दिल्ली के वत्सा NEET के सेकेंड टॉपर:पापा IPS, मां IRS अफसर; भाई के साथ मेडिकल एग्जाम में बैठे, दोनों पास

3 महीने पहलेलेखक: वैभव पलनीटकर

वत्सा आशीष बत्रा और वत्सल आशीष बत्रा। दोनों जुड़वां। एक साथ देश के सबसे मुश्किल मेडिकल एग्जाम में बैठे और कामयाब हुए। वत्सा की रैंक सेकेंड है और वत्सल की 1280। अब दोनों का बैकग्राउंड जान लीजिए। पिता IPS हैं। फिलहाल नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी में अधिकारी हैं। मां इंडियन रेवेन्यू सर्विसेज में हैं और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में अफसर हैं।

इस बार NEET में देशभर से 18 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हुए थे। वत्सा को इस परीक्षा में 720 में से 715 मार्क्स मिले हैं। हमने उनसे इस कामयाबी के बारे में बात की। उनसे पूछा कि ऑल इंडिया सेकेंड टॉपर आने की उम्मीद थी। इस पर वत्सा ने कहा– नहीं। सिंगल डिजिट में रैंक आएगी, ऐसी उम्मीद तो कभी नहीं की थी।

अब सवाल-जवाब में जानिए वत्सा ने कैसे तैयारी की, कितनी देर पढ़ाई की और क्या परेशानियां आईं…

NEET की तैयारी के लिए क्या स्ट्रैटजी अपनाई?
पहले मैं कॉन्सेप्ट पर फोकस करता था। इससे नॉलेज का बेस तैयार हो जाता है। इसके बाद सवालों की अच्छे से प्रैक्टिस की। क्वेश्चन पेपर्स सॉल्व किए। इससे एग्जाम हॉल में टेस्ट देने की मजबूत और ठोस तैयारी हुई।

कितने घंटे पढ़ते थे? क्या कोई टारगेट सेट किया था?
पढ़ाई के घंटे तो हर रोज बदलते रहते हैं। मेरे लिए 5-6 घंटे की सेल्फ स्टडी काफी थी। ये हर किसी के लिए अलग हो सकता है। हालांकि कभी ज्यादा पढ़ना होता है, कभी कम पढ़कर भी काम हो जाता है। एग्जाम के पहले 6 महीने में मैंने पढ़ाई का फोकस और टाइम दोनों बढ़ा दिया था।

तैयारी पर कितना टाइम दिया?
मैंने 11वीं से ही NEET की तैयारी शुरू कर दी थी। एग्जाम से पहले काफी एंग्जाइटी रहती थी। अगर कोई भी NEET की तैयारी कर रहा है, तो उसे समझना होगा कि इसके लिए आपको 2 साल अच्छे से देने ही होंगे।

सोशल मीडिया और इंटरनेट से दूरी बनाई या फिर यूज करते थे?
पूरी तरह सोशल मीडिया या इंटरनेट से दूर नहीं था, लिमिटेड इस्तेमाल करता था। जब भी लगा कि पढ़ाई पर असर हो रहा है, तो इस्तेमाल कम कर देता था। मैंने यूट्यूब से कई टॉपिक्स के ट्यूटोरियल वीडियो देखे। इससे मुझे काफी मदद मिली।

कौन सा सब्जेक्ट सबसे अच्छा लगता था? किस पर पकड़ अच्छी थी?
मुझे फिजिक्स सबसे अच्छा लगता है। कैमिस्ट्री में दिलचस्पी काफी कम है। जैसे-जैसे पढ़ता गया, सारे सब्जेक्ट पर पकड़ अच्छी होती गई।

आपके मां और पिता दोनों सिविल सर्वेंट हैं। आपने नहीं सोचा कि सरकारी अधिकारी बनें?
MBBS करने के बाद भी UPSC का एग्जाम दिया जा सकता है। मैं 11वीं में सब्जेक्ट चुन रहा था, तब मुझे मेडिकल ही सबसे बेहतर ऑप्शन लगा। मुझे पता था कि अगर बाद में मैं सिविल सर्विस में जाना चाहूं, तो वह विकल्प भी खुला रहेगा। आगे UPSC दूंगा या नहीं, ये तय नहीं किया है, लेकिन विकल्प खुला है।

आपके भाई की 1280वीं रैंक है। एक घर में रहते हुए तैयारी का अनुभव कैसा रहा?
भाई वत्सल के साथ तैयारी करने का बहुत ज्यादा फायदा हुआ। एक-दूसरे के डाउट्स घर पर ही डिस्कस हो जाते थे। बहुत सारी चीजें, जिनके लिए टीचर के पास जाना पड़े, वे हम खुद ही सॉल्व कर लेते थे। आपस में थोड़ी बहुत नोक-झोंक भी हो जाती थी, लेकिन ये तो होता ही रहता है।

पढ़ाई से जुड़े सवालों के बाद हमने एक हल्का-फुल्का सवाल किया, उसका जवाब भी जान लीजिए..

क्या आपकी गर्लफ्रेंड है, अगर आप बताना चाहें?
नहीं, मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है। अगर होती भी, तो उससे पढ़ाई पर निगेटिव असर पड़े ये जरूरी नहीं है। अगर आपका एग्जाम के लिए फोकस है और मेहनत ठीक से कर रहे हैं, तो बाकी चीजों का ज्यादा असर नहीं होता।

हरियाणा की तनिष्का को पहली रैंक, राजस्थान से पढ़ाई की

हरियाणा की रहने वाली तनिष्का (ग्रीन टी-शर्ट में) ने राजस्थान के कोटा से पढ़ाई की है।
हरियाणा की रहने वाली तनिष्का (ग्रीन टी-शर्ट में) ने राजस्थान के कोटा से पढ़ाई की है।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बुधवार रात 11 बजे NEET UG 2022 के नतीजे घोषित किए। तनिष्का को इसमें पहली रैंक मिली है। उनके पिता कृष्ण कुमार और सरिता कुमारी गवर्नमेंट टीचर हैं।

तनिष्का ने बताया कि मैंने 11वीं से तैयारी शुरू कर दी थी। लॉकडाउन की वजह से ऑफलाइन स्टडी नहीं हो पाई। उस वक्त काफी प्रॉब्लम आई। मेरा कॉन्फिडेंस भी थोड़ा डाउन हो गया था। पेरेंट्स और टीचर्स की मदद से इस मुश्किल को संभाला। उनकी मदद बूस्टर डोज की तरह थी। (पढ़िए पूरी खबर)

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