भास्कर इंटरव्यूद्वारका में प्रभुबा 32 साल से अजेय:5 घंटे गौशाला में बिताते हैं, 144 करोड़ की संपत्ति, मोदी कांग्रेस से BJP में लाए

2 महीने पहलेलेखक: अक्षय बाजपेयी

लंबी रौबदार मूंछें…माथे पर गोल टीका…काला चश्मा और गर्दन तक आते बाल। गले में एक मोटी माला। ये लुक प्रभु बा मानेक का है। महज 8वीं तक पढ़े प्रभुबा मानेक पिछले 32 साल से कृष्ण की नगरी द्वारका में अजेय हैं।

तीन बार इंडिपेंडेंट, एक बार कांग्रेस से और तीन बार BJP से चुनाव लड़े, लेकिन कभी नहीं हारे। 2007 में PM मोदी के कहने पर BJP से चुनाव लड़ा और तभी से इस पार्टी में हैं।

खास बात ये है कि प्रभुबा जिस वाघेर (क्षत्रिय) कम्युनिटी से आते हैं, वो पॉपुलेशन (25 हजार) के लिहाज से द्वारका विधानसभा सीट में तीसरे नंबर पर आती है। इस सीट पर सबसे ज्यादा वोटर अहीर कम्युनिटी (52 हजार) और सथवारा (40 हजार) आते हैं। इन कम्युनिटी के लोग भी प्रभुबा के सामने लड़ चुके, लेकिन जीत नहीं पाए।

दोस्तों ने जिद की तो पर्चा भर दिया
द्वारका मंदिर के पुजारी परिवार से आने वाले प्रभुबा कहते हैं, ‘मैंने 1990 में पहली बार मजे-मजे में ही दोस्तों के कहने पर पर्चा डाल दिया था। उन्होंने कहा था कि पर्चा भर दो, बाद में वापस ले लेना। मैं पर्चा वापस लेने गया भी, लेकिन तब सबने कहा कि पर्चा वापस मत लो, चुनाव लड़ो। वो लोग पिताजी को मनाने आ गए कि बेटे को चुनाव लड़ने की इजाजत दे दीजिए। पिताजी भी मान गए और इस तरह मैं पहली दफा इंडिपेंडेंट कैंडिडेट के तौर पर चुनाव जीता।’

इसके बाद दो बार और इंडिपेंडेंट लड़कर जीता। फिर शंकर सिंह वाघेला के कहने पर कांग्रेस जॉइन कर ली। 2002 के चुनाव में BJP ने 127 सीटें जीती थी, तब मैं कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता था।

बेट द्वारका के अतिक्रमण पर खुलकर बात नहीं की
द्वारका विधानसभा में 25 हजार से ज्यादा मुस्लिम वोटर हैं। यहां मुस्लिमों के एक तबके के वोट भी प्रभुबा को मिलते रहे हैं। मुस्लिमों की बड़ी आबादी ओखा और बेट द्वारका में रहती है।

जब मैं द्वारका पहुंचा तो बेट द्वारका में ढहाए गए अतिक्रमण की चर्चा हर तरफ थी। RSS के एक नेता से मुझसे कहा कि चुनाव के बाद फिर से अतिक्रमण ढहाने की कार्रवाई शुरू हो सकती है, क्योंकि समुद्र किनारे बनीं मस्जिद-मजारों के जरिए राष्ट्रविरोधी गतिविधियां हो रही हैं।

हालांकि इस बारे में जब मैंने प्रभुबा से सवाल किया तो वो इस मुद्दे से बचते नजर आए। अतिक्रमण ढहाने के टाइमिंग पर बोले, ‘भारत में चुनाव तो हमेशा ही चलते रहते हैं। एजेंसी अपने काम करती हैं।’

बेट द्वारका में चुनाव से एक महीने पहले 100 से ज्यादा अतिक्रमण तोड़े गए
द्वारका से 35 किमी दूर बसे बेट द्वारका की आबादी करीब 12 हजार है। इनमें से 80%, यानी लगभग 9,500 मुसलमान हैं। माना जाता है कि बेट द्वारका ही वह जगह है जहां सुदामा श्रीकृष्ण से मिलने आए थे और उनकी दरिद्रता खत्म हुई। अब इस इलाके में मंदिर कम और मस्जिद-मजारें ज्यादा नजर आती हैं।

