पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Db original
  • Mechanical Engineer Has Left The Job Of Fabrication To Become Cattle Rancher, Now Earning 8 Lakh Rupees Every Year

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

आज की पॉजिटिव खबर:गुजरात के मैकेनिकल इंजीनियर ने 4 गायों से पशुपालन शुरू किया, अब हर साल 8 लाख का मुनाफा

पाटण3 महीने पहलेलेखक: मौलिक दवे
गुजरात की पाटण तहसील के बोतरवाडा गांव में रहने वाले हरेश पटेल मैकेनिकल इंजीनियर हैं।
  • हरेश पशुपालन के साथ ऑर्गेनिक फार्मिंग भी कर रहे हैं, उनके पास 44 गाय हैं, उनका टारगेट 100 गायों का है
  • वे गोबर से धूपबत्ती भी बना रहे हैं, गुजरात सरकार ने उन्हें श्रेष्ठ पशुपालक पुरस्कार से सम्मानित किया है

गुजरात की पाटण तहसील के बोतरवाडा गांव में रहने वाले हरेश पटेल मैकेनिकल इंजीनियर हैं। वे फेब्रिकेशन का काम करते थे। डेढ़ साल पहले उन्होंने पशुपालन का काम शुरू किया। इससे वे हर साल 8 लाख रुपए की कमाई कर रहे हैं। वे अपने खेतों में गोबर और गोमूत्र का उपयोग कर केमिकल खाद का खर्च भी बचाते हैं। इसके साथ ही वे अब गोबर से धूपबत्ती भी बना रहे हैं।

35 साल के हरेश ने पिता और बड़े भाई की सलाह पर 4 गायों से शुरुआत की। धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ाते गए और आज उनके पास 44 गायें हैं। अब उनका टारगेट 100 गायों का है। हरेश पटेल की गोशाला माधव गोशाला के नाम से पहचानी जाती है, जिसमें गिर नस्ल की ही देसी गाएं हैं। गायों के दूध से घी बनाते हैं, जिसकी मार्केट में कीमत 1700 रुपए किलो है। इसके अलावा गायों के मूत्र से अर्क और गोबर से इकोफ्रेंडली धूपबत्ती (कई फ्लेवर में, गूगल, लोबान आदि) बनाकर बेचते हैं।

हरेश ने 4 गायों से गोशाला की शुरुआत की। धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ाते गए और आज उनके पास 44 गायें हैं।
हरेश ने 4 गायों से गोशाला की शुरुआत की। धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ाते गए और आज उनके पास 44 गायें हैं।

पशुपालन के साथ खेती भी

हरेश पटेल के पास 30 बीघा जमीन है, जिसमें वे ऑर्गेनिक खेती करते हैं। खेती में गो-मूत्र और गोबर का उपयोग करते हैं। इससे न सिर्फ केमिकल खाद खरीदने का खर्च बचता है, बल्कि इससे जमीन भी उर्वरा रहती है। खेतों में गोबर और गोमूत्र के अलावा कीटनाशक के रूप में छाछ का छिड़काव करते हैं। इतना ही नहीं, गायों के लिए घास-चारा भी खेतों में ही उगाते हैं। गिर जंगल की गायों के शुद्ध घी की गुजरात में काफी डिमांड है। पिछले साल उन्होंने 400 किलो घी तैयार कर बेचा, जिससे उन्हें करीब 8 लाख रुपए की कमाई हुई।

बड़े शहरों में घी पहुंचाते हैं

हरेश पटेल ऑर्गेनिक खेती भी करते हैं। खेती में गो-मूत्र और गोबर का उपयोग करते हैं। इससे न सिर्फ केमिकल खाद खरीदने का खर्च ही बचता है, बल्कि इससे जमीन भी उर्वरा रहती है।
हरेश पटेल ऑर्गेनिक खेती भी करते हैं। खेती में गो-मूत्र और गोबर का उपयोग करते हैं। इससे न सिर्फ केमिकल खाद खरीदने का खर्च ही बचता है, बल्कि इससे जमीन भी उर्वरा रहती है।

पशुपालन की शुरुआत के समय हरेश पटेल सालाना 12 हजार लीटर का उत्पादन करते थे। प्रति लीटर दूध की 70 रुपए कीमत मिलती थी। इसके बाद बचे दूध का घी बनाकर बेचते थे। जब वडोदरा-सूरत और मुंबई जैसे शहरों में घी की डिमांड बढ़ने लगी तो उन्होंने दूध बेचना छोड़कर उसका घी तैयार करना शुरू कर दिया। हरेश बताते हैं कि घी की मांग अब भी बढ़ती जा रही है और इसके चलते वे गिर नस्ल की गायों की संख्या बढ़ाने कोशिशों में लगे हुए हैं।

100 गायों के पालन का लक्ष्य
हरेश गिर की कई नस्लों की गायों के बचाने की कोशिश कर रहे हैं। राज्य सरकार से मिलने वाली सहायता राशि से गायों की खरीदी करते हैं। हरेश को इसी साल गुजरात सरकार द्वारा श्रेष्ठ पशुपालक के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। दाहोद में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में कैबिनेट मंत्री कुंवरजी बावलिया ने उन्हें अवॉर्ड के साथ 15000 रुपए भी दिए।

ये भी पढ़ें

1. जॉब गई तो स्कूटी पर शुरू किया फूड स्टॉल, दो महीने बाद बोले- अब नौकरी नहीं करूंगा

2. नीदरलैंड से खेती सीखी, सालाना 12 लाख टर्नओवर; देश के पहले किसान, जिसने धनिया से बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

3. 24 साल की उम्र में शुरू किया स्मार्ट टीवी का बिजनेस, आज भारत की सबसे अमीर सेल्फमेड वुमन हैं, 1200 करोड़ रु है नेटवर्थ

4. गंगा किनारे बासी फूलों से तैयार करते हैं अगरबत्ती और शॉवर जेल, हर महीने करते हैं 2 लाख रुपए का बिजनेस

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज का अधिकतर समय परिवार के साथ आराम तथा मनोरंजन में व्यतीत होगा और काफी समस्याएं हल होने से घर का माहौल पॉजिटिव रहेगा। व्यक्तिगत तथा व्यवसायिक संबंधी कुछ महत्वपूर्ण योजनाएं भी बनेगी। आर्थिक द...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser