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आज की पॉजिटिव खबर:दादी ने पोती के लिए हैंडमेड फ्रॉक बनाई; दोस्तों को पसंद आई तो मां ने शुरू किया बिजनेस, तीन साल में 2 करोड़ रुपए पहुंचा टर्नओवर

नई दिल्ली4 महीने पहलेलेखक: इंद्रभूषण मिश्र

लखनऊ की रहने वाली तरिषी जैन ने तीन साल पहले अपने घर से ही हैंडमेड किड्स वियर का नया बिजनेस शुरू किया। वे छोटे बच्चों के लिए हाथ से बुने स्वेटर और फैंसी ड्रेस की मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित देशभर में ऑनलाइन मार्केटिंग कर रही हैं। 250 से ज्यादा लोगों को उन्होंने रोजगार दिया है। इनमें ज्यादातर महिलाएं हैं। पिछले साल उनकी कंपनी का टर्नओवर 2 करोड़ रुपए से ज्यादा रहा।

तरिषी ने आर्किटेक्ट से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद 2011 में मास्टर्स किया। एक मल्टीनेशनल कंपनी में उनका कैंपस प्लेसमेंट भी हो गया। उन्होंने करीब 4 साल तक इस सेक्टर में काम किया। इसी बीच तरिषी की शादी भी हो गई। 2014 में प्रेग्नेंसी की वजह से उन्होंने दफ्तर से छुट्टी ले ली और अपने पति के साथ अहमदाबाद शिफ्ट हो गईं। तरिषी के पति निवेश वहां एक कंपनी में अच्छी पोजिशन पर जॉब कर रहे थे।

कैसे मिला आइडिया?

तरिषी और उनके पति निवेश अपने प्रोडक्ट के साथ। तरिषी की मदद के लिए निवेश ने अपनी नौकरी छोड़ दी।
तरिषी और उनके पति निवेश अपने प्रोडक्ट के साथ। तरिषी की मदद के लिए निवेश ने अपनी नौकरी छोड़ दी।

साल 2015 में तरिषी को बेटी हुई। तब उसकी देखभाल के लिए उनकी सास भी अहमदाबाद आई थीं। इस दौरान उनकी सास ने बच्ची के लिए खुद एक फ्रॉक तैयार की। तरिषी कहती हैं कि वह फ्रॉक यूनीक थी और उसका लुक भी बढ़िया था। जब मैंने उस फ्रॉक में अपनी बेटी की फोटो वॉट्सऐप पर लगाई, तो मेरे दोस्तों ने अपने बच्चों के लिए भी डिमांड कर दी। तब मेरे दिमाग में बिजनेस जैसा कुछ भी नहीं था। मैंने सोचा कि उन्हें अच्छा लग रहा है तो बनाकर दे देती हूं।

इसके बाद तरिषी ने अपनी सास के साथ मिलकर पहले काम सीखा और फिर कुछ फ्रॉक बनाकर अपने दोस्तों को गिफ्ट के रूप में दे दिया, लेकिन ये सिलसिला यही नहीं रुका। एक के बाद एक कॉमन फ्रेंड्स और रिलेटिव्स अपने बच्चों के लिए इस तरह की ड्रेस की डिमांड करने लगे। कुछ लोगों ने पेड ऑर्डर भी दिए। तब मुझे लगा कि हां, ये काम किया जा सकता है और मैंने ऑर्डर ले लिया, लेकिन दिक्कत यह थी कि मैं अकेले यह काम नहीं कर सकती थी। मुझे किसी की मदद की जरूरत थी। उसके बाद मेरे घर में काम करने वाली बाई ने मेरी मदद की। और हमने अपना पहला ऑर्डर पूरा किया। इसके बाद उस बाई के जरिए दो-तीन महिलाएं और जुड़ गईं, जो सिलाई-बुनाई का काम जानती थीं। इस तरह मेरा काम धीरे-धीरे बढ़ने लगा।

डिमांड बढ़ने लगी तो पति ने भी नौकरी छोड़ दी

तरिषी एक दर्जन से ज्यादा वैराइटी के किड्स ड्रेस की मार्केटिंग कर रही हैं। इसमें सर्दी से लेकर गर्मी तक के कपड़े शामिल हैं।
तरिषी एक दर्जन से ज्यादा वैराइटी के किड्स ड्रेस की मार्केटिंग कर रही हैं। इसमें सर्दी से लेकर गर्मी तक के कपड़े शामिल हैं।

35 साल की तरिषी कहती हैं कि जब डिमांड बढ़ने लगी तो मैंने नौकरी वापस जॉइन नहीं की। मुझे यह रियलाइज हो गया कि इस काम को कॉमर्शियल लेवल पर शुरू किया जा सकता है। अब मुझे वापस जॉब पर जाने के बजाय इस काम को ही आगे बढ़ाना चाहिए। इसके बाद मैंने कुछ और महिलाओं को अपने साथ जोड़ा और कूरियर के जरिए लोगों के घर तक ड्रेस भेजने लगी। 2018 में तरिषी ने ajoobaa.in नाम से अपनी वेबसाइट लॉन्च की और देशभर में ऑनलाइन मार्केटिंग करना शुरू कर दिया। इसके बाद एक-एक कर उनके कस्टमर्स बढ़ते गए और वे प्रोडक्ट की क्वांटिटी और क्वालिटी बढ़ाती गईं। 2019 में उनके पति निवेश ने भी अपनी नौकरी छोड़ दी और तरिषी का हाथ बंटाने लगे। इससे तरिषी को मार्केटिंग में काफी मदद मिली।

कैसे तैयार करती हैं प्रोडक्ट?

