पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

बदल जाएंगी फिल्में और वेब सीरीज:अगले साल तक आने वाली फिल्मों और वेब सीरीज में न के बराबर होंगे इंटीमेट सीन

एक महीने पहले

फिल्मों और वेब सीरीज के लेखक-निर्देशक इन दिनों बड़ी मुसीबत में हैं। उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कोरोना के सख्त नियमों को ध्यान में रखते हुए स्क्रिप्ट सोचनी पड़ रही है। दर्शकों के हिस्से से कुछ चीजें बेहद कम या न के बराबर होने वाली हैं, क्योंकि इन दिनों जो सिनेमा बन रहा है, उनमें गाने, डांस, बैक स्टेज डांसर, भीड़-भाड़ वाले सीन, इंटीमेट सीन, विदेशी सीन लिखे ही नहीं जा रहे हैं। न ही डायरेक्टर इनकी मांग कर रहे हैं।

  • गानेः गानों की शूटिंग में अलग-अलग लोकेशन और अधिक लोगों की जरूरत होती है। अब ऐसा करना आसान नहीं हो रहा है। इसलिए कम से कम गानों से काम चलाने की बात हो रही है।
  • डांसः किसी भी तरह के डांस सिक्वेसेंस को फिल्माने में बड़े क्रू की जरूरत होती है। सामान्य से अधिक कैमरा पर्सन समेत सेट को सजाने के लिए बहुत से लोगों की जरूरत पड़ती है।
  • बैक स्टेज डांसरः इन दिनों इंडस्ट्री में डेली वेज वर्कर्स बहुत कम काम कर रहे हैं। असल में प्रोड्यूसर मुख्य कलाकारों के कोविड टेस्ट, उन्हें एक ही जगह ठहराने, खाने-पीने के इंतजाम तो कर ले रहे हैं, लेकिन वो डेली वेज वर्कर्स के लिए ये सारे इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में किसी को रोज उसके घर भेजने और वापस सेट पर बुलाने का रिस्क लेने से लोग कतरा रहे हैं।
  • भीड़-भाड़ वाले सीनः कोरोना की दूसरी लहर में गांवों तक सोशल ‌डिस्‍टेंसिंग के नियम पालन होने लगे हैं। ऐसे में किसी भी स्क्रिप्ट में अगले कुछ महीनों तक तो ऐसा कोई सीन शूट नहीं हो पाएगा।
  • इंटीमेट सीन: ऐसे किसी सीन के लिए कम से कम दो लोगों को बेहद करीब आना होता है। मौजूदा हालात में एक्टर इस तरह से खुद बचना शुरू कर चुके हैं।
  • विदेशी सीनः ग्लोबल दौर में फिल्मों या वेब सीरीज में विदेश के सीन बेहद आम हो चुके हैं, लेकिन अब राइटर-डायरेक्टर इस खास बात का खयाल रख रहे हैं कि उन्हें किसी हाल में कहानी का कोई भी हिस्सा विदेश में नहीं रखना है।

इसलिए इस साल और अगले साल के शुरुआती छह महीनों तक ओवर द टॉप (OTT) या दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली फिल्‍में हों या वेब सीरीज हों, ये बड़े बदलाव नजर आ सकते हैं। अभी चाहे थ्र‌िलर फिल्म या वेब सीरीज हो, या रिश्तों के इर्द-गिर्द घूमने वाला ड्रामा हो, जो स्क्रिप्ट लिखी जा रही हैं, उनमें इनोवेशन किए जा रहे हैं। कोश‌िश की जा रही है कि पूरी कहानी किसी एक घर में या रिजॉर्ट में लगाए गए सेट पर ही शूट कर ली जाए।

नए किस्म के शोज की झलक अमेजन और नेटफ्लिक्स पर दिख चुकी है
अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुए हालिया मलयालम क्राइम ड्रामा 'जोजी' और हिन्दी कॉमेडी शो 'हंसी तो फंसी' में इसकी झलक नजर आती है। 'जोजी' के सेट केरल के गांव में बनाए गए थे। जबकि 'हंसी तो फंसी' के सारे कॉमेडियन्स को एक ही कमरे में बंद कर दिया गया था।

इसी तरह नेटफ्लिक्स पर हालिया रिलीज मलयाली थ्र‌िलर का पूरा सेट महज एक घर था और पूरी कहानी महज तीन प्रमुख भूमिकाओं वाले किरदारों से कही गई।

कम किरदारों वाली कहानियों को मिल रही है तरजीह
शॉर्ट मूवीज रिलीज करने वाले स्ट्रीमिंग प्लेफॉर्म बिग बैंग अम्यूजमेंट के संस्‍थापक सुदीप मुखर्जी कहते हैं कि इन दिनों पूरा फोकस उन कहानियों पर है जिन्हें कम से कम किरदारों से स्क्रीन पर उतारा जा सके। साथ ही उन्हें शू‌ट करने की लोकेशन के लिए किसी खास किस्म की मांग न की जा रही हो, न ही बड़े प्रोडक्शन यूनिट की बात हो।

वे कहते हैं, 'इन परिस्थितियों में काम करने में महज खुद पर दबाव जैसा ही नहीं रहा। बल्कि जिंदगीभर के लिए कुछ सीख भी मिली। जैसे हमें पहली बार एहसास हुआ कि वाकई शूटिंग के लिए कितनी चीजों की जरूरत है और कौन सी वो चीजें हैं जो केवल लग्जरी हैं। निश्च‌ित तौर पर कोविड के बाद प्रोडक्‍शन हाउसेज और स्टूडियोज कहीं ज्यादा जागरूक हो चुके होंगे।'

एक प्रोडक्‍शन हाउस के सीनियर एग्जीक्यूटिव ने मिंट को नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इन दिनों उनके यहां राजकुमार राव की 'ट्रैप्ड' या रामगोपाल वर्मा की 'कौन' की स्क्रिप्ट को चुनने की होड़ लगी है। क्योंकि इनमें मुख्य कलाकार एक घर के भीतर ही रहते हैं।

वे बताते हैं, 'लगातार उन स्क्रिप्ट को सस्ते बस्ते में डाला जा रहा है जिनमें कई जूनियर आर्टिस्ट, डांसर और भीड़ की जरूरत थी। अब इनको 2022 क्या, सही कहें तो 2023 में ही हरी झंडी मिलने के आसार हैं।'

भीड़-भाड़ से दूर एकांत में चल रही है शूटिंग
फिल्म्स एंड टेलीविजन सारेगामा इंडिया के उपाध्यक्ष सिद्धार्थ आनंद कुमार ने हाल ही में कहा, 'इस वक्त हम जो भी शूट कर रहे हैं, उसे स्क्रीन पर आने में कम से कम एक साल लगेंगे। मुमकिन है इसमें कुछ किरदार ऐसे भी हों जो मास्क पहने नजर आएं। हम दूर-दराज के ऐसे इलाकों में शूटिंग के लिए जगहें देख रहे हैं जहां से वायरस के फैलने आसार कम हो जाएं।'

इससे दो बातें सामने आती हैं कि आने वाले एक साल का सिनेमा और वेब सीरीज का स्वरूप बदला होगा।

खबरें और भी हैं...