भास्कर रिसर्च₹600 की ब्लूबेरी आप ₹3000 में खरीद रहे:सुपरफ्रूट के नाम पर आवोकाडो इम्पोर्ट 500% तो ब्लूबेरी का 3500% बढ़ा

5 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

क्या आपको INDIA’S GOT TALENT का वह एपिसोड याद है जहां गीतकार मनोज मुंतशिर, फ्रूट सलाद खातीं शिल्पा शेट्‌टी से पूछते हैं- ये अमीरों वाले अंगूर कहां मिलते हैं? जवाब में शिल्पा शेट्‌टी मजाक के लहजे में कहती हैं- मनोज जी, इन्हें ब्लूबेरी कहते हैं…।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए ऐसे वीडियोज पहले ही बढ़ रही ब्लूबेरी जैसे फ्रूट्स की डिमांड और बढ़ाते हैं। लोग इसे सुपरफ्रूट मानते हैं। हेल्दी डाइट से जुड़ी हर वेबसाइट पर आपको 10-15 सुपरफ्रूट्स या सुपरफूड्स की लिस्ट मिल जाएगी…और इस लिस्ट में दो फल आवोकाडो और ब्लूबेरी जरूर होंगे।

ये दोनों ही फल भारत के नहीं हैं। हमारे यहां एक्सपेरिमेंट के तौर पर कुछ जगहों पर उगाए भी जाते हैं, मगर उनकी उपलब्धता और क्वालिटी दोनों की ही दिक्कत बनी रहती है। जाहिर है, इन्हें पूरी तरह दूसरे देशों से आयात किया जाता है।

अगर आपको लगता है कि ठेलों से फल खरीदने वाली भारतीय जनता भला इन इम्पोर्टेड फलों के बारे में क्या जानती होगी तो दोबारा सोचिए। पिछले 5 साल में आवोकाडो का आयात 500% से ज्यादा और ब्लूबेरी का आयात 3500% से ज्यादा बढ़ गया है।

आयात में बढ़ोतरी भी तब जब हमारे मार्केट में ब्लूबेरी 2000 से 3000 रुपए किलो तक मिलती है और एक आवोकाडो 250 से 300 रुपए का बिकता है। आप कह सकते हैं कि इम्पोर्टेड फलों की इतनी कीमत तो होगी ही।

इतनी कीमत चुकाकर फल खरीदने वाले अपनी सेहत सुधारें या न सुधारें…इन फलों को इम्पोर्ट करने और बेचने वाली कंपनियों की सेहत जरूर अच्छी कर रहे हैं। जिस देश में ब्लूबेरी या आवोकाडो उगाए जाते हैं वहां उनकी कीमत…इम्पोर्ट ड्यूटी और ट्रांसपोर्टेशन-स्टोरेज की लागत निकालने के बाद भी कंपनियों का प्रॉफिट मार्जिन बहुत ज्यादा है।

भारत की सबसे बड़ी फल आयातक कंपनियों में से एक आईजी इंटरनेशनल का ही उदाहरण देखें। कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट बताती है कि 2020-21 में कंपनी की इनकम फ्रॉम ऑपरेशन्स करीब 10% बढ़ी…मगर शुद्ध मुनाफा 80% बढ़ गया।

समझिए, कैसे ये सुपरफूड आपसे ज्यादा कंपनियों की सेहत के लिए फायदेमंद हैं और क्यों भारतीय बाजार में इनकी डिमांड बढ़ रही है।

पहले समझिए, कैसे आप इन ‘सुपरफ्रूट्स’ की ज्यादा कीमत चुका रहे हैं

देश में आवोकाडो और ब्लूबेरी उगाने की कोशिश जारी…मगर क्वालिटी में फर्क

भारत में अलग-अलग जगहों पर ब्लूबेरी और आवोकाडो की खेती की कोशिशें जारी हैं। दक्षिण भारत में कई स्थानों पर आवोकाडो उगाया जाता है। मगर इम्पोर्टेड आवोकाडो के मुकाबले इसमें ऑयल की मात्रा कम होती है। इमोपोर्टेड आवोकाडो में ऑयल परसेंटेज 18% तो देशी में 12% होता है।

ब्लूबेरी की खेती भी महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में कुछ जगहों पर प्रयोग के तौर पर की गई है। फ्रूट इम्पोर्टर कंपनी आईजी इंटरनेशनल ने 2021 में पहली बार देश में 80 टन ब्लूबेरी का का कॉमर्शियल उत्पादन किया। कंपनी ने मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में अमरवाड़ा और सिंगोरी में ब्लूबेरी की खेती शुरू की है। टारगेट 2023 तक 500 टन ब्लूबेरी उगाने का है। फ्रूट इम्पोर्टर युप्पा ग्रुप ने भी महाराष्ट्र में ब्लूबेरी की खेती शुरू की है। देशी ब्लूबेरी की कीमत कम होती है, मगर इसके टेक्सचर में अंतर होता है।