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आज की पॉजिटिव खबर:इलाहाबाद के तीन युवाओं ने UPSC और दूसरे कॉम्पटीटिव एग्जाम्स की तैयारी के लिए ऑनलाइन ऐप लॉन्च किया, पहले ही महीने 1 लाख का बिजनेस

नई दिल्ली2 महीने पहलेलेखक: इंद्रभूषण मिश्र
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सुशांत, निशांत और इशांक - Dainik Bhaskar
सुशांत, निशांत और इशांक

मान लीजिए आप UPSC या किसी कॉम्पटीटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं। आपके पास रिसोर्सेस की कोई कमी नहीं है। नोट्स, कंटेंट और किताब जैसी चीजें आपके पास उपलब्ध हैं, लेकिन क्या पढ़ा जाए, कैसे पढ़ा जाए, स्ट्रेटजी और प्लानिंग क्या हो, ये बताने वाला कोई नहीं है। ऐसे में सबकुछ होते हुए भी एग्जाम क्रैक करना मुश्किल हो जाता है।

लेकिन अब इस प्रॉब्लम का सॉल्यूशन ढूंढ निकाला है इलाहाबाद के तीन युवाओं ने। इन्होंने पिछले साल एक ऐप लॉन्च किया है, जिसकी मदद से आप अपनी प्रिप्रेशन की प्लानिंग कर सकते हैं। ऐप के जरिए एक्सपर्ट की टीम आपको स्टेप बाई स्टेप गाइड करेगी। आज की पॉजिटिव खबर में हम इन युवाओं की पहल को समझने की कोशिश करते हैं।

कंटेंट के साथ-साथ गाइडेंस और प्लानिंग भी जरूरी है
25 साल के निशांत शुक्ला ने 2017 में IIT (BHU) वाराणसी से बीटेक की डिग्री हासिल की। इसके बाद वे UPSC की तैयारी करने लगे। इसी दौरान उनके मन में यह आइडिया आया कि उनकी तरह ज्यादातर स्टूडेंट्स ऐसे हैं, जिनके पास रिसोर्सेस की कोई दिक्कत नहीं है लेकिन सही गाइडेंस के अभाव में उनका सिलेक्शन नहीं हो पा रहा है। ऊपर से कोरोनाकाल में बच्चों के डाउट्स ऑनलाइन क्लास में और भी बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे स्टूडेंट्स को सही गाइडेंस देने के लिए एक प्लेटफॉर्म की जरूरत है। बस इसी सोच को लेकर पिछले साल जुलाई में निशांत ने Examarly नाम से एक ऑनलाइन ऐप की शुरुआत की।

25 साल के निशांत शुक्ला IIT (BHU) वाराणसी से पास आउट हैं। तीन साल तक उन्होंने UPSC की तैयारी भी की है।
25 साल के निशांत शुक्ला IIT (BHU) वाराणसी से पास आउट हैं। तीन साल तक उन्होंने UPSC की तैयारी भी की है।

निशांत की टीम में इलाहाबाद के दो और उनके दोस्त जुड़ गए। 24 साल के सुशांत शुक्ला निशांत के भाई हैं। वे ट्रेडिंग के फील्ड में काम कर चुके हैं। इशांत BBA पास आउट हैं और एक कंपनी में काम कर चुके हैं। कुछ दिनों बाद कर्नाटक के रहने वाले त्रिभुवन भी उनकी टीम में शामिल हो गए। त्रिभुवन का सॉफ्टवेयर सेक्टर में अच्छा खासा अनुभव है। इसके साथ ही 10 लोग और हैं, जो इस टीम में काम कर रहे हैं।

निशांत कहते हैं कि ज्यादातर बच्चे महंगी कोचिंग जॉइन कर लेते हैं। कई लोग अपने शहर छोड़कर दूसरी जगह शिफ्ट हो जाते हैं। उन्हें क्लास में 100-200 बच्चों के साथ पढ़ना होता है। जहां सबको एक ही तरह से ट्रीट किया जाता है। जो ठीक नहीं है। हर इंडिविजुअल के अपने अलग डाउट्स होते हैं। किसी का कोई पार्ट मजबूत होता है तो किसी का वही पोर्शन वीक होता है। सबको एक ही सांचे में नहीं ढाल सकते हैं। हम लोग हर स्टूडेंट्स को उसकी जरूरत के मुताबिक गाइडेंस और प्लानिंग प्रोवाइड कराते हैं, कि उसे कब क्या और कैसे पढ़ना है।