अक्टूबर के पहले हफ्ते में प्रशासन ने यहां 100 से ज्यादा अतिक्रमण तोड़ दिए। इनमें समुद्र किनारे बनीं कई मस्जिद और मजारें भी थीं। इन्हें किसने बनाया था, कोई नहीं जानता। कब्जा की गई इस जमीन की कीमत साढ़े 6 करोड़ रुपए है।

बेट द्वारका के 80% लोग मछली के कारोबार से जुड़े हैं। लोग बोट से इंटरनेशनल बॉर्डर तक जाते हैं। लौटकर कितने और कौन आ रहा है, इसका कोई हिसाब नहीं होता। यहां से कराची की दूरी 105 किमी के आसपास है। समुद्री रास्ते से दो से तीन घंटे में पाकिस्तान पहुंचा जा सकता है।

बेट द्वारका में रहने वाली कई लड़कियों की शादी पाकिस्तान में हुई है और पाकिस्तान की कई लड़कियां शादी करके यहां बसी हैं। पाकिस्तान से होने वाली ड्रग तस्करी के तार भी बेट द्वारका से जुड़े हैं।

प्रभुबा शिपिंग, ट्रांसपोर्ट और रियल एस्टेट के कारोबार से जुड़े
द्वारका विधानसभा में ज्यादातर लोग खेती और फिशिंग के कारोबार से जुड़े हैं। ओखा में टाटा केमिकल्स का बड़ा प्लांट है। यहां आसपास के लड़कों को नौकरी मिल जाती है। चार धाम में से एक होने से यहां टूरिस्ट बड़ी संख्या में पहुंचते हैं, जिससे कई लोगों को रोजगार मिल रहा है।

प्रभुबा मानेक खुद शिपिंग, ट्रांसपोर्ट और रियल एस्टेट के बिजनेस में हैं। उन्होंने इस बार 144 करोड़ रुपए की संपत्ति डिक्लेयर की है। इसमें पत्नी और परिवार के नाम पर जो संपत्ति है, वो भी शामिल है। मैंने पूछा- आप इतने सीनियर हैं तो कभी मुख्यमंत्री बनने का ख्याल नहीं आया तो बोले, मैं जो काम कर रहा हूं, उसी में सुकून मिलता है। हर रोज पांच से छह घंटे गौशाला में बिताता हूं।

प्रभुबा ने पिछली बार कांग्रेस कैंडिडेट मीरामन गोरिया को 5,739 वोटों से हराया था। इस बार कांग्रेस ने अहीर कम्युनिटी से आने वाले मुलू कंदोरिया को उतारा है। प्रभुबा 2012 में मुलू कंदोरिया को भी मात दे चुके हैं।

मीरामन गोरिया को इस बार कांग्रेस ने टिकट देने से मना कर दिया था, तो उन्होंने BJP जॉइन कर ली और प्रभुबा को जिताने के लिए ही कैंपेनिंग की। प्रभुबा के लिए वोट मांगने 23 नवंबर को यूपी के CM योगी आदित्यनाथ भी द्वारका पहुंचे थे।

प्रभुबा की विधानसभा द्वारका से आधे घंटे की दूरी पर खंभालिया आता है। खंभालिया से आम आदमी पार्टी के CM फेस इसुदान गढ़वी चुनाव लड़ रहे हैं। इसुदान पर प्रभुबा कहते हैं- ‘अब अमिताभ बच्चन को कोई एक्टिंग छोड़कर राजनीति में थोड़ी देखेगा।’

मोरारी बापू पर हमले की कोशिश का आरोप भी लगा
जून 2020 में प्रभुबा मानेक पर कथावाचक मोरारी बापू पर हमले की कोशिश का आरोप लगा। तब मोरारी बापू द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे। उस समय यूपी के मिर्जापुर में मोरारी बापू ने भगवान कृष्ण के भाई बलराम पर टिप्पणी की थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रबुभा माणेक नारे लगाते हुए तेजी से मोरारी बापू की ओर बढ़े। वहीं बैठीं जामनगर से BJP सांसद पूनम माडम तुरंत बीच में आ गईं। इसके बाद लोगों ने प्रभुबा को मोरारी बापू से दूर किया।

प्रभुबा ने बाद में सफाई दी कि उनकी मंशा मोरारी बापू पर हमला करने की नहीं थी। इस घटना से दो दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें चुनावी दस्तावेजों में गलत जानकारी देने के मामले में डिस्क्वालिफाई किया था। बाद में प्रभुबा को इस मामले में स्टे मिल गया था।

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