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कोरोना मरीजों के लिए खुले मंदिर के दरवाजे:शिर्डी को 83% दान कम मिला, लेकिन सेवा में कमी नहीं; 7 हजार से ज्यादा मरीजों को ठीक किया

शिर्डी18 दिन पहलेलेखक: अक्षय बाजपेयी/ नवनाथ दिघे
  • भक्तों के लिए मंदिर बंद है, लेकिन मरीजों के लिए बाबा के दरवाजे खुले हैं

कोरोना महामारी में देश के कई धार्मिक स्थलों ने अपने दरवाजे मरीजों के लिए खोल दिए। कहीं मंदिर ही हॉस्पिटल में तब्दील कर दिया गया तो कहीं अलग से कोविड केयर सेंटर तैयार किया गया। हम ऐसे ही धार्मिक स्थलों की कहानी ला रहे हैं। आज पहली रिपोर्ट शिर्डी से...।

भले ही शिर्डी ट्रस्ट को पिछले साल के मुकाबले इस साल दान 83% कम मिला हो, लेकिन सेवा में कोई कमी नहीं है। साईं ट्रस्ट द्वारा चलाए जा रहे कोविड अस्पताल से अब तक 7 हजार से ज्यादा कोरोना पेशेंट ठीक हो चुके हैं। यहां मरीजों के साथ ही उनके परिजनों के लिए भी रुकने-खाने-पीने का इंतजाम फ्री है।

भक्त नहीं, मरीजों की कतारें, रहना-खाना सब फ्री
शिर्डी साईं धाम में 2018 में 1.65 करोड़ भक्त दर्शन के लिए पहुंचे। 2019 में 1.57 करोड़ भक्तों ने दर्शन किए, लेकिन 2020 में कोरोना के प्रकोप के चलते मंदिर बंद करना पड़ा। पहली लहर के बाद जब मंदिर खुला तो 16 नवंबर से 21 दिसंबर के बीच 5.74 लाख भक्तों ने दर्शन किए। 2021 में 1 जनवरी से 5 अप्रैल के बीच भक्तों का आंकड़ा करीब 62 हजार ही रहा। कोरोना महामारी को देखते हुए ट्रस्ट ने अप्रैल-2020 में कोविड अस्पताल बनाया और यहां मुफ्त में मरीजों का इलाज शुरू किया गया।

अप्रैल-2020 से अभी तक बाबा के धाम से 7 हजार से ज्यादा मरीज ठीक होकर जा चुके हैं। ट्रस्ट की जो टीम पहले भक्तों की सेवा में तैनात थी, अब वो मरीजों की सेवा में लगी है। अस्पताल में ही करीब तीन हजार कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं।

कोविड मरीजों के लिए सुपर मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के अलावा जनरल हॉस्पिटल में भी इलाज का इंतजाम किया गया है। श्री साईंबाबा संस्थान ट्रस्ट के सीईओ कान्हुराज हरिश्चंद्र बागते ने बताया, 'हम कोरोना मरीजों का फ्री इलाज कर रहे हैं। मल्टी स्पेशियलिटी ​​​​​​​हॉस्पिटल में यदि थोड़ा बहुत शुल्क किसी सुविधा में लिया भी जाता है तो उसे राज्य या केंद्र सरकार की स्कीम्स के जरिए कम्पनसेट कर लिया जाता है। इससे मरीज पर किसी तरह का भार नहीं आता।'

वे कहते हैं, 'शिर्डी से पांच रेल गाड़ियों में लोग रवाना हुए, हमने सभी को फूड पैकेट दिए। हजारों लोगों को खाने के इंतजाम के साथ बसों से उनके घर रवाना किया। क्वारैंटाइन सेंटर, आइसोलेशन सेंटर और डेडीकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर हम पिछले साल से ही संचालित कर रहे हैं। जब तक कोरोना संक्रमित आ रहे हैं, तब तक यह सुविधा जारी रहेगी।'

640 बेड का अस्पताल, 140 ऑक्सीजन बेड
शिर्डी ट्रस्ट ने 640 बेड का कोविड अस्पताल तैयार किया है। इसमें 140 ऑक्सीजन बेड हैं और 20 वेंटिलेटर बेड हैं। हालांकि कोविड के लिए कुल तीन जगहों पर इंतजाम किया गया है। तीनों जगहों को मिला लिया जाए तो करीब डेढ़ हजार बेड की सुविधा है।

दिव्य मराठी ने खबर प्रकाशित की थी कि यहां ऑक्सीजन की कमी से मरीजों पर संकट खड़ा हो गया है। इसके बाद नीता अंबानी और चेन्नई के केव्ही रमनी ने ट्रस्ट को 3 करोड़ रुपए का दान किया। इससे ऑक्सीजन प्लांट के साथ ही आधुनिक आरटी-पीसीआर लैब का निर्माण किया गया है।

दिव्य मराठी की इसी खबर के प्रकाशित होने के बाद शिर्डी में ऑक्सीजन प्लांट लगा।
दिव्य मराठी की इसी खबर के प्रकाशित होने के बाद शिर्डी में ऑक्सीजन प्लांट लगा।

ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता 1200 एलपीएम प्रति मिनट है। यहां इलाज करा रहे मरीजों के साथ ही उनके परिजनों के लिए भी मुफ्त में रहने-खाने का इंतजाम है।

कोरोना में 295 करोड़ कम मिले
साईं बाबा ट्रस्ट को कोरोना काल में 295 करोड़ रुपए कम मिले। ट्रस्ट को साल 2018-19 में 428 करोड़ रुपए का दान मिला था। इसके अलावा 24.795 किलो सोना, 428.555 किलो चांदी मिली।

इस तरह मरीजों-परिजनों को सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए भोजन कराया जाता है।
इस तरह मरीजों-परिजनों को सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए भोजन कराया जाता है।

इसी तरह साल 2019-20 में 357 करोड़ रुपए का दान आया। 17.90 किलो सोना और 357.492 किलो चांदी मिली। जबकि कोरोना काल में यानी 1 अप्रैल 2020 से 25 मई 2021 तक ट्रस्ट को 62 करोड़ दान ऑनलाइन प्राप्त हुआ।

यानी पिछले साल के मुकाबले 295 करोड़ रुपए दान कम आया। प्रतिशत में देखें तो करीब 83% की कमी आई है। करीब 14 किलो सोना और 295 किलो चांदी भी कम मिली। ट्रस्ट की संपत्ति की बात करें तों 31 मार्च 2020 तक साईं संस्थान की कुल संपत्ति 3013 करोड़ रुपए थी।

सालरुपएसोनाचांदी
2018-19428 करोड़24 .795 किलो428.555 किलो
2019-20357 करोड़17.90 किलो357.492 किलो
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