भास्कर एक्सक्लूसिवफाजिल की हत्या पर दो बातें:अफेयर के दावे पर परिवार बोला- बताओ लड़की कौन; साधु की धमकी- यह पहला शिकार, 9 बाकी

मंगलुरु4 महीने पहलेलेखक: आशीष राय

मंगलुरु के बाहरी सूरतकल में गुरुवार शाम तकरीबन 8 बजे हुई मोहम्मद फाजिल की हत्या के बाद से पूरे इलाके में तनाव है। 21 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए 1 अगस्त तक धारा 144 बढ़ा दी गई है। इस हत्याकांड को लेकर अब राजनीति भी शुरू हो गई है।

SDPI ने आरोप लगाया है कि इसके पीछे संघ परिवार और भाजपा से जुड़े नेताओं के भड़काऊ बयान और सांप्रदायिक कलह से भरी खबरें जिम्मेदार थीं। वहीं, काली मठ के साधु ऋषि कुमार स्वामी ने मीडिया के सामने कहा कि फाजिल पहला शिकार है और आगे अभी 9 सिर और बाकी हैं।

शुक्रवार को दिनभर चले इस घटनाक्रम के बीच दैनिक भास्कर फाजिल के घर पहुंचा और उसके परिवार का पक्ष जानना चाहा। बेटे की मौत के बाद इस मामले को लव अफेयर से जोड़ने पर परिवार के सदस्य नाराज दिखे।

फाजिल के चाचा निसार अहमद ने कहा कि कल हमारे बेटे की हत्या हुई और मीडिया ने नरेटिव बना लिया है कि उसका लड़की से चक्कर था। अगर एक दिन में फैसला देना है तो पुलिस, कोर्ट की क्या जरूरत है, सभी को हटा कर सिर्फ मीडिया को जांच सौंप देनी चाहिए। जिस तरह से फाजिल की बीच बाजार हत्या हुई, उससे परिवार के लोग और दोस्त बेहद डरे हुए हैं।

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दोस्त बोला-अगला नंबर हमारा हो सकता है
मोहम्मद फाजिल के करीबी दोस्त का नाम भी फाजिल ही है। वे पूरा नाम फाजिल इस्माइल लिखते हैं। उन्होंने बताया, 'आधे शहर में पुलिस है, लेकिन जहां फाजिल मारा गया, वहां एक भी पुलिस वाला नहीं है। मुस्लिम होने के चलते उसे इग्नोर किया जा रहा है। जब हाईवे पर हत्या हो सकती है तो हम तो कॉर्नर में रहते हैं, कोई आकर हमें भी मार सकता है। जिस तरह से मेरे दोस्त को मारा गया, उससे हमें डर लग रहा है। अगला नंबर मेरा या परिवार के किसी और शख्स का हो सकता है।

‘क्या सिर्फ हिन्दुओं के CM हैं बोम्मई’
पुलिस भले ही इस मामले में कई आरोपियों को हिरासत में लेने की बात कह रही है, लेकिन परिवार को सरकार और पुलिस की मंशा पर संदेह है। निसार अहमद ने कहा,’हमें उम्मीद है, लेकिन भरोसा नहीं है। चीफ मिनिस्टर यहीं थे, वे हिन्दू लोगों के घर गए, लेकिन हमारे घर नहीं आए। क्या वे सिर्फ हिन्दुओं के मुख्यमंत्री हैं और मुसलमानों के नहीं है।’ उन्होंने आगे कहा, ’सप्ताह में तीन हत्याएं होती हैं, यही इस सरकार का डेवलपमेंट है। इनकी पॉलिटिक्स का एक ही तरीका है हत्या करना और ऊपर आना।’

मौत के बाद फाजिल के चेहरे को देखते हुए उनके एक रिश्तेदार।
मौत के बाद फाजिल के चेहरे को देखते हुए उनके एक रिश्तेदार।

‘कोई नहीं बता रहा किससे था बेटे का अफेयर’
अपने बेटे को खो चुके उमर फारूख हमें देखते ही बिलख पड़े और बेटे की किसी से दुश्मनी के सवाल पर कहा, ’वह घर में बैठने वाला आदमी था, वह क्रिकेट खेलने भी बाहर नहीं जाता था। कल (गुरुवार) साढ़े सात बजे तक हमारे साथ था और आज यह घटना हो गई।

उन्होंने कहा कि टीवी न्यूज वाले मनगढ़ंत कुछ भी बोले जा रहे हैं। यह बताया जा रहा है कि उसके जन्मदिन की पार्टी थी, कोई कह रहा है कि उसका लव मैटर था, लेकिन कोई यह नहीं बता रहा कि किससे लव अफेयर चल रहा था? किसी को झूठ नहीं बोलना चाहिए।'

‘सिर्फ अपराधियों को पकड़ो, निर्दोष को नहीं’
फारूख ने आगे कहा, ’वह मेरे लिए दोस्त जैसा था। उसने कभी ये जाहिर नहीं किया कि उसे कोई परेशान कर रहा है। जैसा मेरे बेटे के साथ हुआ वैसा किसी के साथ नहीं होना चाहिए। सरकार से हमें कोई फेवर नहीं चाहिए, वे बस दोषियों को पकड़ कर लाएं। हम सिर्फ यही चाहते हैं।'