कैसे काम करते हैं, ऐप के क्या-क्या फीचर्स हैं?
निशांत कहते हैं कि हमारे पास हर सब्जेक्ट के एक्सपर्ट की टीम है। कई लोग मेंटर के रूप में भी जुड़े हैं। जो ऐप के जरिए स्टूडेंट्स को गाइड करते हैं। वे बताते हैं कि हमारा प्लेटफॉर्म पूरी तरह सेल्फ कस्टमाइज्ड है। आप ऐप पर जाइए, टेस्ट दीजिए, उसके हिसाब से आपको प्रिप्रेशन की पूरी प्लानिंग, स्ट्रेटजी और क्या पढ़ना है, सबकुछ बता दिया जाएगा। जैसे ही आप एक टास्क पूरा करेंगे, आपको नया टास्क दिया जाएगा। अगर आप पहले का टास्क ठीक से पूरा नहीं कर पाते हैं। तो हमारे एक्सपर्ट आपके परफॉर्मेंस की एनालिसिस करेंगे। इसके बाद आपको नए सिरे से प्लान और टेस्ट पेपर्स दिए जाएंगे।

निशांत बताते हैं कि करेंट अफेयर्स का कोर्स सबके लिए फ्री है। जबकि बाकी कोर्सेज के लिए हम लोग एक स्टूडेंट से 500 रुपए हर महीने फीस ले रहे हैं। इसमें उसे पूरी फैसिलिटी मिलती है। वे कहते हैं कि हम लोग स्टूडेंट्स को कोई स्टडी मटेरियल या कंटेंट प्रोवाइड नहीं कराते हैं। हम सिर्फ प्लानिंग और गाइडेंस पर फोकस करते हैं। हर स्टूडेंट्स की स्ट्रेंथ की एनालिसिस करते हैं और उसके मुताबिक उसे स्टडी प्लान भेज देते हैं। जब वो उसे पढ़ लेता है तो उसे टेस्ट देना पड़ता है। साथ 24 घंटे एक्सपर्ट से डाउट्स क्लियर करने की सुविधा देते हैं।

निशांत कहते हैं कि अगर किसी स्टूडेंट की मॉडर्न हिस्ट्री कमजोर है। तो हम उसे सजेस्ट करते हैं कि उसे किस किताब से कौन से चैप्टर की पढ़ाई करनी है और कैसे पढ़ना है। वो उसमें ज्यादा स्कोर कैसे कर सकता है? हमारे एक्सपर्ट उसको पूरा सपोर्ट करते हैं। इसके साथ हमारी टीम हर स्टूडेंट्स को समय-समय पर फोन करके भी गाइड और मोटिवेट करती रहती है।

7600 स्टूडेंट्स जुड़े, पहले ही महीने 1 लाख से ज्यादा का बिजनेस

24 साल के सुशांत शुक्ला निशांत के भाई हैं। ट्रेडिंग के फील्ड में उन्होंने काम किया है।
24 साल के सुशांत शुक्ला निशांत के भाई हैं। ट्रेडिंग के फील्ड में उन्होंने काम किया है।

निशांत कहते हैं कि पिछले 8 महीने में 7600 स्टूडेंट्स देशभर से हमारे साथ जुड़े हैं। इनमें से 200 से ज्यादा पेड सब्सक्रिप्शन वाले हैं। वे कहते हैं कि शुरुआत में हमने सबके लिए फ्री ऑफ कॉस्ट सब्सक्रिप्शन रखा था। हम ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स को अपने साथ जोड़ना और अपनी खूबियां बताना चाहते थे। इसलिए ये प्लान रखा था। पिछले महीने हमने पेड सब्सक्रिप्शन कर दिया और पहले ही महीने 200 से ज्यादा ने फीस भी भर दी। वे बताते हैं कि पेड सब्सक्रिप्शन के बाद पहले ही महीने 1 लाख रुपए से ज्यादा का बिजनेस हुआ है।

निशांत बताते हैं कि अभी हमें 7-8 महीने ही काम करते हुए हैं। इसलिए हमारा फोकस UPSC और बाकी के PSC एग्जाम पर ही है, लेकिन अगले 6 महीने में हम दूसरे फील्ड के बच्चों को भी शामिल करेंगे। इसको लेकर हमारी टीम काम कर रही है। हम आने वाले दिनों में बैंकिंग, SSC, IIT और मेडिकल की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स को भी इस प्लेटफॉर्म से जोड़ेंगे।

वे कहते हैं कि हमने अपने स्टार्टअप में अभी की कमाई के मुकाबले इन्वेस्ट ज्यादा किया है, लेकिन हमें उम्मीद है कि जल्द ही और ज्यादा बच्चे उनसे जुड़ेंगे। केंद्र सरकार और UP सरकार के स्टार्टअप इंडिया से उन्हें मान्यता मिल गई है।

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