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कोरोना से जंग में स्टार्टअप्स की मदद:पैसे जुटाने के साथ ऑक्सीजन और बेड की मारामारी का भी निकाल रहे समाधान; जानिए आपदा में किस स्टार्टअप ने क्या किया

एक महीने पहलेलेखक: आदित्य द्विवेदी

भारत कोरोना की विकराल लहर से गुजर रहा है। सोशल मीडिया पर ऑक्सीजन सिलेंडर, हॉस्पिटल बेड और इंजेक्शन की गुहार है। इस बीच खबर आती है कि XYZ अस्पताल में सिर्फ 45 मिनट की ऑक्सीजन बची है तो कहीं ABC अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने से दर्जनों मरीजों की सांस थमने का समाचार मिलता है। एंबुलेंस, रिक्शा और घर पर मरीजों के दम तोड़ने की खबरें तो आम हो गई हैं।

पिछले एक हफ्ते से रोजाना करीब 4 लाख नए मामले सामने आ रहे हैं। भारत का हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर इतनी बड़ी डिमांड को पूरा करने में नाकाम है। ऐसे में छोटे बिजनेस संस्थानों, NGOs और स्टार्टअप्स ने मदद का हाथ बढ़ाया है। ये मरीजों की मदद के लिए पैसे जुटा रहे हैं, ऑक्सीजन और दवाओं का इंतजाम कर रहे हैं और कई तो कोरोना संक्रमित परिवारों के लिए खाने का भी प्रबंध कर रहे हैं। हम यहां ऐसे ही कुछ प्रयासों के बारे में बता रहे हैं...

स्वस्थ अलायंस इनीशिएटिवः बेड, ऑक्सीजन, दवा और एंबुलेंस की जानकारी

  • ये 150 स्वास्थ्य संगठनों, अस्पतालों, NGO और 1mg जैसी ऑनलाइन फॉर्मेसी का अलायंस है। इसे पिछले साल कोरोना महामारी आने के बाद शुरू किया गया था। शुरुआत में इसका फोकस टेली मेडिसिन और होम मॉनिटरिंग सर्विस पर था। अक्टूबर से फरवरी के बीच स्वस्थ अलायंस ने दूर-दराज के इलाकों तक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पहुंचाने का काम किया।
  • स्वस्थ अलायंस के पास एक डेटाबेस है जिसमें हॉस्पिटल बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाओं और एंबुलेंस की जानकारी है। इसे liferesources.in वेबसाइट पर जाकर देखा जा सकता है। इसके अलावा वॉट्सऐप नंबर (+91-80619-33193) पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। 1 हजार से ज्यादा वॉलंटियर इस सूचना को लगातार वैरिफाई और अपडेट करते रहते हैं।

इंडिया कोविड रिसोर्सेजः देश भर में कोरोना से जुड़ी मेडिकल सहायता

  • द प्रोडक्ट फोक्स स्टार्टअप के अभय जानी का कहना है कि जब चारों तरफ कोहराम मचा हो, ऐसे में उम्मीद खोजना मुश्किल है, लेकिन सामना तो करना ही होगा। अभय ने अजनबियों को एक दूसरे की मदद करते हुए देखकर एक इनीशिएटिव शुरू किया- इंडिया कोविड रिसोर्सेज।
  • indiacovidresources.in वेबसाइट में अलग-अलग शहरों में कोरोना से जुड़ी जरूरी मेडिकल सहायता की जानकारी दी जाती है। मसलन- कोविड हेल्पलाइन, एंबुलेंस, ऑक्सीजन, मेडिकल स्टोर और अन्य। यहां करीब 200 वॉलंटियर पूरे देश के रिसोर्स को वैरिफाई और अपडेट करते हैं।

हेल्थटेक मेडोः मुफ्त कोविड केयर सेंटर

  • हेल्थटेक स्टार्टअप मेडो ने गुरुग्राम में मुफ्त कोविड केयर सेंटर शुरू किया है। यहां कोरोना के हल्के लक्षण वाले मरीजों का इलाज किया जाता है जिससे हॉस्पिटल बेड, ऑक्सीजन और आईसीयू की जरूरत को कम किया जा सके। इसके अलावा मेडो ने एक वॉट्सऐप चैटबोट भी शुरू किया है जिससे दिल्ली-एनसीआर के 200 डॉक्टरों से बात की जा सकती है।
  • मेडो के फाउंडर सौरभ कोच्चर का कहना है कि गुरुग्राम में तीन कोविड केयर सेंटर चल रहे हैं। अगले हफ्ते तक दो अन्य सेंटर लॉन्च होने की उम्मीद है। सौरभ का कहना है कि सेंटर में अन्य मेडिकल सुविधाएं मौजूद हैं, सिर्फ ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के लिए चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

कोविड कॉरिडोरः ऑक्सीजन बेड खोज रहे मरीजों की मदद

  • हेल्थकेयर और फिनटेक स्टार्टअप यूनोफिन ने कोविड कॉरिडोर इनीशिएटिव की घोषणा की है। दिल्ली-एनसीआर, जयपुर और चंडीगढ़ के 550 से ज्यादा नेटवर्क अस्पतालों के जरिए ऑक्सीजन बेड खोज रहे लोगों की मदद की जाती है।
  • लोग 8955 8955 89 नंबर पर कॉल करके बेड की उपलब्धता पता कर रहे हैं। इसी नंबर पर मुफ्त कोविड कंसल्टेशन भी बुक कर सकते हैं।

कोविराइडः कोरोना मरीजों के लिए गाड़ी की व्यवस्था

  • मेक माय ट्रिप फाउंडेशन ने कोविराइड इनीशिएटिव की शुरुआत की है जो कोविड-19 मरीजों को इमरजेंसी एंबुलेंस सर्विस, वैक्सीनेशन सेंटर, ऑक्सीजन सेंटर, अस्पताल तक ले जाने में मदद करती है।
  • ये एक कम्युनिटी प्लेटफॉर्म है जहां आप मदद मांग सकते हैं या मदद ऑफर कर सकते हैं। इसके लिए आपको www.coviride.com पर जाना होगा।

कर्मचारियों के लिए आगे आए पेटीएम और अपग्रैड

पेटीएम ने 150 लोगों की एक इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम बनाई है जो किसी भी कर्मचारी या उनके परिवार वालों के कोविड संक्रमित होने की स्थिति में मदद करते हैं। इसके अलावा कंपनी 20 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का भी इंतजाम कर रही है। पेटीएम ने कोरोना में मदद के लिए 15 करोड़ रुपए जुटाए हैं। अपग्रैड ने अपनी सभी कर्मचारियों के लिए फ्री वैक्सीन का ऐलान किया है। इसके अलावा अन्य कई स्टार्टअप्स भी अपने कर्मचारियों के लिए दवा, ऑक्सीजन खोजने में सक्रिय हैं।

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