• Hindi News
  • Db original
  • Now The BSF Of The Center Can Take Action Till The Mouth Of Kolkata Without Asking Mamta's Police, Got The Right To Investigate Up To 148 Assembly Seats

BJP-TMC में तकरार बढ़ेगी:अब ममता की पुलिस से परमिशन लिए बगैर कोलकाता के मुहाने तक एक्शन ले सकेगी BSF, जद में 148 सीटें

कोलकाता2 महीने पहलेलेखक: अक्षय बाजपेयी

केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल, पंजाब और असम में सीमा सुरक्षा बल यानी BSF की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब BSF बॉर्डर से 15 किमी की बजाए 50 किमी अंदर तक किसी की भी जांच कर सकती है। संदिग्ध को गिरफ्तार कर सकती है। उसे इसके लिए किसी की परमीशन लेने की जरूरत नहीं।

पश्चिम बंगाल की ममता सरकार इस बदलाव के बाद विरोध में उतर गई है। दरअसल बंगाल 2216 किमी की इंटरनेशनल बॉर्डर बांग्लादेश के साथ साझा करता है। बंगाल के 9 जिले कूचबिहार, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, नदिया, नॉर्थ 24 परगना, कोलकाता नॉर्थ, साउथ 24 परगना बांग्लादेश बॉर्डर से लगे हुए हैं।

कोलकाता से करीब 70 किमी की दूरी पर बशीरहाट है और यहीं बांग्लादेश बॉर्डर लगती है। यानी 50 किमी के नियम के हिसाब से अब BSF कोलकाता के मुहाने तक कार्रवाई कर सकती है।

जिन 9 जिलों तक BSF को कार्रवाई का अधिकार मिला है, वहां विधानसभा की 148 और लोकसभा की 23 सीटें आ रही हैं। मतलब 294 सदस्यों वाली विधानसभा में से आधी सीटें इन्हीं जिलों में आ रही हैं। वहीं लोकसभा की भी आधी सीटें नए बदलाव के दायरे में आ गई हैं। इसी कारण टीएमसी इसका जमकर विरोध कर रही है। उसे लगता है कि, केंद्र के इशारे पर BSF कार्रवाई करेगी और इससे पुलिस के अधिकार कम होंगे।

कई जिलों में आधे हिस्से तक आ गए जांच के दायरे में
पश्चिम बंगाल के सीनियर जर्नलिस्ट स्निग्धेंदु भट्टाचार्य कहते हैं, बांग्लादेश बॉर्डर के करीब आने वाले जिले चौड़े कम और लंबाई में ज्यादा फैले हुए हैं। 50 किमी तक जांच का दायरा होने से एक जिले का लगभग आधा हिस्सा BSF की जांच के दायरे में आ गया है।

इसका पॉलिटिकल इम्पैक्ट तो होना ही है। पहले ही बंगाल में केंद्र की CBI, ED सहित तमाम एजेंसियां जांच कर रही हैं। समय-समय पर TMC के नेताओं को भी जांच के लिए बुलाया जाता है। अब दोनों दलों के बीच लड़ाई और ज्यादा उग्र होगी।

पैसे लेकर गाय, लोगों को करवाया जाता है क्रॉस
बॉर्डर पर BSF पर करप्शन के आरोप भी लगते रहते हैं। सीनियर जर्नलिस्ट प्रभाकर मणि तिवारी कहते हैं, BSF का रिकॉर्ड खराब है। पैसों का लेनदेन कर गाय से लेकर लोगों तक को क्रॉस करवाया जाता है। नकली नोट लेते हुए भी BSF के अधिकारी पकड़े जा चुके हैं। ऐसे में अब बॉर्डर से लगे जिलों में रहने वालों को परेशान होना पड़ सकता है।

तिवारी कहते हैं, साल 2011 में मनमोहन सरकार ऐसा ही विधेयक लाई थी, तब BSF को पूरे देश में कहीं भी जांच का अधिकार देने का प्रस्ताव था, लेकिन तब उसका सबसे ज्यादा विरोध BJP ने ही किया था।

गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके विरोध में तत्कालीन PM मनमोहन सिंह को एक पत्र भी लिखा था। अब ऐसा ही बदलाव खुद BJP ने कर दिया है। जिसके विरोध में TMC खड़ी है।

शहर में घुसने के बजाए बॉर्डर पर सख्ती क्यों नहीं
TMC के राज्य महासचिव और प्रवक्ता कुणाल घोष के मुताबिक, यह केंद्र की पीछे के दरवाजे से बंगाल में घुसने की कोशिश है। वे कहते हैं, घुसपैठ रोकने का काम बॉर्डर से होता है। वहां सुरक्षा सख्त करनी चाहिए। अंदर शहर में जांच की क्या जरूरत।

और जांच अभी भी होती ही है, बस पुलिस का सहयोग लेना होता है, लेकिन नए बदलाव के बाद पुलिस से पूछने की कोई जरूरत ही नहीं होगा। एक बड़ा एरिया सेंट्रल फोर्स के अंडर में जा रहा है। हम इस पूरे मामले की स्क्रूटनी कर रहे हैं।

हालांकि BJP प्रवक्ता शमिक भट्‌टाचार्य कहते हैं, देश की सुरक्षा के लिए यह बहुत जरूरी कदम था। हम सालों से इसकी मांग कर रहे थे, जो अब पूरी हुई।