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जानना जरूरी है:पुराने वाले कोरोना से 200% ज्यादा तेजी से फैल रहा है ओमिक्रॉन, 20 FAQs में जानिए सब कुछ

7 महीने पहले

कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन को आए सिर्फ 7 दिन हुए हैं और ये 33 देशों में पहुंच चुका है। साउथ अफ्रीका में जहां पहला केस मिला था, वहां इसके फैलने की रफ्तार पुराने वाले कोरोना से 200% ज्यादा है। ये कितना खतरनाक है, इसका अंदाजा आप इस बात से लगाइए कि दूसरी लहर में जो तबाही मची थी, वो डेल्टा वैरिएंट ने मचाई थी और ओमिक्रॉन उससे भी 5 गुना ज्यादा खतरनाक है। हम यहां ओमिक्रॉन से जुड़े 4 तरह के सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले 15 सवाल और एक्सपर्ट के हवाले से उनके जवाब लेकर आए हैं-

सबसे पहले बात ओमिक्रॉन वैरिएंट से जुड़े उन सवालों की, जो सीधे आपसे जुड़ते हैं-

सवाल: मैंने वक्सीन के दोनों डोज लगवा लिए हैं, क्या मुझे भी ओमिक्रॉन का खतरा है?
जवाबः हां, क्योंकि साउथ अफ्रीका से लेकर ब्रिटेन तक ओमिक्रॉन के जितने केसेस मिले हैं उनमें फुली वैक्सीनेटेड लोग भी हैं।

सवाल: मैंने कोवीशील्ड लगवाई थी, ले‌किन मेरे भाई ने कोवैक्सीन लगवाई है, ओमिक्रॉन से कौन सेफ है?
जवाबः दोनों ही नहीं, क्योंकि अभी जो वैक्सीन लगाई जा रही है, वो ओमिक्रॉन पर कितना असर करेगी, ये किसी को नहीं पता है। ये वैरिएंट पहले से एकदम अलग है।

सवाल: ओमिक्रॉन के लिए क्या अलग से वैक्सीन लगवानी पड़ेगी?
जवाबः अभी ये किसी को नहीं पता, लेकिन इजराइल, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे 35 देशों में वैक्सीन के बूस्टर डोज लगाए जा रहे हैं‌। इससे ओवरऑल इम्यूनिटी बूस्ट होती है।

सवाल: मुझे तो कोरोना हो चुका है, क्या अब ओमिक्रॉन भी हो सकता है?
जवाबः बिल्कुल हो सकता है, क्योंकि जो कंफर्म ओमिक्रॉन केस मिले हैं उनमें वो लोग भी हैं जिन्हें दो-दो बार कोरोना हो चुका है।

सवाल: क्या फिर से काढ़ा पीना और विटामिन की गोलियां खानी शुरू कर दें?
जवाबः काढ़ा और विटामिन की गोलियां सर्दियों में वैसे भी ले सकते हैं, लेकिन पिछली लहर के दौरान लोगों ज्यादा काढ़ा और गोलियां खा लीं जिससे कई लोगों के लंग्स पर बुरा असर पड़ा। इसलिए डॉक्टर्स की सलाह के बाद ही शुरू करें।

सवाल: ये पुराने वाले कोरोना की तरह ही फैलता है, या किसी और तरीके से?
जवाबः फैल तो पहले जैसे ही रहा है, लेकिन इसकी आर वैल्यू ज्यादा है। कहने का मतलब ये है कि कोई डेल्टा वैरिएंट से इनफेक्टेड होता था तो वो 7 लोगों तक कोरोना फैला सकता था। ओमिक्रॉन से इनफेक्टेड हुए तो आप 30 से ज्यादा लोगों तक कोरोना फैला सकते हैं। इसलिए भीड़भाड़ वाली जगहों से जैसे- बाजार, शादियां, रेल और हवाई जहाज, स्कूल-कॉलेज, ऑफिस और राजनीतिक रैलियों में जाने से बचिए।

अब ओमिक्रॉन के बारे में उन सवालों की बात कर लेते हैं, जिनसे इसके खतरे का सही अंदाजा लगाता है-

