया से गुजरना होगा। भक्तों की संख्या सीमित होगी।
  2. घोड़े, खच्चर नहीं दिखेंगे : यात्रा के दौरान आपको खच्चर और पिट्टू की सुविधा अभी नहीं मिलेगी। हालांकि बैटरी ऑपरेटेड व्हीकल्स, पैसेंजर रोपवे और हेलीकॉप्टर की सुविधा मिलेगी।
  3. दुकानें नहीं मिलेंगी : यात्रा मार्ग पर दुकानें अभी बंद हैं। प्रसादी के लिए चुनिंदा जगहों को खोला जाएगा लेकिन यहां भी सोशल डिस्टेंसिंग को फॉलो करते हुए ही प्रसाद दिया जाएगा।
  4. बच्चे, बुजुर्ग नहीं जा सकेंगे : 10 साल से कम उम्र के बच्चे और 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग अभी यात्रा नहीं कर सकेंगे। बाहरी राज्यों से जो आएंगे, उन्हें कोरोना टेस्ट करवाना अनिवार्य है।
  5. विशेष पूजन नहीं होगी : मां की विशेष पूजन पर अभी रोक लगा दी गई है। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ दर्शन के बाद भक्तों को वापस लौटना होगा।

बाहर से आने वाले भक्तों के लिए क्या करना जरूरी

  • कोरोना टेस्ट करवाकर आएं और रिपोर्ट साथ में लाएं। हालांकि एक रैपिड टेस्ट यहां भी होगा।
  • मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड रखें।
  • फेस मास्क या कवर लेकर आएं।
  • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा लें।
  • होटल की बुकिंग भी ऑनलाइन शुरू हो चुकी हैं, आप पहले ही करवा सकते हैं।
  • कटरा तक ट्रेनें अभी नहीं चल रही हैं, इसलिए आपको जम्मू से टैक्सी के जरिए कटरा आना होगा। जम्मू में टैक्सी मिल रही है।
  • साथ में छाता भी लाएं, ताकि बारिश होने पर खुद का बचाव कर सकें।

करीब 148 दिन ( 5 महीने से 2 दिन पहले) बंद रहने के बाद 16 अगस्त से वैष्णो देवी की यात्रा शुरू हो रही है। भास्कर रिपोर्टर अक्षय बाजपेयी पहले जत्थे के साथ यात्रा पर जाएंगे। वो आपको बताएंगे कि इस बार कोरोना के चलते पहले के मुकाबले यात्रा कैसे बदल गई है, अगर आप जाना चाहे तो कैसे जाएं और क्या सावधानियां बरतें, इन तमाम जानकारियों से वो आपको अपडेट करते रहेंगे। पढ़िए ये लाइव रिपोर्ट्स..

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