इंग्लैंड के लीसेस्टर में हिंदू-मुस्लिम तनाव:धर्मस्थलों पर हमले का आरोप, 16 साल से कम उम्र वालों को घर में रहने की हिदायत

6 दिन पहलेलेखक: पूनम कौशल

ब्रिटेन के लीसेस्टर शहर में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों में झड़पों के बाद तनाव है। इसकी शुरुआत 28 अगस्त को दुबई में भारत के खिलाफ खेले गए एशिया कप मैच में पाकिस्तान की हार के बाद हुई। दो दिन पहले शहर के पूर्वी इलाके में दोनों समुदायों के टकराव के बाद माहौल ज्यादा बिगड़ गया।

शांति की अपील करने के साथ ही पुलिस उपद्रवियों के खिलाफ ऑपरेशन चला रही है। अब तक 20 से ज्यादा लोगों को अरेस्ट किया गया है। दोनों समुदाय के लोगों ने एक दूसरे पर हमला करने और रैलियां निकालने के आरोप लगाए हैं। ज्यादातर प्रदर्शन बेलग्रेव रोड पर हुए हैं। इस इलाके में भारतीय और पाकिस्तान मूल के लोगों के कई रेस्तरां हैं।

मुस्लिम समुदाय ने बेलग्रेव रोड पर मार्च निकालने की कोशिश की, हिंदूवादी समूहों का उनका टकराव न हो, इसलिए पुलिस ने ये मार्च रोक दिया।
मुस्लिम समुदाय ने बेलग्रेव रोड पर मार्च निकालने की कोशिश की, हिंदूवादी समूहों का उनका टकराव न हो, इसलिए पुलिस ने ये मार्च रोक दिया।

पुलिस को किसी से भी पूछताछ के अधिकार दिए गए
पुलिस ने सोमवार सुबह 6 बजे तक के लिए डिस्पर्सल ऑर्डर जारी कर दिया। इसके तहत किसी को भी रोका जा सकता है और पूछताछ की जा सकती है। 16 साल से कम उम्र के लोगों से घरों में रहने के लिए कहा गया है।

28 अगस्त को मैच के बाद भी शहर के बेलग्रेव इलाके के मेल्टन रोड पर हिंसा हुई थी। इस मामले में पुलिस ने 8 लोगों को अरेस्ट किया था। इसके बाद भी झड़पें जारी रहीं। तब पुलिस ने 19 और लोगों को गिरफ्तार किया है। एक्टिंग चीफ कॉन्स्टेबल रॉब निक्सन के मुताबिक, पुलिस का अभियान अभी जारी रहेगा।

बिना इजाजत प्रदर्शन, पत्थर और कांच की बोतलें फेंकी गईं
बिना इजाजत के प्रदर्शनों के बाद रविवार को पुलिस ने शहर का बेलग्रेव रोड बंद कर दिया। यहां बड़ी संख्या में पुलिस तैनात है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार रात कई बार दोनों गुटों में झड़पें हुई हैं। दोनों तरफ से एक दूसरे पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकी गईं। कारों में तोड़फोड़ और जगह-जगह मारपीट हुई। इस हिंसा के बाद सामुदायिक नेताओं ने शांति की अपील की है।

रविवार देर शाम भी प्रदर्शनकारी सड़क पर मौजूद रहे। हालात ज्यादा न बिगड़ें, इसलिए पुलिस को कई बार भीड़ को खदेड़ना पड़ा। सख्ती की वजह से माहौल पहले से शांत रहा।

तनाव की वजह से बेलग्रेव रोड पर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई है। हिंसा के बाद कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
तनाव की वजह से बेलग्रेव रोड पर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई है। हिंसा के बाद कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

घर से निकलने में डर रहे लोग
लीसेस्टर में रेस्तरां चलाने वाले आवेज खान के मुताबिक, भारत-पाकिस्तान के मैच के बाद से ही काम मंदा है। ग्राहक नहीं आ रहे हैं। जो आना भी चाहते हैं, वे भी तनाव की वजह से लौट रहे हैं। हमारा ही नहीं, सभी का कारोबार बंद है। हिंसा की वजह से लोग डरे हुए हैं, वे घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं।

