लैंडिंग से पहले हर पायलट को मिलती थी चेतावनी:भारत के एक एयरपोर्ट पर रनवे के करीब 24 साल तक खड़े रहे बोइंग 720 विमान की दिलचस्प कहानी, नए ट्विस्ट के साथ

10 महीने पहले

'आपको लैंडिंग की अनुमति है, लेकिन रनवे के बगल में खड़े एक प्लेन से अलर्ट रहिए।'

नागपुर एयरपोर्ट पर लैंड करने वाले कमोबेश सभी पायलट को करीब 24 साल तक कुछ ऐसी ही चेतावनी दी गई। ये चेतावनी 160 सीटर बोइंग 720 विमान के बारे में थी जिसे 1991 में कोई रनवे के बगल में छोड़कर चला गया था। आज हम इसी विमान की दिलचस्प कहानी बता रहे हैं...

वायरल ट्वीट और एक रोमांचक दावा

सभी के पिता की एक नायक वाली कहानी होती है। किसी के पिता नदी पार करके स्कूल जाते थे, तो किसी की जमींदारी थी। कुछ कहानियां सच होती हैं, और कुछ नहीं। ट्विटर यूजर क्रिस क्रॉय ने अपने पिता की एक ऐसी ही कहानी शेयर की, जो वायरल हो गई। इस कहानी के तार नागपुर एयरपोर्ट पर 24 साल तक खड़े रहे प्लेन से जुड़ते हैं। क्रॉय का दावा है कि उसके पिता पॉल क्रॉय एक प्लेन मैकेनिक थे। उन्होंने 1991 में एक खराब पड़े बोइंग 720 विमान को ठीक किया था और उसे उड़ाकर भारत लाए थे।

आप सोच रहे होंगे कहानी तो शुरू होते ही खत्म हो गई। ऐसा नहीं है। इसमें अभी कई ट्विस्ट एंड टर्न हैं। चलिए विस्तार से जानते हैं।

मिस्ट्री प्लेन की कहानी का क्रिस क्रॉय वर्जन

क्रिस क्रॉय ट्विटर पर लिखते हैं, '1990 में मेरे पिता ब्राउन फील्ड म्युनिसिपल एयरपोर्ट में एयरप्लेन मैकेनिक थे। उन्होंने एक पुराने बोइंग 720 विमान का चक्कर लगाते एक शख्स को देखा। उस शख्स का नाम सैम था। सैम ने मेरे पिता से पूछा कि क्या ये दोबारा उड़ सकता है। मेरे पिता ने कहा हां, वो इसे उड़ा सकते हैं। 29 साल पुराना विमान अमेरिका के लिए न सही, लेकिन भारत के लिए उपयोगी हो सकता था। उन्हें सिर्फ इसे भारत पहुंचाना था।'

क्रिस क्रॉय आगे लिखते हैं, 'मेरे पिता ने उस प्लेन को उड़ने लायक बनाने के लिए करीब 1 साल लगाए, वहीं मेरी मां ने यूएस फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन से उड़ान के कागजात बनवाए। जब कबाड़ प्लेन ने भारत के लिए उड़ान भरी तो उसमें मेरे पिता और सैम सवार थे। अगर सैम मरते तो मेरे पिता भी मरते जिन्होंने उस प्लेन को ठीक किया था।'

क्रिस क्रॉय के मुताबिक, 'विमान दिल्ली की तरफ बढ़ रहा था कि रास्ते में इंजन गड़बड़ी करने लगा। रास्ते में नागपुर एयरपोर्ट से इमरजेंसी लैंडिंग की परमिशन मांगी गई। विमान वहां लैंड हुआ और अगले 24 सालों तक वहीं खड़ा रहा। शुरुआत में वो रनवे में ही छोड़कर चले गए, बाद में उसे 300 फीट दूर खिसका दिया गया। समय बीता और सैम रिटायर हो गए। 2011 में सरकार ने एयरपोर्ट से उस प्लेन को हटाने को कहा, जिसका बाद उसे थोड़ा और दूर हटा दिया गया। 2015 में एक नए एयरपोर्ट डायरेक्टर ने इसमें नए टायर लगाए और उस प्लेन को आधे घंटे में बाहर कर दिया।'

कहानी का एक दूसरा पहलू भी है

क्रिस क्रॉय जिस सैम का जिक्र कर रहे थे वो भारत के टायर मैग्नेट सैम वर्मा हैं। क्रिस की कहानी के बारे में क्वार्ट्स ने सैम से बात करके सच्चाई जानने की कोशिश की। सैम इस वक्त 81 साल के हैं और मध्य प्रदेश के बेतुल में रहते हैं।

सैम बताते हैं कि वो बोइंग 720 विमान में सवार होकर भारत आए थे, लेकिन पायलट एयर इंडिया के कैप्टन मेहता थे। अन्य क्रू मेंबर्स में एक फर्स्ट इंजीनियर और एक को-पायलट भी था, जो सभी एयर इंडिया के थे। उस प्लेन में कोई अमेरिकी नहीं था। इलेक्ट्रा टेक कॉर्पोरेशन का ये प्लेन कॉन्टिनेंटल एविएशन ने लीज पर लिया था। कई मीडिया हाउस सैम को कॉन्टिनेंटल एयरलाइंस का मालिक बताते हैं, लेकिन सैम का कहना है कि वो सिर्फ देख-रेख कर रहे थे।

1990 के दशक की शुरुआत में ही कॉन्टिनेंटल एविएशन ठप्प पड़ गई और उसके प्लेन भोपाल, मुंबई और नागपुर में खड़े हो गए। सैम वर्मा ने किसी तरह की इमरजेंसी लैंडिंग से भी इनकार किया। क्रिस क्रॉय का कहना है कि हो सकता है सैम वर्मा सही हों और वो खुद गलत। क्रिस ने सबकुछ न्यूज रिपोर्ट्स और अपनी मां के हवाले से लिखा था।

ऐसे किस्से और भी हैं

बोइंग 720 इकलौता ऐसा प्लेन नहीं है। अभिजीत ग्रुप का बॉम्बार्डियर चैलेंजर 605 भी कई सालों से एयरपोर्ट पर खड़ा है। इसे 2012 में खरीदा गया था, लेकिन कंपनी की माली हालत खराब होने की वजह से जल्द ही खड़ा हो गया। इसकी नीलामी की कोशिशें भी सफल नहीं हुई हैं।

कोलकाता एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट का बोइंग बी-737 मैक्स 8 विमान भी 30 महीने तक खड़ा था। ये 2 नवंबर 2018 को भारत आया था और 13 मार्च 2019 को कोलकाता एयरपोर्ट पर खड़ा हो गया। उस पर 5.5 करोड़ रुपए का पार्किंग टिकट लगाया गया है।

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