तरिषी के साथ दो सौ से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हैं। उनके अंडर अलग-अलग ग्रुप में हजारों महिलाएं काम करती हैं। यूपी, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा सहित 6 राज्यों में उनका कलेक्शन सेंटर है। हर कलेक्शन सेंटर के पास डिमांड के मुताबिक ड्रेस का सैंपल डिजाइन और रॉ मटीरियल भेज दिया जाता है। इसके लिए उन्होंने कुछ कॉटन मील से टाइअप किया है। ड्रेस तैयार करने के बाद हरियाणा स्थित उनके हेड ऑफिस में लाया जाता है। जहां तरिषी की टीम उसकी क्वालिटी चेक करती है। फिर ऑर्डर के मुताबिक उसकी पैकेजिंग की जाती है।

ये महिलाएं अलग-अलग ग्रुप में काम करती हैं। इनमें से ज्यादातर महिलाएं अपने घर से ही काम करती हैं।
ये महिलाएं अलग-अलग ग्रुप में काम करती हैं। इनमें से ज्यादातर महिलाएं अपने घर से ही काम करती हैं।

तरिषी ने कुछ कूरियर कंपनियों से टाइअप किया है। जिसके जरिए वे अपने प्रोडक्ट की सप्लाई करती हैं। फिलहाल वे एक दर्जन से ज्यादा वैराइटी के किड्स प्रोडक्ट की मार्केटिंग कर रही हैं। इसमें 5 साल तक के बच्चों के इस्तेमाल के लिए हर तरह की ड्रेस शामिल है। हाल ही में उन्होंने होम डेकोरेशन के लिए भी कुछ आइटम्स का बिजनेस शुरू किया है। ये सभी प्रोडक्ट हैंडमेड हैं।

मार्केटिंग के लिए क्या स्ट्रैटजी अपनाई?

तरिषी बताती हैं कि शुरुआत में उन्होंने माउथ पब्लिसिटी के जरिए अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग की। इसके बाद सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना शुरू किया। वे कहती हैं- मैं अपने प्रोडक्ट की फोटो और वीडियो पोस्ट करती थी। लोग उसे पसंद भी करते थे। इस तरह धीरे-धीरे हमारे प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ती गई। बाद में हमने कुछ ई कॉमर्स वेबसाइट से टाइअप किया। अभी अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म पर हमारे प्रोडक्ट बिक रहे हैं। तरिषी के मुताबिक हर दिन 200 से 300 ऑर्डर्स उनके पास आ रहे हैं। अभी हाल ही में कनाडा में भी उन्होंने अपना प्रोडक्ट भेजा है। जल्द ही वे रिटेलर्स से भी संपर्क करने वाली हैं। ताकि उनके बिजनेस का दायर और ज्यादा बड़ा हो सके।

आप यह बिजनेस कैसे शुरू कर सकते हैं?

तरिषी सोशल मीडिया और अपनी वेबसाइट के जरिए देशभर में अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग कर रही हैं।
तरिषी सोशल मीडिया और अपनी वेबसाइट के जरिए देशभर में अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग कर रही हैं।

तरिषी कहती हैं कि हाथ से तैयार किए हुए प्रोडक्ट की डिमांड हर जगह है। हर कोई चाहता है कि उनके बच्चे का ड्रेस यूनीक रहे। खास कर बड़े शहरों में लोगों को इस तरह के प्रोडक्ट आसानी से दुकानों पर नहीं मिलते हैं। ज्यादातर लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से ही शॉपिंग करते हैं। अगर कोई इस तरह का काम करना चाहता है तो बजट बड़ा इश्यू नहीं है। तरिषी ने 500 से भी कम रुपए की लागत में यह काम शुरू किया था। इसके लिए सबसे जरूरी चीज है इस तरह के लोगों तक पहुंचना जो हाथ से बुनाई-सिलाई का काम करते हैं। गांवों में या छोटे शहरों में इस तरह का काम करने वाली महिलाएं आसानी से मिल जाती हैं।

एक बार इन महिलाओं का नेटवर्क बनाने के बाद आपको मार्केटिंग पर फोकस करना होगा। इसके लिए आपको अपने प्रोडक्ट की क्वालिटी के साथ डिजाइन और लुक भी यूनीक रखना होगा। इसको लेकर आपको रिसर्च करते रहना होगा कि कब-क्या ट्रेंड चल रहा है? मार्केट में किस तरह के प्रोडक्ट मिल रहे हैं और आप कैसे नया लुक दे सकते हैं? इसके बाद कीमत को लेकर भी प्लान करना होगा। महंगी चीजें लोग जल्दी नहीं खरीदते। इसलिए शुरुआत में कुछ दिन आपको मुनाफे पर बहुत ज्यादा फोकस न करके ज्यादा से ज्यादा कस्टमर्स बढ़ाने को लेकर काम करना होगा।

अभी सोशल मीडिया मार्केटिंग का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है। आप इसके जरिए पेज बनाकर अपने प्रोडक्ट का प्रमोशन कर सकते हैं। अगर आप पेड प्रमोशन करते हैं, गूगल पर ऐड रन करते हैं तो ज्यादा आसानी से कस्टमर्स बढ़ेंगे। इसके साथ ही बड़ी-बड़ी सेलिब्रिटी को गिफ्ट के रूप में अपना प्रोडक्ट भेजना भी प्रमोशन का एक कारगर तरीका है। इससे आपके प्रोडक्ट की पहुंच बढ़ जाती है। आप चाहे तो अलग-अलग शहरों में स्टॉल लगाकर भी अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग कर सकते हैं।

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