स्थानीय नेताओं से नाराज दिखे पिता
फाजिल के पिता ने आगे कहा, ’कल (गुरुवार) मुख्यमंत्री यहीं थे और कल ही हत्या हो गई। मुसलमानों को कोई पूछने वाला नहीं है। सिर्फ एक पुलिस अधिकारी को छोड़ कर यहां न कोई MP, न MLA और न ही कोई पार्षद आया। ऐसा क्यों कर रहे हैं, वे हमारे भी CM हैं।’

फाजिल की हत्या के बाद से पूरा परिवार खौफ में है। उनका कहना है कि पुलिस भी उन्हें कोई प्रोटेक्शन नहीं दे रही है।
फाजिल की हत्या के बाद से पूरा परिवार खौफ में है। उनका कहना है कि पुलिस भी उन्हें कोई प्रोटेक्शन नहीं दे रही है।

‘संदेह है कि हमें इंसाफ मिलेगा’
फाजिल ने आगे कहा, ’कर्नाटक में हमारे लिए कोई CM नहीं है। 5 किलोमीटर दूर हिन्दू लड़के की हत्या होती है, तो मुख्यमंत्री वहां आते हैं, लेकिन हमारे लिए कोई नहीं आता। हमें संदेह है कि हमें कोई इंसाफ मिलेगा। मंगलुरु जाने वाली हर गाड़ी सूरतकल से होकर गुजरती है। वहां CCTV कैमरे का जाल बिछा हुआ है। बिना हेलमेट जाने वाले को कैमरे पकड़ लेते हैं, लेकिन हत्या कर के जाने वालों को ये पकड़ नहीं पा रहे हैं।'

हमारी परेशानी उनसे, जिनके दिमाग में कीड़ा है
फाजिल ने आगे कहा, ’यह मामला प्रवीण से जुड़ा है या नहीं यह हम नहीं बोल सकते हैं। जांच अभी जारी है। हमें सरकार से पैसा नहीं चाहिए, हम सिर्फ सरकार से यह चाहते हैं कि वह हमें सुरक्षा दे। क्या सरकार यह गारंटी दे सकती है कि आने वाले समय में कोई युवा इस तरह से नहीं मारा जाएगा। हमारी परेशानी किसी वर्ग से नहीं, बल्कि कुछ लोगों से है, जिनके दिमाग में कीड़ा बैठ गया है। ’

फाजिल की यह तस्वीर उसकी हत्या से कुछ दिन पहले की है। इसमें वह अपने परिवार के साथ बेहद खुश नजर आ रहा है।
फाजिल की यह तस्वीर उसकी हत्या से कुछ दिन पहले की है। इसमें वह अपने परिवार के साथ बेहद खुश नजर आ रहा है।

आरोपियों की तलाश में लगी हैं टीमें: ADG
इस हत्याकांड को लेकर ADGP आलोक कुमार ने बताया, ‘हमने धारा 144 लागू होने के बाद कृष्णापुर, कुलाई, सूरतकल में संदिग्ध रूप से घूम रहे कई युवकों को हिरासत में लिया है। मंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त एन. शशिकुमार के नेतृत्व में जांच जारी है। CCTV में पहचाने गए आरोपी की तलाश की जा रही है। शुक्रवार को शांतिपूर्ण ढंग से फाजिल का अंतिम संस्कार हुआ है।'

बिना आरोपियों को पकड़े कुछ भी कहना जल्दबाजी: पुलिस
इसी मामले में कमिश्नर शशिकुमार ने कहा, ’सोशल मीडिया में इसे प्रेम प्रसंग बताकर या फिर इसे सांप्रदायिक रंग देने की अफवाह फैल रही है। अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी, क्योंकि हम अभी तक मुख्य आरोपी को नहीं पकड़ पाए हैं। हम आरोपियों, उनके इरादों पर तब तक कोई टिप्पणी नहीं करेंगे जब तक हम उनसे पूछताछ नहीं करते।'

फाजिल के घर की नेम प्लेट पर लिखा था,'#BYCOTT NRC, CAA, NPR
फाजिल के घर की नेम प्लेट पर लिखा था,'#BYCOTT NRC, CAA, NPR

फाजिल की हत्या पर विवादित बयान
काली मठ के प्रमुख ऋषि कुमार स्वामी ने कहा, 'अगर फाजिल की हत्या हमारे लोगों ने की है तो मैं खुश हूं और अब भी 9 सिर बाकी हैं। हर एक सिर के बदले हमें 10 सिर चाहिए। अगर पुलिस प्रवीण के हत्यारों का एनकाउंटर नहीं कर सकती तो हमें बंदूक दे, हम आप को बताएंगे कि कैसे यह होगा।'

SDPI ने संघ और BJP पर लगाया आरोप
सोशलिस्ट डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के राज्य समिति के सदस्य आठवुल्ला जोकट्टे ने आरोप लगाया है कि फाजिल की हत्या के पीछे संघ परिवार और भाजपा सरकार के प्रतिनिधियों के भड़काऊ बयान और कन्नड़ मीडिया की सांप्रदायिक कलह से भरी खबरें थीं।

उन्होंने कहा कि प्रवीण के परिवार से मिलने और मुआवजे की घोषणा करने पहुंचे मुख्यमंत्री बोम्मई ने डेढ़ महीने पहले संघ से जुड़े कुछ लोगों द्वारा मारे गए पेरलमपदी चरण राज और कलांजा मसूद के घरों में न जाकर अपना असली चरित्र दिखाया है।