सवाल: इसे पुराने वाले कोरोना से ज्यादा खतरनाक क्यों बता रहे हैं?
जवाबः एक तो भारत में आई सेकेंड वेव वाले डेल्टा वैरिएंट से ये 5 गुना ज्यादा खतरनाक है। दूसरी बात कि ये वैरिएंट 50 म्यूटेशन कर सकता है। कहते का मतलब है कि ये 50 तरह के रूप बदल रहा है। मतलब कि डॉक्टर्स कंफ्यूज हैं कि किस वाले म्यूटेशन का इलाज करें।

सवाल: इसके लक्षण क्या पुराने वाले कोरोना से अलग हैं? इसमें टेस्ट और सूंघने की ताकत जाती है या नहीं?
जवाबः सूंघने और टेस्ट की ताकत नहीं जाती, न ही पुराने वाले कोरोना की तरह खांसी होती है। सिर्फ गले में खराश और हाथ-पैर और पीठ में दर्द हो रहा है।

सवाल: अगर मेरे अंदर कोई लक्षण है तो जांच कहां होगी? क्या RT-PCR टेस्ट से ओमिक्रॉन पकड़ में आ जाएगा?
जवाबः ये अभी अबूझ पहेली बना हुआ है, क्योंकि RT-PCR​​​​​​​ से सिर्फ ये पता चलता है कि हम कोरोना पॉजिटिव हैं या नहीं। ओमिक्रॉन की पहचान जीनोम सीक्वेंसिंग से होती है, लेकिन ये टेस्ट सिर्फ सरकार के कहने पर होते हैं।

सवाल: इसका सबसे ज्यादा खतरा किसको है, बच्चों को, युवाओं को, बूढ़ों को या बीमार लोगों को?
जवाबः पुराने वाले कोरोना की तरह ही ये भी सबसे ज्यादा खतरानाक बूढ़े और बीमार लोगों के लिए है।

सवाल: ओमिक्रॉन जानलेवा है, क्या इससे कोई मर भी सकता है?
​​​​​​​जवाबः अभी ओमिक्रॉन से मरने की कोई खबर नहीं आई है, लेकिन ये भारत में तबाही मचाने वाले डेल्टा वैरिएंट से ये 5 गुना ज्यादा घातक है।

सवाल: क्या ओमिक्रॉन का इलाज संभव है? अगर हां, तो क्या?
​​​​​​​जवाबः अभी पूरी दुनिया के इसकी पहचान में ही लगी है। इलाज पर फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल पुराने वाले तरीकों से ही इलाज हो रहा है।

आइए अब ये जान लेते हैं कि ओमिक्रॉन पर सरकार क्या कर रही है?

सवाल: ओमिक्रॉन पर सरकार क्या कर रही है? क्या फिर से लॉकडाउन लग सकता है?

जवाबः सरकार बूस्टर डोज की तैयारी कर रही है। विदेश से आने वालों की जांच होगी। निगेटिव आने पर भी 7 दिन क्वारैंटाइन रहना पड़ेगा। बाकी पिछली बार की तरह ही केंद्र सरकार लॉकडाउन नहीं लगाएगी। राज्य सरकारें हालत को देखते हुए लॉकडाउन पर फैसला करेंगी।

सवाल: क्या पहले की तरह फिर ऑ‌क्सीजन की मारामारी मचेगी, अभी से सिलेंडर लेकर घर पर रख लें?
जवाबः नहीं, सिलेंडर की जमाखोरी मत कीजिए। केंद्र और राज्य सरकारों ने पहले ही पर्याप्त ऑक्सीजन की व्यवस्‍था कर ली है।

सवाल: क्या रेमडेसिविर इंजेक्शन की फिर से जरूरत पड़ेगी, अभी से खरीदकर रख लें?
जवाबः नहीं। इसके बारे में पिछली बार ही कह दिया गया था कि ये कोरोना पर कारगर नहीं है।

ये सभी जवाब हमने WHO, ICMR, साउथ अफ्रीका रिसर्चर्स और एम्स, मेदांता, सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज और गंगाराम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स से बातकर के जुटाए थे।

आज जानना जारूरी है में इतना ही, अगर आपका कोई सवाल हो तो आप दैनिक भास्कर ऐप पर किसी स्टोरी के नीचे सुझाव बॉक्स में डाल सकते हैं।

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