चेहरे ढके लोग और आपस में भिड़ गए
हिंदू समुदाय ने शनिवार को मार्च बुलाया था। पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी थी। इस मार्च के बाद फिर झड़पें शुरू हो गईं। चश्मदीदों के मुताबिक, शनिवार रात को दोनों तरफ के लोग सड़कों पर भिड़ गए। चेहरे ढककर आए ये लोग ग्रुप बनाकर सड़कों पर निकले थे। इनमें कई जगह टकराव हुआ। इसके बाद पुलिस की तैनाती बढ़ानी पड़ी। इसके बावजूद झड़पें होती रहीं।

मंदिरों पर हमले और झंडे फाड़ने का आरोप
हिंदू समुदाय के लोगों ने मंदिरों पर हमला करने और झंडे फाड़ने के आरोप लगाए हैं। हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। आरोप है कि हिंदूओं की आबादी वाले इलाके में सड़क पर नमाज पढ़ी जा रही है।

लीसेस्टर शहर में हिंदु और जैन समुदायों के मंदिरों का प्रतिनिधित्व करने वाले संजीव पटेल ने कहा कि शनिवार रात जो हुआ, वह बहुत परेशान करने वाला है। BBC से बात करते हुए पटेल ने कहा कि हम इस शहर में कई दशकों से शांति से रह रहे हैं। बीते कुछ हफ्ते में हुई घटनाओं से साफ हो गया कि बहुत सी चीजें हैं, जिन पर बात करने की जरूरत है।

कुछ हिंदू समूहों का दावा है कि मुस्लिमों की बड़ी आबादी वाले शहर बर्मिंघम से कुछ ग्रुप लीसेस्टर आ रहे हैं। इस महीने की शुरुआत में भी पाकिस्तानी मूल के लोगों ने हमले किए थे। 28 अगस्त को पाकिस्तान की हार के बाद से ही यहां तनाव बढ़ रहा था।

दोनों समुदायों ने हमले के आरोप लगाए
मुस्लिम समुदाय ने भी हमले के आरोप लगाए हैं। एक्टिविस्ट माजिद फ्रीमैन के मुताबिक, हिंदूवादी समूहों ने मस्जिद के बाहर नारे लगाए और सड़क पर मौजूद समुदाय के लोगों पर हमले किए। आरोप है कि भीड़ ने मुस्लिम आबादी वाले इलाकों में धार्मिक नारे लगाए।

मुस्लिम समुदाय का कहना है कि एक सप्ताह की शांति के बाद हिंदू समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन के लिए अपील की थी, इसके बाद शनिवार को हिंसा भड़की।

सांसद ने कहा- सभी घर लौट जाएं, परिवारों को आपकी चिंता है
सांसद क्लॉडिया वेब ने सोशल मीडिया पर लोगों से शांति की अपील की है। उन्होंने कहा- ये दिमाग ठंडा रखने का वक्त है। मैं सभी से घर लौटने की गुजारिश करती हूं। हम सामुदायिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए बातचीत शुरू कर सकते हैं। आपके परिवार को आपकी फिक्र होगी। पुलिस तनाव कम करने की कोशिश कर रही है, उसकी सलाह मानिए।

फेडरेशन ऑफ मुस्लिम ऑर्गेनाइजेशन से जुड़े सुलेमान नागडी ने कहा है कि सड़कों पर जो कुछ हो रहा है, वो चिंताजनक है। भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के दौरान भीड़ इकट्ठा होती रही है, लेकिन पहले कभी माहौल इतना खराब नहीं हुआ। कुछ असंतुष्ट नौजवान हैं, जो माहौल खराब कर रहे हैं।

हिंसा के बाद शांति से प्रदर्शन करने की अपील
हिंसक झड़पों के बाद शांति से प्रदर्शनों की अपील की जा रही है। सोशल मीडिया पर इसके लिए पोस्टर जारी किए गए हैं। रविवार को भी अलग-अलग समूहों ने प्रदर्शन किए। इस दौरान कोई झड़प होने की खबर नहीं है।

शनिवार की हिंसा के बाद पुलिस ने कई FIR दर्ज की हैं। पुलिस ने बताया है कि शांति बनाने के लिए बातचीत की कोशिश भी की गई, लेकिन शहर में हिंसा की घटनाएं हुई हैं।