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मदर डेयरी के ब्रांड बनने की कहानी:श्वेत क्रांति से निकली कंपनी, जिसके मिल्क बूथ बन गए घरों के लैंडमार्क; रोजाना 30 लाख लीटर बिकता है दूध

16 दिन पहले

दिल्ली में आप किसी के घर का पता पूछिए, तो वो कुछ ऐसे बोलेगा- मेट्रो स्टेशन से 200 मीटर आगे चलकर मदर डेयरी से लेफ्ट आ जाना। दिल्ली और आस-पास के इलाकों में मदर डेयरी के मिल्क बूथ घरों के लैंडमार्क बन गए हैं। मदर डेयरी रोजाना करीब 30 लाख लीटर दूध बेचती है। दिल्ली में दूध के 68% बाजार पर इसका कब्जा है। दिल्ली-एनसीआर में वर्चस्व वाली ये कंपनी देश के अन्य हिस्सों में भी धाक जमाने की कोशिश कर रही है। ब्रांड स्टोरी में आज कहानी ऑपरेशन फ्लड से निकली मदर डेयरी की...

ऑपरेशन फ्लड से निकली, अमूल मॉडल पर चली

1960 के दशक की बात है। गुजरात में अमूल एक स्थापित ब्रांड बन चुका था। देश में दूध की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ऐसा ही देशव्यापी मॉडल चाहती थी। इसके लिए 1964 में नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड यानी NDDB का गठन हुआ। इसके जरिए दुनिया के सबसे बड़े डेयरी डेवलपमेंट प्रोग्राम का खाका तैयार किया गया, जिसे 'ऑपरेशन फ्लड' या 'श्वेत क्रांति' के नाम से जाना जाता है। NDDB ने ही 1974 में मदर डेयरी फ्रूट एंड वेजिटेबल प्राइवेट लिमिटेड की शुरुआत की थी।

मदर डेयरी भी अमूल की तरह को-ऑपरेटिव मॉडल पर बनाया गया था। गांवों में सहकारी समितियां बनाकर उनसे दूध खरीदा जाता था। इससे फ्रेश प्रोडक्ट मिलने के साथ किसानों की जिंदगी भी बदल रही है। अच्छी क्वालिटी और मिल्क बूथ के बड़े नेटवर्क की वजह से मदर डेयरी का नाम सबकी जुबान पर चढ़ गया। यही वजह है कि कंपनी अपना विस्तार दिल्ली से बाहर और नई-नई कैटेगरी में कर रही है।

लगातार बढ़ रहा रेवेन्यू और मुनाफा

2019-20 में कंपनी ने 9% की ग्रोथ दर्ज करते हुए 10,350 करोड़ का रेवेन्यू जुटाया है। एडिबल ऑयल बिजनेस में 14% और लिक्विड दूध के बिजनेस में 12% की बढ़ोतरी दर्ज की है। कुल दूध के बिजनेस में 7.4% और गाय के दूध में 21% की बढ़ोतरी हुई है।

मदर डेयरी के कुल रेवेन्यू का करीब 65% दूध से आता है। 13% डेयरी प्रोडक्ट से, 12% फल-सब्जियों से और 10% तेल से आता है। दिल्ली-एनसीआर के कुल मार्केट के 68% हिस्से पर मदर डेयरी का कब्जा है। इसके अलावा अमूल 8%, गोपाल जी 4% और अन्य 20% हैं।

शुरुआत से फोकस्ड रही, अब कर रही विस्तार

  • मदर डेयरी शुरुआत से बेहद फोकस रही। उसने सिर्फ दिल्ली-एनसीआर के दूध मार्केट पर फोकस किया।
  • कंपनी ने आइसक्रीम, मिठाइयां, तेल, फल और सब्जियों के प्रोडक्ट भी लॉन्च किए हैं। दिल्ली-एनसीआर के अलावा महाराष्ट्र, कोलकाता, सौराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और बेंगलुरु में भी कंपनी अपना बिजनेस बढ़ा रही है।
  • ग्लोबल मार्केट का स्कोप देखते हुए मदर डेयरी ने विदेशों में भी निर्यात करना शुरू किया। आज अमेरिका, यूरोप, मिडिल ईस्ट, रूस समेत दुनिया के 40 देशों में मदर डेयरी के प्रोडक्ट इस्तेमाल किए जाते हैं।
  • मदर डेयरी की मार्केटिंग काफी इफेक्टिव रही है। विज्ञापनों में मक्खन सिंह बच्चों को लुभाने में काफी सफल रहा था।
  • मदर डेयरी टोकन मिल्क को बढ़ावा दे रहा है। यानी मिल्क बूथ में अपना बर्तन लेकर जाइए और टोकन लेकर दूध भर लीजिए। ये पैकेट वाले दूध से 2 रुपए सस्ता मिलता है। इससे कंपनी ने दिल्ली-एनसीआर में करीब 1 हजार मीट्रिक टन प्लास्टिक का इस्तेमाल कम किया है।

ब्रेड, रेस्टोरेंट, कैफे और ई-कॉमर्स पर भी फोकस

मदर डेयरी ने 2020 में ब्रेड लॉन्च किया है। ब्रेड लॉन्चिंग के वक्त मैनेजिंग डायरेक्टर रहे संग्राम चौधरी ने बताया था कि 2025 तक हम सालाना 25 हजार करोड़ रेवेन्यू जुटाना चाहते हैं। उन्होंने बताया था कि कंपनी ने 5 मिठाइयों समेत 20 नए प्रोडक्ट लॉन्च किए हैं।

कंपनी के बिजनेस हेड संजय शर्मा ने बताया था कि 'पहले फेज में हम 1800 आउटलेट्स से थर्ड पार्टी द्वारा तैयार ब्रेड बेचेंगे। कस्टमर के रिस्पॉन्स के आधार पर रिटेल बिजनेस नेटवर्क बढ़ाया जाएगा। हम तीन साल में ब्रेड कैटेगरी में 100 करोड़ का बिजनेस करना चाहते हैं।'

मदर डेयरी को ई-कॉमर्स में भी 30% का उछाल देखने को मिल रहा है। रसमलाई, मिल्क केक, गुलाब जामुन, रसगुल्ला और ऑरेंज बर्फी लॉन्च करके मदर डेयरी स्वीट्स कैटेगरी में भी नए ग्राहक जुटाने की कोशिश कर रहा है। मदर डेयरी ने 2020 की शुरुआत में 'कैफे डिलाइट्स' नाम से एक रेस्टोरेंट खोला। आने वाले दिनों में कंपनी दिल्ली-एनसीआर में करीब 60 ऐसे रेस्टोरेंट खोलना चाहती है।